चित्र में जो ढेर पड़ा है वह #कट्टरपंथ है, वह भी #रमजान के मुकद्दस दिनों में।
इन लोगों ने कभी #कयामत से नीचे बात नहीं की, कभी दूसरे मत के लोगों को मनुष्य नहीं समझा।
आप चाहे इनसे बात करें या किसी मदरसे के #मजहबी बच्चे से बात करें आपको वही टोन मिलेगी जिसमे कहा जायेगा कि हम मिटा देंगे। काट देंगे,
इन्होंने कभी बनाने या बसाने की बात नहीं की, सदैव तोड़ने और उजाड़ने के ही नारे लगाये।
जीशान वह है जिसने सलीम वास्तिक पर ताबड़तोड़ प्रहार किये।
क्योंकि सलीम वास्तिक ने मजहबी शिक्षाओं पर सवाल पूछे?
जो किताब में लिखा गया है, जो हदीसो में कहा गया है केवल उसी पर सलीम ने जवाब मांगे।
उसने आल्हा के इस्लाम और मुल्ला के इस्लाम मे अंतर बताया।
इतनी गुस्ताखी बहुत थी उसका सिर काटने को, इसका उल्लेख भी सलीम ने कई बार किया कि कैसे सवाल उठाने वालों को कत्ल कर देने का आदेश किताब में है।
जीशान कोई अकेला नहीं है जो सलीम या अन्य एक्स मुस्लिम को जिबह कर देना चाहता था। करोडों लोग चाहते थे कि सलीम उन्हें मिल जाये तो वे उसका सर तन से जुदा कर दें।
लेकिन सलीम तो बच गया जीशान जिहाद की भेंट चढ़ गया। भारत में गजवा करने का मंसूबा रखने वाला जीशान एक आदमी को नहीं मार सका और पहले झटके में ढेर हो गया।
अब देखिये शियाओं का सबसे बड़ा नेता अली खेमनई। हिजाब ना पहनने जैसे काम के लिए सैंकड़ो लोगों को एक लड़की का बलात्कार करने की छूट देने वाला व्यक्ति।
महिलाओं और यहूदियों से आजीवन बैर रखने वाला व्यक्ति।
पर्सिया के महान इतिहास वाली धरा को रक्तरंजित करने वाला व्यक्ति।
इस्लामिक आतंकी पूरे संसार की समस्या है। आतंक के आका खुमैनी का अंत आवश्यक था।
खामेनेई के कुकुर्म
1) 9 साल की लड़की की शादी को मान्यता दी
2) बाप अपनी बेटी से शादी कर सकता था
3) महिलाएं सिर्फ भोग की वस्तु है उनको पर्दे से बाहर नहीं भेजना चाहिए
4) हजारों लाखों महिलाओं का हत्यारा था खामेनेई
5) खामेनेई के खिलाफ आन्दोलन करने वाली हजारों महिलाओं को रेप के बाद मार दिया गया
6) ये ओप्रेशन सिंदूर में पाकिस्तान के साथ खड़ा था और सहायता भेजी थी
7) कारगिल की जंग में इसने पाकिस्तान को मदद भेजी थी
8) जिन खाड़ी देशों कुवैत, सऊदी अरब, बहरीन जार्डन पर खामेनेई ने हमला किया, वहां लाखों करोड़ों भारतीय काम करने गए हैं,
ऐसे में जंग छेड़कर खामेनेई ने उनकी जिंदगी को खतरे में तो डाला ही और साथ में अगर वर्ल्ड वार होती है तो उनके रोजगार पर भी संकट खड़ा होगा।
बड़ी बड़ी फेकेंगे और फिर पिट जाएंगे। उपर ७२ हूरें मिलने की झूठी कहानी बता कर नयी पीढ़ी को आतंकी बनाने वाले और आतंकवादियों के जहन्नुम जाने पर उनकी बेवा उठाने वाले
गोधरा में ट्रेन की बोगी में श्रद्धालुओं को जिंदा जलाकर मार देने वाले खुद को शेर समझ रहे थे, लेकिन प्रतिक्रिया में गुजरात हुआ तो यूएन तक रोने गये।
इनकी भभकी से आप डर गए तो मर गए।
अड़ गये तो ये उखड़ गए।
आतंक के खलीफा खेमनाई जैसे नीच को योद्धा नहीं बल्कि क्रूर हत्यारा कहना ज्यादा उचित है।
आतंकवादीयों का केवल यही एक उपचार है।
धरती को तत्काल आतंकवादीयों के बोझ से मुक्त करना ही शास्त्रों में धर्म कहा गया है। ✍️✍️✍️
किसने सोचा होगा कि तीसरा विश्व युद्ध इन देशों के बीच लड़ा जाएगा: एक तरफ़ होंगे अमेरिका +इज़राइल +यूएई +बहरीन +सऊदी अरब +कतर +कुवैत और
दुसरी तरफ होंगे ईरान +बामपंथी +पवन खेड़ा +इल्हान उमर +स्वरा भास्कर +राणा अय्यूब+राहुलगांधी+केजरीवाल+अखिलेश यादव+मोहमद रिजवान+बाबर आजम अब्दुल 🤷♂️😂😅 (प्रेरित – साभार https://www.facebook.com/share/p/1abmTEbPta/)
