इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का महत्वपूर्ण वक्तव्य —
“इज़रायल यह युद्ध निश्चित ही जीतेगा…क्योंकि हमारे पास दूसरा कोई विकल्प नहीं है।”
उन्होंने कहा —हम एक करोड़ से भी कम हैं लेकिन हमारे पास एक देश है, और अपना देश है। ईरान से युद्ध का कोई विकल्प नहीं… हमें जीतना ही होगा, आतंकवाद पूरे संसार के लिए घातक है ईरान इस्लामिक आतंकवाद का सबसे बड़ा आका बन गया है हम दुनियां की सुरक्षा के लिए लड़ रहे हैं ”
👉 पीढ़ियों से हमारे लोगों का नरसंहार हुआ
👉 और उस समय कोई मदद के लिए नहीं आया
लेकिन अब —👉 हमारे पास अपना देश है
👉 और एक मजबूत, बहादुर सेना
इसलिए —“हम अपनी रक्षा कर रहे हैं…
और इज़रायल का भविष्य गौरवमय रहेगा।”
यानी संदेश साफ —यह केवल युद्ध नहीं…
अस्तित्व की लड़ाई बताया जा रहा है।
और जब जंग‘विकल्प नहीं’ बन जाए…
तो स्थिति और अधिक भयानक हो सकती हैं। दुनियां आतंक से लड़ने के लिए तैयार रहे और हमारा साथ दे🔥
वास्तव में देखा जाय तो हूती हिजबुल्लाह हमास सब के पीछे ईरान ही है इसलिए ईरान का बने रहना विश्व के लिए घातक है।
*आज से तक़रीबन 100 साल पहले ईरान का नाम असली नाम फारस था, यहां के मूल निवासी सनातनी आर्य थे, यह अग्नि देवता की पूजा करते थे**
*लेकिन फारस के लोगों ने सिर्फ 4 हज़ार मुसलमानो को इंसानियत के नाते अपने यहाँ शरण दी थी, बस कुछ सालों बाद ईरान के मूल निवासी या तो मार दिए गये या कन्वर्ट हो गये या उन्होंने अपना देश छोड़ दिया**
*आज ईरान कट्टर इस्लामिक मुल्क है और वर्ल्ड की नंबर वन पावर अमेरिका की ऐसी तैसी कर रहा है और दुनिया के लिए खतरे की घंटी है*
*कहने का तात्पर्य यह है जब एक हिन्दू कन्वर्ट होता है और मुसलमान बन जाता है तो असल मुसलमान से जायदा खतरनाक होता है**
*इसलिए हिन्दुओ हिन्दुस्तान की किसी भी कीमत पर इस्लामिक मुल्क नहीं बनने देना, वजह सब से बुरी दशा हमारी माँ बहन बेटियों की होती है**
*जो हिन्दू इतिहास से नहीं सीखते वह हिन्दू इतिहास के पन्नों मे सदा के लिए खो जाते है या उनको मिटा दिया जाता है*
