🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🌤️ *दिनांक – 23 जनवरी 2026*
🌤️ *दिन – शुक्रवार*🌤️ *विक्रम संवत – 2082*
🌤️ *शक संवत – 1947*🌤️ *अयन – उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु – शिशिर ऋतु*
🌤️ *मास – माघ*🌤️ *पक्ष – शुक्ल*
🌤️ *तिथि – पंचमी 24 जनवरी रात्रि 01:46 तक तत्पश्चात षष्ठी*
🌤️ *नक्षत्र – पूर्वभाद्रपद दोपहर 02:33 तक तत्पश्चात उत्तरभाद्रपद*
🌤️ *योग – परिघ शाम 03:59 तक तत्पश्चात शिव*
🌤️ *राहुकाल – सुबह 11:27 से दोपहर 12:51 तक*
🌤️ *सूर्योदय – 07:19*🌤️ *सूर्यास्त – 06:21*
👉 *दिशाशूल – पश्चिम दिशा में*
🚩 *व्रत पर्व विवरण – वसंत पंचमी, श्री पंचमी*
💥 *विशेष – पंचमी को बेल खाने से कलंक लगता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🚩~*सनातन पंचांग* ~🚩
👉🏻 *वसंत पंचमी पर यह कार्य अवश्य करें घर-परिवार में सुख शांति रहेगी*⤵️
🌷 *माघ शुक्ल सप्तमी* 🌷
➡ *25 जनवरी 2026 रविवार को माघ शुक्ल सप्तमी है।*
🙏🏻 *माघ शुक्ल सप्तमी को अचला सप्तमी, रथ सप्तमी, आरोग्य सप्तमी, भानु सप्तमी, अर्क सप्तमी आदि अनेक नामों से सम्बोधित किया गया है और इसे सूर्य की उपासना के लिए बहुत ही सुन्दर दिन कहा गया है। पुत्र प्राप्ति, पुत्र रक्षा तथा पुत्र अभ्युदय के लिए इस दिन संतान सप्तमी का व्रत भी किया जाता है।*
🙏🏻 *स्कन्द पुराण के अनुसार*
*यस्यां तिथौ रथं पूर्वं प्राप देवो दिवाकरः॥सा तिथिः कथिता विप्रैर्माघे या रथसप्तमी॥ ५.१२९ ॥*
*तस्यां दत्तं हुतं चेष्टं सर्वमेवाक्षयं मतम्॥ सर्वदारिद्र्यशमनं भास्करप्रीतये मतम्॥ ५.१३० ॥*
🙏🏻 *भगवान सूर्य जिस तिथि को पहले-पहल रथ पर आरूढ़ हुए, वह ब्राह्मणों द्वारा माघ मास की सप्तमी बताई गयी है, जिसे रथसप्तमी कहते हैं। उस तिथि को दिया हुआ दान और किया हुआ यज्ञ सब अक्षय माना जाता है। वह सब प्रकार की दरिद्रता को दूर करने वाला और भगवान सूर्य की प्रसन्नता का साधन बताया गया है।*
🙏🏻 *भविष्य पुराण के अनुसार सप्तमी तिथि को भगवान् सूर्य का आविर्भाव हुआ था | ये अंड के साथ उत्पन्न हुए और अंड में रहते हुए ही उन्होंने वृद्धि प्राप्त कि | बहुत दिनोंतक अंड में रहने के कारण ये ‘मार्तण्ड’ के नामसे प्रसिद्ध हुए |*
🙏🏻 *भविष्य पुराण के अनुसार ही सूर्य को अपनी भार्या उत्तरकुरु में सप्तमी तिथि के दिन प्राप्त हुई, उन्हें दिव्य रूप सप्तमी तिथि को ही मिला तथा संताने भी इसी तिथि को प्राप्त हुई, अत: सप्तमी तिथि भगवान् सूर्य को अतिशय प्रिय हैं |*
🙏🏻 *भविष्य पुराण : श्रीकृष्ण उवाच ॥ शुक्लपक्षे तु सप्तम्यां यदादित्यदिनं भवेत् । सप्तमी विजया नाम तव्र दत्तं महाफलम् ॥*
*स्त्रांन दानं जपो होम उपवासस्तथैव च । सर्वें विजयसप्तम्पां महापातकनाशनम् ॥*
*प्रदक्षिणां यः कुरुते फलैः पुष्पौर्दिवाकरम् । स सर्वगुणसंपन्नं पुव्रं प्राप्नोत्यनुत्तमम ॥*
