मुख्यमंत्री धामी ने सोमवार को काशीपुर में मां बाल सुंदरी मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश के चहुंमुखी विकास और सुख-शांति की कामना की, कानून व्यवस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं, आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों पर कार्यवाही के लिए सघन अभियान चलाने के डीजीपी को दिए निर्देश, राज्य के विकास में कर्मचारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण – मुख्यमंत्री धामी

 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को काशीपुर में मां बाल सुंदरी मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश के चहुंमुखी विकास और सुख-शांति की कामना की। इसके उपरांत उन्होंने मंदिर प्रांगण में आयोजित भजन संध्या का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर चैती मेला कोष की धनराशि से मां बाल सुंदरी मंदिर के सौंदर्यीकरण एवं मंदिर परिसर के विकास की घोषणा की।

 मुख्यमंत्री ने चैती मेले में सभी श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए मां बाल सुंदरी से सभी की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि यह केवल एक मेले का आयोजन नहीं, बल्कि हमारी लोक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और गौरवशाली परंपराओं का जीवंत महोत्सव है। इस मेले में हमारे पारंपरिक उत्पादों के स्टॉल तथा स्थानीय कलाकारों द्वारा प्रस्तुत विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियां इस मेले को और भी अधिक आकर्षक बनाती हैं। मुझे पूर्ण विश्वास है कि चैती मेले का यह भव्य आयोजन क्षेत्र के व्यापार, पर्यटन और स्थानीय विकास को नई गति देने के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगा।

 मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में हमारा राज्य विकास और समृद्धि के नए-नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। इसी क्रम में सरकार काशीपुर क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए भी विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं के माध्यम से तेजी से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा काशीपुर में 133 एकड़ क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर पार्क विकसित किया जा रहा है। इसमें 16 औद्योगिक इकाइयों का आवंटन हो चुका है, जो आने वाले समय में युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित करेगा। इसी प्रकार, काशीपुर-रामनगर राजमार्ग को चार लेन में उन्नत करने के लिए 494 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि स्वीकृत की गई है। साथ ही यहां 3 किलोमीटर लंबा मिनी बाईपास भी प्रारंभ हो चुका है। उन्होंने कहा कि 4 करोड़ रुपये की लागत से सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय का निर्माण भी किया गया है और 7 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से काशीपुर, हरिद्वार और ऋषिकेश में ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक की सुविधा भी प्रारंभ की गई है।

 मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 1,950 करोड़ रुपये की लागत से काशीपुर में पेयजल, सीवरेज, सड़क सुधार और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट जैसे महत्वपूर्ण कार्य तेजी से आगे बढ़ाए जा रहे हैं। इसके अलावा यहां रोजगार और उद्योग को बढ़ावा देने के लिए 1100 करोड़ रुपये की औद्योगिक हब परियोजना तथा 100 करोड़ रुपये की अरोमा पार्क परियोजना पर भी कार्य चल रहा है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि शहर में बहुमंजिला पार्किंग और नए तहसील कार्यालय का निर्माण कार्य भी जारी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार चैती मंदिर को मानसखंड कॉरिडोर से जोड़कर इसे एक प्रमुख सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए भी तेजी से कार्य कर रही है। क्योंकि हमारा लक्ष्य है कि काशीपुर औद्योगिक नगर के साथ-साथ आस्था और श्रद्धा की नगरी के रूप में भी अपनी विशिष्ट पहचान बनाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य विकास के साथ-साथ उत्तराखंड की पहचान, संस्कृति और सामाजिक संतुलन की रक्षा करना भी है और इस दिशा में हम लगातार ठोस कदम उठा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून और दंगारोधी कानून लागू किए गए हैं। ऑपरेशन कालनेमि के तहत राज्य में सनातन धर्म को बदनाम करने वालों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की है। आज उत्तराखंड को यह गौरव प्राप्त है कि यह देश का पहला ऐसा राज्य है, जहां समान नागरिक संहिता लागू की गई है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारी सरकार सिर्फ बातें नहीं करती, बल्कि कड़े “एक्शन” भी लेती है। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए हमने “देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून” लागू किया और इसी का परिणाम है कि पिछले साढ़े चार वर्षों में राज्य में 32 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है, जो पिछली सरकारों के मुकाबले चार गुना से भी ज्यादा है। उन्होंने कहा कि हमारी डबल इंजन सरकार काशीपुर में जाम की समस्या से मुक्ति दिलाने के लिए ओवरब्रिज बना रही है, सड़कों का चौड़ीकरण कर रही है और उद्योगों के लिए सुरक्षित माहौल तैयार कर रही है।

कार्यक्रम में कैबिनेट/जनपद प्रभारी मंत्री प्रदीप बत्रा, विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, शिव अरोरा, जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, मेयर दीपक बाली, दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, बलराज पासी, विनय रुहेला, फरजाना बेगम, शंकर कोरंगा, मंजीत सिंह राजू, पूर्व विधायक हरभजन सिंह चीमा, डॉ. शैलेन्द्र मोहन सिंघल, राजेश कुमार, ऊषा चौधरी, सतीश भट्ट, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, वीसी प्राधिकरण जय किशन, अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी व जनता मौजूद थे।

 

 *लॉ एंड ऑर्डर पर सीएम धामी सख्त, अधिकारियों को कड़ी चेतावनी*

*कानून व्यवस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं, आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों पर कार्यवाही के लिए सघन अभियान चलाने के डीजीपी को दिए निर्देश*

*कुठालगेट चौकी इंचार्ज और उप आबकारी निरीक्षक निलंबित*

देहरादून में हाल ही में हुई कानून-व्यवस्था से जुड़ी घटना पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राज्य में किसी भी कीमत पर कानून व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर सोबन सिंह उप, उप आबकारी निरीक्षक क्षेत्र-3 मसूरी, जनपद-देहरादून और प्रभारी कुठालगेट चौकी उपनिरीक्षक ना.पु अशोक कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। 

