🕉️*🌞 सुप्रभातम🌞**आज का पञ्चांग*
*दिनाँक:-24/03/2026,मंगलवार*
*षष्ठी, शुक्ल पक्ष,**चैत्र*(समाप्ति काल)
तिथि————- षष्ठी 16:07:19. तक
पक्ष————————- शुक्ल
नक्षत्र—-‐—- रोहिणी 19:03:59
योग—–‐-‐‐—- प्रीति 09:06:28
योग——– आयुष्मान 30:01:10
करण———– तैतुल 16:07:19
करण——-‐—— गर 26:56:34
वार———————- मंगलवार
माह—–‐——————— चैत्र
चन्द्र राशि—‐ वृषभ 30:16:20
चन्द्र राशि————— मिथुन
सूर्य राशि——————- मीन
रितु————————– वसंत
आयन——————- उत्तरायण
संवत्सर——————– पराभव
संवत्सर (उत्तर)——————- रौद्र
विक्रम संवत—————- 2083
गुजराती संवत————– 2082
शक संवत—————— 1948
कलि संवत—————– 5127
सूर्योदय-‐————- 06:20:08
सूर्यास्त————— 18:31:10
दिन काल————- 12:11:01
रात्री काल————- 11:47:50
चंद्रोदय————— 09:48:43
चंद्रास्त—‐———— 24:33:46
लग्न —- मीन 9°10′ , 339°10′
सूर्य नक्षत्र———- उत्तराभाद्रपद
चन्द्र नक्षत्र——————रोहिणी
नक्षत्र पाया——————- लोहा
*🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩*
वा—- रोहिणी 07:54:58
वी—- रोहिणी 13:29:05
वु—- रोहिणी 19:03:59
वे—- मृगशिरा 24:39:43
वो—- मृगशीर्षा 30:16:20
*💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮*
ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
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सूर्य= मीन 09°12 , उoफाo 2 थ
चन्द्र= वृषभ 15°30 , रोहिणी 2 वा
बुध = कुम्भ 14°52 ‘ शतभिषा 3 सी
शु क्र= मीन 27°05, रेवती 4 ची
मंगल= कुम्भ 21°03 पूo भाo 1 से
गुरु= मिथुन 21°33 पुनर्वसु, 1 के
शनि=मीन 10°13 ‘ उoभा o , 2 थ
राहू=(व) कुम्भ 13°41 शतभिषा, 3 सी
केतु= (व) सिंह 13°41 पूoफाo 1 मो
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*🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩*
राहू काल 15:28 – 16:59 अशुभ
यम घंटा 09:23 – 10:54 अशुभ
गुली काल 12:26 – 13:57 अशुभ
अभिजित 12:01 – 12:50 शुभ
दूर मुहूर्त 08:46 – 09:35 अशुभ
दूर मुहूर्त 23:15 – 24:03* अशुभ
वर्ज्यम 11:38 – 13:07 अशुभ
प्रदोष 18:31 – 20:55 शुभ
💮चोघडिया, दिन
रोग 06:20 – 07:52 अशुभ
उद्वेग 07:52 – 09:23 अशुभ
चर 09:23 10:54 शुभ
लाभ 10:54 12:26 शुभ
अमृत 12:26 13:57 शुभ
काल 13:57 15:28 अशुभ
शुभ 15:28 – 16:59 शुभ
रोग 16:59 – 18:31 अशुभ
🚩चोघडिया, रात
काल 18:31 19:59 अशुभ
लाभ 19:59 – 21:28 शुभ
उद्वेग 21:28 – 22:57 अशुभ
शुभ 22:57 – 24:25* शुभ
अमृत 24:25* – 25:54* शुभ
चर 25:54*- 27:22* शुभ
रोग 27:22* – 28:51* अशुभ
काल 28:51* – 30:19* अशुभ
💮होरा, दिन
मंगल 06:20- 07:21
सूर्य 07:21- 08:22
शुक्र 08:22 -09:23
बुध 09:23- 10:24
चन्द्र 10:24 -11:25
शनि 11:25 -12:26
बृहस्पति 12:26 -13:27
मंगल 13:27 -14:27
सूर्य 14:27 -15:28
शुक्र 15:28- 16:29
बुध 16:29 -17:30
चन्द्र 17:30 -18:31
🚩होरा, रात
शनि 18:31- 19:30
बृहस्पति 19:30- 20:29
मंगल 20:29- 21:28
सूर्य 21:28 -22:27
शुक्र 22:27- 23:26
बुध 23:26 -24:25
चन्द्र 24:25-25:24
शनि 25:24-26:23
बृहस्पति 26:23-27:22
मंगल 27:22-28:21
सूर्य28:21-29:20
शुक्र 29:20-30:19
*🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩*
मीन > 06:06 से 07:30 तक
मेष > 07:30 से 09:06 तक
वृषभ > 09:06 से 11:06 तक
मिथुन > 11:06 से 14:30 तक
कर्क > 14:30 से 15:40 तक
सिंह > 15:40 से 18:46 तक
कन्या > 18:46 से 20:06 तक
तुला > 20:06 से 22:28 तक
वृश्चिक > 22:28 से 00:34 तक
धनु > 00:34 से 02:28 तक
मकर > 02:28 से 04:24 तक
कुम्भ > 04:24 से 06:06 तक
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*🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार*
(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट
*नोट*– दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।
