गीता जी के श्लोक के बहाने भगवान श्री कृष्ण जी पर अभद्र टिप्पणी करने वाले षड्यंत्रकारी मौलाना जर्जिस अंसारी की कब होगी गिरफ्तारी!

संसार और ब्रहमांड के कल्याण के लिए भगवान श्री कृष्ण जी आज से पांच हजार वर्ष पूर्व इस शस्य श्यामला धराधाम पर अवतरित हुए थे। महाभारत जैसे धर्म युद्ध के समय उन्होंने संसार के कल्याण के लिए अपने श्रीमुख से अर्जुन को गीता जी का परम कल्याणकारी उपदेश किया था।
जबकि अपनी छ वर्ष की बेटी से निकाह करने वाला मोहम्मद नाम का व्यक्ति कुल चोदह सौ वर्ष पहले अरब के कबीले में पैदा हुआ, उनके सैकड़ों वर्ष बाद आसमानी किताब व हदीसें बनी और तब इस्लामो फोबिया के नमाजी बनने आरंभ हुए। तो भगवान श्रीकृष्ण कहां से पांच हजार वर्ष पहले नमाज पढ़ते थे?

#मौलाना #जर्जिस सरकारी संरक्षण में पल रहा ऐसा कुत्ता है, जो सनातन धर्म संस्कृति व भगवान श्रीकृष्ण पर कुछ भी भौंक लेता है।https://www.facebook.com/share/v/17noGUwV4K/

“कृष्ण जी पांचों वक्त नमाज पढते थे” ऐसा भोंकने वाले मानसिक आतंकवादी मौलाना जर्जिस की तत्काल #गिरफ्तारी ही #नहीं, अपितु तत्काल #एनकाउंटर करना उचित होगा।
गीता के जिस श्लोक के संदर्भ में आतंकी जर्जिस लोगों गुमराह करने के लिए अपने गो भक्षी बदबूदार मुंह से अनाप-शनाप बक रहा है उस संदर्भित श्लोक का वास्तिक अर्थ इस प्रकार है।
#गीता अध्याय 6 (ध्यानयोग), श्लोक 10:
योगी युञ्जीत सततमात्मानं रहसि स्थितः।
एकाकी यतचित्तात्मा निराशीरपरिग्रहः॥ ६.१०॥
हिंदी अर्थ:
योगी को चाहिए कि वह एकांत स्थान में रहकर, मन और पांचों इंद्रियों को वश में रखते हुए, आशा और संग्रह (परिग्रह) का त्याग करके निरंतर अपने मन को योग में लगाए।
यह श्लोक ध्यानयोग की साधना के लिए आवश्यक परिस्थितियों और साधक के गुणों का वर्णन करता है।
कोई भी ऐसागैरा गो भक्षी म्लेच्छ गीता जी के श्लोकों की मनमानी व्याख्या कैसे कर सकता है?
और जब #जिहादी_जर्जिस बक ही रहा है कि भगवान ‘श्रीकृष्ण जी पांच वक्त नमाज़ पढते थे’ तो उनका फोटो लॉकेट बना कर गले में धारण करो, धूमधाम से जन्माष्टमी का व्रत रखो अपनी तकरीर में उनके बड़े बड़े फोटो लगाओ और मस्जिदों में भी श्री कृष्ण जन्माष्टमी मनाओ। नहीं तो चुल्लू भर पानी में डूब मरो जिहादियों।
आपको याद है #नुपुर_शर्मा ने उतना ही वाक्य बोला जो जिहादीयों की #आसमानी_किताब में लिखा है, भाजपा ने तुरंत उससे किनारा करके राष्ट्रीय प्रवक्ता का पद भी छीन डाला, और आज भी उसकी जान को जिहादीयों से खतरा है।
जबकि मजहब के आधार पर भारत के टुकड़े करके पाकिस्तान और बांग्लादेश ले चुके ये इस्लामिक जिहादी आज भी यहां ठसक से भारत की छाती पर मूंग दल रहे हैं। मौलाना #मदनी व #जर्जिस जैसे आतंकी भारतीय सभ्यता व सनातन धर्म संस्कृति के विरूद्ध कुछ भी बके जा रहे हैं, इनको सरकारी संरक्षण प्राप्त है इसलिए तो इनका एनकाउंटर नहीं होता है। लाखों जिहादी यहां बड़े बड़े देश विरोधी व अन्य आतंकी अपराध कारित करते हैं। लेकिन न कीसी मजहबी ने उसे गलत कहा न संविधान खतरे में आया, न किसी हिन्दू ने इनका सर तन से जुदा किया। न भारत का संविधान इसको तत्काल फांसी की सजा देने में समर्थ है।✍️ हरीश मैखुरी

