जनजाति समाज केवल एक वर्ग विशेष नहीं है बल्कि देवभूमि की आत्मा है-मुख्यमंत्री धामी, कर्णप्रयाग अल्मोड़ा सड़क चौड़ीकरण परियोजना को केन्द्र से मिली स्वीकृति, कर्णप्रयाग आदिबदरी व गैरसैंण में बनेंगे बाईपास, देश को अपनी समृद्ध के टैक्स और पराक्रम से सींचने वाले योद्धाओं के नाश के लिए लाया गया यूजीसी!, आज का पंचाग आप का राशिफल

उत्तराखंड के चमोली में मुख्यमंत्री #पुष्कर_सिंह  धामी ने जनजातीय सम्मेलन-2026 में कहा कि जनजाति समाज केवल एक वर्ग विशेष नहीं है बल्कि देवभूमि की आत्मा है। सदियों से परंपराओं से लोक सरंक्षण की भावना से हमेशा जनजाति समाज ने एक सभ्यता को पहचान देने का काम किया है, मजबूती प्रदान की है। विशेषकर हमारे सीमांत क्षेत्र में रहने वाले जनजाति भाई देश के प्रहरी, सैनिक के रूप में उन क्षेत्रों की रक्षा का भी काम करते हैं।

#यूसीसी की जगह #यूजीसी लाने वाले एक बार #मनुस्मृति की दो पंक्तियों के श्लोक का ही अध्ययन कर लेते।

जो सवर्ण सरकार को टैक्स देता है उसी के दमन लिए एससीएसटी एक्ट और यूजीसी जैसे दुर्दांत एक्ट लाये जाते हैं उसीसे अधिक फीस वसूलते हैं, प्रतियोगी परीक्षाओं में उसी को जातीय और आयु विभेद का शिकार बनाया गया है। जबकि उसी के टैक्स के पैंसे से देश का विकास हो रहा है उसी के टैक्स के पैंसे से अपने और कर्मचारियों के वेतन भत्ते पैंशन बढाते हो

वोट के लिए कब तक और कहां तक गिरोगे चुनाव बाज भिखारियों?

हमारे टैक्स के पैसे से खटाखट खटाखट चुनावी खैरात बांटने वाले लुटेरों ऐसा #विसंविधान तत्काल हटाओ और #समान_नागरिक_संहिता लागू करो। 

चार बीबी चालीस बच्चे खुदा की देन और मंहगाई बेरोजगारी शिक्षा स्वास्थ्य सरकार की जिम्मेदारी ये लूट कब तक चलेगी!!

📍#आज_मोदीराज_वाला_भारत_है…..

🚨 एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी चीन से रोबोट वाला कुत्ता खरीद कर अपना बताता है….तुरंत कार्रवाई होती है…!

सोशल मीडिया पर ज्यादातर भक्त लोग ही सही गलत के जांच में लग जाते हैं,किसी ने ना तो उसका बचाव किया ना #थेथरई किया…और कुछ ही घंटे बाद #गलगोटिया_यूनिवर्सिटी को एग्जिबिशन हॉल से जाने का ऑर्डर दे दिया गया…!

माननीय मुख्यमंत्री श्री Pushkar Singh Dhami ज़ी
माननीय मंत्री केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग, श्री Nitin Gadkari जी, माननीय केंद्रीय राज्य मंत्री (सड़क परिवहन एवं राजमार्ग) #Ajay #Tamta जी का
#कर्णप्रयाग –#अल्मोड़ा मोटर मार्ग (#NH109) के #चौड़ीकरण की स्वीकृति प्रदान करने हेतु समस्त क्षेत्रवासियों की ओर से हृदय से आभार एवं हार्दिक धन्यवाद ।

       💥एक समय जब देश में कांग्रेस का शासन था 

👉 कांग्रेसियों के अनुसार से सब कुछ बड़ा शानदार चल रहा था कहीं कोई फ्रॉड नहीं होता था..मतलब इन कांग्रेसी कु..tto ने क्या #गजब_का_नॉरेटिव बना रखा है..!

👉बंगाल का एक फ्रॉड व्यक्ति जो चोटी (पोनी) रखता था बिल्कुल अलग तरह का हुलिया बना लिया था ताकि लोग उसे बहुत #विद्वान समझे, जिसने बंगाल में फ्रॉड के कई घटनाओं को अंजाम दिया जो #इंग्लिश अच्छा बोलता था नाम था #अरिंदम_चौधरी..

👉वह दिल्ली आ गया और एक #फर्जी_इंस्टिट्यूट खोला, जिसका नाम रखा__ #इंडियन_इंस्टीट्यूटआफ_प्लानिंग_एंड_मैनेजमेंट

👉जबकि कांग्रेस सरकार के द्वारा बनाई गई गाइडलाइन के अनुसार ही कोई भी प्राइवेट संस्थान अपने नाम के आगे इंडियन शब्द नहीं लगा सकती…!

 👉नाम से ऐसा लग रहा था जैसे यह कोई सरकारी संस्थान है आईआईएम के टक्कर का है या उसी तरह का संस्थान है जिसे भारत सरकार ने बनाया है..! 

👉आप सबको यह जानकर आश्चर्य होगा कि खुद कांग्रेस की #मनमोहन_सिंह सरकार #8_सालों तक यह समझती रही कि यह इंडियन इंस्टीट्यूट आफ प्लानिंग एंड मैनेजमेंट उसकी (भारत सरकार की संस्था)है..!

👉 इस फ्रॉड को बड़े-बड़े सरकारी मंच पर बुलाया जाता था,जब भी सरकार बजट पेश करती थी हर चैनल पर इसका इंटरव्यू होता था शाहरुख खान और अमिताभ बच्चन जैसे लोग इसके साथ मंच शेयर करते थे..!

👉 #कांग्रेस_सरकार के समय में जितने भी राष्ट्रपति रहे सब इसको सम्मान देते थे ,इसके बारे में यही कहा जाता था कि यह भारत सरकार की एक प्रतिष्ठित संस्था इंडियन इंस्टीट्यूट आफ प्लानिंग का डायरेक्टर है ..!

