
दिनांक 1 फरवरी 1992 को ग्राम फलोटा के श्री नारायण सिंह तोपाल के घर सूरज ने जन्म लिया सूरज अपने माता पिता के इकलौते पुत्र थे सूरज की दो बड़ी बहिन तथा दो छोटी बहिने हैं स्नातक करने के दौरान ही सूरज 6 मकैनाइज डिवीजन में भर्ती हो गए होनहार सूरज को अनेक पुरुस्कार सेवा के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में मिले मातृ भूमि पर मर मिटने के जज्वे को लिए सूरज 25 वर्ष की उम्र में दिनांक 2 नवंबर 2017 को जम्बू कश्मीर के पुलवामा में आतंकियों से लोहा लेते हुए शहीद हो गए ।
मुख्यमंत्री उत्तराखंड श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत स्वयं शहीद के अंतिम संस्कार में श्रद्धा सुमन अर्पित करने संगम तट स्थित घाट कर्णप्रयाग पहुचे थे जहां पर पूरे सैन्य सम्मान के साथ सूरज को अंतिम विदाई दी गयी , सूरज के पिता भी सेवानिवृत फौजी हैं आज सूरज की मूर्ति के अनावरण के अवसर पर इकलौते बेटे को खोने के गम से ज्यादा उन्हें बेटे का देश के प्रति शहादत का गर्व उनके चेहरे पर साफ झलक रहा था जनप्रतिनिधियों द्वारा सूरज के माता पिता ,बहिनों ,बुआओं व चाचा का माल्यार्पण कर शहीद परिवार के प्रति आदर सहित कृत्यगता प्रकट की गयी ।
कर्णप्रयाग के विधायक सुरेंद्र सिंह नेगी ने श्रध्दांजलि देते हुए कहा कि “#सूरज_तोपल_अमर_रहेअमर शहीद सूरज तोपाल के पुलवामा में 02 नवम्बर 2017 को देश के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। आज उनके जन्मदिन पर उनकी मूर्ति का अनावरण उनके पैतृक गांव फ्लोटा,पट्टी कपीरी, विकासखंड कर्णप्रयाग,जिला चमोली उत्तराखंड में उनके पिता आदरणीय श्री नारायणसिंह टोपाल के मार्गदर्शन में हुआ।
विनम्र श्रद्धांजलि🙏जय हिंद
इस अवसर पर कर्णप्रयाग विधायक श्री सुरेन्द्र सिंह नेगी और बद्रीनाथ के विधायक महेंद्र भट्ट,जिला पंचायत सदस्य लक्षमण बिष्ट , प्रमुख कर्णप्रयाग , नगरपालिका कर्णप्रयाग ,और नन्दप्रयाग की अध्यक्षा ,भेषज संघ अध्यक्ष , को-ऑपरेटिव बैंक अध्यक्ष, मंडी परिषद के अध्यक्ष , कांग्रेस पार्टी के जिलाध्यक्ष , कर्नल डी एस बर्त्वाल , कर्नल एच एस रावत , प्रधानाचार्य श्री बीरपाल सिंह रावत ,थानाध्यक्ष कर्णप्रयाग , स्व स सैनानी आश्रित जिलाध्यक्ष गोविंद सिंह तोपाल , पूर्व प्रमुख नरेंद्र सिंह भंडारी, कपीरी संघर्ष समिति के अध्यक्ष राजेंद्र नेगी , इंदिरेश मैखुरी , टीका प्रसाद मैखुरी ,मुकेश नेगी , बिष्ट ,हरिकृष्ण भट्ट , अरविंद चौहान , यदुबीर बिष्ट, शिक्षक रविदर्शन तोपाल सहित क्षेत्र के ग्राम प्रधान स्थानीय जनप्रतिनिधि और अनेक राजनैतिक दलों के नेतागण, व क्षेत्र के आम जनमानस सम्मिलित रहे ।
