नितिन गद्कड़ी ने एथेनोल को दिखाया हरी झंडी, पेट्रोल को मिलेगी बड़ी चुनौती, आपको बता दूँ कि नितिन गडकरी ने 100 प्रतिशत इथेनॉल फ्यूल से जुड़े प्रस्ताव को पूरी तरह से मंजूरी दे दिया है. वहीँ इस फैसले को देश के ऑटोमोबाइल और ऊर्जा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है.इसीलिए कल से शोशल मीडिया पर शरारती तत्व अफवाह फैलाने में लग गये कि एक लीटर एथनॉल बनाने में 1000 लीटर ग्राउंड वाटर नष्ट हो जाता है।
जबकि सच ये है कि….
गन्ने के कचरे के वाष्पीकरण से एथनॉल निकलता है। किण्वन और आसवन (Fermentation & Distillation): इस शर्करा में खमीर (Yeast) मिलाया जाता है, जो इसे इथेनॉल में बदल देता है। इसके बाद, उबलते हुए वाष्प को अलग करके शुद्ध इथेनॉल प्राप्त किया जाता है
यदि केवल फैक्ट्री (डिस्टिलरी) में एथेनॉल बनाने की प्रक्रिया में लगने वाले पानी की बात करें, तो 1 लीटर एथेनॉल के लिए केवल 3 से 5 लीटर पानी की जिसका उपयोग बाद में सिंचाई के लिए किया जा सकता है।
