बद्रीनाथ धाम में शोर प्रदूषण पर जिलाधिकारी चमोली ने किया नोटिस जारी

सनातन धर्म संस्कृति के सतयुग के धाम बद्रीनाथ में भक्ति भाव में लीन उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के चित्र मीडिया में आते ही बद्रीनाथ के नर पर्वत क्षेत्र में एक उटपटांग गाने के बहाने जिनका विलाप आरंभ हो गया!! है। विरोधियों ने बद्रीनाथ धाम में शोर प्रदूषण व उटपटांग गाने के बहाने सरकार को निशाना साधा है।

हमारा मानना है कि यदि सचमुच लोग और सरकार चार धामों धामों की पवित्रता के लिए चिंतित हैं तो हरिद्वार से आगे समूची देवभूमि उत्तराखण्ड में सभी गो भक्षी म्लेच्छों का प्रवेश तत्काल प्रभाव से बंद करने की मांग करो। और भक्ति भाव में लीन धामी सरकार भी #उत्तराखंड को #देवभूमि अधिसूचित करने का गजट नोटिफिकेशन जारी करे, ऐसी मांग करो। क्यों कि डेमोग्राफी बदलने के षड्यंत्र के अन्तर्गत म्लेच्छों द्वारा बद्रीनाथ एवं जोशीमठ में अनधिकृत व्यवहार जहां हतप्रभ करता है वहीं नैनीताल में नैना देवी जी मंदिर को ढांपने के षड्यंत्र के अन्तर्गत २००४-५ में उत्तराखंड का सबसे बड़ा #ढांचा बना कर नैनीताल को विद्रुप किया जाना चिंतित करता है। इस पर विरोधियों ने कभी चोंच खोली? 

बता दें कि 20 सितंबर 2026 #चमोली के जिलाधिकारी #गौरव_कुमार ने गढ़वाल स्काउट्स के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल शांतनु को नोटिस जारी किया है। प्रशासन के अनुसार, बद्रीनाथ धाम में बिना पूर्व अनुमति के एक बड़ा सांस्कृतिक कार्यक्रम कराया गया, जिसमें बड़ी भीड़ जुटी और तेज साउंड सिस्टम का उपयोग हुआ, जिलाधिकारी ने कहा कि बद्रीनाथ धाम अतीव पवित्र व शांत धार्मिक धाम है, ऐसे कार्यक्रमों से पूजा-पाठ में व्यवधान होता है। कर्नल शांतनु से इस पर स्पष्टीकरण मांगा गया है।

यह कार्यक्रम सेना द्वारा #वाईब्रेंट_विलेज को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था बता दें माणा व बामणी गांव वाईब्रेंटविलेज में रखा गया है ✍️ हरीश मैखुरी