चैत्र प्रतिपदा नवरात्रि एवं हिन्दू नव वर्ष का शुभारंभ, उत्तराखंड पर्यटन : जाने किसने कहा जहाँ भी हरियाणा, दिल्ली, चंडीगढ़, पंजाब, और उत्तर प्रदेश की बड़ी बड़ी गाड़ियाँ पहुँच जाती हैं, वहाँ कुछ नहीं बचता!!, डाक्टरों ने जिसे मृत बताकर भेजा पोस्टमार्टम के लिए लेकिन मुर्दा खड़ा हो कर भागा मोर्चरी से, वाराणसी गंगा नदी में नॉनवेज बिरयानी खाकर इफ्तार पार्टी करने वाले 14 मुस्लिम युवकों की हुई गिरफ्तारी कॉन्ग्रेस और लेफ्ट-लिबरल इकोसिस्टम उतरा बचाव में, आज का पंचाग आप का राशिफल

भारतीय हिंदू नव वर्ष विक्रम संवत् 2083 युगाब्द 5128 सभी सनातनियों और इष्ट मित्रों को शुभ कामनाए। विश्व का कल्याण हो प्राणियों में सद्भावना हो गो माता की रक्षा हो, दुख हर दारिद्य हर काल हर हर हर महादेव 🙏🌺जय श्री राम। इस नवरात्रि में माता भगवती चंडिका भवानी राजराजेश्वरी आपका कल्याण करें। जयंती मंगला काली भद्र काली कपालिनी दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोस्तुते।। जय जय श्रीमन् नारायण जी की सरकार 🌺🙏🌺🙏 ✍️डाॅ0 हरीश मैखुरी

कर्नल शिवेंद्र प्रताप सिंह कंवर ने कड़वा सच कहा जिसे सुनकर कई लोगों के ‘इगो’ को चोट लग सकती है। उन्होंने कहा कि जहाँ भी हरियाणा, दिल्ली, चंडीगढ़, पंजाब, और उत्तर प्रदेश की गाड़ियाँ पहुँच जाती हैं, वहाँ कुछ नहीं बचता। सब बर्बाद हो जाता है। मुझे उत्तराखंड जैसी जगहें बहुत पसंद है लेकिन उन्होंने इन खूबसूरत पहाड़ों को नष्ट कर दिया है।

कर्नल कंवर ने वही कहा जो सब लोग सोचते हैं.. खासकर पहाड़ों में रहने वाले स्थानीय लोग। पहाड़ कोई कंक्रीट का जंगल नहीं हैं। जब हजारों गाड़ियां एक साथ इन संवेदनशील पहाड़ों में पहुंचती हैं, तो उनका धुआं, प्रदूषण और पर्यटकों द्वारा फेंका गया कचरा (प्लास्टिक, बीयर की बोतलें, चिप्स और मैगी के पैकेट) वहां के ईकोसिस्टम को बर्बाद कर देता है। ये लोग पहाड़ों पर शांति या प्रकृति का आनंद लेने नहीं, बल्कि पार्टी करने आते हैं। तेज म्यूजिक बजाना, हुड़दंग मचाना और स्थानीय संस्कृति और लोगों का अनादर करते हैं। पहाड़ों में पानी और बिजली जैसी बुनियादी चीजें सीमित होती हैं। जब अचानक से लाखों पर्यटक वहां पहुंचते हैं, तो स्थानीय लोगों के लिए पानी तक का संकट खड़ा हो जाता है। पहाड़ों को एक संवेदनशील ईकोसिस्टम की तरह देखने के बजाय, ये लोग इसे सिर्फ अपना वीकेंड प्लेग्राउंड समझते हैं। ये नहीं समझते कि पहाड़ों को बर्बाद नहीं करना, बल्कि उनको बचाना है। यह अनियंत्रित मास टूरिज्म हिमालयी राज्यों को बर्बाद कर देगा।

