वीरता का अद्वितीय उदहारण भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार जिसने 34 हजार फीट की ऊंचाई पर जहाज में इस्लामिक आतंकवादी से भिड़कर अपने प्राण दांव पर लगाये पर बचा दिए यात्री

#वीरता का #अद्वितीय उदहारण भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार जिसने ३४ ००० फीट की ऊंचाई पर जहाज में इस्लामिक आतंकवादी से भिड़कर अपने प्राण दांव पर लगाये पर बचा दिए १८० यात्री।

“सो मत जाना, तुमने हम सबकी जान बचाई है!”

सऊदी अरब के ताबुक एयरपोर्ट पर जब फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 के पहिए जमीन से टकराए, तो विमान के भीतर चीख-पुकार नहीं, बल्कि राहत के आंसू और तालियों की गड़गड़ाहट गूंज उठी।

आकाश में मौत को झटका देकर लौटे भयभीत  यात्रियों के बीच से एक शख्स लहूलुहान हो चुके पायलट की तरफ देखकर चिल्ला रहा था

“सो मत जाना, तुमने हम सबकी जान बचाई है!”
ये आवाज उस जांबाज भारतीय कैप्टन #स्मित_मच्छार के लिए थी, जिन्होंने स्वयं गंभीर रूप से जख्मी होने के बावजूद अपनी आखिरी सांस तक 180 निरपराध लोगों की ढाल बनकर संघर्ष किया।

30 सितंबर 2026 की यह घटना विमानन इतिहास की सबसे भयंकर और साथ ही सबसे साहस भरी कहानियों में से एक बन चुकी है।

हवा में 34,000 फीट की ऊंचाई पर हुए इस रोंगटे खड़े कर देने वाले खूनी खेल की पूरी स्टोरी कुछ इस तरह से है कि
बुधवार की सुबह फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 ने दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (DXB) से इजरायल के तेल अवीव के लिए उड़ान भरी। विमान में 180 के लगभग यात्री थे, जिनमें से अधिकांश इजरायली नागरिक थे।

आरंभ में सब कुछ ठीक था, विमान हवा में 34,000 फीट की ऊंचाई पर क्रूज कर रहा था, तभी अचानक कॉकपिट के भीतर वो हुआ जिसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी।

विमान के फर्स्ट ऑफिसर यानी ओमान के इस्लामिक नागरिक को-पायलट ने अचानक अपनी सीट से उठकर भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर चाकू से प्राण घातक आक्रमण कर दिया। इस इस्लामिक आतंकवादी का उदेश्य कैप्टन की हत्या करना, विमान के सिस्टम को पूरी तरह हैक करके पूरे प्लेन को आत्मघाती रूप से क्रैश कर देना था।

यह आक्रमण इतना अप्रत्याशित था कि कैप्टन स्मित को संभलने का अवसर भी नहीं मिला। उनके शरीर पर चाकू के कई गहरे वार किए गए, फर्श खून से सन गया।

लेकिन, यहीं शुरू हुई भारतीय पायलट की फौलादी बहादुरी की कहानी

गंभीर रूप से घायल होने और शरीर से तेजी से खून बहने के बाद भी भारतीय पायलट ने हार नहीं मानी।
उन्होंने पूरी शक्ति से हमलावर को कंट्रोल व्हील से दूर धकेला और खुद को कॉकपिट में बंद रखा ताकि हमलावर बाहर पैसेंजर केबिन तक न पहुंच सके।

कॉकपिट में चल रही इस खूनी हाथापाई के दौरान विमान का संतुलन बिगड़ गया, और विमान सिर्फ 30 सेकंड के भीतर 34,000 से 17,000 फीट नीचे की तरफ गिर गया।

विमान के नीचे गिरते ही पैसेंजर केबिन में हड़कंप मच गया, ऑक्सीजन मास्क नीचे लटक गए और लोग अपनी जान की भीख मांगने लगे।

ऐसे भयानक घटना से, घायल भारतीय कैप्टन ने सूझबूझ से काम लेते हुए अंतरराष्ट्रीय हाईजैकिंग अलर्ट कोड Squawk 7500 को एक्टिवेट कर दिया,
जिससे पूरी दुनियां को हवा में हो रही इस षड्यंत्र की भनक मिल गई।