भगवान श्री कृष्ण और श्रीमद्भगवद्गीता पर अपमानजनक व भड़काऊ टिप्पणी करने वाले मौलाना जर्जिस अंसारी के खिलाफ विभिन्न हिंदू संगठनों और संत समाज द्वारा भारी आक्रोश व्यक्त किया गया है। इस प्रकरण में पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर उनकी तत्काल गिरफ्तारी की मांग की जा रही है। ज्ञापन का प्रारूपसेवा में,[जिले के जिलाधिकारी / पुलिस आयुक्त / थाना प्रभारी का नाम][जिले/शहर का नाम][राज्य का नाम]विषय: गीता जी के श्लोकों का भ्रामक अर्थ निकालकर भगवान श्री कृष्ण पर अनर्गल प्रलाप करने वाले मौलाना जर्जिस अंसारी की गिरफ्तारी हेतु ज्ञापन।महोदय,हम आपका ध्यान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक अत्यंत आपत्तिजनक और भड़काऊ वीडियो की ओर आकर्षित करना चाहते हैं। उत्तर प्रदेश के इटावा निवासी मौलाना जर्जिस अंसारी ने एक सभा में तकरीर देते हुए श्रीमद्भगवद्गीता के श्लोकों की जानबूझकर गलत व भ्रामक व्याख्या की। उन्होंने सनातन धर्म के आराध्य भगवान श्री कृष्ण को ‘पाँच वक्त का नमाज़ी’ और मुस्लिम धर्म का प्रचारक बताया। यह दुष्कृत्य करोड़ों सनातनियों की धार्मिक भावनाओं को आहत करने और देश में सांप्रदायिक दंगे भड़काने के लिए एक सोची-समझी साजिश के अन्तर्गत किया गया प्रयास है। हिन्दू संगठनों प्रमुख माँगें:१. मौलाना जर्जिस अंसारी द्वारा दिए गए इस जहरीले और भड़काऊ बयान का तत्काल संज्ञान लिया जाय। २. धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने (Indian Penal Code की संबंधित धाराओं) और अशांति फैलाने के आरोप में मौलाना जर्जिस अंसारी की अविलंब गिरफ्तारी की जाए।३. इस तरह के भ्रामक और नफरत फैलाने वाले बयानों पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाया जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। धन्यवाद।भवदीय,[आपका नाम / संगठन का नाम][स्थान / दिनांक]इस प्रकरण के मुख्य बिंदु:विवादित बयान: मौलाना जर्जिस अंसारी ने एक धार्मिक सभा में दावा किया कि भगवान कृष्ण मुस्लिम थे और वे पाँच वक्त की नमाज पढ़ते थे। गीता जी के श्लोक की विकृत व्याख्या: उन्होंने अपने दावे के समर्थन में श्रीमद्भगवद्गीता के छठे अध्याय के दसवें श्लोक का हवाला दिया। जबकि वास्तविकता यह है कि उक्त श्लोक में भगवान कृष्ण अर्जुन को ध्यान, योग और आत्मसंयम का उपदेश दे रहे है। कानूनी व सामाजिक प्रतिक्रिया: इस बयान के बाद हिंदू संगठनों व संतों में भारी रोष है। लखनऊ में मौलाना के खिलाफ FIR (प्राथमिकी) भी दर्ज की गई है और उनकी तत्काल गिरफ्तारी की मांग ज़ोर पकड़ रही है। इस बारे में अधिक जानकारी व ताजा अपडेट्स आप दैनिक भास्कर या आज तक जैसे समाचार माध्यमों के वेबपेजों पर देखे जासकते है।