#SaveHimalayas

मुर्दाघर में पोस्टमॉर्टम के लिए लाया गया एक शव अचानक उठकर खड़ा हो गया. कुछ पल उसने इधर-उधर देखा, एक नजर खुद पर डाली और अचानक नग्न अवस्था में उसने बाहर की तरफ दौड़ लगा दी. पीएम हाउस के आसपास मौजूद लोगों ने जब पीएम हाउस से नग्न अवस्था में एक युवक को बदहवास सा भागते देखा तो होश फाख्ता हो गए. बाद में युवक को संभाला गया. दरअसल सल्फास खाकर आए एक युवक को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था, जिसे पीएम के लिए भेज दिया था.

जानकारी अनुसार मध्य प्रदेश के गुना जिला अस्पताल में रूह कंपा देने वाला व हद से ज्यादा लापरवाही का मामला सामने आया है. यहां डॉक्टरों ने एक 20 साल के युवक को मृत घोषित किया था. उसे पीएम के लिए जिला अस्पताल के पीएम हाउस में रखने के लिए भेज दिया था. घटना उस वक्त और भी सनसनीखेज हो गई, जब युवक को मर्चुरी की ठंडी मेज पर अचानक होश आ गया और वह खुद को नग्न अवस्था में पाकर, जान बचाने के लिए वहां से बाहर की ओर भागा. अस्पताल परिसर में एक कथित मृत व्यक्ति को जिंदा होकर भागते देख मरीजों और स्टाफ के बीच हडक़ंप मच गया और लोग डर के मारे इधर-उधर भागने लगे.

गंगा में हड्डी ही तो फेंकी है, हिंदू तो अस्थियाँ बहाते हैं. पढ़िए कैसे लेफ्ट-लिबरल गैंग कर रहा मुस्लिम युवकों की घृणा का बचाव, कॉन्ग्रेसी बता रहे ‘इफ्तार’

वाराणसी में गंगा नदी में नॉनवेज बिरयानी खाकर इफ्तार पार्टी करने वाले 14 मुस्लिम युवकों की गिरफ्तारी की गई। कॉन्ग्रेस और लेफ्ट-लिबरल इकोसिस्टम इनका बचाव करने पर उतर गया है।
उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले से गंगा नदी में नॉनवेज बिरयानी खाकर इफ्तार पार्टी करते नाव पर सवार कुछ मुस्लिम युवकों का वीडियो सामने आया।

वीडियो पर संज्ञान लेते हुए बीजेपी के महानगर युवा अध्यक्ष रजत जायसवाल ने FIR दर्ज करवाई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 14 लोगों को गिरफ्तार किया। अब इस घटना पर कॉन्ग्रेस और लेफ्ट-लिबरल इकोसिस्टम इन मुस्लिम लोगों का बचाव करने पर उतर गया है।

कॉन्ग्रेसियों को सनातन धर्म में पवित्र माने जाने वाली गंगा नदी में नॉनवेज बिरयानी का सेवन करना गलत नहीं लगा। उल्टा सनातनियों की आस्था पर सवाल करना शुरू कर दिया। कॉन्ग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत का सवाल है कि आखिर इन मुस्लिम लोगों ने कौन-सा कानून तोड़ा है? वह पूछती हैं कि इनका पाप क्या है? और यह पूछते हुए वह समाज पर सवाल खड़े करती हैं कि आज के समय में समाज किस ओर जा रहा है?

