घुसपैठ पर जीरो टॉलरेंस!” प्रधानमंत्री मोदी का बड़ा संदेश, इस्त्राइल ने पाकिस्तान को आतंकी देश बताया तो क्या लग गया पाकिस्तान का नम्बर!, नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह सत्‍ता संभालते हुए ऐक्‍शन में आ गए हैं। बालेन शाह ने पीएम बनने बाद भारत, चीन, अमेरिका समेत 17 देशों के राजदूतों की बुलाई बैठक,

🔥 “घुसपैठ पर जीरो टॉलरेंस!” — PM का बड़ा संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का
बंगाल को लेकर सख्त रुख 💥

“BJP सरकार बनते ही
घुसपैठियों की मदद करने वालों पर
विशेष जांच शुरू होगी” 🚨

और साफ चेतावनी…

“चाहे कितना भी प्रभाव हो…
हर व्यक्ति की पहचान की जाएगी” ⚡

सबसे बड़ा संदेश…

“घुसपैठियों को निष्कासित किया जाएगा
और मदद करने वालों को जेल भेजा जाएगा”

मतलब साफ है…
मुद्दा अब सीधे
सुरक्षा और कानून व्यवस्था का है 💥

अब सवाल नहीं…
सीधा एक्शन प्लान

क्योंकि जब बात
देश और राज्य की सुरक्षा की हो…
तो सख्ती ही सबसे बड़ा जवाब होती है 🚨

चौधरी बन रहे पाक को इजराइल ने पहली बार माना ‘आतंकी’ देश, दे डाली खत्म करने की धमकी

इतिहास में पहली बार इजराइल (Israel) ने पाकिस्तान (Pakistan) को एक आतंकवादी देश मानते हुए खत्म करने की धमकी दी है। इजराइल को पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने धमकी थी, जिसके बाद इजराइल ने लताड़ते हुए पाकिस्तान को चेतावनी दी है, कि इस तरह के बयान को बर्दास्त नहीं किया जा सकता है। खुद इजराइली पीएम के कार्यालय से पाकिस्तान की आलोचना की गई है। वहीं इजराइली विदेश मंत्री ने पाकिस्तान को ‘आतंकवादी’ देश तक कह दिया।

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह सत्‍ता संभालते हुए ऐक्‍शन में आ गए हैं। बालेन शाह ने पीएम बनने बाद भारत, चीन, अमेरिका समेत 17 देशों के राजदूतों की बैठक बुलाई। नेपाल के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ जब सारे राजदूतों की एक साथ बैठक बुलाई गई। अब तक परंपरा थी कि नेपाली पीएम सारे राजदूतों से अलग-अलग मिलते थे। यही नहीं ठीक उसी द‍िन नेपाल के विदेश मंत्रालय ने सभी कैबिनेट मंत्रियों को साल 2011 से लागू नेपाल के राजनयिक कोड ऑफ कंडक्‍ट के बारे में भी बताया गया।

काठमांडू पोस्‍ट ने नेपाली व‍िश्‍लेषकों के हवाले से बताया कि इस बैठक के जरिए बालेन शाह ने यह संकेत दिया कि उनकी सरकार व‍िदेश नीति पर अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है और व्‍यक्ति आधारित बैठक की बजाय सरकार के स्‍तर पर व‍िदेशों के साथ संपर्क को बढ़ाना चाहती है।

नेपाली पीएम ने इस कदम से साल 2006 से चली आ रही परंपरा को क‍िनारे कर दिया है। साल 2006 से हर नेपाली प्रधानमंत्री ने अलग-अलग व‍िदेशी राजदूतों से मुलाकात की।