जम्मू-कश्मीर के शोपियां में सुरक्षाबलों नेआतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े दो इस्लामिक आतंकवादियों को मुठभेड़ में किया ढेर, DRDO द्वारा विकसित V-SHORADS (Very Short Range Air Defence System) कम ऊंचाई पर उड़ने वाले ड्रोन अब हेलीकॉप्टर और लड़ाकू विमानों को कर देगा नष्ट, आप्रेशन सिंदूर जारी है

जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में सुरक्षाबलों ने आतंकवाद के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़े दो स्थानीय आतंकवादियों को मुठभेड़ में मार गिराया। यह संयुक्त अभियान सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) द्वारा चलाया गया।

अधिकारियों के अनुसार, अभियान शुक्रवार दोपहर उस समय शुरू हुआ जब मीमंदर इलाके के एक बाग में लगे निगरानी कैमरों में दो संदिग्ध आतंकवादी दिखाई दिए। इसके बाद सुरक्षाबलों ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया। सुरक्षा के मद्देनजर शाम तक आसपास के चार गांवों को खाली करा लिया गया।

रविवार तड़के आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ हुई। अधिकारियों के मुताबिक, सुरक्षाबलों के नजदीक पहुंचने पर आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके जवाब में जवानों ने जवाबी कार्रवाई की। मुठभेड़ में दोनों आतंकवादी मारे गए।

मारे गए आतंकवादियों की पहचान लतीफ और ज़ाकिर के रूप में हुई है। सुरक्षा एजेंसियां घटनास्थल से बरामद हथियारों और अन्य सामग्री की जांच कर रही हैं। फिलहाल पूरे इलाके में तलाशी अभियान जारी है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वहां कोई अन्य आतंकवादी न हो।

इस्लामिक आतंकवाद, इस्लामिक जिहाद और मदरसों की तालीम एक ही है। बस भारत के संविधान और कानून न्याय व्यवस्था और हिन्दूओं को भारत के पांच टुकड़े होने के उपरांत भी इस्लामिक जिहाद के संदर्भ में अधिक पता नहीं है।
चीन में भी मुस्लिम लडाके अस्थिरता फैलाने का जिहाद करते हैं लेकिन चीन उनके लंम्बा बांस दे कर रखता है। वहां उईगर मुस्लिमों के सभी मस्जिदों को शौचालय बनाया जा चुका है। एक से अधिक बच्चा होने पर उन्हें सरकारी सुविधा से वंचित कर दिया जाता है। कुरान, अरबी पढ़ने और कुर्बानी की अनुमति नहीं है।
क्योंकि चीन जानता है इस्लामिक आतंकवाद, इस्लामिक जिहाद और मदरसों की तालीम एक ही है। यह मजहब के नाम पर संसार को इस्लामिक सिस्टम बनाने का राजनीतिक षड्यंत्र है। बस भारत के संविधान और कानून न्याय व्यवस्था और हिन्दूओं को भारत के टुकड़े होने के उपरांत भी पता नहीं है।

भारत ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। DRDO द्वारा विकसित V-SHORADS (Very Short Range Air Defence System) एक स्वदेशी, पोर्टेबल एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम है, जिसे भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। यह कम ऊंचाई पर उड़ने वाले ड्रोन, हेलीकॉप्टर और लड़ाकू विमानों को तेजी से निशाना बनाने में सक्षम है।

V-SHORADS में अत्याधुनिक इन्फ्रारेड सीकर और एंटी-जैमिंग तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जिससे यह इलेक्ट्रॉनिक व्यवधान के बीच भी लक्ष्य को सटीकता से ट्रैक कर सकता है। इसका हल्का और पोर्टेबल डिजाइन सैनिकों को इसे सीमावर्ती, पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में आसानी से तैनात करने की सुविधा देता है। आधुनिक युद्ध में बढ़ते ड्रोन खतरे से निपटने के लिए यह मिसाइल सिस्टम भारतीय सेनाओं के लिए एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच साबित होगा।

लेफ्टिनेंट जनरल राहुल‌ जे सिंह ने जब पिछले वर्ष फिक्की के मंच से ये बात कही थी कि भारत को Be Ready to Fight All 5 Generations वार के लिए तैयार रहना होगा ,तो तब शायद ये हमें आपरेशन सिंदूर के संदर्भ में लगा था…

पर जब एक लें जनरल रैंक का अधिकार एक महत्वपूर्ण व्यवसायिक मंच से ये बात कह रहा है तो इसके पिछे कितना गहरा मकसद छिपा था वो इस साल तक हमें समझ में आ गया है…

Deputy Army Chief राहुल आर सिंह जैसे महत्त्वपूर्ण पद पर बैठे अधिकारी खुलकर यह स्वीकार कर रहे हैं कि भारत पाकिस्तान की सीमाएं भले ही एक हों, लेकिन हमारे adversaries तीन हैं,दुश्मन तीन हैं…

वैहे तो पहली बार भारत के Deputy Army Chief ने एक कान्क्लेव में साफ तौर पर Pakistan China Turkey nexus पर प्रकाश डाला था कि लोग उनको सुने ,और बात की खतरनाक गहराई को समझे…

ये सबको पता है कि Operation Sindoor में Pakistan भले ही frontline पर था, पर उसे live inputs मिल रहे थे China से और Turkey से military support….और भारत के भीतरी दुश्मन पूछ रहे थे कि भारत के कितने राफेल गिरे? 

इसी कारण से भारत इस समय जब हमारी रक्षा और विदेश नीति अपने तैयारी की अगली स्ट्रेटजी बनाने में जुटी हुई है क्योंकि आर्मी चीफ ने साफ साफ मेंशन करा था In the last five years, 81% of the military hardware that Pakistan is getting is all Chinese….

