फेसबुक पर मनीष केसरी की वाल पर एक बहुत सामयिक व सामरिक महत्व का आलेख देख रहा था ……जंतर-मंतर प्रोटेस्ट की सच्चाई क्या है…!!…क्या ये सच में कोई छात्र या NEET का प्रोटेस्ट था…या कुछ और…!!….आईए Chronology समझते हैं ….
* मार्च 2026 में भारत सरकार FCRA संशोधन बिल संसद में लेकर आती है….इस बिल से सबसे ज्यादा परेशानी अमेरिका को होती है.
* मार्च 2026 में ही ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट में तेजी आती है…Galathea International Port के प्रस्ताव को मंजूरी दी जाती है….इससे सबसे ज्यादा तकलीफ चीन को होती है.
* मार्च में ही North East से एक अमेरिकी और 6 यूक्रेनी सहित 7 लोग पकड़े जाते हैं….जो North East मे अराजकता फैलाने की कोशिश मे थे.
* 16 मई 2026 को अमेरिका मे बैठा एक बंदा Instagram पर तिलचट्टों की पार्टी बनाता है और सिर्फ 2 दिन मे उसके लाखों मे followers बन जाने हैं.
* 23 मई 2026 को अमेरिका के विदेश मंत्री मार्क रूबीयो भारत आते हैं और दिल्ली की बजाय सीधा कोलकाता पहुंचते हैं…जहां वो Missionaries Of Charity के लोगों से मुलाकात करते हैं.
* उनके भारत से जाने के 5 दिन बाद तिलचट्टों का सरदार भारत आने और आंदोलन करने की घोषणा करता है….और 6 जून को वो भारत आता है.
* 20 जुलाई से संसद का मॉनसून सत्र शुरू होने वाला होता है…जिसमें FCRA संशोधन बिल पास होना होता है…उससे पहले जंतर-मंतर पर तिलचट्टों का प्रोटेस्ट शुरू हो जाता है.
* प्रोटेस्ट को NEET के छात्रों के नाम पर शुरू किया जाता है…लेकिन इस प्रोटेस्ट मे एक भी छात्र नहीं दिखता…ना मंच पर…न सरकार से बातचीत मे…न भाषण देते.
* 20 जुलाई को संसद सत्र के शुरू होने वाले दिन तिलचट्टे उग्र प्रदर्शन करते हैं….जिसके बाद धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा हो जाता है.
* 24 जुलाई को नेपाल बॉर्डर से एक और अमेरिकी पकडा जाता है जो अमेरिकी स्पेशल फोर्सेस से जुड़ा होता है.
* जुलाई के अंत और अगस्त की शुरुआत में UP और बंगाल से एक महिला समेत Jaish के 3 लोग पकड़े जाये हैं जो इस प्रोटेस्ट मे पुलिस वालों के भेष में हमला करने की साजिश रच रहे थे….लेकिन धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे ने इनकी साजिश को फेल कर दिया…..अगर ये कामयाब हो जाते तो पूरे देश में बवाल मचता और नेपाल बांग्लादेश जैसी स्थिति बन जाती.
* 31 जुलाई को कुलगाम में हमला होता है…जिसमें 2 मजदूर मारे जाते हैं….क्या वो 2 मजदूर मारने आए थे…!!…नहीं…वो कुछ बड़ा करने आए थे…लेकिन हमारी सुरक्षा एजेंसीयों को पता चल गया था और वो अलर्ट पर थी…वो नाकाम हुए.
……..अब इन पॉइंट्स को जोड़ कर देखिए…..FCRA पर अमेरिका को दिक्कत…….Great Nicobar से चीन को दिक्कत…….दोनों का पालतू पाकिस्तान…..अमेरिका ने मुनीर को प्रोटेस्ट को उग्र बनाने को बोला….और दूसरी तरफ चीन ने भी उसे Nicobar प्रोजेक्ट को रोकने के लिए ठेका दिया…….मुनीर PoK और बलूचिस्तान के बवाल मे फँसा था….उसे हीरो बनने का मौका इस प्रोटेस्ट मे नजर आया….उसने भारत मे बैठे अपने एजेंट को काम पर लगाया ….प्लान ये था कि एक तरफ दिल्ली दह – लाएंगे. ….दूसरी तरफ पहलगाम जैसा बड़ा हमला करेंगे……..मोदी सरकार बच नहीं पाएगी……लेकिन…….सरकार की एक चाल ने उनकी सारी चाल पर पानी फ़ेर दिया….और वो था धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा.
……इसके बाद भारत ने ट्रम्प को ये सूचना दी कि…मुनीर अमेरिका की पीठ मे छुरा घोंप रहा है….चीन के हथियार पाकिस्तान के रास्ते ईरान पहुंचाकर….नतीजा…..ट्रम्प ने पाकिस्तान की फंडिंग रोक दी….और ईरान के साथ शांति वार्ता से बाहर कर दिया….अभी खबर आ रही है कि X ने पाकिस्तानीयों के paid content पर रोक लगा दी है……मतलब जो गड्ढा भारत के लिए खोदा गया था….उसमे मुनीर खुद गिर गया.
……यहां के तिलचट्टों मे से कोई नहीं बचने वाला….एजेंसियां इनके खिलाफ पुख्ता सबूत जुटा रही हैं….और जब इनपर हाथ ड़ाला जाएगा तो इनके बचने के सारे रास्ते बंद हो चुके होंगे…….उमर खालिद और शरजील इमाम को भी 8 महीने बाद पकडा गया था…..जो आज तक जेल मे हैं….इनके साथ भी यही होगा। जयहिंद 🇮🇳🚩जय श्रीराम 🙏🚩(साभार फेसबुक
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