🙏🏻 *भगवान श्रकृष्ण कहते है– राजन! शुक्ल पक्षकी सप्तमी तिथि को यदि आदित्यवार (रविवार) हो तो उसे विजय सप्तमी कहते है. वह सभी पापोका विनाश करने वाली है .उस दिन किया हुआ स्नान ,दान्, जप, होम तथा उपवास आदि कर्म अनन्त फलदायक होता है. जो उस दिन फल् पुष्प आदि लेकर भगवान सूर्यकी प्रदक्षिणा करता है। वह सर्व गुण सम्पन्न उत्तम पुत्र को प्राप्त करता है।*
🙏🏻 *नारद पुराण में माघ शुक्ल सप्तमी को “अचला व्रत” बताया गया है। यह “त्रिलोचन जयन्ती” है। इसी को रथसप्तमी कहते हैं। यही “भास्कर सप्तमी” भी कहलाती है, जो करोङों सूर्य-ग्रहणों के समान है। इसमें अरूणोदय के समय स्नान किया जाता है। आक और बेर के सात-सात पत्ते सिर पर रखकर स्नान करना चाहिए। इससे सात जन्मों के पापों का नाश होता है। इसी सप्तमी को ‘’पुत्रदायक ” व्रत भी बताया गया है। स्वयं भगवान सूर्य ने कहा है – ‘जो माघ शुक्ल सप्तमी को विधिपूर्वक मेरी पूजा करेगा, उसपर अधिक संतुष्ट होकर मैं अपने अंश से उसका पुत्र होऊंगा’। इसलिये उस दिन इन्द्रियसंयमपूर्वक दिन-रात उपवास करे और दूसरे दिन होम करके ब्राह्मणों को दही, भात, दूध और खीर आदि भोजन करावें।*
🙏🏻 *अग्नि पुराण में अग्निदेव कहते हैं – माघ मासके शुक्लपक्ष की सप्तमी तिथिको (अष्टदल अथवा द्वादशदल) कमल का निर्माण करके उसमें भगवान् सूर्यका पूजन करना चाहिये | इससे मनुष्य शोकरहित हो जाता है |*
🙏🏻 *चंद्रिका में लिखा है “सूर्यग्रहणतुल्या हि शुक्ला माघस्य सप्तमी। अरुणोदगयवेलायां तस्यां स्नानं महाफलम्॥”*
➡ *अर्थात माघ शुक्ल सप्तमी सूर्यग्रहण के तुल्य होती है सूर्योदय के समय इसमें स्नान का महाफल होता है ।*
🙏🏻 *नारद पुराण के अनुसार* *“अरुणोदयवालायां शुक्ला माघस्य सप्तमी ॥ प्रयागे यदि लभ्येत सहस्रार्कग्रहैः समा॥* *अयने कोटिपुण्यं स्याल्लक्षं तु विषुवे फलम् ॥११२॥”*
🙏🏻 *चंद्रिका में भी विष्णु ने लिखा है “अरुणोदयवेलायां शुक्ला माघस्य सप्तमी ॥ प्रयागे यदि लभ्येत कोटिसूर्यग्रहैः समा”*
➡ *अर्थात माघ शुक्ल सप्तमी यदि अरुणोदय के समय प्रयाग में प्राप्त हो जाए तो कोटि सूर्य ग्रहणों के तुल्य होती है ।*
🙏🏻 *मदनरत्न में भविष्योत्तर पुराण का कथन है की “माघे मासि सिते पक्षे सप्तमी कोटिभास्करा। दद्यात् स्नानार्घदानाभ्यामायुरारोग्यसम्पदः॥”*
➡ *अर्थात माघ मास की शुक्लपक्ष सप्तमी कोटि सूर्यों के बराबर है उसमें सूर्य स्नान दान अर्घ्य से आयु आरोग्य और समृद्धि की प्राप्ति होती हैं ।*
🙏🏻🌷💐🌸🌼🌹🍀🌺💐🌷🙏🏻
*⚜️ आज का राशिफल ⚜️*
*दिनांक : 23 जनवरी 2026*
🐐🐂💏💮🐅👩〰️〰️〰️〰️〰️〰️
मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज आपका दिन अनर्गल कार्यो में व्यर्थ ना हो इसका विशेष ध्यान रखें दिन का कोई लक्ष्य ना होने के कारण कार्यो से भटक सकते है। आज आप एक कार्य को करते हुए अन्य कार्यो के प्रति चिंतित रहेंगे जिससे किसी भी कार्य में सफलता मिलने में संदेह रहेगा। पारिवारिक वातावरण में आज भी नोकझोंक लगी रहेगी घरेलू समस्याओ का मिल बैठ कर समाधान करें अन्यथा आपसी संबंध खराब होने के पूर्ण आसार है। कार्य व्यवसाय में भी किसी ना किसी बात को लेकर सहकर्मी अथवा अन्य लोगो से बहस होगी। व्यावसायिक क्षेत्र पर बहस से बचें ख्याति में कमी आने से भविष्य के लिये हानिकारक रहेगा। संध्या बाद माहौल सुधरने से राहत मिलेगी।
वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज के दिन आपको पूर्व में किये गए सामाजिक एवं घरेलु कार्यो से मान-सम्मान मिलेगा। दिनचार्य आज थोड़ी अव्यवस्थित रहेगी फिर भी संतुष्ट रहेंगे। कार्य व्यवसाय अपेक्षा से थोड़ा मंदा रहेगा धन की आमद परिश्रम के बाद ही होगी। कार्य क्षेत्र पर अधूरे कार्यो को पूर्ण करने की शीघ्रता रहेगी। स्वभाव में गर्मी भी रहेगी फिर भी अकारण ही क्रोध नही करेंगे। नौकरी वालो का किसी से झगड़ा होने की संभावना है कोई भी ऐसा कार्य करने से बचे जिससे आपके ऊपर आरोप आये। पारिवारिक वातावरण संध्या बाद कि परिस्थिति दिन से बेहतर बनेगी। स्वास्थ्य में रक्त पित्त संबंधित विकार आ सकता है।
मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज का दिन संध्या तक आपके लिए शुभ बना रहेगा इसके बाद स्थिति एकदम विपरीत होने लगेगी आवश्यक कार्य दिन रहते पूर्ण कर लें। दिन के आरंभ में धन लाभ की आशा लागये रहेंगे इसके पूर्ण होने में मध्यान तक इंतजार करना पड़ेगा। आज किसी अवांछित खर्च के आने से थोड़े परेशान भी होंगे लेकिन स्थिति को संभाल लेंगे। कार्य व्यवसाय में आकस्मिक वृद्धि के योग बन रहे है आज आपकी तुरंत निर्णय लेने की क्षमता अवश्य ही लाभ दिलायेगी। सार्वजिक क्षेत्र पर भी सम्मान पाने के हकदार बनेंगे। व्यवहार कुशलता से उच्च प्रतिष्ठित लोगो को अपने पक्ष में कर लेंगे। घर मे आनंद का वातावरण रहेगा संध्या बाद किसी से झगड़ा होने की सम्भवना भी है।
कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज के दिन परिस्थितियों में धीरे-धीरे सुधार आने लगेगा सेहत पूर्ण रूप से ठीक ना होने पर भी मजबूरी में कार्य करना पड़ेगा। आज आपके स्वभाव में जल्दबाजी रहेगी जिससे बनते हुए काम बिगड़ने की संभावना है। प्रत्येक कार्य को धैर्य से करें शीघ्र लाभ पाने के चक्कर मे लाभ की जगह हानि हो सकती है। मध्यान तक का समय लाभ की अपेक्षा ज्यादा मेहनत वाला रहेगा लेकिन निराश ना हो इसके बाद मेहनत फलती होगी आवश्यकता अनुसार धन कही ना कही से मिल ही जायेगा। धार्मिक कार्यो के प्रति आस्था बढ़ेगी देवदर्शन के अवसर मिलेंगे। घर के अस्त-व्यस्त माहौल मे भी संध्या बाद सुधार आएगा।
सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज का दिन उतार चढ़ाव वाला रहेगा आज आपके मन मे काफी योजनाए चलती रहेंगी लेकिन असफलता के डर से इन्हें साकार रूप देने में दिक्कत आएगी दिन के आरंभ से ही मन किसी अरिष्ट की आशंका से व्याकुल रहेगा।मध्यान के आस पास कोई अशुभ समाचार मिलने की संभावना है। पूर्व में की किसी गलती का फल आज मिलेगा। आर्थिक कमी आज दिन भर बनी रहेगी फिर भी प्रयास करते रहे धन लाभ मेहनत करने पर ही होगा। प्रेम प्रसंग संबंधित विचार संध्या तक दिमाग से दूर ही रखें शांति रहेगी। परिवारिक माहौल पल पल में बदलता रहेगा घर के सदस्य आज एक दूसरे के ऊपर कम ही विश्वास करेंगे। संध्या बाद से स्थिति सुधरने लगेगी।
कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज का दिन मिश्रित फलदायी रहेगा दिन के प्रथम भाग में पूर्व में कई गई मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिलने से उत्साह में रहेंगे। मध्यान तक लगभग सभी अधुरेकार्य पूर्ण हो जाएंगे बस आज जो काम ज्यादा महत्त्वपूर्ण होगा वही अधूरा रहेगा। धन की आमद आशा से कम होगी। मध्यान बाद स्वास्थ्य में गिरावट दर्ज होगी सेहत को लेकर लापरवाही ना करें अन्यथा परिणाम गंभीर भी हो सकते है शारीरिक अकडन दर्द की शिकायत बनेगी। घर के सदस्य अपने मे ही मस्त रहेंगे कुछ काम बताने पर नाराज होंगे। लालच देकर ही काम निकाला जा सकता है। ज्यादा किसी झमेले में ना पड़े आराम करें।
तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज आपके अधिकांश कार्य असमंजस की स्थिति के कारण लटके रहेंगे आज आप किसी की सहायता भी लेना पसंद नही करेंगे इसलिए कार्यो के पूर्ण होने की संभावना कम ही रहेगी फिर भी धन संबंधित परेशानी नही रहेगी। आर्थिक लाभ किसी ना किसी रूप में अवश्य होगा। आप किसी से भी मजाक कर लेंगे लेकिन किसी अन्य का आप सहन नही कर पाएंगे जिससे आपसी मन मुटाव होगा। कार्य व्यवसाय में परिश्रम का फल विलंब से मिलने के कारण निराश होंगे आपके बनते कार्यो में कोई विघ्न डाल सकता है। जल्द से किसी के ऊपर भरोसा न करें हित शत्रु प्रबल रहेंगे। घर का वातावरण शांत रहेगा।
वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज आप दिन के आरंभ से ही किसी अधूरे कार्य को करने में जुट जाएंगे मध्यान तक इसमे सफल भी रहेंगे लेकिन आपके कार्यो में विघ्न डालने वाले भी मिलेंगे हर किसी की बातों में ना आये अन्यथा लाभ से वंचित रह जाएंगे। कार्य व्यवसाय में सामान्य लाभ होगा धन की आमद मध्यम रहेगी आज अन्य महत्त्वपूर्ण कार्य सरकारी अथवा कागजी कार्यो की रूपरेखा बना कर रखें निकट भविष्य में इनमे सफल होने की संभावना बनेगी। मित्र सहकर्मियों से वादा पूरा ना करने पर अनबन हो सकती है। परिवार में छूट-पुट कहासुनी के बाद शांति स्थापित होगी। धार्मिक क्षेत्र की लघु यात्रा होगी। आज थकान ज्यादा रहेगी।
धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज के दिन आप दिन भर ख्याली पुलाव पकाएंगे आपकी कल्पनाएं असामान्य रहेंगी असंभव कार्यो को भी संभव करने की सोचेंगे। कार्य क्षेत्र पर भी मेहनत करने के मूड में नही रहेंगे बैठे बिठाये लाभ कमाने की मानसिकता के चलते सीमित लाभ से ही संतोष करना पड़ेगा। आज आपको व्यवसाय विस्तार के मार्गदर्शन मिलेंगे लेकिन किसी अभाव के कारण सम्भव नही हो सकेगा। नौकरी वाले लोगो को ज्यादा मेहनत करनी पड़ेगी जल्द ही इसका परिणाम सकारात्मक रूप में मिलेगा। परिवार के सभी सदस्यों में एक दूसरे से श्रेष्ठ बनने की होड़ लगेगी लेकिन वातावरण शांत ही रहेगा। कुछ समय के लिये शारीरक शिथिलता अनुभव होगी।
मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज का दिन भी लाभदायक बना है परन्तु आपकी आलसी प्रवृति के कारण होने वाले लाभ में कमी भी आ सकती है। दिन के आरंभ से ही प्रत्येक कार्य मे लापरवाही करेंगे जिस वजह से कार्य एक बार बिगड़ा तो आज सम्भलना मुश्किल होगा। मध्यान के समय परिस्थिति प्रतिकूल बनेगी लेकिन हिम्मत ना हारे आज नही तो कल मेहनत का फल आशाजनक मिलेगा। कार्य क्षेत्र पर सहयोगियों की कमी रहने से अधिकांश कार्यो में आत्मनिर्भर रहना पड़ेगा। धन लाभ आवश्यकता अनुसार हो जाएगा फिर भी कुछ कमी अखरेगी। परिजनों का प्रत्येक कार्यो में सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य को लेकर थोड़े आशंकित रह सकते है।
कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज आप का स्वभाव संतोषी रहेगा किसी भी कार्य को लेकर ज्यादा उधेड़ बुन में नही पड़ेंगे। आज दिन में आपको प्रलोभन के अवसर भी मिलेंगे देख भाल कर ही निर्णय लें कार्य व्यवसाय में निवेश कर सकते है संध्या बाद से धन लाभ की संभावनाए अधिक रहेंगी लेकिन शेयर आदि कार्यो में जोखिम ना लें नुकसान हो सकता है। व्यावसायिक एवं सामाजिक कार्य एकसाथ आने एवं सहकर्मियों का मनमाने व्यवहार से असुविधा होगी परन्तु किसी स्वयं जन का सहयोग मिलने से काम आसान हो जाएगा। पारिवार के सदस्य महत्त्वपूर्ण विषयो पर चिंतन करेंगे। संध्या बाद मनोकामना पूर्ति होने से प्रसन्न रहेंगे। सेहत साथ देगी।
मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज भी दिन आपके लिए सुख-शांति दायक रहेगा दिन के आरंभ से ही यात्रा की योजना बनेगी लंबी यात्रा के प्रति उत्साहित रहेंगे लेकिन इससे लाभ की जगह खर्च ही होगा। कार्य व्यवसाय में मंदी रहेगी खर्च निकालने लायक आमदनी भी किसी के सहयोग के बाद ही बन सकेगी। लोग आपकी पीछे से बुराई करेंगे लेकिन मनमौजी स्वभाव रहने के आज आपका कोई साथ दे या ना दे आपके ऊपर कोई फर्क नही पड़ेगा। मित्र रिश्तेदारों से सुखद भेंट होगी पुरानी यादें ताजा होने से अतीत में खोए रहेंगे। संध्या बाद प्रतिकूल समय होने लगेगा अकस्मात हानि होने की संभावना है। संध्या पश्चात वाहन के प्रयोग में सावधानी बरतें।
लक्ष्मी जी को प्रसन्न करने के लिए शुक्रवार को करे यह उपाय
पं वेद प्रकाश तिवारी ज्योतिष एवं हस्तरेखा विशेषज्ञ 9919242815 निशुल्क परामर्श उपलब्ध
पहला उपाय
१. शुक्रवार के दिन भगवान विष्णु का दक्षिणावर्ती शंख में जल भरकर अभिषेक करे। अगर यह अभिषेक मन से किया जाए तो माँ लक्ष्मी प्रसन्न हो जाती है और आप को धन से मालामाल कर देती है।
दूसरा उपाय