👉खुद मनमोहन सिंह जी को और पूरे मंत्रिमंडल को यह पता ही नहीं चला कि ऐसी भी कोई संस्था है जो उन्होंने बनाई ही नहीं है..जबकि उसे वक्त यूजीसी ने भारत सरकार को तीन पत्र लिखा था कि इस इंस्टीट्यूट की कोई मान्यता नहीं है..! 

👉 छात्रों से एडमिशन के लिए 10 लाख से लेकर के 25 लाख रुपए लिए जाते थे और डिग्री के नाम पर एक कागज का टुकड़ा दिया जाता था, जिसकी कोई वैल्यू नहीं होती थी..! यह फ्रॉड कहता था कि उसका बेल्जियम अमेरिका कनाडा जैसी यूनिवर्सिटी के साथ #कोलैबोरेशन है..!

👉इसने दिल्ली से ठगी की शुरूआत किया था और देखते-देखते पूरे भारत के तमाम शहरों में 30 से ज्यादा ब्रांच खोल दिए ! हर जगह प्राइम लोकेशन पर बड़ी सी बिल्डिंग किराए पर लेता था उसे डेकोरेट करता था और बड़ा सा बोर्ड लगा देता था #इंडियन_इंस्टिट्यूट_ऑफ_प्प्लानिंग_एंड_मैनेजमेंट 

👉लोगों को लगता था कि यह भारत सरकार की एक संस्था है..! फ्रॉड व्यक्ति के द्वारा खोले गए इस संस्था का उद्घाटन करने वाला केंद्र सरकार का कोई न कोई मंत्री होता था ! यहां तक कि वो फर्जी संस्था संयुक्त राष्ट्र संघ सहित कई मंचों पर भारत सरकार का प्रतिनिधित्व करने का दावा करती थी..! 

👉मनमोहन सरकार के जाते-जाते यानी सरकार जाने के 1 महीने पहले खुद मनमोहन सरकार ने देश को बताया कि #9_साल_8_महीने हमने इसका कमीशन खाया लेकिन अब मैं देश को बताता हूं कि यह #फ्रॉड है..!

मनमोहन सिंह ने खुद स्वीकार किया कि यह व्यक्ति फ्रॉड है यानि कि #संस्था_भी_फ्रॉड है..!

     💥”मोदी सरकार आ गई इसकी ठगी पर रोक लगा.!”

आज कांग्रेसी छाती पीट रहे हैं जिसकी पूरी सरकार चीन से चलती थी, एक #पोनी_वाला_फ्रॉड_व्यक्ति से चलती थी..!#शर्म_करो 

मुंबई में एक पत्रकार द्वारा यह कहना कि “भाजपा सरकार के आने से आपके अच्छे दिन आ गए” और उस पर मोहन भागवत का उत्तर— “नहीं, अच्छे दिन उनके हैं, हमारे तो बुरे दिन आ गए हैं”—

अपने भीतर एक गहरी पीड़ा और संकेत छुपाए हुए प्रतीत होता है। भले ही यह कथन किस संदर्भ में कहा गया हो, पर इसके निहितार्थ आज की सामाजिक–राजनीतिक स्थिति से टकराते हुए दिखते हैं।

विडंबना यह है कि जिस दौर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का संगठनात्मक विस्तार, संसाधन और बाहरी प्रभाव अभूतपूर्व रूप से बढ़ा—भव्य भवन बने, शीर्ष पदों पर बैठे लोग अभिजात्य जीवन–शैली में दिखने लगे—उसी दौर में संघ की आत्मा, उसका अनुशासन, और उसका नैतिक बल कमजोर पड़ता गया।

जो संघ कभी समाज को दिशा देता था, वही आज स्वयं दिशाहीन दिखने लगा है।

जो संघ कभी सत्ता को नियंत्रित करने की नैतिक क्षमता रखता था, वही आज सत्ता के इशारों पर चलता हुआ प्रतीत होता है।

जो संघ हिंदू एकता का प्रखर स्वर था, वही आज समाज को बाँटने वाली नीतियों पर मौन साधे खड़ा है।

एक समय था जब संघ की शाखाएँ चरित्र निर्माण और कर्तव्यबोध की प्रयोगशालाएँ थीं। आज कई स्थानों पर वे केवल काग़ज़ी औपचारिकता बनती जा रही हैं। निष्पक्ष, निष्ठावान और त्यागी कार्यकर्ता की पहचान धुंधली हो रही है, और उसकी जगह स्वार्थ, सिफ़ारिश, दलाली और सत्ता–समीकरण ने ले ली है।

बिहार जैसे राज्यों से लेकर अन्य क्षेत्रों तक, यदि ट्रांसफर–पोस्टिंग, पहुँच बनवाने, फोटो खिंचवाने और सिफ़ारिश के नाम पर लेन–देन की बातें सामने आती हैं—और उजागर होने पर केवल कार्यक्षेत्र बदल देना ही “दंड” माना जाता है—तो यह केवल व्यक्तियों का नहीं, संस्था की साख का प्रश्न बन जाता है।

जो छोटी–बड़ी संस्थाएँ कभी संघ को अपना आदर्श मानती थीं, वे आज यदि उसी से भ्रष्ट आचरण के तरीके सीख रही हैं, तो यह संकेत है कि समस्या सतही नहीं, गहरी है।

इसी दौर में भारतीय जनता पार्टी के भीतर आंतरिक लोकतंत्र के क्षरण, अनुकंपा और कृपा–आधारित पद वितरण की चर्चाएँ भी सामने आती हैं। अध्यक्ष से लेकर राज्यपाल तक के चयन यदि संगठनात्मक विमर्श के बजाय निकटता और निष्ठा पर निर्भर हों, तो प्रश्न उठना स्वाभाविक है।

सबसे बड़ा और पीड़ादायक प्रश्न यह है—

ऐसे सनातन की रक्षा कैसे होगी, जो कभी कर्तव्य, त्याग, नैतिकता और समरसता का पाठ पढ़ाता था,

जब आज उसी के नाम पर खड़े ठेकेदार भ्रष्टाचार को “विकास” कहकर समाज में प्रतिष्ठित हो रहे हैं?

