भारत की प्रबुद्ध जनता जनार्दन का साथ ही “मोदी मंत्र है #भारत में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ऐसी बीन बजा रहे हैं कि भारत में छिपे सभी जहरीले काले भुजंग बिलों से बाहर निकल निकल कर जहरीली फुफकारों के साथ डिस्को डांस करते देखे जा रहे हैं ! कोई “राम धुन,, पर नाच रहा है, कोई “मनुस्मृति,, पर नाच रहा है, कोई जेन-जी की धुन पर थिरक रहा है, कोई जाति धर्म की तान पर नाच रहा है,कोई आरक्षण की धुन पर नाच रहा है! देश भर में चारो तरफ बीन की धुन पर रंगा रंग मंचों पर लाइव नृत्य के दृष्य दिखाई दे रहे हैं !
#वर्तमान भारत में सामाजिक एवं राष्ट्रीय विषय पर हमेशा जब विभिन्न लेखकों विचारकों को पढ़ता य सुनता हूं तो देखता हूं कोई वर्तमान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के गुणगान करता है, तो कोई निंदा की पराकाष्ठा तक पहुंच जाता है, तब लगता है कि राजनीतिक विषय पर वर्तमान समय में कुछ भी लिखना समय बर्बाद करना है, लेकिन फिर लगता है शायद मेरे लिखने से यदि कोई एक भी हिन्दू उसे पढ़कर राष्ट्रहित में जाग गया तो मेरा लिखने में जाया किया गया समय सार्थक हो जायेगा !
#आइये विचार करते हैं कि धार्मिक आधार पर विभाजित भारत के बाद, 40 लाख एकड़ भूमि अर्थात लगभग 80 लाख बीघा भूमि, 43 किले, 565 रियासतें,18700 छोटे दुर्ग ये सब कुछ राजपूतों ने देश हित के लिए भारत सरकार को समर्पित कर दिये थे ! और तत्कालीन भारत की कांग्रेसी सरकार ने राजपूतों के इस समर्पण पर मेहरबानी किस पर की,और कैसे की इसका तोहफा किसको दिया ? सिर्फ मुस्लिम वक्फ बोर्ड को ! वक्फ बोर्ड का गठन करके देश की सम्पत्ति पर पहला अधिकार वक्फ बोर्ड को दे दिया !
#पाकिस्तान का भारत से विभाजन धार्मिक कट्टरता के आधार पर चल और अचल सम्पत्ति पर सहमति के आधार पर हुआ था,उस समय भारत से पाकिस्तान का बटवारा भी कांग्रेसी नेताओं की सहमति के आधार पर ही हुआ था, उस समय महत्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू भारत के सर्वमान्य कांग्रेसी नेताओं के रूप में जाने जाते थे !
बाद में बांग्लादेश भी कांग्रेस के शासन में बना,इसमें भारत की मानवीय और आर्थिक कितनी बड़ी क्षति हुई इतिहास के पन्नों पर दर्ज है यहां लिखने का कोई औचित्य नहीं है,लेकिन इतना बड़ा नुकसान उठाकर भारत को हासिल क्या हुआ ? बाद में कांग्रेस सरकार के द्वारा ही जम्मू & कश्मीर में धारा 370,35A भी लागू की गई ! और अल्पसंख्यक बिल भी कांग्रेस शासन काल में ही लाया गया ! मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का गठन भी कांग्रेस शासन में किया गया था ! इतना ही नहीं अल्पसंख्यक मंत्रालय की स्थापना भी कांग्रेस शासनकाल में ही कर दी गई थी ! और अल्पसंख्यक विश्वविद्यालयों की स्थापना भी कांग्रेस के शासन काल में की गई थी ! कांग्रेस के शासन काल में सिर्फ एक कसर शेष रह गई थी कि – यदि उनका तैयार बिल “साम्प्रदायिक दंगा नियंत्रण कानून 2013 और पास हो जाता तो उनकी सारी तैयारियां पूर्ण हो गई होतीं !
#कांग्रेस की सरकारों ने इतना सब कुछ सिर्फ मुसलमानों के हितों को ध्यान में रखकर ही किया,वो भी तब जब देश का विभाजन धार्मिक आधार पर हुआ था ! उपरोक्त सभी बिन्दुओं को देखकर क्या ऐसा नहीं लगता कि कांग्रेस पहले से ही भारत में “गजवा-ए-हिंद,, की तैयारी कर रही थी ? इस्लामिक हितों को ध्यान में रखकर ही सारी योजनाएं बनाई गईं ! दूसरी ओर यदि स्वतंत्र भारत में हिन्दुओं के हितों की ओर देखें तो उन्हें क्या मिला ? भारत के हिन्दुओं को मिला सिर्फ “आरक्षण,, जिससे हिन्दू समाज आपस में ही लड़ता मरता रहे और “गजवा-ए-हिंद,, की गहरी साजिश को वो कभी समझ ही न सकें ! दूसरा सिला दिया हिन्दू धर्म संस्कृति के ग्रंथों को पठन पाठन की विषय सूची से हटाना ! तीसरा सिला दिया हिन्दू परिवार नियोजन मंत्र “हम दो हमारे दो,, फिर कहा “एक बनो नेक बनों,, और अब वर्तमान में सनातन धर्म संस्कृति को जड़ से उखाड़ फेंकने का अभियान ! और संवैधानिक उच्च पदों निर्वाचित लोगों को अशिष्ट भाषा में गाली देना और उसे बचकानी हरकत कह कर समर्थन करना !