कॉकपिट के भीतर से आ रही चीखें और खून देखकर केबिन क्रू और कुछ बहादुर इजरायली यात्री अपनी सीटों से उठकर आगे बढ़े। उन्होंने किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा खोला, अंदर घुसे और हमलावर ओमानी पायलट को दबोच कर सीटों से बांध दिया।

किस्मत अच्छी थी कि इसी फ्लाइट में दो अन्य पायलट एक ब्रिटिश और एक यूरोपीय पैसेंजर के तौर पर यात्रा कर रहे थे।
संकट को भांपते हुए उन्होंने तुरंत कॉकपिट की कमान संभाली, गिरते हुए विमान को हवा में संभाला और उसे पड़ोसी देश सऊदी अरब के ताबुक एयरपोर्ट की तरफ मोड़ दिया।

सऊदी अरब की सुरक्षा एजेंसियों ने विमान लैंड होते ही आरोपी ओमानी पायलट को गिरफ्तार कर लिया है। इजरायली सुरक्षा एजेंसियां इसे एक बड़ा जिहादी आतंकी हमला मानकर जांच कर रही हैं।
भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर को ताबुक के एक स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालांकि उनके शरीर पर गहरे जख्म हैं, लेकिन डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत अब स्थिर और खतरे से बाहर है।

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग ने विमान के यात्रियों और इस जांबाज क्रू को आधिकारिक तौर पर “महानायक” बताते हुए उनकी बहादुरी को सलाम किया है।

आज 180 परिवार यदि बच सके हैं, तो उसका सबसे बड़ा कारण वो घायल भारतीय पायलट था जिसने खून से लथपथ होने के बाद भी विमान का कंट्रोल मृत्यु के हाथों में नहीं जाने दिया।
सैल्यूट है इस बलिदानी साहसी भारतीय सपूत को!
बात बस इतनी भर नहीं कि कैप्टन स्मित मछार ने एक बड़े आतंकी हमले को विफल कर डाला
बात उससे बहुत अधिक है आज हर हिन्दू का सिर गर्व भर गया है। सोचो यदि इस्लामिक आतंकवादी सफल हो जाता तो
कोई ये नहीं जान पाता कि कॉकपिट में क्या हुआ था….
संदेह की सुई पायलेट पर भी जा रही होती। ऐजेंडेबाज ये कहते कि इसका दोषी कैप्टन स्मित था….

आतंकवाद के इस दाग को सोशल मीडिया पर लेफ्टिस्ट, कोंग्रेसी और हर आतंक समर्थक “एक हिन्दू भी आतंकी होता है” के उदाहरण कि तरह प्रस्तुत करते…
और ये कार्य वर्षों चलता…. इतिहास इस झूंठ के साथ गढ़ा और बताया जाता…

लेकिन उस पायलेट की सूझबूझ व वीरता ने आज पूरे अपने ही रक्त में स्नान कर….हिन्दू समाज को दागदार होने से बचा लिया

