भारत के सामने 5वीं पीढ़ी के स्टेल्थ फाइटर जेट की चुनौती के बीच रूस ने बड़ा प्रस्ताव रखा है। भारत को Su-57 का नया वर्जन Su-57M1E ऑफर किया गया है, जिसमें फुल टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और सोर्स कोड देने पर भी सहमत

🚨 भारत के सामने 5वीं पीढ़ी के स्टेल्थ फाइटर जेट की चुनौती के बीच रूस ने बड़ा प्रस्ताव रखा है। भारत को Su-57 का नया वर्जन Su-57M1E ऑफर किया गया है, जिसमें फुल टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और सोर्स कोड तक पहुंच देने की बात कही गई है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक ‘विंग्स इंडिया 2026’ के दौरान दोनों देशों के बीच हुई बैठक में यह ऑफर सामने आया। रूस चाहता है कि भारत और रूस मिलकर FGFA (Fifth Generation Fighter Aircraft) प्रोजेक्ट को दोबारा शुरू करें और इसका संयुक्त उत्पादन करें।

इस नए फाइटर जेट में Izdeliye-30 / AL-51F1 इंजन, एडवांस्ड AESA रडार, आधुनिक ऑप्टिकल सेंसर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित कॉम्बैट ऑटोमेशन जैसी तकनीकें शामिल होंगी। खास बात यह है कि भारत को सोर्स कोड मिलने से ब्रह्मोस और अस्त्र जैसी स्वदेशी मिसाइलों को आसानी से इंटीग्रेट किया जा सकेगा।

रूस का प्रस्तावित Su-57 डबल-सीटर कॉन्फिगरेशन में होगा, जो आधुनिक युद्ध में मानव-मानवरहित टीमिंग (MUM-T) के लिए ज्यादा प्रभावी माना जा रहा है। इसमें पीछे बैठा ऑपरेटर मिशन कमांडर की तरह काम करते हुए स्टेल्थ ड्रोन S-70 ओखोटनिक को भी नियंत्रित कर सकता है।

हालांकि भारतीय वायुसेना इस प्रस्ताव में दिलचस्पी दिखा रही है, लेकिन सरकार अभी सावधानी से आगे बढ़ रही है। माना जा रहा है कि शुरुआती चरण में भारत करीब 2 स्क्वाड्रन यानी लगभग 40 फाइटर जेट खरीदने पर विचार कर सकता है, जबकि दीर्घकालिक प्राथमिकता अभी भी स्वदेशी AMCA प्रोजेक्ट को ही दी जा रही है।

अगर यह डील आगे बढ़ती है तो भारत को 5वीं पीढ़ी के स्टेल्थ फाइटर जेट की क्षमता जल्दी हासिल करने में मदद मिल सकती है और चीन-पाकिस्तान के बढ़ते सैन्य सहयोग के बीच भारत की रणनीतिक ताकत और मजबूत होगी।