सनातन धर्म केवल सत्ता, संस्थान या इमारतों से जीवित नहीं रहता।

वह जीवित रहता है—

आचरण से,

संयम से,

नैतिक साहस से,

और अन्याय के विरुद्ध बोलने की क्षमता से।

यदि आत्ममंथन नहीं हुआ, यदि संगठन ने अपने मूल मूल्यों की ओर लौटकर कठोर आत्मशुद्धि नहीं की, तो बाहरी वैभव के बीच भीतर से खोखला होना तय है।

और तब “अच्छे दिन” केवल सत्ता के होंगे—संस्कृति, समाज और सनातन के नहीं।

यह समय आरोप–प्रत्यारोप से अधिक आत्मालोचन का है।

क्योंकि सनातन की रक्षा भाषणों से नहीं, चरित्र से होती है

इस्लामिक चपेट में भारत……
अब तक पूरी तरह से इस्लामिक होने से बचता रहा हिन्दुस्तान, कट्टरपंथियों के जाल में फंस चुका है. बचना असंभव तो नहीं लेकिन बहुत मुस्किल है क्योंकि इसे छद्म हिन्दू ही बचने नहीं देंगे जो बटेंगे भी, और कटेंगे भी या बांटेंगे भी और काटेंगे भी

भारत पर इस्लामिक आक्रमण सातवीं शताब्दी से शुरू हो गए थे और कालान्तर में मुस्लिम आक्रांता यहाँ अपना साम्राज्य स्थापित करने में सफल हो गए. ईस्ट इंडिया कंपनी के माध्यम से ब्रिटिश शासन के कारण ही भारत पर मुस्लिम आक्रांताओं का शासन समाप्त हुआ था, अन्यथा शायद आज भी मुस्लिम आक्रांताओं का शासन होता या भारत इस्लामिक राष्ट्र बन चुका होता.

भारत इस्लामिक राष्ट्र बनने से जरूर बचता रहा लेकिन तिल तिल कर इसका क्षरण होता रहा और अखंड भारत के कई हिस्सों पर इस्लामिक शासन होता गया जो टूटकर भारत से अलग होकर इस्लामिक राष्ट्र बनते गए. इसके नवीनतम उदाहरण हैं- पाकिस्तान और बांग्लादेश जिनका निर्माण धार्मिक आधार पर भारत का विभाजन कर के हुआ, लेकिन मुस्लिम भारत से गये नहीं. वे यहीं रहे और इसलिए रहे कि उन्हें गजवा ए हिन्द के माध्यम से समूचा भारत चाहिए था. मुस्लिम परस्त नेहरू और गाँधी ने पाकिस्तान बनने में भरपूर सहयोग तो दिया ही, पाकिस्तान न जाने वाले मुसलमानों की जमकर खातिरदारी भी की. स्वतंत्र भारत का संविधान जानबूझकर ऐसा बनाया गया जिससे मुस्लिमों को विशेषाधिकार प्राप्त प्रथम श्रेणी का नागरिक बनाया जा सके और भारत को इस्लामिक राष्ट्र बनाने में सहायता करें. संविधान की ड्राफ्ट समिति के अध्यक्ष यदि अंबेडकर न होते तो शायद भारत का संविधान सीरिया कानून से भरपूर होता. नेहरू ने जम्मू-कश्मीर, हैदराबाद और जूनागढ़ पाकिस्तान को देने का असफल प्रयास किया किन्तु जम्मू कश्मीर का बड़ा हिस्सा पाकिस्तान को देने में सफल हो गए. उन्होंने वक्फ बोर्ड का कानून बनाया और एक अनपढ़ जिहादी को शिक्षा मंत्री बनाया, जो भारत में जन्मा भी नहीं था, ताकि भारत की शिक्षा व्यवस्था और इतिहास की सत्यता को ध्वस्त किया जा सके, तथा जेहाद को निरंतर खाद पानी दिया जा सके. इंदिरा गाँधी ने भारत के इस्लामीकरण को और धार देते हुए मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का गठन किया. बाद की कांग्रेसी सरकारों ने पूजा स्थल कानून बनाकर सातवीं शताब्दी से 15 अगस्त 1947 के बीच तोड़े गए हिंदू धर्म स्थलों की यथास्थिति बनाए रखने का कानून बना दिया. अल्पसंख्यक आयोग को संवैधानिक दर्जा दे दिया तथा वक्फ बोर्ड को असीमित अधिकार दे दिए. आज वक्फ बोर्ड के पास मुस्लिम आक्रांताओं से भी अधिक शक्ति है जिससे वह बिना कोई युद्ध लड़े भारत की किसी भी भूमि, भवन और संपत्ति पर कानूनी रूप से कब्जा कर सकता है. समय समय पर कांग्रेसी सरकारों ने अनेक वेशकीमती सरकारी संपत्तियां वक्फ बोर्ड को दान भी की. असीमित अधिकारों वाले वक्फ बोर्ड का भू-साम्राज्य बढ़ता ही जा रहा है, और यदि यही हाल रहा तो कुछ दिनों में यह पूरे भारत को निगल जायेगा.

भारत को जल्द से जल्द इस्लामिक राष्ट्र बनाने के के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं. लोकतांत्रिक व्यवस्था में तलवार की नोक पर धर्मांतरण संभव नहीं है, इसलिए लव जिहाद, धोखाधड़ी, सहित विभिन्न तरीके अपनाए जा रहे हैं. दंगा-फसाद, हत्या, बलात्कार, लूटपाट विभिन्न पैशाचिक वृतियों के हिसात्मक तरीके से अपने ही देश में हिंदुओं को अपने घर बार छोड़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है. बांग्लादेश से लगी सीमाओं से रोहिंग्या और बांग्लादेशी ही नहीं, दुनिया भर के घुसपैठियों को लाकर रणनैतिक स्थानों पर बसाया जा रहा है. फलों, सब्जियों और अन्य खाद्य पदार्थों को अपवित्र करके हिंदुओं को बेच कर हिंदुओं का धर्म भ्रष्ट किया जा रहा है. कश्मीर घाटी और लक्षद्वीप लगभग हिंदू विहीन हो चुके हैं. इस्लामिक-वामपंथ गठजोड़ की छत्रछाया में केरल का स्वरूप इस्लामिक राज्य जैसा हो गया है. हिंदुओं पर अत्याचार के मामले में पश्चिम बंगाल, बांग्लादेश से भी आगे निकल चुका है. तमिलनाडु में सनातन अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रहा है. कर्नाटक तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में भी सनातन पर संकट के बादल गहराते जा रहे हैं. पूरे देश की स्थिति ऐसी होती जा रही है कि जैसे किसी देश को युद्ध में जीतने के लिए किसी सेना ने रणनैतिक स्थानों पर मोर्चा संभाल लिया हो.

