अल्मोड़ा के राजकीय इंटर कॉलेज पुभाऊं से बालिका की पिटाई पर प्रशासन की कड़ी कार्यवाही, आरोपी शिक्षिका को हटाया

2 घंटे पैदल चलकर स्कूल पहुंचने वाली मासूम से ऐसी बेरहमी क्यों.अल्मोड़ा के राजकीय इंटर कॉलेज पुभाऊं से सामने आया एक कथित मामला हर किसी को झकझोर रहा है। बताया जा रहा है कि कक्षा 6 में पढ़ने वाली एक छात्रा रोज करीब 2 घंटे पैदल चलकर स्कूल जाती है। लेकिन सवाल यह है कि आखिर ऐसी क्या गलती हुई कि बच्ची के साथ कथित तौर पर इतनी मारपीट की गई?
जिस उम्र में बच्चे किताबों और सपनों के साथ स्कूल जाते हैं, क्या उन्हें डर और मार का सामना करना चाहिए?
क्या किसी शिक्षक को बच्चों को इस तरह पीटने का अधिकार है? 
बच्चों को शिक्षा चाहिए, डर नहीं… अनुशासन चाहिए, हिंसा नहीं! अल्मोड़ा के राजकीय इंटर कॉलेज पुभाऊं (लमगड़ा ब्लॉक) में कक्षा 6 की एक मासूम छात्रा के साथ होमवर्क पूरा न करने पर एक अतिथि शिक्षिका द्वारा बेरहमी से मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। मुख्य विवरण:घटना: 22 अगस्त 2026 को कक्षा 6 की एक छात्रा की कथित तौर पर एक अतिथि शिक्षिका द्वारा पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।पृष्ठभूमि: बताया जा रहा है कि यह मासूम छात्रा रोज करीब 2 घंटे पैदल चलकर स्कूल शिक्षा ग्रहण करने पहुंचती है।प्रशासनिक कार्रवाई: मामला संज्ञान में आने पर ईटीवी भारत के अनुसार जिला प्रशासन और जांच समिति (खंड शिक्षा अधिकारी लमगड़ा व उप खंड शिक्षा अधिकारी धौलादेवी) की संस्तुति पर आरोपी अतिथि शिक्षिका का अनुबंध तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया है। डीएम का एक्शन: जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने खुद विद्यालय पहुंचकर प्रधानाचार्य, पीड़ित छात्रा के माता-पिता और अन्य छात्र-छात्राओं से बातचीत की तथा स्पष्ट किया कि बच्चों के साथ इस प्रकार की हिंसा या मारपीट बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है।

शिक्षा निदेशक माध्यमिक शिक्षा विनोद सिमल्टी ने कहा कि प्रकरण की जांच कर तदनुसार कार्यवाही की जा चुकी है ।