*💮दिशा शूल ज्ञान————- उत्तर*
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा गुड़ खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*
*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*
*🚩 अग्नि वास ज्ञान -:*
*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*
*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*
*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*
*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*
*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*
6 + 3 + 1 = 10 ÷ 4 = 2 शेष
आकाश लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l
*🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩*
सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है
बुध ग्रह मुखहुति
*💮 शिव वास एवं फल -:*
6 + 6 + 5 = 17 ÷ 7 = 3 शेष
वृषाभारूढ = शुभ कारक
*🚩भद्रा वास एवं फल -:*
*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*
*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*
*💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮*
*अशोका षष्ठी (बंगाल)*
*स्कंध षष्ठी**यमुना जयंती*
*💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮*
अग्निरापः स्त्रियो मूर्खाः सर्पो राजकुलानि च ।
नित्यं यत्नेन सेव्यानि सद्यः प्राणहराणि षट् ।।
।।चाoनीo।।
हम इनके साथ बहुत सावधानी से पेश आये..
१. अग्नि
२. पानी
३. स्त्री
४. मुर्ख
५. साप
६. राज परिवार के सदस्य.
जब जब हम इनके संपर्क में आते है.
क्योकि ये हमें एक झटके में मौत तक पंहुचा सकते है.
*🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩*
गीता -: आत्मसंयमयोग अo-6
बन्धुरात्मात्मनस्तस्य येनात्मैवात्मना जितः।
अनात्मनस्तु शत्रुत्वे वर्तेतात्मैव शत्रुवत्॥
जिस जीवात्मा द्वारा मन और इन्द्रियों सहित शरीर जीता हुआ है, उस जीवात्मा का तो वह आप ही मित्र है और जिसके द्वारा मन तथा इन्द्रियों सहित शरीर नहीं जीता गया है, उसके लिए वह आप ही शत्रु के सदृश शत्रुता में बर्तता है
॥6॥
*💮🚩 दैनिक राशिफल 🚩💮*
देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।
🐏मेष
व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। नेत्र पीड़ा संभव है। विवाद न करें। रोजगार मिलेगा। भेंट व उपहार की प्राप्ति होगी। आपकी मिलनसारिता व धैर्यवान प्रवृत्ति आपके जीवन में आनंद का संचार करेगी। स्थायी संपत्ति में वृद्धि होगी।
🐂वृष
सार्वजनिक कार्यों में समय व्यतीत होगा। संतान की ओर से शुभ समाचार मिलेंगे। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। रोजगार के क्षेत्र में उन्नति होगी। कुसंगति से बचें। लेन-देन में सावधानी रखें। शारीरिक कष्ट संभव है। व्ययवृद्धि से तनाव रहेगा। विवाद न करें।
👫मिथुन
दु:खद समाचार मिल सकता है। विरोध होगा। व्यर्थ भागदौड़ होगी। लाभ के अवसर टलेंगे। विवाद न करें। कार्य निर्णय बहुत शांति से विचार करके करना ही शुभ है। स्वास्थ्य की ओर ध्यान दें। रुका धन मिलेगा।
🦀कर्क
वैवाहिक प्रस्ताव मिल सकता है। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। यात्रा सफल रहेगी। लाभ होगा। उत्तम मनोबल आपकी सभी समस्याओं को हल कर देगा। प्रतिष्ठित जनों से मेलजोल बढ़ेगा। व्यापार में नए प्रस्ताव मिलेंगे।
🐅सिंह
अतिथियों का आगमन होगा। शुभ समाचार मिलेंगे। मान बढ़ेगा। विवाद न करें। आर्थिक स्थिति में सुधार की संभावना है। व्यापार में नए अनुबंध होंगे। व्ययों में कमी करना चाहिए। व्यापार अच्छा चलेगा। जीवनसाथी से मतभेद। फालतू खर्च होगा।
🙍♀️कन्या
व्यवसाय ठीक चलेगा। परोपकार करके मानसिक सुख अर्जित करेंगे। व्यापारिक स्थिति आशाजनक रहेगी। पारिवारिक, मांगलिक कार्य की योजना बनेगी। कर्ज लेने से बचना चाहिए। परिवार की चिंता रहेगी। जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। कानूनी अड़चन दूर होगी।
