अभी ……10 वर्ष पहले….भारत की कोई अपनी ठीक-ठाक विदेश नीति तक नहीं थी ….हमारे विदेश मंत्री किसी और देश मे जाकर किसी और देश के संदर्भ में भाषण पढ़ आते थे बहुत हुआ तो सीमा पार आतंक का रोना धोना करके लौट आते ……..दुनियां के देश अलग अलग खेमों मे बंटे हुए थे………ले देकर एक अमेरिका था जो कभी हमारे पक्ष में होता…कभी पाकिस्तान के….रूस के साथ हमारे संबंध ठीक ठाक थे….लेकिन अमेरिका के कारण से वो बात नहीं थी….चीन हमारा कट्टर दुश्मन था….आज भी दुश्मन ही माना जाता है…लेकिन पहले जैसा नहीं…..हमारे विकल्प बहुत सीमित थे….
……2014 मे सत्ता बदली और नए भारत का जन्म हुआ….जिसने तय किया कि….किसी खेमे की तरफदारी नहीं होगी….सिर्फ भारत की तरफदारी होगी….……आज वही भारत है….जहां…
ट्रम्प भी आते हैं….नेतन्याहू भी आते हैं…
पुतिन भी आते हैं….जिंगपिंग भी आते हैं….
मैक्रो भी आते हैं….और
ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियान भी आते हैं……..
……इनकी आपस मे नहीं बनती….लेकिन भारत सबको चाहिए……..और भारत…..भारत किसी खेमे मे नहीं है….भारत सिर्फ अपने राष्ट्रहित के साथ है….भारत के दरवाजे हर उस ताकत के लिए खुले हैं….जिससे भारत को फायदा हो….
….ये नया भारत है…..ये मोदी का भारत है…..जिसने पूरी दुनिया के अपने दरवाजे पर लाके खड़ा कर दिया….दिल्ली ब्रिक्स सम्मेलन उसी का नया उदहारण है दस वर्ष पहले तक भारत की अपनी कोई अपनी ठीक-ठाक विदेशी नीति तक नहीं थी आज भारत वैश्विक महाशक्ति है
मोदी हैं तो मुमकिन है 🙏🚩Nation First 🇮🇳🚩
