अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संसद में दिए अपने भाषण से पूरी दुनिया में हलचल मचा दी है! ट्रंप ने दावा किया कि उनके हस्तक्षेप के बिना भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध (Nuclear War) छिड़ जाता।
खबर की मुख्य बातें:
👉 3.5 करोड़ लोगों की जान: ट्रंप के मुताबिक, पाकिस्तानी PM ने खुद उनसे कहा कि ट्रंप की वजह से करोड़ों पाकिस्तानियों की जान बची।
👉 8 युद्ध खत्म करने का दावा: ट्रंप ने कहा कि अपने दूसरे कार्यकाल के शुरुआती 10 महीनों में उन्होंने भारत-पाक संघर्ष समेत 8 युद्ध रुकवाए हैं।
👉 ऑपरेशन सिंदूर: भारत द्वारा आतंकियों के खिलाफ चलाए गए इस ऑपरेशन के दौरान ट्रंप ने ट्रेड (Trade) और टैरिफ की धमकी देकर पाकिस्तान को बचाया।
भारत का जवाब: हालांकि, भारत सरकार ने ट्रंप के इस दावे को सिरे से नकारते हुए कहा है कि युद्ध रोकने में अमेरिका का कोई हाथ नहीं था।
शहबाज शरीफ का बयान: दिलचस्प बात यह है कि पाकिस्तानी PM शहबाज शरीफ ने भी हाल ही में ट्रंप को ‘शांति का दूत’ बताते हुए उनके हस्तक्षेप के लिए धन्यवाद दिया है।
भारत का रुख: भारत सरकार (विदेश मंत्री एस. जयशंकर) ने ट्रंप के मध्यस्थता वाले दावे को हमेशा की तरह खारिज किया है और कहा है कि युद्ध भारतीय सेना के दबाव और दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों (DGMO) की बातचीत से रुका था, किसी तीसरे देश के दखल से नहीं।
क्या आपको लगता है कि ट्रंप वाकई ‘शांति के मसीहा’ हैं या यह सिर्फ चुनाव से पहले अपनी तारीफ करने का तरीका है? अपनी राय कमेंट में जरूर दें!