वक्फ बोर्ड कानून में संशोधन के लिए संसद में प्रस्तुत विधेयक पर मुसलमानों से अधिक हो हल्ला कांग्रेस और उसके गठबंधन साथियों ने किया और इस कारण विधेयक को संयुक्त संसदीय समिति को सौंपना पड़ा. जगदंबिका पाल के नेतृत्व में यह समिति अपना काम भी ठीक से नहीं कर पा रही है. तृणमूल के एक सांसद, कांच की बोतल तोड़ कर अध्यक्ष के साथ हिंसा पर उतारू हो गए. समिति में कई ऐसे सदस्य हैं जिन्होंने स्वयं वक्फ बोर्ड की हजारों करोड़ की संपत्तियों पर कब्जा कर रखा है, जिनका उद्देश्य मुसलमानों द्वारा सरकारी और सार्वजनिक संपत्तियों पर अवैध कब्जा कराके वक्फ बोर्ड में शामिल कराना है. मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड सहित कई मुस्लिम संगठनों में बड़ी संख्या में कर्मचारियों को ऐसी संपत्तियां खोजने में लगाया गया है जिन पर वक्फ बोर्ड अपना दावा करके जल्द से जल्द कब्ज़ा कर सके. इस प्रक्रिया से पूरे देश में वक्फ बोर्ड नई नई संपत्तियों पर कब्जा करता जा रहा हैं. वक्फ संशोधन कानून द्वारा जिहादी खेल पर रोक न लग जाए, इसलिए कानून न बनने देने के लिए संगठित रूप से बड़े आंदोलन की तैयारी की जा रही है.

2014 के लोकसभा चुनावों से ठीक पहले मनमोहन सरकार ने दिल्ली की अरबों रुपये की 100 से अधिक संपत्तियाँ गुप चुप तरीके से वक्फ बोर्ड को सौंप दी थी. कांग्रेस ने केवल दिल्ली में ही नहीं, पूरे देश में स्वतंत्रता के बाद यही पाप किया है. हाल ही में सिद्धारमैया सरकार ने कर्नाटक के विजयपुरा, कलबुर्गी, बीदर सहित कई जिलों के किसानों की हजारों एकड़ जमीन को वक्फ संपत्ति बता कर नोटिस दे दिए. जब भूअभिलेखों में वक्फ बोर्ड का नाम भी अंकित किया जाने लगा, तब किसानों ने गुहार लगायी और मामला दिल्ली तक पहुँच गया. विडंबना देखिए कि संयुक्त संसदीय समिति के अध्यक्ष जगदंबिका पाल जब स्थलीय निरीक्षण के लिए कर्नाटक पहुँचे, तो सीमित का एक भी विपक्षी सदस्य उनके साथ नहीं गया क्योंकि उन्हें न तो भारत से मतलब है और न ही इसके इस्लामिक बनने से, उन्हें केवल अपने वोट बैंक की चिंता है.

तमिलनाडु में तिरुचिरापल्ली जिले की तिरुचेंथुरै गांव में एक ऐसे मंदिर पर वक्फ बोर्ड ने अपना दावा किया है जिसका जीर्णोद्धार 1500 वर्ष पहले किया गया था और जिसके बारे में कहा जाता है कि वह महाभारत कालीन मंदिर है. वक्फ बोर्ड ने गांव की समूची कृषि जमीन पर अपना दावा किया हैं और इस प्रकार सभी ग्रामीणों की जमीन वक्फ बोर्ड की दावेदारी में हैं, जिसे किसान अब बेच भी नहीं पा रहे क्योंकि विवाद वक्फ ट्राइब्यूनल में है. वक्फ बोर्ड का कहना है कि यह पूरा गांव तत्कालीन मुस्लिम शासक ने वक्फ कर दिया था. इस आधार पर तो पूरा भारत ही वक्फ बोर्ड का है. रोज रोज झूठे बहाने बनाने के बजाय उसे एक बार में ही पूरे हिंदुस्तान पर अपना दावा कर देना चाहिए कि ईस्ट इंडिया कंपनी को भारत में व्यापार शुरू करने की अनुमति देने के साथ ही अकबर ने पूरे भारत को वक्फ कर दिया था. लाल किला तो वक्फ बोर्ड का है ही. संसद भवन पर वह अपना दावा करता है. राष्ट्रपति भवन पर भी कर देना चाहिए, जिसे खाली करवाकर अरशद मदनी को भारत का खलीफा बना दिया जाना चाहिए और उनके भतीजे महमूद मदनी को क्राउन प्रिंस. कुछ समय पहले ही इन दोनों ने वक्फ बोर्ड संशोधन कानून के विरुद्ध दिल्ली में एक जनसभा करके भारत सरकार को चेतावनी दी थी.

धारा 370 खत्म होने के बाद जब जम्मू कश्मीर में चुनाव प्रक्रिया सकुशल संपन्न हो गयी तो पूरा देश राहत की सांस ले ही रहा था कि विधानसभा के पहले ही सत्र में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने धारा 370 की वापसी का प्रस्ताव पास करवा लिया, जिन्होंने भारतीय संविधान के नाम पर शपथ ली थी. संवैधानिक व्यवस्था के अनुसार संसद द्वारा पारित किसी कानून और सर्वोच्च न्यायालय की संविधान पीठ द्वारा दिए गए किसी फैसले के विरुद्ध किसी विधानसभा में कानून बनाना तो दूर, प्रस्ताव भी नहीं लाया जा सकता है. तो फिर उमर अब्दुल्ला के इस कृत्य को क्या कहा जाए. बेहद शर्मनाक यह है कि यह प्रस्ताव भी राज्य के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी, जो जम्मू की नौशेरा सीट से विधायक हैं, द्वारा पेश किया गया जो हिंदू है और अलगाववाद के भुक्तभोगी भी हैं.

