कार्यों को स्वेच्छा से वरण करने की स्वतंत्रता ही वर्ण व्यवस्था कही जाती है जिससे आप अपने कार्य की विशेषज्ञा धारण करते हैं

कार्यों को स्वेच्छा से वरण करने की स्वतंत्रता ही वर्ण व्यवस्था कही जाती है जिससे आप अपने कार्य की विशेषज्ञा धारण करते हैं। जन्मनात् जायते

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