.
…..2004-14 तक का समय…केंद्र मे कॉंग्रेस की सरकार…अधिकांश राज्यों मे कॉंग्रेस या उसकी समर्थकों की सरकार…देश की हर संस्था पर कॉंग्रेस का कब्जा…कॉंग्रेस ने एड़ी चोटी का जोर लगा लिया मोदी को झुकाने मे…उन्हें मिटाने मे….क्या हुआ…!!…मोदी हर दिन और ज्यादा ताकतवर होते गए….
……2014 मे सत्ता चली गई लेकिन संस्थाओं पर कब्जा बना रहा…राज्यों मे सरकार भी रही…कोशिशें जारी रहीं…मोदी को मिटाने की…लेकिन इन सबके बावजूद मोदी वो सब करते गए…जो वो करना चाहते थे…नोटबंदी…डिजिटल इंडिया…UPI…जन-धन…आवास…GST…इन्फ्रास्ट्रक्चर ये सारे काम 2019 तक किए….जो उनके भविष्य मे किए जाने वाले कामों का आधार थे……..
…..2019 के बाद मोदी 2.0 में केन्द्र में अमित शाह की एंट्री हुई और धारा 370…राम मंदिर…3 तलाक…CAA जैसे वो काम हुए जिनको लेकर लगता था कि ये तो हो ही नहीं सकता….
…..आज की तारीख में….
* 12 साल से केंद्र मे मोदी पूरी ताकत के साथ सत्ता मे हैं.
* देश के 22 राज्यों मे BJP की सरकार है….17 में अपने दम पर और 5 में NDA की….जबकि कॉंग्रेस सिर्फ 3 राज्यों मे बची है….हिमाचल को छोड़ दें…तो कॉंग्रेस उत्तर…..मध्य और पूर्वी भारत से पूरी तरह साफ़ हो चुकी है.
* RSS जैसा दुनिया का सबसे बड़ा सामाजिक संगठन उनके पीछे खड़ा है.
* विश्व हिन्दू परिषद जैसा संगठन उनके साथ है.
* बजरंग दल जैसा युवा संगठन सड़क की लड़ाई मे माहिर है.
* देश की सभी संस्थाएं कॉंग्रेस के चंगुल से आजाद हो चुकी हैं….हर संस्था पर राष्ट्रवादी विचारधारा का कब्जा हो चुका है.
………पिछले 12 सालों में किसान आंदोलन…CAA के खिलाफ आंदोलन…शाहीन बाग……अग्निवीर के खिलाफ आंदोलन….पहलवान आंदोलन. …लद्दाख आंदोलन जैसे कई आंदोलन हुए………..क्या मोदी रुके. ….!!…..क्या कोई काम रुका….!!…..क्या BJP कमजोर हुई….!!……..ज़वाब है नहीं….बल्कि हुआ इसका उल्टा….मोदी और मजबूत होते गए…..वो अब वो फैसले….वो कानून बनाने लगे हैं….जो 10 पहले तक सपना था……
……….विपक्ष मे ऐसी कोई पार्टी नहीं….जिसमें मोदी के समर्थक नहीं हैं….आप एजेंट भी कह सकते हैं….मैं नटवरलाल का उदाहरण देता हूं….आज तक इसका एक काम कोई मुझे बताओ जिससे BJP या मोदी का नुकसान हुआ है…..इसने मोदी और BJP को गाली दे दे कर दिल्ली से कॉंग्रेस का नामोनिशान मिटा दिया….अब पंजाब से मिटा रहा है…..ये महाभारत का शिखंडी है…………..और इस जैसे कई हैं…..कई तो कॉंग्रेस मे ही हैं…..और बहुत ऊंचे पदों पर हैं…..नाम नहीं लूँगा….नटवरलाल का नाम इसलिए लिया क्यूंकि उसके बारे मे पहले से ये बातें सबको पता हैं……
…….ऐसे मे अगर किसी को लगता है….कि देश की राजनीति में ऐसा कुछ हो रहा है….या हो सकता है….जो मोदी-शाह की मर्जी के बगैर हो रहा है. …तो या तो उसे राजनीति की बिल्कुल समझ नहीं….या फिर हमने यहां पिछले 15 साल 24/7 घास छिली है……
…….TMC…RJD…SP….DMK….उद्धव सेना….NCP जैसे दल राज्यों में समाप्त हो रहे है….कॉंग्रेस 2014 मे केंद्र से हमेशा के लिए बाहर जा चुकी है….देश को नए विपक्ष की जरूरत है…..जो बन रहा है…..या फिर…..बनाया जा रहा है….प्रशांत किशोर उसी की एक कड़ी हैं……
….लड़ाई अब देश के अंदर के अपनों से नहीं है…बाहरी ताकतों से है…अंदर वाले चंद घुर विरोधी तो बस उनके मोहरे भर हैं भाजपा कभी भी देशवासियों से नहीं लड़ती क्योंकि जानती है कि सभी देशवासी अपने ही हैं, बाहरी ताकतों से लड़ती है जानती है कि अंदर वाले धुर विरोधी ऐजेंडेबाज तो बस उनके मोहरे हैं इसलिए भाजपा के पास क्षमा है घृति है एक विशाल हृदय है पक्ष और विपक्ष दोनों का व्यावहारिक अनुभव है जेनजी से प्रधानमंत्री का सीधा संवाद है। 🙏🚩
