भारत के हाथ बहुत बड़ी सफलता लगी है पीएम मोदी आधी रात को दिए अपने वैज्ञानिको को बधाई, अब पुरे दुनियां से मिल रहा बधाई का सन्देश, पाकिस्तान में डर का माहोल दरअसल भारत ने परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम में समूचे संसार को अपना दम दिखा दिया है. जो कि स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर ने क्रिटिकैलिटी प्राप्त किया है.
अब सबसे ख़ास और अहम् बात है की इससे भारत की क्षमता भविष्य में बढकर बहुत हो जायेगी. जिससे हर साल भारत आराम से 300 की बड़ी संख्या में परमाणु हथि’यार का निर्माण कर सकती है.
इतने से कुछ नहीं होगा इनकी संख्या करोड़ों में हो सकती है 😏🫢यूपी ATS की देवबंद यूनिट ने मंगलवार को शामली के कैराना इलाके में अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर 5 संदिग्ध जेहादी पाकिस्तानी जासूसों को हिरासत में लिया।
आरोप है कि ये लोग देश की संवेदनशील सूचनाओं को पाकिस्तान भेज रहे थे। ATS की इस कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
सूत्रों के अनुसार, कैराना के अलग-अलग स्थानों पर दबिश के दौरान इंतजार उर्फ टार्जन, साजिद समेत कुल पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। सभी से गहन पूछताछ की जा रही है और उनके मोबाइल व इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की जा रही है। जहा जहां ये है वही आतंकवादी भरे पडे है बहुत बडा खतरा भारत व देश के हिन्दुओ पर मंडरा रहा है आप सब हिन्दू भाइयो से अनुरोध है की सतर्क रहे संदिग्ध परिस्थितिया कही दिखे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें क्या देश के अंदर आतंकी भरे पड़े है?
जब अमेरिका का एक फाइटर जेट ईरान के अंदर क्रैश हुआ तो उनका एक पायलट वहां फंस गया।
उस पायलट का टखना टूट चुका था और वह विरोधी देश के बीचों बीच बिल्कुल अकेला था। ईरान की पूरी सेना स्निफर डॉग्स और आधुनिक ड्रोन उस एक घायल इंसान को खोजने में लग गए।
ईरान ने उस पर 50000 डॉलर का बड़ा पुरस्कार भी रख दिया ताकि उसे एक ट्रॉफी की तरह पूरे विश्व को दिखाया जा सके। पर वह पायलट भी अद्भुत था जो टूटे पैर के साथ रेंगते हुए एक ऊंचे पहाड़ की चोटी पर जा छिपा।
इधर अमेरिका अपने एक नागरिक को पीछे छोड़ने के विचार को ही नकार चुका था। उन्होंने अपने पायलट को निकालने के लिए पूरा आसमान अपने कंट्रोल में ले लिया।
ईरान के सारे रडार सिस्टम जैम कर दिए गए और संचार नेटवर्क पूरी तरह ठप कर दिया गया। अमेरिकी बॉम्बर्स ने उन सभी मार्गों को उड़ा दिया जहां से ईरानी सैनिक उस पहाड़ी तक पहुंच सकते थे।
सबसे बड़ा खेल तो तब हुआ जब अमेरिका ने विरोधी देश के अंदर रातों रात एक अस्थाई एयरस्ट्रिप तैयार कर दी। उनकी स्पेशल फोर्सेज वहां उतरीं और अपने घायल पायलट को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
पर असली कहानी यहां से आरंभ होती है। इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन में अमेरिका के दो बड़े ट्रांसपोर्ट प्लेन वहां डैमेज हो गए थे।
