युद्ध की इस त्रासदी में सुख सुविधाओं की कटौती को संसार के सभी बड़े देशों ने अपने यहाँ लागू कर दी है केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं जिन्होंने कटौती की जगह केवल मितव्ययिता अपनाने का परामर्श भर दिया और सबसे पहले स्वयं की फ्लीट में केवल दो कारें रखी बाकी सब हटा दी

*इस समय ये सब पूरी दुनिया में हो रहा है*

1. USA के कई राज्यों ने नागरिकों को घर से काम करने के लिए कहा है।

2. साउथ कोरिया ने बिजली की मांग कम करने के लिए नागरिकों से कहा है कि वॉशिंग मशीन और वैक्यूम क्लीनर सिर्फ वीकेंड पर चलाएं।

3. पाकिस्तान में PSL मैच बिना दर्शकों के खेले गए।
4 दिन का हफ्ता और स्कूल बंद।

4. श्रीलंका ने बुधवार को राष्ट्रीय अवकाश घोषित कर दिया है।

5. बांग्लादेश ने मॉल शाम 7 बजे तक बंद करने का आदेश दिया है और सजावटी लाइटिंग पर बैन लगा दिया है।

6. चीन ने नागरिकों को EV इस्तेमाल करने के लिए कहा है।

7. थाईलैंड ने नागरिकों को AC 27 डिग्री पर रखने की सलाह दी है।

8. UK ने ईंधन बचाने के लिए हाईवे स्पीड 80 kmph कर दी है।

9. जर्मनी ने कार फ्री संडे शुरू कर दिए हैं।

10. स्पेन ने बिजली बचाने के लिए ऑफिस जल्दी बंद करने का आदेश दिया है।

11. फ्रांस ने छोटी घरेलू फ्लाइट्स बैन कर दी हैं और लोगों से ट्रेन से यात्रा करने को कहा है।

12. ब्राजील ने नागरिकों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट से आने-जाने के लिए कहा है।

13. इटली ने भी AC के लिए 27 डिग्री अनिवार्य कर दिया है।

14. फिलीपींस ने वर्क फ्रॉम होम लागू कर दिया है…

*ये सब पूरी दुनिया में हो रहा है। हर देश ने ईंधन के दाम बढ़ाए हैं और सख्त कदम उठाए हैं।*

*भारत में अभी तक ऐसी कोई चीज नहीं हुई है।*

युद्ध की इस त्रासदी में सुख सुविधाओं की कटौती को संसार के सभी देशों ने अपने यहाँ लागू कर दिया केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं जिन्होंने कटौती की जगह केवल मितव्ययिता अपनाने का परामर्श भर दिया और स्वयं इसका उदाहरण बने हैं प्रधानमंत्री मोदी ने अपने फ्लीट की सभी गाडियों को हटा दिया केवल दो कारें रखी हैं प्रधानमंत्री की समस्त कैबिनेट ने भी कारों की संख्या आधी कर दी।

फिर भी भारत का ऐजेंडेबाज विपक्ष देखिए जो कल तक हजार रूपये का गैस सिलेंडर महंगा बता रहा था आज कह रहा कि नहीं जी हम तो सोना चांदी और लग्जरी कार ही खरीदेंगे, महंगे होटलों में ही खायेंगे चार्टर प्लेन से ही जायेंगे, मोदी कौन होता है मितव्ययिता पर ज्ञान देने वाला?

अरे लम्पटो यह संकट मोदी पर नहीं पूरे विश्व पर है, समझिए कि यह एक वैश्विक संकट है। प्रधानमंत्री मोदी का नहीं कम से कम अपने देश का तो साथ दो..

🇮🇳*जय हिंद*🇮🇳