कहां वो गांव का अल्हड़ बचपन, कहां ये शहर की उम्र पचपन ?

  *कुछ यूँही जो यादों में है* हम देहाती बच्चे थे ।प्राथमिक स्कूल की शुरुवात घर से ही तख्ती (पाटी) लेकर स्कूल जाना स्लेट को

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कौन है इन रजवाड़ों को खाली कराने का दोषी

डॉ हरीश मैखुरी उत्तराखंड के लोग अपने रजवाड़े छोड़कर मैदानों की बिना धूप हवा पानी वाले किराये की गंदगी में जाने को अभिशप्त हैं। सीमा

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भारतीय संस्कृति के ताबुत पर जातीय राजनीति की कील?

  डॉ हरीश मैखुरी  भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म का जातीय आधार पर राजनीतिक गुणाभाग और अर्थशास्त्र आंकने वाले महानुभावों को जानकर हैरानी होगी कि

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लेलिन का बुत क्या हटा बामियान पर खामोश रहने वाले भी बोलने लगे

हरीश मैखुरी भारत के त्रिपुरा राज्य में कुछ लोगों ने लेनिन का एक बुत हटा दिया। भारतीय जनता पार्टी त्रिपुरा ने इस घटना से किनारा

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रूद्रप्रयाग का कच्चा चिट्ठा दो दशक की विकास यात्रा

υ डॉ हरीश मैखुरी रमेश पहाड़ी अपने आप में पूरा पहाड़ हैं। उनका संग्रह “रूद्रप्रयाग – दो दशक की विकास यात्रा ” निश्चित रूप से

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