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रदेशभर में तत्काल प्रभाव से व्यापक चेकिंग अभियान चलाया जाए और सभी अवांछित एवं हुड़दंग करने वाले तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि रोड रेज, फायरिंग, और देर रात तक चलने वाली अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह अंकुश लगाया जाए।

मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता आम जनता की सुरक्षा है और इसके लिए हर जरूरी कदम उठाया जाएगा। उन्होंने पुलिस और प्रशासन को पूरी सख्ती और मुस्तैदी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।देहरादून में हालिया घटना के बाद संबंधित अधिकारियों के निलंबन को इसी सख्ती का उदाहरण बताते हुए उन्होंने कहा कि आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।

उधर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने मंगलवार को सचिवालय में शहर में लॉ एंड ऑर्डर को लेकर गृह और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक ली। मुख्य सचिव ने रोड रेज और हुड़दंग की घटनाओं के बढ़ने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए ऐसी घटनाओं रोकने के लिए निगरानी बढ़ाए जाने और हुड़दंगियों पर कठोर कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने देहरादून शहर और उसके आसपास के क्षेत्रों में पुलिस की गस्त बढ़ाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने एसएसपी देहरादून को अपने सभी थानेदारों को पीक ऑवर में गस्त बढ़ाए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि डे – नाईट पेट्रोलिंग के साथ ही मॉर्निंग पेट्रोलिंग को भी बढ़ाया जाए।

मुख्य सचिव ने बार और रेस्टोरेंट क्लोजिंग के लिए निर्धारित समय को कठोरता से लागू करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि सप्ताहांत में देहरादून को पार्टी और हुड़दंगियों को अड्डा ना बनने दिया जाए, इसके लिए हुड़दंगियों पर कठोर कार्रवाई की जाए।

मुख्य सचिव ने बार संचालन के नियमों का पालन ना करने वाले बार और अवैध बार संचालकों पर भी कठोर कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अपनी ड्यूटी को मुस्तेदी से ना करने वाले लापरवाह अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि शहर के आसपास के क्षेत्रों में खुले होम स्टे पर भी निगरानी किए जाने की आवश्यकता है। इसके लिए होम स्टे की मैपिंग की जाए एवं निगरानी रखी जाए कि ये होम स्टे जो टूरिज्म प्रमोशन के लिए बने थे, कहीं लगातार बार लाइसेंस लेकर इसका दुरुपयोग तो नहीं कर रहे हैं। किरायेदारों और पीजी में रहने वालों का भी सघन सत्यापन अभियान चलाया जाए।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में उत्तराखंड निकाय कर्मचारी संयुक्त मोर्चा द्वारा आयोजित आभार रैली में प्रतिभाग किया। उन्होंने कर्मचारियों द्वारा व्यक्त किए गए सम्मान के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे प्रदेश की देवतुल्य जनता को समर्पित बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राज्य के विकास में कर्मचारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है और नगर निकाय कर्मचारियों की जिम्मेदारी विशेष रूप से अहम है। उन्होंने कहा कि निकाय कर्मियों के अथक प्रयासों से ही शहरों और कस्बों में स्वच्छता एवं बुनियादी सुविधाएं सुचारु रूप से संचालित होती हैं। उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान कर्मचारियों द्वारा निभाई गई जिम्मेदारी और सेवा भाव को सराहते हुए इसे मानवता की उत्कृष्ट मिसाल बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड आस्था, संस्कृति और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्य है, यहां नगर निकायों की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है, विशेषकर चारधाम यात्रा, कांवड़ यात्रा और कुंभ जैसे आयोजनों के दौरान। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कर्मचारियों के सशक्तिकरण, सुरक्षा एवं संतुष्टि को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए सरकार संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है और चरणबद्ध तरीके से सभी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा नगर निकाय कर्मचारियों एवं पर्यावरण मित्रों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं, जिनमें पर्यावरण मित्रों का मानदेय बढ़ाकर ₹500 प्रतिदिन करना, चारधाम क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों को अतिरिक्त मानदेय प्रदान करना, वर्दी एवं स्नोबूट हेतु ₹2500 की सहायता, स्वास्थ्य एवं कल्याण योजनाओं के लिए वित्तीय प्रावधान, ₹5 लाख का ग्रुप टर्म लाइफ इंश्योरेंस लागू करना, ईपीएफ एवं ईएसआई लाभ सुनिश्चित करने हेतु निर्देश जारी करना, संविदा कर्मचारियों का वेतन ₹7,500 से बढ़ाकर ₹15,000 करने के साथ ही कई और निर्णय लिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा ‘स्वच्छ भारत मिशन’, ‘अमृत योजना’, ‘स्मार्ट सिटी मिशन’ एवं ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ जैसी योजनाओं के माध्यम से देश में व्यापक विकास कार्य किए जा रहे हैं। राज्य सरकार इन योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू कर प्रदेश के समग्र विकास को गति दे रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सफाई कर्मचारियों को ‘स्वच्छता मित्र’ के रूप में सम्मानित करते हुए उनके सुरक्षा और कल्याण हेतु ‘नमस्ते योजना’ तथा ‘आयुष्मान भारत योजना’ जैसी पहलें संचालित की जा रही हैं।

इस अवसर पर विधायक श्रीमती सविता कपूर, उत्तराखंड निकाय कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के मुख्य संयोजक श्री सुरेन्द्र तेश्वर, सह संयोजक श्री संतोष गौरव, श्री नरेश वेद एवं अन्य पदाधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।