भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि यूपीआई उपयोगकर्ताओं के लिए ट्रांजेक्शन पूरी तरह निशुल्क रहेंगे और दैनिक लेन-देन पर नहीं लगेगा कोई अतिरिक्त शुल्क

भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि आम उपयोगकर्ताओं के लिए यूपीआई (UPI) ट्रांजेक्शन पूरी तरह मुफ्त रहेंगे और रोजमर्रा के लेन-देन पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगेगा। संसद में हालिया विधेयक के बाद उठी चर्चा के बीच सरकार ने यह भरोसा दिलाया है कि आम जनता पर कोई बोझ नहीं आएगा।मुख्य बातें और स्पष्टीकरणआम नागरिकों के लिए: एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति (P2P) को पैसे भेजने या सामान्य यूपीआई भुगतान पर कोई चार्ज नहीं लगेगा।https://share.google/TH2iGvqJsdHSEAvBa
छोटे व्यापारियों के लिए: अधिकांश छोटे और सामान्य दुकानदारों के लेन-देन पहले की तरह पूरी तरह मुफ्त बने रहेंगे।जीएसटी (GST) से जुड़ी अफवाहें: 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतान पर जीएसटी लगने की खबरें पूरी तरह झूठी और निराधार हैं।संभावित एमडीआर (MDR) नियम: भविष्य में यदि कोई मामूली मर्चेंट डिस्काउंट रेट लागू होता भी है, तो वह केवल एक तय सीमा से ऊपर के बड़े व्यापारियों और चुनिंदा लेन-देन तक सीमित होगा, जिससे 95% ट्रांजेक्शन प्रभावित नहीं होंगे।
लेकिन भारत विरोधी गैंग कैसे षड्यंत्रकारी नरेटिव चला रहे थे। इसी बीच शोशल मीडिया पर वायरल एक आलेख देख रहा था उसे कापी करके सुधी पाठकों के लिए दे रहे हैं। 

बड़ी चालाकी से आपने UPI वाला बिल लोकसभा में किसी अन्य विषय पर हो रही चिल्ल-पों के बीच ‘ ध्वनिमत’ से पारित करा लिया ,जिसमे रु 2000/- से ऊपर UPI करने पर टैक्स सरकार ले लेगी !!….
खरबों रु सब्सिडियों और समाज कल्याण के नाम पर #वर्ग_विशेष पर फ्री में लुटा रही यह सरकार … दोनो हाथों से उस पब्लिक को लूटने पर आमादा है जो पूरी सच्चाई के साथ सरकार के साथ खड़े रहती है ! यह टैक्स मर्चेंट से क्यों लिया जाएगा ? क्या वह किसी अन्य ग्रह से आये हैं… क्या वह सरकार को अन्य दर्जन भर टैक्स नहीं देते हैं ? यह मर्चेंट इतने मूर्ख है कि वह टैक्स में दिए जानी वाली रकम …वस्तु या सेवाओं के मूल्य में पहले से जोड़ नहीं देंगे ?
पहले सड़कों और पुलों पर लगने वाला टोल टैक्स… एक समयाविधि बाद खत्म हो जाता था,अब हर वर्ष बढ़ा दिया जाता है…दूसरी ओर #बिना_मांगे यूपी में लाखों सरकारी अध्यापकों को सभी अस्पतालों में फ्री हेल्थ बीमा दिया जा रहा है, जबकि यह क्लास सबसे ज़्यादा तनख्वाह पाने वाले सरकारी कर्मचारियों में से एक है ! बिना मांगे वकीलों को भी यह सुविधा दी जा रही है (दिल्ली) ! दूसरी ओर रिटायर्ड कर्मचारियों की पेंशन से भी इनकम टैक्स लिया जाता है भारत में, बगैर किसी सुविधा के….
सब्सिडी,नकद इंसेंटिव्स और फ्री – फ्री के नाम पर चुनाव लड़े और जीते जा रहे हैं (बिहार में स्त्रियों के खाते में चुनाव की घोषणा होने से 7 दिन पूर्व रु 10000/- डाल दिये जा रहे है)…इसका भुगतान हम जैसे लोग बेहद ऊंचे टैक्स और सरकार की छीना झपटी के माध्यम से दे रहे हैं, पेट्रोलियम पदार्थों की अंतरराष्ट्रीय कीमतें घट चुकी है, सप्लाई सुचारू है,मगर सरकार ने पेट्रोल,डीज़ल,CNG पर जो रु 10/- प्रति लीटर बढ़ाये थे, उसे कम नहीं किया है ! एथनाल की मिलावट भी एक ठगी ही है…
ध्यान रखिये, मोदी जी ये जनता है बैठाती भी है और उतरती भी है।।✍️ विक्रम हिंदू।।