#आज तक मुझे यह समझ नहीं पाया कि जवाहर लाल नेहरू को हिन्दुओं से इतनी गहरी नफरत क्यों थी ? मैंने कहीं पढ़ा है कि नेहरू जी ने एंटी हिन्दू कोड बिल लाने की भी कोशिश की थी,तब सरदार पटेल जी ने नेहरू को चेताया था कि यदि आप “एंटी-हिन्दू कोड बिल,, लाएंगे तो मैं इस्तीफा दे दूंगा,और हिन्दू समाज को सरकार के खिलाफ आंदोलन के लिए सड़कों पर उतार दूंगा ! पटेल जी की इस धमकी से नेहरू डर गए थे ! लेकिन सरदार पटेल जी के निधनोपरान्त वो उस बिल को संसद में लाये और उसे संसद में पास कराया ! मैंने कहीं यह भी पढ़ा है कि उक्त विधेयक पर संसद में बहस के दौरान ही आचार्य जे.बी. कृपलानी जी ने नेहरू जी से कहा था कि नेहरू तुम सिर्फ साम्यवादी और मुस्लिमों के ही समर्थक हो,तुमने सिर्फ हिन्दुओं को धोखा देने के लिए ही जनेऊ पहन रखा है,यदि वास्तव में तुम हिन्दू होते तो “हिन्दू कोड बिल,, की बजाय सभी धर्मों के लिए एक “कॉमन सिविल कोड,, लाते,जिससे सभी का भला होता !
#कांग्रेस पार्टी के द्वारा भारत में थोपे गए आपातकाल की अत्यन्त विषम परिस्थितियों में जयप्रकाश नारायण जी के आवाहन पर संयुक्त विपक्षी पार्टियों के जनता पार्टी में विलय के बाद सर्वमान्य पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी भाई देसाई ने भी अपनी किताब “मेरा जीवनचरित्र,, के पृष्ठ संख्या 456 पर लिखा है कि “मुझे समझ नहीं आता कि नेहरू को हिन्दुओं से इतनी नफरत क्यों थी,, ? उन्होंने भी सरदार पटेल जी के उक्त विचारों को अपनी जीवनी में भी उद्धृत किया है, उक्त सभी बिन्दुओं को पढ़कर समझ में आता है कि कांग्रेस पार्टी और उनकी पूर्व सरकारें भारत में कितनी भयानक साजिशें रचती रही हैं !
मैंने बीबीसी के प्रसिद्ध पत्रकार मार्क टुली के एक बयान को पढ़ा है जिसमें उन्होंने कहा था कि, नरेन्द्र मोदी देश के उस जहरीले पेड़ को जड़ से उखाड़ रहे हैं,जो वर्षों से देश को धीमे जहर से मार रहा था,लेकिन इसके लिए उन्हें लगातार कड़ा संघर्ष करना पड़ेगा ! शायद मार्क टुली की वह बात सत्य साबित हो रही है ! इसीलिए वर्तमान में वामपंथी,जेहादी और नक्सली,एवं देश विरोधी सारी मिशनरीज सहित सभी शक्तियों से सुसज्जित जहरीले भुजंग जिन्हें कांग्रेस ने अपने साथ पाल पोस के रखा था,जिससे भारत को बर्बाद किया जा सके ! और वर्तमान में मोदी जी की बीन पर इसीलिए वो सब फुफकार मार रहे हैं ! जहर उगल रहे हैं ! ऐसे हालातों में यहां देखने वाली बात यह होगी कि यह जहर भरी फुफकारें मोदी जी को अपने जहर से कितना प्रभावित कर पाती हैं ! क्या वो सब देश विरोधी जहरीली शक्तियां अपने मकसद में कामयाब होंगी ? या फिर वो प्रबुद्ध भारतीय जनता जनार्दन की शिव शक्ति रूपी शीतल छाया पाकर उस विष को पी कर “मोदी मंत्र,, के द्वारा देश में गहरी जड़ें जमा चुके जहरीले पेड़ को उखाड़ फेंकने में कामयाब होंगे ? इसमें बड़ा उत्तरदायित्व भारत की जनता जनार्दन के हाथों में ही निहित है,क्या वो अपने छोटे छोटे निजी हितों से ऊपर उठकर देश में गहरी जड़े जमा चुके जहरीले नरभक्षी पेड़ों को उखाड़ फेंकने में जैसे अब तक तीन बार मोदी जी के सहयोगी बनकर खड़े रहे हैं वैसे ही आगे के प्रदेश दर प्रदेश और केन्द्रीय चुनाव में भी वो साथ खड़े रहेंगे ? मेरा विश्वास है कि राष्ट्रहित में पूरा देश विशेषकर सम्पूर्ण सनातनी हिन्दू वर्ग उनके साथ अडिगता से खड़ा रहेगा (साभार एडिटेड शोशल मीडिया)