क्योंकि वे आरोपित मुस्लिमों के असली पाप को अपने पोस्ट में खुद ही छिपा लेती हैं। उनकी जानकारी में यह सिर्फ एक इफ्तार पार्टी थी, जिसे रमजान के महीने में हर मुस्लिम को करने का मजहबी हक है। लेकिन वह इस तथ्य को छिपाती हैं कि वह पवित्र गंगा नदी में नॉनवेज खा रहे थे और यह भी कि उन्होंने चबाई हुई हड्डियाँ तक माँ गंगा के पवित्र जल में फेंकीं। और यह कृत्य बिंदू माधव केके ठीक सामने किया गया।
इफ्तार पार्टी बताकर इसे सही ठहराने वाली कॉन्ग्रेस किस मदरसे की दीन दे रही है, क्योंकि मौलवी तो खुद इसे गलत ठहरा रहे हैं। वाराणसी के ही अंजुमन इन्तेजामिया मसाजिद के संयुक्त सचिव एसएम यासीन ने इसकी निंदा की है। उन्होंने कहा कि इफ्तार एक शुद्ध धार्मिक कार्य है, कोई पिकनिक नहीं है। उन्होंने यह भी साफ कहा कि इफ्तार के बाद तुरंत मगरिब की नमाज जरूरी है।

कॉन्ग्रेस तथ्यों को आसानी से छिपाना जानती है, क्योंकि इससे उन मुस्लिम लोगों की सच्चाई सामने आती है कि उन्होंने ऐसा जानबूझ कर किया था। शायद यह कॉन्ग्रेस के लिए सेकुलरिज्म दिखाने का तरीका हो सकता है। लेकिन यही कॉन्ग्रेस दिल्ली के उत्तम नगर में हिंदू युवक तरुन की हत्या पर सवाल नहीं करती, तब नहीं पूछती कि उसका पाप क्या था? तब पूछा नहीं जाता कि होली पर सिर्फ एक गुब्बारा फेंकने पर क्यों मुस्लिमों की भावनाएँ आहत हो जाती हैं? इन मामलों में देश को कट्टर मजहबी मानसिकता की ओर बढ़ते देखे जाने पर सवाल नहीं किए जाते हैं।

गंगा में हड्डियाँ फेंकना अपराध नहीं, और अस्थियाँ विसर्जित करने पर सवाल

लेकिन वाराणसी के इस मामले को लेकर सनातन लोगों की आस्था क्यों आहत हुई? इस पर कॉन्ग्रेसी इकोसिस्टम धड़ल्ले से सवाल कर रहा है। बिना यह जाने कि सनातन में गंगा नदी और बनारस के घाटों की क्या मान्यताएँ हैं। ऐसे ही इस्लामी कट्टरपंथी विचारधारा के वसीम अकरम त्यागी की भी परेशानी सुप्रिया श्रीनेत जैसी ही है। वही भी पूछ रहे हैं कि गिरफ्तार किए गए मुस्लिम लोगों का अपराध क्या है? इतना ही नहीं वे गंगा नदी की पवित्रता पर भी सवाल उठा रहे हैं।

वसीम अकरम का कहना है, “अपराध क्या है? नाव में चिकन बिरयानी खाना या गंगा में हड्डी फेंकना? अब सवाल यह है कि यह अपराध कैसे है? अगर यह अपराध है तो फिर इसी गंगा में अस्थियाँ विसर्जित की जाती हैं! तब तो वो भी अपराध है? इसी गंगा के तट पर जगह-जगह शमशान घाट हैं, जली अधजली लाशें उसमें बहा दी जाती हैं, तब तो वह भी अपराध है? इसी गंगा में जाने कितने ऐसे जीव हैं जो मांसाहारी हैं, तब उनका गंगा में रहना ही अपराध है? सरकार गंगा से उन तमाम जीवों को बाहर निकालेगी?”

यह व्यक्ति गंगा नदी में हड्डी फेंकने पर पूछता है कि अपराध क्या है? और इसी हवाले से गंगा में अस्थियाँ विसर्जित करना इसे अपराध लगने लगता है। इतना ही नहीं गंगा के पास शमशान घाट से लेकर नदी में जीवों से भी इसे परेशानी होने लगती है। सिर्फ इसीलिए क्योंकि इसके मुस्लिम भाइयों के कृत्य पर पुलिस ने संज्ञान लिया, जो कि जानबूझ कर धार्मिक भावनाओं को उकसाने के लिए किया गया था। शायद इसे अस्थियाँ बहाने और हड्डियाँ फेंकने में कोई अंतर नजर नहीं आता।