२. शुक्रवार के दिन शाम को गाय के घी का दीपक घर के ईशान कोण में लगाये। और दीपक में रुई के जगह पर लाल रंग के धागे का उपयोग करे और दीपक में थोड़ा केसर भी डाले।
तीसरा उपाय
३. शुक्रवार के एक पिला कपड़ा ले उसमे पांच लक्ष्मी (पिली) कौड़ी और थोड़ा सा केसर – चांदी के सिक्के डाले और वह सब बाँध ले और धन के स्थान पर रख दे। और बस देखिये कुछ दिनों में आपको इसका प्रभाव दिखेगा।
चौथा उपाय
४. शुक्रवार के दिन ३ कुवारी लड़की ओ को घर बुलाकर उन्हें खीर खिलाये तथा उन्हें वस्त्र और दक्षिणा दे। ऐसा करने से माँ लक्ष्मी प्रसन्न होती है और धन प्राप्ति होती है।
पांचवा उपाय
५. शुक्रवार के दिन अगर कोई भक्त गरीबो को दान करता है तो उसे धन के रूप में आशीर्वाद मिलताआ है। और गरीबो में सफ़ेद रंग की वास्तु या खाद्य पदार्थ दान करे तो बहुत शुभ रहता है।
छटा उपाय
६. शुक्रवार के दिन गाय के दूध से श्रीयंत्र का अभिषेक करे और जो भी अभिषेक का जल बचेगा उसे पुरे घर में छींटक दे और श्री यंत्र को धन के जगह पर रख दे उससे धन लाभ होगा।
आखिर #शंकराचार्य बनाम #योगी क्यों? #भाजपा बनाम #शंकराचार्य क्यों नहीं?? आखिर क्या वजह है कि पूरी लड़ाई को योगी बनाम शंकराचार्य कराया जा रहा है? पूरा चैनल योगी के हिंदुत्व चेहरा पर आक्रमण क्यों?
कुछ भाजपा नेता और विपक्ष दोनों मिलकर घृणित चाल चल रही है योगी के खिलाफ, हो सकता है उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के बाद #अमित_शाह अचानक देश का #प्रधानमंत्री बना दिए सवर्ण विरोधी गिरोह को कौन झेलेगा??
योगी को हर मोर्चे पर सजग रहना होगा, कम से कम मिडिया ट्रायल का चेहरा तो बिल्कुल नहीं बनना है, ये सिर्फ योगी का #छवि डाउन करने की साज़िश है।
शंकराचार्य जी महराज को खुद के हठ के कारण माघ मेले मे जो अपमान सहना पड़ा अगर सही नजरिए से देखा जाए तो उसके कारण स्वयं शंकराचार्य जी महराज ही है,,
वैसे दोस्तों 12 नवम्बर सन् 2004 का दिन तो आप लोगों को याद ही होगा या फिर हो सकता है भूल भी गए हो क्योंकि 20 साल से ज्यादा का समय बीत गया,, भाई लोग इसी दिन कांग्रेस सरकार ने कांचिकामकोटि के शंकराचार्य श्री जयेंद्र सरस्वती जी महराज को दिपावली के दिन संध्या पूजन करते हुए हत्या का आरोप लगाकर गिरफ्तार करा दिया था और पुलिस घसीटते हुए जेल ले गयी थी,,,,,
आज जो विपक्षी पार्टियां एक सेकुलर कथित शंकराचार्य के समर्थन में मात्र जातिवाद के चलते मरे जा रहे हैं,, वो केवल योगी जी का नुकसान नहीं कर रहे हैं बल्कि हिंदू विरोधी पार्टियों को और ज्यादा मजबूत कर रहे है,,,
जहां तक मै मानता हूं की हिन्दुस्तान की धरती पर रहने वाला असली हिंदू ( सेक्युलर हिंदुओं की बात नहीं है) कभी भी योगी जी के ऊपर हिंदुत्व के मामले में कोई शक नहीं कर सकता,,, क्योंकि मेरा मानना है योगी जी सत्ता को एक छण में ठोकर मार सकते हैं लेकिन हिंदुत्व के साथ कोई समझौता नहीं कर सकते,,,