वैसे यह कोई surprise नहीं है…. China की फेमस रणनीति वही है Killed by a borrowed knife….

मतलब अपनी सीधी इन्वालमेंट की बजाय, पड़ोसी को आगे करके भारत को नुकसान पहुंचाओ…

तब Deputy Army Chief ने यह भी कहा था कि China के लिए भारत पाक conflict एक live weapons-testing lab ,जिससे उसने भांपा कि भारत से सीधे लड़ने का वक्त आया है या नही..

यहां तक कि भारतीय सेना भी मानती है कि China अपने हथियार Pakistan को देकर indirectly test करते रहता है कि भारत के अलग अलग air defence systems के खिलाफ उनकी performance कैसी है…

क्योंकि China खुद एक major conflict के लिए Taiwan के खिलाफ preparing है…ऐसे में वह अपनी military tech को real world scenarios में test करना चाहता है और Pakistan is that proxy….

आपरेशन सिंदूर में Turkey की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण रही… Bayraktar drones तो पहले से दिए गए थे, लेकिन Operation Sindoor के दौरान emergency basis पर और drones provide किए गए थे…. सिर्फ इतना ही नहीं numerous other drones also coming in, landing in the face of war along with trained individuals का मतब था कि यानी यह केवल arms deal नहीं, active military cooperation था….

पर सबसे बड़ा यह सवाल उठता है कि अगर भारत किसी संकट से घिरा तो Who came to help India…

Americans तो आएगे नहीं…. बस हमेशा कि तरह उनकी calls आएंगी कि Stop the operation, don’t escalate, don’t strike more airbases…

पर मुझे लगता है कि India ने पिछले बार ही masterstroke खेल दिया है कि उसने हर बार के पाकिस्तान के nuclear bluff को expose कर दिया है… पहले Imran Khan,मुशर्फ से लेकर नवाज तक बार बार United Nations में जाकर कहता था कि If India attacks, there will be a nuclear war….

अब उस bluff को भी India ने अब लगभग बेअसर कर दिया है‌ और दो साल के अंदर हम एक फुल एस्कलेट वार देखने वाले है…या तो वो चाइना हो या पाक्सी पाकिस्तान..

वैसे पहले तो मुझे भी गुस्सा था कि आखिर Operation Sindoor को paused at the right moment‌ क्यों बनाया गया…. पर भारतीय सेना का ये strategic move से हमें यह समझने का मौका मिला कि Pakistan की ground capabilities क्या हैं, Chinese weapons का असर कितना है, और किस प्रकार की allied support पाकिस्तान को वास्तव में मिल सकती है,जो कि उसे मिली भी…

अब Tibet और Dalai Lama वाले मुद्दे पर भी India ने अपना stance साफ करना शुरू किया है… Dalai Lama ने हाल ही में कहा कि The next Dalai Lama will be chosen by the Gaden Phodrang Trust, not by China…. और China furious हो गया है क्योंकि उसका तो plan था कि किसी proChina Tibetan को next Dalai Lama बनाकर Tibet को हमेशा के लिए subdue किया जाए…

अब India openly Dalai Lama के समर्थन में आ रहा है और The Wall Street Journal के मुताबिक, China has warned India to choose its words carefully about Tibet and the Dalai Lama….

Clearly, we have a challenge in front of us. China के Russia से relations भी strong हैं… तो अगर हम USA के साथ alignment करते हैं, तो कहीं न कहीं कुछ geopolitical balances बिगड़ेंगे….

लेकिन जैसा कि साफ हो रहा है, India अब self-reliance की दिशा में बढ़ रहा है….Russian arms dependence भी धीरे-धीरे कम हो रही है… Eventually, India will have to prepare for the reality कि अगर कोई future conflict होता है with Pakistan, China could intervene more directly….

Personally speaking, I welcome such open statements. इससे हमें genuinely एक idea मिलता है कि हमारे सामने क्या challenges हैं, Army क्या सोच रही है and that helps us as citizens to take informed actions…

हमारे मन में जो दुविधा थी कि अब ये क्यों कहा गया कि बार बार की आपरेशन सिंदूर अभी खत्म नही हुआ है, वो अब हट चुकी है…. वो आप गहन चिंतन करोगे तो आपको भी मास्टर सट्रेंटजी समझ आ जाएगी And finally, जितना हो सके, जैसे भारत में बैठा डीप स्टेट का चीन परस्त गैंग दो दिन से अफवाह उड़ रहा है कि चीन साठ किलोमीटर तक भारत के भीतर घुस गया। यह अफवाह इतने फेक वीडियो के साथ फैलाई जा रही है कि देश का जन साधारण भ्रमित हो जाये विवश हो कर सेना को इस पर प्रेस नोट देना पड़ा। ये वही ऐजेंडेबाज हैं जो आपरेशन सिंदूर के समय तब पूछ रहे थे कि भारत के कितने राफेल गिरे कितने जवान मरे? जो भारत का खाकर भारत के दुश्मनों के लिए कार्य करे उसे ही पूर्व आर्मी चीफ जनरल विपिन रावत ने ढाई मोर्च की लडाई कहा था।

आज भारत की सेना अपने स्तर पर देश के बाहरी दुश्मनों से निपट रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी भारत को विकसित और आत्मनिर्भर बना कर लड़ रहे हैं, लेकिन आम लोग भी चीन का समान न खरीदें तो वो भी चीन से हाईटेक युद्ध ही है। इस लिए उन देशों से खरीदारी न करें जो भारत के विरुद्ध खुलेआम खड़े हैं, बस इतना योगदान आपका भी देशहित में बनता है….