क्या है गंगा नदी से जुड़ी हिंदुओं की आस्था? अस्थियों और हड्डियों में फर्क

वाराणसी के इस मामले में मुस्लिमों के इफ्तार पार्टी की करने से कोई दिक्कत नहीं है, समस्या यहाँ गंगा नदी में मांस खाने से है। जिसे वह इफ्तार पार्टी के नाम पर खा रहे हैं। गंगा नदी को हिंदू धर्म में सबसे पवित्र नदी मानी जाती है, जिसे देवी के रूप में पूजा जाता है। यह पापों का नाश करने वाली, मोक्ष प्रदान करने वाली और जीवन का आधार है।

वेद, पुराण, रामायण और महाभारत में गंगा को देवनदी कहा गया है। राजा भागीरथ की तपस्या से भगवान शिव ने गंगा को स्वर्ग से धरती पर उतारा, ताकि सगर के 60,000 पुत्रों को मोक्ष मिले। गंगा स्नान से पाप धुलते हैं और पुण्य प्राप्ति होती है। सनातन धर्म में गंगा नदी का जल पूजा-अर्चना, अभिषेक और शुद्धिकरण में जरूरी है। कुंभ मेला जैसा उत्सव गंगा तट पर होते हैं। इसे जीवनदायिनी माँ गंगा कहा जाता है।

बात है गंगा नदी में अस्थियाँ विसर्जित करने की तो, गरुण पुराण के अनुसार, दाह संस्कार के बाद अस्थियाँ गंगा में विसर्जित करने से मृत आत्मा को मोक्ष, स्वर्ग या ब्रह्मलोक मिलता है। गंगा स्वर्ग से आई होने से पितरों की आत्मा मुक्त हो जाती है, पुनर्जन्म चक्र टूटता है।

गंगा नदी को लेकर हिंदू धर्म में ये सिर्फ कुछ मान्यताएँ हैं, ऐसी कई कथाएँ हैं जो गंगा नदी को लेकर प्रचलित हैं। जिन पर हिंदू धर्म टिका हुआ है। इन्हीं मान्यताओं के कारण हिंदू धर्म की भावनाओं का आहत होना संभव है। यहाँ हड्डियाँ फेंकने और अस्थियाँ बहाने का फर्क भी साफ हो जाता है। यही वजह है कि वाराणसी के मामले में मुस्लिमों द्वारा जानबूझ कर की गई नॉनवेज इफ्तार पार्टी से धार्मिक भावनाएँ होती हैं।

हिंदू सहिष्णु हो सकता है, लेकिन मुस्लिमों की तरह हिंसा के बजाए कानूनी कार्रवाई करना जानता है

गंगा नदी के प्रति हिंदुओं की आस्था को लेकर भारत का हर नागरिक वाखिफ है। शायद मुस्लिम इसे ज्यादा ठीक ढंग से समझते हैं। तभी जानबूझ कर इफ्तार पार्टी करने के लिए गंगा नदी पहुँच जाते हैं। यह सांप्रदायिक हिंसा भड़काने जैसा कृत्य नहीं तो और क्या है? क्या कभी किसी हिंदू को मस्जिद में हनुमान चालीसा पढ़ते देखा गया, नहीं। लेकिन आए दिन मंदिर के पास मांस के टुकड़े फेंक दिए जाते हैं।

यह जानबूझ कर नहीं, तो और किसलिए किया गया हो सकता है। जो कॉन्ग्रेसी और लेफ्ट-लिबरल इकोसिस्टम सवाल पूछ रहा है कि वाराणसी के मामले में मुस्लिमों का क्या अपराध था? उनकी सेकुलर चादर सिर्फ हिंदुओं पर आकर ढक जाती है, जबकि मुस्लिमों को सेकुलरिज्म सिखाने के लिए उनकी चादर फट जाती है। क्योंकि सब जानते हैं कि हिंदू धर्म सहिष्णु है, वह मुस्लिमों की तरह अल्लाह के अपमान पर किसी का सर तन से जुदा नहीं करता।

