लंदन से काशी पंहुची अंबिया बानो ने 27 वर्ष पहले मर चुकी बेटी का कराया पिंडदान : बोली बेटी ने मोक्ष प्राप्ति के लिए ऐसा करने को कहा था

एक आश्चर्य जनक घटना है….!

काशी जी के घाट पर लंदन से बुर्के में पहुंची अंबिया बानो…

इस मुस्लिम महिला ने 27 साल पहले मरी हुई बेटी को मोक्ष के लिए पंडित से पिंडदान करवाया….!

उसने बताया कि मेरी बेटी मरने के बाद मेरे पास आकर मोक्ष के लिए बोलती है…!लंदन से बुर्के में पहुंची अंबिया बानो ने 27 वर्ष पहले मर चुकी बेटी का काशी के घाट कराया पिंड दान बोली बेटी ने मोक्ष प्राप्ति के लिए बार बार ऐसा करने को कहती थी 

और इसकी बेटी को मरे 27 वर्ष हो गये… ये बहुत जल्दी आती मगर आने मे बहुत सारी प्रॉब्लम हुई वीजा को लेकर..!

अब सोचिये जो लोग कहते है…. की सनातन धर्म भारत तक सिमित क्यों है तो एक बात बताईये इस महिला ने कभी भारत नही देखा और ना इसकी बेटी कभी भारत आई थीं…!

अब इनलोगो को मोक्ष के विषय में कैसे पता चला… वो भी 27 साल से परेशान थीं सोचिये…?

Ambiya Bano, who arrived from London in a burqa, performed the Pind Daan of her daughter, who died 27 years ago, at the Kashi Ghat. She said that her daughter had repeatedly asked her to do this to attain salvation.

ऐसी ही एक अन्य घटना के विषय में Sachin Kumar लिखते हैं वैदिक विद्वान से संपर्क: बेटे की मौत के बाद स्टेलॉन काफी परेशान रहने लगे थे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्हें अपने दिवंगत बेटे के सपने आते थे। साल 2015 में उन्होंने लॉस एंजिलिस में भारतीय मूल के ज्योतिष और वैदिक विद्वान प्रतीक मिश्रापुरी से मुलाकात की, जिन्होंने उन्हें बेटे की आत्मा की शांति के लिए हरिद्वार में श्राद्ध कर्म कराने की सलाह दी।हरिद्वार में अनुष्ठान: मीडिया का ध्यान आकर्षित न हो और गोपनीयता बनी रहे, इसलिए सिल्वेस्टर स्टेलॉन खुद भारत नहीं आए। उन्होंने अपने छोटे भाई माइकल स्टेलॉन (Michael Stallone) और परिवार के अन्य सदस्यों को भारत भेजा। अक्टूबर 2015 में हरिद्वार के कनखल स्थित सती घाट पर हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार सेज का पिंडदान और ‘तिथि श्राद्ध’ (जो अप्राकृतिक या असमय मृत्यु के लिए किया जाता है) संपन्न हुआ।मीडिया कवरेज: इस अनोखी घटना को उस समय भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय मीडिया में प्रमुखता से कवर किया गया था।