क्या आप जानते हैं कि पिछले 5 सालों में भारत की 10 हजार से ज्यादा बेटियों को खाड़ी देशों के ‘नरक’ से खींचकर निकाला गया है? जी हां, आंकड़ा छोटा-मोटा नहीं है, पूरे 10,700 महिलाएं! चकाचौंध भरी गगनचुंबी इमारतें और तेल की दौलत से चमकने वाले इन देशों के पीछे एक ऐसा काला अंधेरा छिपा है, जिसे सुनकर आपकी रूह कांप जाएगी।
हाल ही में आई एक रिपोर्ट ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। इन 10,700 महिलाओं में से सबसे ज्यादा शिकार कहां हुई, जानते हैं आप? नाम नोट कर लीजिए— कुवैत! लिस्ट में कुवैत सबसे ऊपर है, जहाँ से सबसे ज्यादा भारतीय महिलाओं को रेस्क्यू किया गया। इसके बाद सऊदी अरब, ओमान और यूएई जैसे देशों का नंबर आता है।
लेकिन सवाल ये है कि इन बंद कमरों में उनके साथ होता क्या है? (धीमी आवाज में) एजेंट इन्हें ऊंची सैलरी और शानदार जिंदगी का झांसा देकर ले जाते हैं, लेकिन वहां पहुँचते ही इनका पासपोर्ट छीन लिया जाता है। इन्हें बंधक बना लिया जाता है, भरपेट खाना नहीं मिलता और 20-20 घंटे काम के बदले मिलती है सिर्फ ‘दरिंदगी’। रोटियां मांगने पर डंडे और विरोध करने पर गरम सलाखों से दागने की खबरें तो अब आम हो चुकी हैं।
सोचिए, जो महिलाएं अपने घर का चूल्हा जलाने के लिए परदेस गईं, वो वहां खुद को ‘बिकते’ हुए देख रही थीं। क्या ये सिर्फ एजेंटों की गलती है? या उन परिवारों की मजबूरी जिसका फायदा ये ‘जल्लाद’ उठाते हैं? सरकार ने हज़ारों को तो बचा लिया, लेकिन अभी भी कितनी ही बहन-बेटियां वहां के महलों में ‘कैद’ होकर अपनी बारी का इंतज़ार कर रही हैं, इसका अंदाजा लगाना भी मुश्किल है।
अगर आप या आपका कोई रिश्तेदार खाड़ी देश जाने का सपना देख रहा है, तो इस वीडियो को उन तक जरूर पहुंचाएं। आपकी एक शेयरिंग किसी की जिंदगी बचा सकती है।
क्या आपको लगता है कि खाड़ी देशों में जाने वाली महिलाओं के लिए कानून और सख्त होने चाहिए? या फिर वहां जाने पर ही पाबंदी लगा देनी चाहिए? अपनी राय दें। (https://www.facebook.com/share/p/1HC1isKXYk/ साभार शोशल मीडिया)