वह कानूनी कार्रवाई करना जानता है, जैसा कि वाराणसी के मामले में हुआ भी। संविधान के तहत पहले पुलिस से शिकायत हुई और कानूनी प्रक्रिया के तहत गिरफ्तारी की गई। वह धर्म के नाम पर हिंसा फैलाना नहीं जानते हैं। बावजूद इन कॉन्ग्रेसी औऱ लेफ्ट लिबरल इकोसिस्म को देश की हालत सिर्फ इन मामलों में याद आती है, वही मुस्लिमों की कट्टरपंथ के नाम पर हिंसा पर चुप्पी साध लेते हैं। और मामूली इफ्तार पार्टी करने के लिए धार्मिक स्वतंत्रता की बात करते हैं।

*|| 🕉️ ||**🌞सुप्रभातम🌞**आज का पञ्चांग*

*दिनाँक:-19/03/2026,गुरुवार*
*अमावस्या, कृष्ण पक्ष,**चैत्र*(समाप्ति काल)

तिथि——- अमावस्या 06:52:36 तक
तिथि– प्रतिपदा 28:51:53 (क्षय )
पक्ष——-‐—————– कृष्ण
नक्षत्र–‐ उत्तराभाद्रपद 28:04:05
योग————‐ शुक्ल 25:16:01
करण————- नाग 06:52:36
करण—‐— किन्स्तुघ्न 17:55:20
करण —————–बव 28:51:53
वार——————-‐—- गुरूवार
माह————————— चैत्र
चन्द्र राशि—————— मीन
सूर्य राशि ———————– मीन
रितु——-‐—————— वसंत
आयन——————- उत्तरायण
संवत्सर—–‐——-‐— विश्वावसु
संवत्सर (उत्तर)-‐—-‐‐—– सिद्धार्थी
विक्रम संवत-‐—–‐——– 2082
गुजराती संवत————- 2082
शक संवत ————–‐——-1947
कलि संवत—————- 5126
सूर्योदय————— 06:25:45
सूर्यास्त-‐–‐—‐——- 18:28:32
दिन काल——‐—‐– 12:02:46
रात्री काल——–‐—- 11:56:06
चंद्रोदय————— 06:44:58
चंद्रास्त—————- 18:56:22
लग्न—- मीन 4°13′ , 334°13′
सूर्य नक्षत्र—–‐—– उत्तराभाद्रपद
चन्द्र नक्षत्र———– उत्तराभाद्रपद
नक्षत्र पाया———–‐–‐—- ताम्र

*🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩*

दू—- उत्तराभाद्रपद 11:03:42

थ—- उत्तराभाद्रपद 16:45:20

झ—-उत्तराभाद्रपद 22:25:25

ञ—-उत्तराभाद्रपद 28:04:05

*💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮*

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
============================
सूर्य= मीन 03°13 , उoफाo 1 दू
चन्द्र= मीन 04°30 , उo भाo 1 दू
बुध = कुम्भ 14°52 ‘ शतभिषा 3 सी
शु क्र= मीन 21°05, रेवती 2 दो
मंगल= कुम्भ 18°03 शतभिषा 4 सू
गुरु= मिथुन 20°33 पुनर्वसु, 1 के
शनि=मीन 09°13 ‘ उoभा o , 2 थ
राहू=(व) कुम्भ 13°57 शतभिषा, 3 सी
केतु= (व) सिंह 13°57 पूoफाo 1 मो
============================

*🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩*

राहू काल 13:57 – 15:28 अशुभ
यम घंटा 06:26 – 07:56 अशुभ
गुली काल 09:26 – 10:57 अशुभ
अभिजित 12:03 – 12:51 शुभ
दूर मुहूर्त 10:27 – 11:15 अशुभ
दूर मुहूर्त 15:16 – 16:04 अशुभ
वर्ज्यम 14:29 – 15:59 अशुभ
प्रदोष 18:29 – 20:54. शुभ