⚖️तुला
धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। कानूनी अड़चन दूर होगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। समाज के कामों में उत्साहपूर्वक भाग लेंगे। नौकरी में तबादला तथा पदोन्नति के योग हैं। अनावश्यक क्रोध न करें। धन संबंधी काम पूरे होंगे।
🦂वृश्चिक
आय में कमी रहेगी। धैर्य रखें। स्वास्थ्य की समस्या हल होगी। ईश्वर के प्रति आस्था बढ़ेगी। जीवनसाथी की भावनाओं को समझें। आर्थिक निवेश लाभकारी रहेगा। पुराना रोग उभर सकता है। चोट, चोरी व विवाद आदि से हानि संभव है।
🏹धनु
रोजगार मिलेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। नवीन गतिविधियां लाभकारी रहेंगी। व्यापार में नई योजनाओं का प्रारंभ होगा। पराक्रम के प्रति निष्क्रियता के कारण मन अप्रसन्न रहेगा। शत्रु परास्त होंगे। भूमि व भवन की खरीद-फरोख्त हो सकती है।
🐊मकर
विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। पार्टी व पिकनिक का आनंद मिलेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। रोजगार की चिंता रह सकती है। स्वास्थ्य ठीक रहेगा। मानसिक दृढ़ता से निर्णय लेकर कार्य करना चाहिए। व्यापार में लाभकारी परिवर्तन होंगे।
🍯कुंभ
सुख के साधन जुटेंगे। प्रयास सफल रहेंगे। मान-सम्मान मिलेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रसन्नता रहेगी। नौकरी में मनचाही पदोन्नति मिलने के योग बनेंगे। धर्म के कार्यों में रुचि आपके मनोबल को ऊंचा करेगी। अजनबियों पर विश्वास न करें।
🐟मीन
नई योजना बनेगी। कार्य का विस्तार होगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। अपनी वस्तुएं संभालकर रखें। काम के प्रति दृढ़ता से कार्य में अनुकूल सफलता मिल सकेगी। पारिवारिक सुख व धन बढ़ेगा। वाणी संयम आवश्यक है।
*🚩आपका दिन मंगलमय हो🚩
*नवदुर्गा: नौ रूपों में स्त्री जीवन का पूर्ण बिम्ब एक स्त्री के पूरे जीवनचक्र का बिम्ब है नवदुर्गा के नौ स्वरूप।भगवती नवदुर्गा के नौ रूप (शैलपुत्री से सिद्धिदात्री तक) न केवल ब्रह्मांडीय ऊर्जा हैं, बल्कि एक स्त्री के जीवन के विभिन्न चरणों—बाल्यावस्था, तपस्या, वैवाहिक जीवन, मातृत्व, और शक्ति के रूप में उनके जीवनचक्र का बिम्ब भी हैं, जो शक्ति, ममता, संघर्ष और पूर्णता का प्रतीक हैं।
नवदुर्गा और स्त्री जीवनचक्र का बिम्ब:
शैलपुत्री: जन्म लेती हुई कन्या (शुद्ध ऊर्जा)।
ब्रह्मचारिणी: ज्ञान, तप और कौमार्य अवस्था।
चंद्रघंटा: विवाह पूर्व निर्मल और शांत स्वरूप।
कूष्मांडा: गर्भधारण करने वाली (नया जीवन रचने वाली)।
स्कंदमाता: संतान को जन्म देने के बाद ममतामयी माँ।
कात्यायनी: संयम, साधना और अनुशासन का रूप।
कालरात्रि: दुष्टों/संकटों का नाश करने वाली, पति/परिवार की रक्षक।
महागौरी: परिवार का उपकार करने वाली, शांत व पवित्र।
सिद्धिदात्री: जीवन के अंत में पूर्णता और आशीर्वाद देने वाली।
1. जन्म ग्रहण करती हुई कन्या “शैलपुत्री” स्वरूप है।
2. कौमार्य अवस्था तक “ब्रह्मचारिणी” का रूप है।
3. विवाह से पूर्व तक चंद्रमा के समान निर्मल होने से
वह “चंद्रघंटा” समान है।
4. नए जीव को जन्म देने के लिए गर्भ धारण करने पर
वह “कूष्मांडा” स्वरूप में है।
5. संतान को जन्म देने के बाद वही स्त्री
“स्कन्दमाता” हो जाती है।
6. संयम व साधना को धारण करने वाली स्त्री
“कात्यायनी” रूप है।
7. अपने संकल्प से पति की अकाल मृत्यु को भी जीत
लेने से वह “कालरात्रि” जैसी है।
8. संसार (कुटुंब ही उसके लिए संसार है) का उपकार
करने से “महागौरी” हो जाती है।
9 धरती को छोड़कर स्वर्ग प्रयाण करने से पहले संसार
में अपनी संतान को सिद्धि(समस्त सुख-संपदा) का
आशीर्वाद देने वाली “सिद्धिदात्री” हो जाती है। (साभार)
