सितंबर 2010 में मनमोहन सिंह की सरकार ने पी. जे. थॉमस को सेंट्रल विजिलेंस कमिश्नर (CVC) के पद पर नियुक्त कर दिया। “कर दिया” हमने इसलिये लिखा क्योंकि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने थॉमस की नियुक्ति, इसके बावजूद की कि तीन सदस्यीय high powered selection committee की तीसरी सदस्य सुषमा स्वराज, जो लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष थीं, ने थॉमस के नाम पर कड़ी आपत्ति दर्ज की थी। इस समिति के अन्य सदस्य प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और गृहमंत्री पी चिदंबरम थे।
सुषमा स्वराज की आपत्ति इस बात पर थी कि प्रधानमंत्री एक ऐसे व्यक्ति को CVC बनाना चाहते थे जो स्वयं 1991 के केरल पामोलिन आयात घोटाला के मामले में आरोपी था, जिसके खिलाफ चार्जशीट pending थी और जो बेल पर बाहर था।
नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज की घोर आपत्ति को नजरअंदाज करते हुए, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पी.जे. थॉमस को CVC नियुक्त कर दिया। सुषमा स्वराज, थॉमस के शपथ ग्रहण समारोह में सम्मिलित नहीं हुईं।
सरकार के इस निर्णय की देश भर में आलोचना होने लगी
Common Cause नामक एक एनजीओ आगे आया और सरकार के इस फैसले के खिलाफ भारत के सर्वोच्च न्यायालय में PIL फ़ाइल कर दिया।
महीनों की सुनवाई के बाद 3 मार्च 2011 को, सुप्रीम कोर्ट ने CVC के रूप में पी. जे. थॉमस की नियुक्ति को अवैध करार देते हुए, रद्द कर दिया।
यह फैसला सुनाते समय, सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि एक ऐसा व्यक्ति जिसकी खुद की ईमानदारी पर सवाल उठ रहे हैं, वह सेंट्रल विजिलेंस कमिश्नर के तौर पर भ्रष्टाचार से लड़ने का इंचार्ज नहीं हो सकता। सुप्रीम कोर्ट ने आगे कहा कि CVC पद के लिए institutional और personal integrity होना ज़रूरी है। इस पद पर वही व्यक्ति बैठ सकता है जिसके खुद के दामन पर कोई दाग नहीं है।
जरा सोचिए! उस समय की काँग्रेस सरकार ने एक ऐसे व्यक्ति को CVC के पद पर क्यों बिठाया जो स्वयं आपराधिक मामलों में आरोपी था और बेल पर जेल से बाहर था! जाहिर है कि वह CVC के पद का उपयोग गाँधी परिवार और कांग्रेस पार्टी के फायदे के लिए करना चाहती थी।
और फिर ये सोचिए कि आज वही भ्रष्ट काँग्रेस पार्टी जो भ्रष्टाचार के आरोपियों को महत्वपूर्ण संवैधानिक संस्थाओं पर बिठाती थी, एक ऐसे मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की माँग कर रही है जो सत्यनिष्ठ है, जो इस देश की मतदाता सूची की सफाई करवा रहा है, और जो चुनाव प्रक्रिया की वैधता सुनिश्चित कर रहा है।
सितंबर 2010 में मनमोहन सिंह की सरकार ने पी. जे. थॉमस को सेंट्रल विजिलेंस कमिश्नर (CVC) के पद पर नियुक्त कर दिया था, जबकि यह तब व्यक्ति 1991 के केरल पामोलिन आयात घोटाला के मामले में आरोपी था
मार्च 2011 में Supreme Court ने पी.जे. थॉमस की केंद्रीय सतर्कता आयुक्त (CVC) के रूप में नियुक्ति को अवैध करार देते हुए रद्द कर दिया था।
मुख्य बिंदु:
• नियुक्ति पर आपत्ति: सितंबर 2010 में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता वाली उच्च-स्तरीय चयन समिति ने पी.जे. थॉमस के नाम की सिफारिश की थी। समिति की तीसरी सदस्य और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज ने इस नियुक्ति पर कड़ी आपत्ति जताई थी।
• सुप्रीम कोर्ट का फैसला: 3 मार्च 2011 को सुप्रीम कोर्ट ने पामोलिन आयात घोटाले से जुड़े लंबित मामलों को नजरअंदाज करने के कारण चयन समिति की सिफारिश को कानूनन अमान्य घोषित कर दिया। अदालत ने कहा कि सीवीसी जैसे पद पर ऐसे व्यक्ति को नियुक्त किया जाना चाहिए जो पूरी तरह बेदाग हो।
• इस्तीफा और प्रतिक्रिया: सुप्रीम कोर्ट के इस ऐतिहासिक फैसले के बाद पी.जे. थॉमस को अपने पद से हटना पड़ा। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इस नियुक्ति को लेकर अपने फैसले में “निर्णय की भूल” (error of judgment) स्वीकार की थी।
Facebook·Dinesh Patel
सितंबर 2010 में #मनमोहन_सिंह की सरकार ने #पी_जे_थॉमस को सेंट्रल विजिलेंस …
26 Sept 2026 — सितंबर 2010 में #मनमोहन_सिंह की सरकार ने #पी_जे_थॉमस को सेंट्रल विजिलेंस कमिश्नर (#CVC) के पद पर नियुक्त कर दिया। “कर दिया” मैंने इसलिये लिखा क्योंकि…
Facebook·लक्ष्मी कान्त पाण्डेय
सितंबर 2010 में मनमोहन सिंह की सरकार ने पी. जे. थॉमस को सेंट्रल विजिलेंस …
28 Sept 2026 — सितंबर 2010 में मनमोहन सिंह की सरकार ने पी. जे. थॉमस को सेंट्रल विजिलेंस कमिश्नर (CVC) के पद पर नियुक्त कर दिया। “कर दिया” मैंने इसलिये लिखा क्योंकि प्रधानमंत्र…
India Today
सुप्रीम कोर्ट ने पी.जे. थॉमस की सीवीसी के रूप में नियुक्ति रद्द की – India Today
Translated — सुप्रीम कोर्ट ने पी.जे. थॉमस की सीवीसी के रूप में नियुक्ति रद्द कर दी। · सुप्रीम कोर्ट ने पी.जे. थॉमस की नियुक्ति को अवैध बताया है और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह क…
The Hindu
Supreme Court strikes down Thomas appointment as CVC – The Hindu
Translated — A Bench of Chief Justice S.H. Kapadia and Justices K.S. Radhakrishnan and Swatanter Kumar set aside his appointment acting on the writ petitions filed by the Ce…
Rediff
President Patil cancels appointment of Thomas as CVC – Rediff.com News
Translated — A Rashtrapati Bhavan spokesperson said in a brief statement, “The President has signed the warrant of cancellation of appointment of P J Thomas as CVC.” … The…(साभार)
