बंग्लादेशी घुसपैठिया अतीक हुसैन २००५ में तमिलनाडु मार्ग से आ कर न केवल आधार बोटर कार्ड पासपोर्ट बना कर शादी भी कर लिया अपितु एनटीपीसी सीपत क्षेत्र में लिफ्ट मेंटेनेंस काम कर रहा था : एसटीएफ एवं पुलिस ने अब जा कर पकड़ा

#छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में विशेष कार्य बल (STF) और पुलिस ने #अतीक_हुसैन नामक एक #बांग्लादेशी नागरिक को #अभिरक्षा में लिया है, जो पिछले लगभग 19-20 वर्षों से अवैध रूप से भारत में रह रहा था। बिलासपुर पुलिस और #STF की संयुक्त कार्रवाई में आरोपी को #पकड़ा गया, जो सीपत #NTPC क्षेत्र में काम कर रहा था। आरंभिक जांच के अनुसार, वह वर्ष 2005 में चेन्नई (तमिलनाडु) के रास्ते वर्क वीजा पर भारत आया था और 2007 से बिलासपुर में रह रहा था। पुलिस जांच में उसके पास से फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस और पासपोर्ट जैसे कई भारतीय पहचान पत्र मिले हैं। बांग्लादेशी नागरिक अतीक हुसैन ने भारत में लवजिहाद करके छत्तीसगढ़ के चिरमिरी (Chirmiri) क्षेत्र की एक महिला से शादी की थी बाद में तलाक दे दिया या था। और भारतीय पत्रजातों की आड़ में पहचान छिपाकर भारत में बिलासपुर की सूर्या विहार कॉलोनी में रह कर एनटीपीसी (NTPC) सीपत में लिफ्ट मेंटेनेंस का काम कर रहा था।

ऐसे #घुसपैठियों की वोटर ID बनी कैसे? #पासपोर्ट बनवाने में आम भारतीय को भी 10 जगह दौड़ना भगना पड़ता है, अनेक जांच प्रक्रिया से दो चार होना पड़ता है तो फिर ये ये #घुसपैठिये कैसे बनवा लेते हैं!

पूर्ववर्ती सरकारों ने भारत को #घुसपैठियों की #धर्मशाला बना दिया है। अब मोदी सरकार में इसे पकड़ा गया है। आपको क्या लगता है कि भारत का संविधान इसे और इसके भ्रष्ट भारतीय सहयोगियों को फांसी की सजा देगा ? या वर्षों जेल में पुलिस सुरक्षा में बिरियानी खाने का अड्डा उपलब्ध करायेगा? इससे ऐसा प्रतीत होता है कि भारत का जातिवादी नमाजवादी #संविधान संसद में बैठे वोट भिखारियों द्वारा भारत को इस्लामिक देश बनाने के लिए ही कूट रचित किया गया है।

SIR लाओ या कुछ भी करो इन जैसे घुसपैठियों नाम वोटर लिस्ट से हटाओ और ऐसे तमाम अवैध लोगों को चिन्हित कर उनके देश भेजिए। ये रोहिंगया बंग्लादेशी आदि घुसपैठिये आने वाले समय में देश को बर्बाद कर देंगे। विदेशी नागरिकों द्वारा अवैध रूप से रहने और फर्जी दस्तावेज बनवाने पर ‘फॉरेनर्स एक्ट’ (विदेशी अधिनियम) और भारतीय कानूनों के तहत गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज किए जाते हैं। जांच पूरी होने के बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत डिपोर्टेशन (देश से वापस भेजने) की कार्यवाही भी होती है। लेकिन यह प्रक्रिया इतनी #धीमी और #जटिल है कि लम्बे समय तक अपराधी जनता के टैक्स से जेल में सरकारी बिरियानी छकता रहता है। कभी कभी घुसपैठिये अगले दरवाजे तब जाते हैं उससे पहले पिछले दरवाजे से वापस घुसपैठ का #जुगाड़ कर लेते हैं। घुसपैठियों की तत्काल #नसबंदी होनी चाहिए और उनके माथे पर घुसपैठिया भी #गुदवाया जाय। यह घुसपैठियों पर एक कारगर कार्यवाही होगी। और दुबारा घुसपैठ पर तत्क्षण फांसी का प्रावधान हो। घुसपैठियों पर यही भारत की राष्ट्रीय नीति हो ✍️ हरीश मैखुरी