इजराइल ऐसे लोगों को सम्मान देना जानता है…. देगा भी
पूरी उम्मीद है कि भारत में भी उन्हें नीरजा भनोट जैसा सम्मान मिले…. और मिलना ही चाहिए…
दुबई विमान हाईजैक की पूरी घटना अब लगभग साफ हो गई, एक बार फिर सनातन धर्म मानवतावादी और इस्लाम मानवता का दुश्मन सिद्ध हुआ।
कल हुए हिन्दू-मुस्लिम झगडे का पूरा विश्व साक्षी है कल दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट मे जो हिन्दू और मुस्लिम पायलट के बीच 174 लोगों के प्राण लेने और बचाने के लिए झगड़ा हुआ उसमे पूरे विश्व को पता चला की कौन प्राण लेना चाहता था और किसने 174 प्राण बचाने के लिए अपने प्राण दांव पर लगा दिये। फ्लाइट में को पायलट ओमानी मुस्लिम था विमान का को पायलट ईरान की एजेंसी के साथ संपर्क में बताया गया है, उसे पता था कि इस विमान में बहुत सारे यहूदी यात्री तेल अबीब जाते हैं और उसने इसके लिए विमान को क्रेश करके इजरायल को नुकसान करना चाहा बोले तो जिहादी एक्टिविटी वो भी इतने एजुकेटिड जिहादी द्वारा।
इस्त्राइल अपने हर नागरिक को मिलिट्री प्रशिक्षण देता है इसी कारण तुरंत इस्राइल के निवासी यात्रियों ने आतंकी #को_पायलट को नियंत्रित करके बांध दिया गया और एक इजरायली नागरिक जो डिस्कवरी चैनल पर एयर क्रैश इन्वेस्टिगेशन देखा था उसे विमान के बेसिक कंट्रोल के बारे में जानकारी थी क्योंकि जब विमान का नोज नीचे जा रहा था तब उसने कंट्रोल कालम को ऊपर खींचकर विमान के नोज को सही किया

पायलट को ऑक्सीजन लगाया पायलट होश में आया फिर पायलट ने विमान का कंट्रोल संभाल लिया और किसी तरह सऊदी अरब में विमान को लैंड कर दिया गया

 अब सैक्यूलर बामपंथी माओवादी ऐजेंडेबाज कहेंगे के आतंकवादी का धर्म नहीं होता लेकिन हर एयरलाइन अब धर्म देख के लोगों को काम पर रखेगी ये निश्चित हो गया।
बता दें कि इजरायल में बुधवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब यूएई से उनके देश आ रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 से इमरजेंसी सिग्नल मिला। यह सिग्नल उसी तरह का था, जो प्लेन हाईजैक होने की स्थिति में दिया जाता था। इस फ्लाइट में लगभग 180 इजरायली यात्रा कर रहे थे। ऐसे में देश की सरकार, सेना से लेकर सुरक्षा एजेंसियों तक अलर्ट मोड़ में आ गईं और चर्चा शुरू हुई कि संकट से कैसे निपटा जाए। बहुत तेजी से हालात पर चर्चा करते हुए देश के नेतृत्व ने कम से कम तीन कार्ययोजना पर आगे बढ़ने का निर्णय लिया। यद्यपि इनमें से किसी की आवश्यकता नहीं पड़ी क्योंकि विमान सुरक्षित रूप से सऊदी में उतर गया।

हिब्रू मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार , इजरायली सेना ने सिग्नल मिलने के बाद कई तरह की स्थितियों के लिए तैयारी की। इसमें 9/11 जैसी किसी स्थिति से बचने के लिए प्लेन को मार गिराने तक पर चर्चा कर ली थी। इजरायली एयरफोर्स ने फाइटर जेट को नियत करने और एक विशेष यूनिट (एलीट यूनिट) को भेजने पर भी विचार किया। इजरायल ने इन तीन विधियों पर विशेष रूप से विचार किया।

मच्छार ब्राह्मण जाति के होते हैं। एक ब्राह्मण इस्लामिक रैडिकल आत्मघाती आतंकवादी के साथ पूरी बहादुरी से भिड़ा। इसकी प्रशंसा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, इस्राइल के राष्ट्रपति बैंजामिन नेतन्याहू और भारत के प्रधानमंत्री ने भी की है। लेकिन भारत के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के मुंह में दही जम गया, हर बात में ऐजेंडा बकैती करने वाले राहुल ने अभी तक स्मित मछार के साहस अपना मुंह नहीं खोला न कुछ ट्वीट किया। यद्यपि इस आतंकवादी को अब तक छिपाया गया है। तथापि पाकिस्तानी मीडिया तो कयास लगा रहा है कि खुदा न खासता यह पाकिस्तान मूल का हो सकता है। https://www.facebook.com/share/v/1F3VSKGt8L/ जो भी इस आतंकवादी को चौराहे पर लटकाया जाय शठेशाट्ठयंम् समाचरेत् की तत्काल व्यवस्था होनी चाहिए। जय हिंद जय भारत 🇮🇳 साभार संकलन  ✍️ हरीश मैखुरी