✍️ हरीश मैखुरी
कांग्रेस के समय में 10 रूपये #डिमांड_ड्राफ्ट पर बैंक का #एक्सचेंज शुल्क #20_रुपये तक तय हुआ, वो कह रही है कि तीन हजार से अधिक के #यूपीआई #ट्रांजेक्शन पर 12 रूपये शुल्क #गलत है। अरे लुटेरों चोंच ना ही खोलो तो अच्छा है, तुमरे दौर में बैंक से तीन हजार निकालने के लिए पूरा दिन लगता था और #बैंक तक #जाने_आने का किराया और समय अलग से लगता था, वो सब भूल गये? ये समय की बचत छोटी छोटी राशि के लिए भी बैंक जाना वहां लाईन में लगने का झंझट #यूपीआई आने के बाद समाप्त हुआ है।
कांग्रेस के महा भ्रष्ट पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम तो संसद में यूपीआई सिस्टम का ही विरोध कर रहे थे। बोल रहे थे रेड़ी ढेली वाले कैसे लेंगे डिजिटल पेमेंट? वे नैट का कनैक्शन कैसे लेंगे!
अब मोदी सरकार भी ध्यान दे कि जिस सामान की खरीदारी पर कोई व्यक्ति #माॅल में आठ दस हजार रुपये #यूपीआई से #पेमेंट करेगा उस सामान पर #जीएसटी नहीं लगा है क्या? फिर यूपीआई #ट्रांजेकशन शुल्क की लूट अलग से किस बात की? पैट्रोल पर एक रूपये लीटर रोड़ का सैस है तो टोल टैक्स किस बात का?
#यूपीआई पर #एक_लाख तक के ट्रांजेक्शन पर एक रूपये भी एक्सचेंज शुल्क नहीं लगना चाहिए, एक लाख पर केवल 20 रूपये और दो लाख से अधिक होने पर अधिकतम 30 रूपये हो।
अभी तो लूट की व्यवस्था देखो ………..
आपकी #सैलरी #बैंक में जाएगी
#नेट #बैंकिंग से चार्ज कटेगा।
#कैश निकालने पर #चार्ज #कटेगा
#यूपीआई से चार्ज कटेगा
जो पैसा कटेगा उस पर #जीएसटी लगेगा
#टोल पर यदि कैश दिया तो
#दुगुनी रकम देनी पड़ेगी,
#यूपीआई से करोगे तो #चार्ज #कटेगा
जो #चार्ज #कटेगा उस पर भी #जीएसटी लगेगी।
इतनी लूट केवल इसलिए कि चुनाव के समय राजनीतिक दल अपने वोटरों को फ्री चुगा डाल कर फांस सकें??
संभल जाओ फ्री की रेवड़ी बांटने वाले चुनावबाज लुटेरे राजनीतिक दलों के बेवड़ों। हम भाजपा को फिर से परामर्श देंगे यूपीआई पर एक लाख से नीचे एक रूपये भी एक्सचेंज शुल्क नहीं लगना चाहिए :अन्यथा संसद में यूपीआई पेमेंट सिस्टम का विरोध करने वाले भी घात लगाये बैठे हैं