ऐसा लगता है कि भारत पूरी तरह से इस्लामिक आतंकवाद की चपेट में आ गया है और आज राष्ट्र पर खतरा देश के बाहर से नहीं, अंदर से है. अधिकांश राजनीतिक दल स्वार्थी होकर राष्ट्रीय एकता और अखंडता के दायित्व से विमुख हो चुके हैं. भारत सरकार भी बहुत ज्यादा कुछ नहीं कर पा रही है ऐसे में सभी राष्ट्रवादियों का दायित्व है कि वह इस संकट का मुकाबला करने के लिए एकजुट होकर राष्ट्र रक्षा करने के लिए तत्पर हो जाएँ अन्यथा यह समझ ले कि राष्ट्र की आयु बहुत अधिक शेष नहीं रह गयी है.

शिव मिश्रा ,,,,,,अखण्ड भारत युवा दल,,,,

UGC की नई गाइडलाइंस को लेकर देश में वैचारिक मतभेद का मामला बड़ा होता जा रहा है. उत्तर प्रदेश के बस्ती में राम कथा के दौरान जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने UGC को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि सरकार को ये कानून हर हाल में वापस लेना ही होगा. उनके धर्माचार्य रहते ये कानून लागू नहीं हो सकता है. रामभद्राचार्य ने सरकार को घेरते हुए कहा कि UGC की क्या आवश्यकता थी, समाज में क्यों भेदभाव किया जा रहा. सरकार को अगर गृहयुद्ध से बचना है तो इस कानून को वापस लेना ही होगा।

,*🙏🏻हर हर महादेव🙏🏻*
*पुण्य लाभ के लिए इस पंचांग को औरों
को भी अवश्य भेजिए🙏🏻🙏🏻*
🌤️ *दिनांक – 23 फरवरी 2026*
🌤️ *दिन – सोमवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन – उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु – वसंत ॠतु*
🌤️ *मास – फाल्गुन*
🌤️ *पक्ष – शुक्ल*
🌤️ *तिथि – षष्ठी सुबह 09:09 तक तत्पश्चात सप्तमी*
🌤️ *नक्षत्र – भरणी शाम 04:33 तक तत्पश्चात कृत्तिका*
🌤️ *योग – ब्रह्म सुबह 10:19 तक तत्पश्चात इन्द्र*
🌤️*राहुकाल – सुबह 08:31 से सुबह 09:58 तक*
🌤️ *सूर्योदय – 07:05*
🌤️ *सूर्यास्त – 06:39*
👉 *दिशाशूल – पूर्व दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण- होलाष्टक प्रारंभ*
💥 *विशेष – *षष्ठी को नीम की पत्ती, फल या दातुन मुँह में डालने से नीच योनियों की प्राप्ति होती है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🚩~*सनातन पंचांग* ~🚩
👉🏻 *इस दिन से लग रहे है होलाष्टक भूलकर भी यह कार्य नही करे मिलेगी असफलता*⤵️
🌷 *घमौरियों हों तो* 🌷
· 🌿 *नीम के १० ग्राम फूल व थोड़ी मिश्री पीसकर पानी में मिला के खाली पेट पी लें | इससे घमौरियाँ शीघ्र गायब हो जायेंगी |*
🍏· *नारियल तेल में नींबू-रस मिलाकर लगाने से घमौरियाँ गायब हो जाती हैं ।*
🌿 *मुलतानी मिट्टी लगा के कुछ मिनट बाद स्नान करने से गर्मी और घमौरियों का शमन होता है |*
🙏🏻 *ऋषिप्रसाद – अप्रैल 2021 से*
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🌷 *ज्योतिष शास्त्र* 🌷
🙏🏻 *फाल्गुन मास की पूर्णिमा को होलिका दहन किया जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार,इस दिन किए गए उपाय बहुत ही जल्दी शुभ फल प्रदान करते हैं। आज हम आपको होली पर किए जाने वाले ऐसे ही अचूक उपायों के बारे में बता रहे हैं,जो इस प्रकार हैं-*
🙏🏻 *1.होली की रात सरसों के तेल का चौमुखी दीपक घर के मुख्य द्वार पर लगाएं व उसकी पूजा करें। इसके बाद भगवान से सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें। इस प्रयोग से हर प्रकार की बाधा का निवारण होता है।*
🙏🏻 *2.यदि व्यापार या नौकरी में उन्नति न हो रही हो,तो 21 गोमती चक्र लेकर होलिका दहन की रात में शिवलिंग पर चढ़ा दें। इससे बिजनेस में फायदा होने लगेगा।*
🙏🏻 *3.होली पर किसी गरीब को भोजन अवश्य कराएं। इससे आपकी मनोकामना पूरी होगी।*
🙏🏻 *4. यदि राहु के कारण परेशानी है तो एक नारियल का गोला लेकर उसमें अलसी का तेल भरें। उसी में थोड़ा सा गुड़ डालें और इस गोले को जलती हुई होलिका में डाल दें। इससे राहु का बुरा प्रभाव समाप्त हो जाएगा।*
🙏🏻 *5. धन हानि से बचने के लिए होली के दिन घर के मुख्य द्वार पर गुलाल छिड़कें और उस पर दोमुखी दीपक जलाएं। दीपक जलाते समय धन हानि से बचाव की कामना करें। जब दीपक बुझ जाए तो उसे होली की अग्नि में डाल दें। यह क्रिया श्रद्धापूर्वक करें, धन हानि नहीं होगी।*
🙏🏻 *6. घर की सुख-समृद्धि के लिए परिवार के प्रत्येक सदस्य को होलिका दहन में घी में भिगोई हुई दो लौंग, एक बताशा और एक पान का पत्ता अवश्य चढ़ाना चाहिए। साथ ही होली की 11 परिक्रमा करते हुए होली में सूखे नारियल की आहुति देनी चाहिए।*
🙏🏻 *7. अगर किसी ने आप पर कोई टोटका किया है तो होली की रात जहां होलिका दहन हो, उस जगह एक गड्ढा खोदकर उसमें 11 अभिमंत्रित कौड़ियां दबा दें। अगले दिन कौड़ियों को निकालकर अपने घर की मिट्टी के साथ नीले कपड़े में बांधकर बहते जल में प्रवाहित कर दें। जो भी तंत्र क्रिया आप पर किसी ने की होगी वह नष्ट हो जाएगी।*
🙏🏻 *8. यदि आपके घर में किसी भूत-प्रेत का साया है तो जब होली जल जाए, तब आप होलिका की थोड़ी-सी अग्नि अपने घर ले आएं और अपने घर के आग्नेय कोण में उस अग्नि को तांबे या मिट्टी के पात्र में रखें। सरसों के तेल का दीपक जलाएं। इस उपाय से आपकी परेशानी दूर हो जाएगी।*
🙏🏻 *9. बेरोजगार हैं तो होली की रात 12 बजे से पहले एक नींबू लेकर चौराहे पर जाएं और उसके चार टुकड़े कर चारों दिशाओं में फेंक दें। वापिस घर आ जाएं किन्तु ध्यान रहे, वापिस आते समय पीछे मुड़कर न देखें।*
🙏🏻 *10. यदि आपका पैसा कहीं फंसा है तो होली के दिन 11 गोमती चक्र हाथ में लेकर जलती हुई होलिका की 11 बार परिक्रमा करते हुए धन प्राप्ति की प्रार्थना करें..फिर एक सफेद कागज पर उस व्यक्ति का नाम लाल चन्दन से लिखें जिससे पैसा लेना है फिर उस सफेद कागज को 11 गोमती चक्र के साथ में कहीं गड्ढा खोदकर दबा दें। इस प्रयोग से धन प्राप्ति की संभावना बढ़ जाएगी।*
🙏🏻 *11. यदि आपको कोई अज्ञात भय रहता है तो होली पर एख सूखा जटा वाला नारियल, काले तिल व पीली सरसों एक साथ लेकर उसे सात बार अपने सिर के ऊपर उतार कर जलती होलिका में डाल देने से अज्ञात भय समाप्त हो जाएगा।*
🙏🏻 *12. होलिका दहन के दूसरे दिन होलिका की राख को घर लाकर उसमें थोड़ी सी राई व नमक मिलाकर रख लें। इस प्रयोग से भूत-प्रेत या नजर दोष से मुक्ति मिलती है।*
🙏🏻 *13. शत्रुओं से छुटकारा पाने के लिए होलिका दहन के समय 7 गोमती चक्र लेकर भगवान से प्रार्थना करें कि आपके जीवन में कोई शत्रु बाधा न डालें। प्रार्थना के पश्चात पूर्ण श्रद्धा व विश्वास के साथ गोमती चक्र जलती हुई होलिका में डाल दें।*
🙏🏻 *14. शीघ्र विवाह के लिए होली के दिन किसी शिव मंदिर जाएं और अपने साथ 1 साबुत पान, 1 साबुत सुपारी एवं हल्दी की गांठ रख लें। पान के पत्ते पर सुपारी और हल्दी की गांठ रखकर शिवलिंग पर अर्पित करें। इसके बाद पीछे देखे बिना अपने घर लौट आएं। यही प्रयोग अगले दिन भी करें। इसके साथ ही समय-समय पर शुभ मुहूर्त में यह उपाय करते रहें । जल्दी ही विवाह के योग बन जाएंगे।*
🙏🏻 *15. होली से शुरू करके बजरंग बाण का 40 दिन तक नियमित पाठ करने से हर मनोकामना पूर्ण हो सकती है।*