मै भी उत्तर प्रदेश से हूं,,मैने मुलायम, मायावती और अखिलेश के राज में हिंदुओं की दुर्दशा, उनकी प्रताड़ना उस समय भी देखी थी,,
जो अब योगी राज में गर्व से सीना चौड़ा कर के और सिर उठाकर हिंदू चलते है,,,
योगी जी जैसे सच्चे सनातनी को खोना मत
“सब कुछ स्मूथ चल रहा था। जनता बता रही थी कि व्यवस्था उत्तम है, कोई अप्रिय घटना नहीं हो रही थी।
फिर आए स्वघोषित शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद। इनकी पालकी थी, मौनी अमावस्या के स्नान के लिए जा रहे थे। वहां कथित तौर पर इनके शिष्यों के साथ मारपीट हो गई।
फिर ये धरने पर बैठ गए,
अखिलेश यादव ने फोन पर समर्थन दिया, जिसकी सरकार में ये लाठी खाकर घसीटे जा चुके हैं।
हिंदू आहत हो गए कि योगी तो सनातन विरोधी है, संतों को पिटवा रहा है।
परंतु क्या यह सत्य है? प्रत्यक्षदर्शी लिखते हैं कि इनके शिष्यों ने सर्वप्रथम वह पुल खोल दिया जो प्रशासन ने बंद किया हुआ था,
100 लोगों के साथ ये पहला नियम तोड़कर आगे बढ़े। मौनी अमावस्या स्नान के लिए संगम पर बड़ी भीड़ थी, तो चौकी पर इन्हें रुककर पालकी त्यागकर केवल 50 मीटर पैदल चलने को कहा गया। स्वघोषित शंकराचार्य के शिष्य अड़ गए कि पालकी तो जाएगी
पुलिस को पिछले वर्ष के महाकुंभ में हुई भगदड़ और मृत्यु स्मरण थी तो समझाया। नहीं माने तो फिर प्रशासन ने सख्ती की। अब ये विक्टिम बने फिर रहे हैं। ध्यान रहे कि अविमुक्तेश्वरानंद पूरे संत समाज के प्रतिनिधि नहीं हैं, न ही अन्य किसी भी संत के साथ ऐसा कुछ हुआ। और हां, मौनी अमावस्या तो मौन रहने का दिन है।
अब मेरे कुछ प्रश्न हैं कि पिछली बार आपने इन्हें कब धर्म चर्चा के कारण समाचारों में देखा? क्या ये सदैव ही राजनीतिक बयान देने के लिए चर्चित नहीं होते? क्या बात है कि हर विवाद इनकी ओर आकर्षित होकर आता है? क्या बात है कि इन्होंने राम मंदिर पर कांग्रेस की लाइन पकड़ी थी? संगम पर हुई दुर्घटना को देखकर पिछले वर्ष संतों ने अपना स्नान त्यागा था। इसमें वो संत थे जो हिमालय से लेकर तमिलनाडु, पूर्वोत्तर और गुजरात के मठों से आते थे, जो 12 वर्ष कुंभ स्नान की प्रतीक्षा करते रहते हैं, पर लोकहित में त्यागा।
और एक ये तथाकथित संत हैं, जिनका ईगो धर्म, नियम, प्रशासन सबके ऊपर चला जाता है।
संत का धर्म त्याग का है, वैचारिक विनम्रता का है, स्वभाव के लोच का है, मार्ग दिखाने का है।
यहां त्याग की जगह जकड़न है, विनम्रता की जगह धमकी है, लोच की जगह तनाव है और मार्ग दिखाने की जगह प्रतिबंधित मार्ग को जबरन खुलवाकर घुसने का।”
स्न्त् की एक मर्यादा होती है। इन्होने संतो का नाम बर्बाद किया हि हे यह बांग्लादेश मे हिंदू ओ पर अत्याचार या लव जि हाद जैसे मुद्दों पर कभी नही बोले हे#मणिकर्णिका घाट पर घड़ियाली आंसू बहा रहे रंगे हुए सियारों।
#ज्ञानवापी पर बोलने में तुमलोगों के मुंह में दही क्यों जम जाती है?
पोस्ट साभार
फोटो सोर्स इंटरनेट
