अफ्रीका महाद्वीप के कांगो में इस्लामिक आतंकवादियों द्वारा ईसाइयों को जिंदा दफनाया जा रहा है!

#अफ्रीका महाद्वीप के #कांगो में #इस्लामिक_आतंकवादियों द्वारा #ईसाइयों को #जिंदा_दफनाया जा रहा है।

मुस्लिमों की जनसंख्या केवल 1-5% होने के उपरांत, इस्लामी गिरोह देश पर कब्जा करने के लिए जिहाद कर रहे हैं!

वे #ईसाई_गाँवों को #आग में झोंक रहे हैं, महिलाओं का अपहरण कर रहे हैं, और मासूम लोगों के सिर काट रहे हैं। डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआरसी) के पूर्वी हिस्से में इस्लामिक स्टेट से जुड़े आतंकवादी संगठन ‘इस्लामिक स्टेट सेंट्रल अफ्रीकन प्रोविंस’ (ISCAP), जिसे पहले एडीएफ (Allied Democratic Forces) के नाम से जाना जाता था, ईसाई समुदायों और चर्चों पर लगातार हिंसक हमले कर रहा है।

• समूह और हमलावर: ISCAP/ADF के आतंकवादी पूर्वी कांगो (विशेषकर उत्तरी किवू और इतुरी प्रांतों) में सक्रिय हैं और यह समूह विशेष रूप से ईसाइयों को निशाना बनाता है।

• हिंसा का स्वरूप: इन हमलों में गोलीबारी, चर्च परिसरों पर हमले, गांवों को जलाना, सिर कलम करना (decapitation) और सामूहिक नरसंहार सम्मिलित हैं।

• आंकड़े: संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में इन जिहादी हमलों के चलते हजारों ईसाइयों की जान जा चुकी है और लाखों लोग विस्थापित हुए हैं।

हालांकि “जिंदा दफनाने” जैसी विशिष्ट घटनाओं की पुष्टि मुख्यधारा की अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थाओं द्वारा जान बूझ कर नहीं की जा रही है, लेकिन यह स्पष्ट है कि इस क्षेत्र में ईसाई अल्पसंख्यकों और ग्रामीणों पर चरमपंथी इस्लामी समूहों द्वारा भारी अत्याचार और हत्याएं की जा रही हैं। 

अफ्रीकी देश ‘कांगो’ में मुस्लिम आतंकवादियों ने धर्म पूछकर 80 ईसाइयों की हत्या कर दिया.. वहां मुस्लिम आतंकियों का उत्पात लगातार जारी है…

इसी वर्ष फरवरी में भी धर्म पूछकर एक चर्च में 70 ईसाइयों का हत्या किया गया था…

इनकी गलती केवल यही थी कि वे मुसलमान नहीं थे, जैसा कि भारत के ‘पहलगाम’ में हुआ था…

कांगो में #बीजेपी #आरएसएस और #बजरंगदल भी नहीं है…

#अफ्रीका का #कांगो देश हो या #पहलगाम घटनाओं से स्पष्ट है कि भारत को इस्लामिक और नक्शल आतंकवाद से निबटने के लिए हर क्षण सतर्क रहना होगा। इस्लामिक और नक्शल आतंकवाद पर हमारे देश का लचीला संविधान और कानून व्यवस्था भी आम लोगों के टैक्स पर आतंकवाद का डाका है। इस्लामिक व नक्शल आतंकवादियों को जेल में सरकारी बिरयानी खिलाने वाला संविधान भी भारत को इस्लामिक देश बनाने के लिए ही #कांग्रेस_काल में #डिजाइन किया गया है। संविधान के ऐसे सभी प्रावधान तत्काल प्रभाव से बदलनें आवश्यक है। मजहब के आधार पर पाकिस्तान देने के बाद भारत में मुसलमानों को मजहब के आधार पर प्रिविलेज दिया जाना हिन्दुओं के साथ विश्वासघात और भारत को इस्लामिक देश बनाने का षड्यंत्र भर है। सभी इस्लामिक कानून समाप्त कर केवल इस्लामिक दंड उनके अपराधीयों पर लागू हों, और #इस्लामिक_आतंकवाद को मिटाने के लिए इन आतंकवादियों को तत्काल प्रभाव से उन्ही की भाषा में प्रत्युत्तर दिया जाय। उनके लिए शठेशाट्ठयंम् समाचरेत् की तत्काल भारतीय न्याय व्यवस्था लागू होनी चाहिए। आतंकी दूसरी सांस ले उससे पहले उन्हें जहन्नुम भेजने आवश्यक हैं। इसी को जीरो टॉलरेंस कहा जा सकता है।