💮गंड मूल 28:04 – अहोरात्र अशुभ

🚩पंचक अहोरात्र अशुभ

💮चोघडिया, दिन

शुभ 06:26 – 07:56 शुभ
रोग 07:56 – 09:26 अशुभ
उद्वेग 09:26 – 10:57 अशुभ
चर 10:57 – 12:27 शुभ
लाभ 12:27 – 13:57 शुभ
अमृत 13:57 – 15:28 शुभ
काल 15:28 16:58 अशुभ
शुभ 16:58 – 18:29 शुभ

🚩चोघडिया, रात

अमृत 18:29 19:58 शुभ
चर 19:58 – 21:28 शुभ
रोग 21:28 – 22:57 अशुभ
काल 22:57 24:27* अशुभ
लाभ 24:27* – 25:56* शुभ
उद्वेग 25:56* – 27:26* अशुभ
शुभ 27:26* – 28:55* शुभ
अमृत 28:55* – 30:25* शुभ

💮होरा, दिन

बृहस्पति 06:26 -07:26
मंगल 07:26 -08:26
सूर्य 08:26 -09:26
शुक्र 09:26- 10:27
बुध 10:27 -11:27
चन्द्र 11:27- 12:27
शनि 12:27- 13:27
बृहस्पति 13:27 -14:28
मंगल 14:28 -15:28
सूर्य 15:28 -16:28
शुक्र 16:28- 17:28
बुध 17:28 -18:29

🚩होरा, रात

चन्द्र 18:29 -19:28
शनि 19:28- 20:28
बृहस्पति 20:28- 21:28
मंगल 21:28- 22:27
सूर्य 22:27- 23:27
शुक्र 23:27 -24:27
बुध 24:27-25:26
चन्द्र 25:26-26:26
शनि 26:26-27:26
बृहस्पति 27:26-28:25
मंगल 28:25-29:25
सूर्य 29:25-30:25

*🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩*

मीन > 06:26 से 07:50 तक
मेष > 07:50 से 09:26 तक
वृषभ > 09:26 से 11:24 तक
मिथुन > 11:24 से 14:50 तक
कर्क > 14:50 से 16:00 तक
सिंह > 16:00 से 18:06 तक
कन्या > 18:06 से 20:26 तक
तुला > 20:26 से 22:48 तक
वृश्चिक > 22:48 से 00:54 तक
धनु > 00:54 से 02:48 तक
मकर > 02:48 से 04:44 तक
कुम्भ > 04:44 से 06:26 तक
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*🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार*

(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट

*नोट*– दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

*💮दिशा शूल ज्ञान————- दक्षिण*
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा बेसन के लड्डू खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*
*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*

*🚩 अग्नि वास ज्ञान -:*
*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*
*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*
*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*
*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*
*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*

15 + 15 + 5 + 1 = 36 ÷ 4 = 0 शेष
पृथ्वी लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l

*🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩*

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

सूर्य ग्रह मुखहुति

*💮 शिव वास एवं फल -:*

30 + 30 + 5 = 65 ÷ 7 = 2 शेष

गौरी सन्निधौ = शुभ कारक

*🚩भद्रा वास एवं फल -:*

*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं पाताले च धनागम ll*
*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*

*💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮*

*अमावस्या प्रातः 6:52 तक तत्पश्चात नवसंवत्सर प्रारंभ*

*गुड़ी पडवा*

*चैत्र नवरात्रि प्रारंभ घट स्थापना 06:26 से 09:56 तक*

*💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮*

अनाश्रितः कर्मफलं कार्यं कर्म करोति यः।
स सन्न्यासी च योगी च न निरग्निर्न चाक्रियः॥