📖 *सनातन पंचांग संपादक ~ अंजनी निलेश ठक्कर*
📒 *सनातन पंचांग प्रकाशित स्थल ~ सुरत शहर (गुजरात)*
🚩~*सनातन पंचांग* ~🚩
आज का राशिफल
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मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज के दिन आपके व्यक्तित्त्व में निखार रहेगा लेकिन स्वभाव का जिद्दीपन अन्यलोगों विशेषकर परिजनों के लिये भारी पड़ेगा। जाने अनजाने में कोई अनैतिक कर्म करेंगे जिसे बाद में परिजनों को भुगतना पड़ेगा जिससे घर का शांत माहौल भी खराब होगा। कार्य व्यवसाय से लाभ की सम्भवना कम ही है आपके हिस्से का लाभ किसी अन्य के पक्ष में जा सकता है सतर्क रहें धन लाभ असमय और अकस्मात होने की सम्भवना है लापरवाही करी तो हाथ नही लगेगा। व्यवसाय में निवेश आज भूल से भी ना करें हानि ही होगी। घर मे कुछ समय को छोड़ उत्सव का वातावरण रहेगा। काम वासना अधिक रहेगी लेकिन ध्यान रहे कोई गलत काम सभी प्रकार से नुकसानदेह होगा। यात्रा अतिआवश्यक होने पर ही करें।

वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज आप जिस भी कार्य को करना आरंभ करेंगे या करने का विचार करेंगे उसमे कोई ना कोई बिना मांगे अपनी राय देगा जिससे कुछ समय के लिये दुविधा में पड़ेंगे। मध्यान तक आलस्य के कारण कार्यो की गति धीमी रहेगी इसके बाद भी कार्य व्यवसाय में रुचि होने पर भी किसी न किसी के कारण ठीक से ध्यान नही दे पाएंगे धन की आमद आज कार्य समय से करने पर भी विलंब से अथवा आगे के लिये टलेगी ऊपर से खर्च बढ़ने से आर्थिक संतुलन गड़बड़ायेगा। घर मे वातावरण पल पल में बदलेगा सहयोग की कमी के चलते अव्यवस्था बढ़ेगी। पिता अथवा किसी वृद्ध के स्वास्थ्य के ऊपर खर्च भी करना पड़ेगा लेकिन भविष्य के लिये उत्तम मार्गदर्शन भी मिलेगा। लम्बी यात्रा की योजना आज मन मे ही रहने की संभावना है फिर भी छोटी मोटी पर्यटन अथवा धार्मिक यात्रा अवश्य होगी।

मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज के दिन आपको बैठे बिठाये आकस्मिक लाभ की प्राप्ति होगी चाहे किसी भी रूप में हो। दिन का पहला भाग धीमी दिनचार्य के कारण खराब होगा लेकिन इसके बाद का अधिकांश समय अपने मन की ही करेंगे जिससे कही ना कही परेशानी भी होगी। आज भूमि भवन के रखरखाव अथवा अन्य प्रकार से अचल संपत्ति के उर खर्च करना पड़ेगा। घर का वातावरण धार्मिक रहेगा मित्र रिश्तेदारों के आगमन से उत्साह बढेगा। कार्य व्यवसाय में आज ज्यादा समय नही दे पाएंगे फिर भी थोड़े समय मे ही खर्च निकाल लेंगे। महत्तवपूर्ण कार्यो को आगे के लिये ना टाले अन्यथा पूर्ण होने में संदेह रहेगा। संध्या के समय उत्तम भोजन वाहन सुख मिलेगा लेकिन किसी न किसी से कलह भी हो सकती है वाणी का प्रयोग संतुलित करें।

कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज के दिन आप कोई नापसंद कार्य करने पर गुस्से में रहेंगे लेकिन कार्य क्षेत्र पर अनुकूल वातावरण भी मिलते रहेंगे। दिन का पूर्वार्ध धीमी गति से कार्य करने पर व्यर्थ जाएगा इसके बाद कई दिनों से लटके कार्यो को पूर्ण करने में परेशानी आएगी फिर भी पारिवारिक सदस्य का सहयोग मिलने से धीरे धीरे पूर्ण कर लेंगे। व्यवसाय से आज आशा के समय लाभ नही होगा जिस समय आराम अथवा अन्य कार्यो में व्यस्त होंगे तभी अकस्मात काम मिलने से दुविधा होगी लेकिन जोड़तोड़ कर इससे कुछ लाभ ही कमाएंगे। पिता को छोड़ घर के अन्य सदस्य आपसे प्रसन्न ही रहेंगे। घरेलू खर्च में आज वृद्धि होने से बजट प्रभावित होगा। मित्र परिचितों से उपहार स्नेह का आदान-प्रदान होगा। सेहत आज ठीक रहेगी वर्जित कार्यो से बचे।

सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज का दिन आपके लिये आरामदायक रहेगा लेकिन आज बेतुकी बयानबाजी से बचना होगा अन्यथा बैठे बिठाये अपमानित हो सकते है। दिन का आरंभ में सुस्ती रहेगी लेकिन घर मे आवश्यक कार्य होने के कारण बेमन से काम करना पड़ेगा। मनोरंजन को छोड़ अन्य किसी भी कार्य के लिये तैयार नही होंगे कार्य करते वक्त किसी के टोकने अथवा इच्छा पूर्ति में बाधा पहुचाने पर एक दम से उग्र हो जाएंगे। कार्य व्यवसाय में रुचि कम रहेगी फलस्वरूप सीमित आय से संतोष करना पड़ेगा। नौकरी पेशाओ को आज किसी न किसी की सुननी पड़ेगी। भाई बंधुओ को प्रसन्न देख मन मे ईर्ष्या बनेगी। सेहत सामान्य रहेगी जोखिम से बचें।

कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज परिस्थिति में थोड़ा सुधार अनुभव करेंगे लेकिन कामना पूर्ति में आज भी कोई न कोई अड़चन बनी रहेगी। मध्यान से पहले कोई भी महत्तवपूर्ण निर्णय ना ले अन्यथा अधूरा रह सकता है मध्यान बाद मन पर चंचलता हावी रहेगी इसलिये बिना किसी अनुभवी की सलाह धन अथवा पैतृक सम्बंधित कोई कार्य ना करे। व्यावसायिक अथवा सामाजिक क्षेत्र पर लोग आपको नीचा दिखाने का प्रयास करेंगे इनको अनदेखा करना ही बेहतर रहेगा अन्यथा मन मे नकारात्मकता जन्म लेने से आगे के लिये हानिकारक रहेगा। संध्या से पहले का समय राहत भरा रहेगा घर का वातावरण आंनदित रहेगा घर मे पूजा पाठ के आयोजन होंगे। स्वास्थ्य आज ठीक रहेगा फिर भी ठंडी वस्तु के सेवन से परहेज करें।

तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज के दिन आपका व्यवहार ढुलमुल रहेगा मध्यान तक आप प्रत्येक कार्य मे आलस्य दिखाएंगे लेकिन बेमन से घरेलू कार्य करने ही पड़ेंगे। घर एव बाहर साहस का परिचय केवल बातो में ही देंगे लेकिन आवश्यकता के समय टालमटोल करेंगे। आज अधिक परिश्रम वाले कार्यो से बचने का प्रयास करेंगे फिर भी दोपहर तक किसी न किसी कारण से मेहनत करनी ही पड़ेगी। दोपहर बाद सेहत में नरमी आने लगेगी इसलिये आवश्यक कार्य पहले ही कर लें। कार्य व्यवसाय से परिश्रम के बाद ही लाभ की प्राप्ती होगी वह भी आज की जरूरत से कम ही। घर मे पति-पत्नी से वादाखिलाफी अथवा अन्य कारणों से कलह हो सकती है। संध्या बाद सेहत ठीक ना होने पर भी मनोरंजन के अवसर हाथ से नही जाने देंगे रात्रि के समय शरिरीक शिथिलता अधिक बनेगी सतर्क रहें।
आज के दिन आपका व्यवहार ढुलमुल रहेगा मध्यान तक आप प्रत्येक कार्य मे आलस्य दिखाएंगे लेकिन बेमन से घरेलू कार्य करने ही पड़ेंगे। घर एव बाहर साहस का परिचय केवल बातो में ही देंगे लेकिन आवश्यकता के समय टालमटोल करेंगे। आज अधिक परिश्रम वाले कार्यो से बचने का प्रयास करेंगे फिर भी दोपहर तक किसी न किसी कारण से मेहनत करनी ही पड़ेगी। दोपहर बाद सेहत में नरमी आने लगेगी इसलिये आवश्यक कार्य पहले ही कर लें। कार्य व्यवसाय से परिश्रम के बाद ही लाभ की प्राप्ती होगी वह भी आज की जरूरत से कम ही। घर मे पति-पत्नी से वादाखिलाफी अथवा अन्य कारणों से कलह हो सकती है। संध्या बाद सेहत ठीक ना होने पर भी मनोरंजन के अवसर हाथ से नही जाने देंगे रात्रि के समय शरिरीक शिथिलता अधिक बनेगी सतर्क रहें।

वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज के दिन परिजनों का व्यवहार आपके स्वभाव पर निर्भर रहेगा इसलिये सनकी मिजाज त्याग मिलनसार बने अन्यथा आज सुख चैन से नही बैठ पाएंगे। आज कार्य क्षेत्र के साथ घरेलू कार्य भी सर पर आने से असमंजस में रहेंगे रूखा व्यवहार रहने पर सहयोग की आशा भी ना रखे। घर मे पति पत्नी का स्वभाव पल पल में बदलने से कलह जैसी स्थिति बनेगी। कार्य क्षेत्र से आशा तो काफी रहेगी लेकिन पुर्व में कई गलतियों के कारण आज पश्चाताप होगा धन की आमद कम होने पर खर्च की पूर्ति भी नही कर पाएंगे। दोपहर बाद का समय अत्यंत खर्चीला रहेगा घरेलू आवश्यकताओं की पूर्ति में टालमटोल ना करें अन्यथा झगड़ा हो सकता। माता को छोड़ अन्य किसी से विचार मेल नही खाएंगे। स्वास्थ्य आज सामान्य रहेगा।

धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज आप बीते कल की तुलना में कुछ संतोषि रहेंगे लेकिन महिला वर्ग इसके विपरीत अन्य लोगो से स्वयं एवं परिवार की तुलना करने पर कुछ समय के लिये उदास रहेंगी। दिन के पूर्वार्ध से मध्यान तक घरेलू कार्यो की व्यस्तता के चलते अन्य कार्यो में फेरबदल करनी पड़ेगी। कार्य क्षेत्र पर भी आज विलंब होगा लेकिन इसका ज्यादा प्रभाव नही पड़ेगा। व्यवसाय में दोपहर के बाद अकस्मात उछाल आने से कई दिनों से अटकी मनोकामना की पूर्ति कर सकेंगे लेकिन दैनिक खर्चो के अतिरिक्त खर्च आने से बचत संभव नही होगी। घर मे पति पत्नी के बीच भी आर्थिक विषय एवं मन मर्जी कलह का कारण बनेंगे। संध्या बाद का समय पिछले कई दिनों की तुलना में बेहतर रहेगा सुख में वृद्धि होगी। वाहन अथवा अन्य उपकरणों से दुर्घटना के योग है सावधान रहें।

मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज के दिन भी आप अपने ही स्वभाव के कारण घर मे अशांति का कारण बनेंगे। घर मे स्त्री वर्ग से सावधान रहें आपकी छोटी-छोटी बातों को भी बक्सने वाली नही। मध्यान तक का समय व्यर्थ बोलने की आदत के चलते अशांत होगा बाद में इसका पछतावा भी होगा। दोपहर के बाद से स्थिति सामान्य होने लगेगी कार्य व्यवसाय में भी प्रतिस्पर्धियों को पछाड़ लाभ के सौदे अपने हक में करेंगे इसके लिये काफी माथा पच्ची भी करनी पड़ेगी। घर के सदस्यों को मनाने के लिये अधिक खर्च करना पड़ेगा यही प्रायश्चित करने का मौका भी रहेगा हाथ से जाने ना दे। संध्या बाद सभी प्रकार से सुखों की प्राप्ती होने पर मन आनंद से भरा रहेगा लेकिन स्वयं अथवा परिजन की सेहत में अकस्मात खराबी आने पर रंग में भंग की स्थिति बनेगी। आज खर्च करने में मितव्ययता बरते अन्यथा बाद में आर्थिक उलझने हो सकती है।

कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज का दिन कुछ कार्यो को छोड़ व्यर्थ की भागदौड़ में बीतेगा घरेलू कार्यो को लेकर किसी से बहस होकर दिन का आरंभ होगा मध्यान तक इसका प्रभाव मस्तिष्क पर रहेगा इसके बाद ही स्थिति सामान्य हो पायेगी। आज आपके सामाजिक दायरे में वृद्धि होगी लेकिन दुष्ट प्रकृति के लोगो की संगत से बचे अन्यथा स्वयं के साथ परिजनों का भी अपमान करवाएंगे। महिलाए को आज अन्य दिनों की तुलना में अधिक कार्य करना पड़ेगा आवश्यकता के समय सहयोग ना मिलने पर मन मे झुंझलाहट आएगी जिससे घर मे थोड़ी देर के लिये अशांति होगी। दोपहर से लेकर संध्या बाद तक का समय मनोरंजन में बीतेगा खर्च भी आज आवश्यकता से अधिक करेंगे बाद में ग्लानि होगी। सेहत संध्या बाद अस्थिर बनेगी। धन लाभ अल्प होगा।

मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज आप किसी भी कार्य को लेकर गंभीर नही रहेंगे दिन के आरंभ से ही आलस्य और सुस्ती बनी रहेगी मध्यान बाद किसी आवश्यक कार्य को लेकर पिता अथवा घर के अन्य सदस्य से कहासुनी हो सकती है। मध्यान बाद का अधिकांश समय इधर उधर की करने में खराब करेंगे। कार्य व्यवसाय से आज ज्यादा उम्मीद ना रखे मध्यान तक आलस्य की भेंट चाहेगा इसके बाद जल्दबाजी में कार्य करेंगे फिर भी आवश्यकता अनुसार धन मिल ही जायेगा। संध्या के समय सेहत में दोबारा से नरमी बनेगी लेकिन अनदेखी करेंगे धार्मिक भावो में वृद्धि होगी धार्मिक क्षेत्र की यात्रा करेंगे। रात्रि का समय आनंद मनोरंजन में बीतेगा खर्च आज अनियंत्रित रहेंगे।।
〰️〰️🙏राधे राधे🙏〰️〰️
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞
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🚩*”ll जय शिव शंकर ll”*🚩
〰〰 *🙏जय भोले नाथ🙏*〰〰
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