अमेरिका ने यह रिस्क नहीं लिया कि उनकी लेटेस्ट टेक्नोलॉजी किसी विरोधी देश या चीन के हाथ लगे। इसलिए उन्होंने अपने ही करोड़ों डॉलर के विमानों को बम से उड़ा दिया।
पायलट सुरक्षित निकल गया और प्लेन नष्ट कर दिए गए। लेकिन इस शीघ्रता में अमेरिकी सैनिक अपनी सबसे बहुमूल्य और सीक्रेट चीज वहीं भूल गए।
वही सीक्रेट सामग्री जिसे पाकर आज ईरान नेशनल टेलीविजन पर अपनी बहुत बड़ी जीत का उत्सव मना रहा है। ईरान का मानना है कि अब वह इस सामग्री के आधार पर अमेरिका को ब्लैकमेल करेगा।
अब आप सोच रहे होंगे कि वह कोई न्यूक्लियर कोड होगा या कोई सीक्रेट चिप। लेकिन वह सीक्रेट सामग्री थी उस अमेरिकी पायलट का 36 घंटे से पहना हुआ गंदा अंडरवियर और एक टूथपेस्ट।
ईरान उसी 5 डॉलर के अमेरिकन झंडे वाले अंडरगारमेंट को टीवी पर दिखा कर कह रहा है कि उसने अमेरिका को युद्ध में हरा दिया है और अब वह इसी आधार पर नेगोशिएट करेगा।
यह मानसिकता हमें अपने पड़ोसी देश पाकिस्तान की याद दिलाती है जो भारत का एक छोटा सा ड्रोन या कोई सामान्य सामग्री हाथ लगने पर खुद को विश्व विजेता मान लेता है।
एक तरफ एक देश अपने एक नागरिक को बचाने के लिए अपनी करोड़ों डॉलर की मशीनरी को खुद स्वाहा कर देता है क्योंकि उसके लिए अपने लोगों का जीवन सर्वोपरि है।
दूसरी तरफ एक देश एक छूटे हुए गंदे अंडरवियर को पकड़ कर खुद को सुपरपॉवर मान रहा है और इंटरनेट पर लोग यह देखकर हंस रहे हैं कि कोई देश अपनी भारी विफलता को छिपाने के लिए किस स्तर का प्रोपगेंडा चला सकता है। साभार
दो हफ्ते और इंतजार करिए। उसके पश्चात ईरान को और ज्यादा अक्ल आ जाएगी और वह पूरी तरह लड़ाई रोक देगा और अमेरिका जिसे वह शैतान कहता है उसके साथ गलबहियां करेगा , अंदरखाने अमेरिका की शर्ते भी मानेगा और ऐसा दिखाएगा कि उसकी जीत हुई है।
यह सब बदल भी सकता है और अमेरिका ईरान के ऊपर भयानक हमले कर सकता है, अमेरिका नहीं करेगा तो इजरायल अवश्य करेगा। मुल्ला ईरान इजरायल के अस्तित्व के लिए खतरा है और इजरायल यह अफोर्ड नहीं कर सकता कि वर्तमान ईरानी नेतृत्व बचा रहे।
इजरायल को ईरान की परमाणु क्षमता नष्ट करनी ही पड़ेगी। यदि नहीं कर पाए तो जिस दिन ईरान ने परमाणु हथियार बना लिए वह दिन इजरायल का अंतिम दिन होगा। ईरान इजरायल के अस्तित्व को ही समाप्त कर देगा।
इजरायल को नक्शे पर रहना है तो मुल्ला ईरान और उसके परमाणु प्रोग्राम को पूरी तरह समाप्त करना ही पड़ेगा। कोई दुसरा विकल्प नहीं है।
क्या आप अभी तक नही समझ पाए हैं की ये युद्ध विराम नही बल्कि एक शुरुआत है…!
यह युद्ध विराम नहीं है।
इसमें अमेरिका भी तैयारी करेगा।
इजरायल भी तैयारी करेगा।
ईरान भी जो कुछ बचा है उसे बटोर कर तैयारी करेगा।
यह युद्ध विराम जब टूटेगा तब ईरान का अस्तित्व समाप्त होगा।
उसके पश्चात दोगले ह रा म खो र फ़किस्तान का नंबर लगेगा।
म्लेच्छ राक्षसों का अंत ही करना पड़ता है । इसके बिना दुनियां में शांति नहीं आएगी।
भारत भी तैयारी में लगा है।
इस बार ऑपरेशन सिंदूर नहीं करना चाहिए।
इस बार ऑपरेशन हिज़ाब करना चाहिए। (साभार शोशल मीडिया)
