उत्तराखंड के पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष डाॅ अनुसूया प्रसाद मैखुरी की पहली वर्षी पर उनके पैतृक गांव में जुटे जिले भर के दिग्गज जनप्रतिनिधि और आत्मीय महानुभाव, भराड़ीसैंण विधानसभा भवन डाॅ0 मैखुरी के नाम पर रखने हेतु सरकार से अनुरोध

 पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष डॉक्टर अनुसूया प्रसाद मैखुरी के प्रथम वार्षिक श्राद्ध पर उनके पैतृक गांव मैखुरा सेरागाड़ मैखुरा में संपन्न हुआ। इस अवसर पर भारी संख्या में जनपद चमोली के दिग्गज जनप्रतिनिधि डाॅ मैखुरी के उनके साथ रहे पार्टी कार्यकर्ता और इष्ट मित्र गण जुटे। इस अवसर पर सभी लोगों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धा सुमन अर्पित किए और मैखुरी जी के साथ रहे साथ रहे अपने संस्मरण भी प्रस्तुत किए। डॉक्टर अनुसूया प्रसाद मैखुरी बद्रीनाथ विधानसभा और कर्णप्रयाग विधानसभा के विधायक रहे तथा बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष भी रहे। इससे पूर्व वे कर्णप्रयाग विकास खंड के प्रमुख और मैखुरा ग्राम सभा के प्रधान भी रहे। अत्यंत मृदुभाषी और सरल व्यक्ति होने के कारण वह एक तरह से राजनीति से ऊपर उठे हुए व्यक्ति थे। उनके श्राद्ध के पुण्य अवसर पर अनेक राजनीतिक दलों के लोग उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से चमोली जिला पंचायत उपाध्यक्ष लक्षमण रावत, एडवोकेट भुवन नौटियाल, गौचर नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष मुकेश नेगी, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अरविंद नेगी, दीवान सिंह नेगी, विकास जुगराण, भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और बद्रीविशाल डिमरी महापंचायत के अध्यक्ष रहे राकेश कुमार डिमरी, डाॅ सुरेन्द्र प्रसाद डिमरी, डाॅ भगवती प्रसाद पुरोहित, डाॅ दरवानसिंह पुंडीर, ईश्वरी प्रसाद मैखुरी, रमेश मैखुरी, जिला पंचायत सदस्य लक्षमण बिष्ट, कर्णप्रयाग के पूर्व प्रमुख राजेन्द्र सगोई एवं कमल सिंह रावत, वेदप्रकाश मैखुरी, डाॅ मैखुरी के सुपुत्र राजेश मैखुरी और नवीन मैखुरी आदि मैखुरा ग्राम पंचायत के सभी लोग प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, बद्रीनाथ विधायक महेन्द्र भट्ट और कर्णप्रयाग विधायक सुरेंद्र सिंह नेगी ने भी शोशल मीडिया के माध्यम से श्रध्दांजलि दी। आपका जाना एक युग की समाप्ति जैसा है, सकारात्मक राजनीतिक के ऐसे सुचितापूर्ण मानदंड डाॅ अनुसूया प्रसाद मैखुरी ही स्थापित कर सकते हैं कि जहाँ विपक्ष भी अपना और अपनों के लिए भी नियमों का पूरा अनुपालन, ऐसी निरपेक्षता सहृदयता सदाशयता का राजनीति में अभाव है। आने वाले पांच दिसम्बर को आपके जाने का एक साल हो जायेगा, जबकि 24 नवम्बर को तिथि के अनुसार आपका वाषिर्क श्राद्ध मैखुरा गांव में संपन्न हुआ। फिर भी लगता ही नहीं होता कि आप अब इस दुनियां में नहीं रहे ऐसा लगता अभी आपका फोन आयेगा ‘चल भ्राता हरीश एक जगह चलना है’ आपका असमय जाना बहुत खलता है। गैरसैंण राजधानी के लिए आपने जो अभूतपूर्व भूमिका निभाई अब सूक्ष्म शरीर से राजनीतिज्ञों को प्रेरणा देना कि वहां उत्तराखण्ड की स्थाई राजधानी बन सके। भगवान नारायण ने आपकी पुण्यात्मा को अपनी शरण अवश्य प्रदान की होगी। 

उत्तराखंड सरकार से मांग करते हैं कि गैरसैंण विधानसभा सभा भवन का नाम डाॅ अनुसूया प्रसाद मैखुरी भवन हो साथ ही दिवालीखाल-भराड़ीसैंण मोटरमार्ग का नाम भी डाॅ अनुसूया प्रसाद मैखुरी मार्ग रखा जाय। क्योंकि इनको बनवाने में पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष और कर्णप्रयाग के पूर्वविधायक  #डाॅ_अनुसूया_प्रसाद_मैखुरी की अग्रणी और प्रमुख भूमिका रही। वे राजनीति से उपर उठे हुए व्यक्ति थे। उत्तराखंड सरकार से विनम्र अनुरोध है कि सिमली में एक मेडिकल कॉलेज खोला जाय जिसके लिए सिमली के उपरी गांव में पर्याप्त जगह है। इसी के साथ कंथोली सैंण में सामरिक और पर्यटक महत्व हवाई पट्टी विकसित की जाय। #कर्णप्रयाग विधानसभा और #बद्रीनाथ विधानसभा से आप को विधायक बनाने हेतु दोनों विधानसभाओं के प्रबुद्ध लोगों और महान जनता का हृदय से आभार💐💐

✍️ डाॅ हरीश मैखुरी
( पूर्व जिला अध्यक्ष ग्राम प्रधान संगठन चमोली)