चमोली की डॉ. आस्था बिष्ट बनी भारतीय सेना की मेडिकल सेवा में लेफ्टिनेंट चिकित्सा अधिकारी

चमोली जनपद के नारायणबगड़ ब्लॉक स्थित पालछूनी गांव की बेटी डॉ. आस्था बिष्ट भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट डॉक्टर बन गई हैं। उनकी इस उपलब्धि को पहाड़ की बेटियों के लिए प्रेरणादायक बताया जा रहा है। वरिष्ठ पत्रकार ठाकुर सिंह ने अपने फेसबुक पेज पर यह जानकारी साझा करते हुए आस्था की सफलता पर खुशी व्यक्त की है।

फेसबुक पोस्ट के अनुसार, डॉ. आस्था बिष्ट ने नीट परीक्षा में उत्कृष्ट रैंक प्राप्त करने के बाद आर्म्ड फोर्सेज मेडिकल कॉलेज (AFMC), पुणे से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने भारतीय सेना की मेडिकल सेवा में शामिल होकर लेफ्टिनेंट डॉक्टर के रूप में देशसेवा का मार्ग चुना।

आस्था का परिवार भी लंबे समय से देशसेवा से जुड़ा रहा है। उनके पिता अशोक सिंह बिष्ट भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) में तैनात हैं, जबकि उनके दादा दुर्लभ सिंह बिष्ट पूर्व सैनिक हैं। वहीं, उनके बड़े भाई आर्यन बिष्ट आईआईटी रुड़की से एमटेक करने के बाद वर्तमान में केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में वैज्ञानिक के रूप में कार्यरत हैं।

वरिष्ठ पत्रकार ठाकुर सिंह ने अपनी पोस्ट में लिखा कि डॉ. आस्था बिष्ट की यह सफलता केवल एक परिवार की उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड और विशेष रूप से पहाड़ की बेटियों के लिए प्रेरणा है। उन्होंने आस्था के माता-पिता अशोक सिंह बिष्ट और विमला बिष्ट को भी बधाई देते हुए कहा कि उनके दिए गए संस्कार, शिक्षा और परिश्रम का ही यह परिणाम है कि उनके दोनों बच्चे देश की सेवा में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।

डॉ. आस्था बिष्ट की इस उपलब्धि पर क्षेत्र में हर्ष का वातावरण है और लोग उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दे रहे हैं।