हम यदाकदा सुनते हैं कि एविएशन इंडस्ट्री (हवाई जहाज़) से निकलने वाला धुआं पर्यावरण के लिए सबसे बड़ा खतरा है और इसे कम करना पूरी दुनिया के लिए एक बड़ी चुनौती है। लेकिन अब भारत की इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने इसका एक ऐसा ज़बरदस्त और ‘ईको-फ्रेंडली’ तोड़ निकाल लिया है, जो इतिहास के पन्नों में दर्ज़ हो गया है।
इंडियन ऑयल की पानीपत रिफाइनरी (हरियाणा) भारत की पहली ऐसी रिफाइनरी बन गई है, जिसने इस्तेमाल किए हुए कुकिंग ऑयल को सफलतापूर्वक प्रमाणित ‘सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल’ में बदल दिया है।
आसान भाषा में कहें तो, जो तेल घरों या रेस्टोरेंट में खाना तलने के बाद बच जाता है और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो जाता है, अब उसी वेस्ट तेल को रिफाइन करके हाई-वैल्यू ‘जेट फ्यूल’ बनाया जा रहा है! यह सिर्फ एक वैज्ञानिक चमत्कार नहीं है, बल्कि भारत के लिए एक बड़ा गेम-चेंजर है।
इससे हवाई यात्राओं के दौरान होने वाले ‘कार्बन एमिशन’ में भारी कमी आएगी।देश की ऊर्जा सुरक्षा मज़बूत होगी और हमें दूसरे देशों से महंगा कच्चा तेल कम खरीदना पड़ेगा।