श्री भगवान बोले- जो पुरुष कर्मफल का आश्रय न लेकर करने

*🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩*

गीता -: आत्मसंयमयोग अo-6

अनाश्रितः कर्मफलं कार्यं कर्म करोति यः।
स सन्न्यासी च योगी च न निरग्निर्न चाक्रियः॥

श्री भगवान बोले- जो पुरुष कर्मफल का आश्रय न लेकर करने योग्य कर्म करता है, वह संन्यासी तथा योगी है और केवल अग्नि का त्याग करने वाला संन्यासी नहीं है तथा केवल क्रियाओं का त्याग करने वाला योगी नहीं है
।।1।।

*💮🚩 दैनिक राशिफल 🚩💮*

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

🐏मेष
अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। नौकरी में अधिकार बढ़ेंगे। व्यावसायिक समस्या का हल निकलेगा। नई योजना में लाभ की संभावना है। घर में मांगलिक आयोजन हो सकते हैं। जीवनसाथी से संबंध घनिष्ठ होंगे। रोजगार मिलेगा। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी।

🐂वृष
शुभ समाचार प्राप्त होंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। मान बढ़ेगा। स्वजनों से मेल-मिलाप होगा। नौकरी में ऐच्छिक पदोन्नति की संभावना है। पुराने मित्र व संबंधियों से मुलाकात होगी। किसी की आलोचना न करें। खानपान का ध्यान रखें। आर्थिक संपन्नता बढ़ेगी।

👫मिथुन
गीत-संगीत में रुचि बढ़ेगी। आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। पुराना रोग उभर सकता है। शोक समाचार मिल सकता है। भागदौड़ रहेगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। अधूरे कामों में गति आएगी। व्यावसायिक गोपनीयता भंग न करें।

🦀कर्क
घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। धनलाभ होगा। व्यापार-व्यवसाय में उन्नति के योग हैं। वाणी पर संयम आवश्यक है। जीवनसाथी से मदद मिलेगी। सामाजिक यश-सम्मान बढ़ेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। यात्रा सफल रहेगी। प्रयास सफल रहेंगे। वाणी पर नियंत्रण रखें।

🐅सिंह
परिवार के सहयोग से दिन उत्साहपूर्ण व्यतीत होगा। योजनानुसार कार्य करने से लाभ की संभावना है। आर्थिक सुदृढ़ता रहेगी। धनार्जन होगा। संतान के स्वास्थ्य पर ध्यान दें। बेचैनी दूर होगी। वैवाहिक प्रस्ताव मिल सकता है। कोर्ट व कचहरी में अनुकूलता रहेगी।

🙎‍♀️कन्या
नए अनुबंध होंगे। नई योजना बनेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रसन्नता रहेगी। कार्य में व्यय की अधिकता रहेगी। दांपत्य जीवन में भावनात्मक समस्याएँ रह सकती हैं। व्यापार में नए अनुबंध आज नहीं करें। राजमान प्राप्त होगा।

⚖️तुला
व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रसन्नता रहेगी। जीवनसाथी के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। पारिवारिक उन्नति होगी। सुखद यात्रा के योग बनेंगे। पार्टी व पिकनिक का आनंद मिलेगा। रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। स्वविवेक से कार्य करना लाभप्रद रहेगा।

🦂वृश्चिक
लाभ के अवसर मिलेंगे। प्रसन्नता रहेगी। कुछ मानसिक अंतर्द्वंद्व पैदा होंगे। पारिवारिक उलझनों के कारण मानसिक कष्ट रहेगा। पूजा-पाठ में मन लगेगा। कोर्ट व कचहरी के काम निबटेंगे। धैर्य एवं संयम रखकर काम करना होगा। यात्रा आज न करें।

🏹धनु
भूमि व भवन संबंधी योजना बनेगी। बेरोजगारी दूर होगी। लाभ होगा। मान-प्रतिष्ठा में कमी आएगी। कामकाज में बाधाएं आ सकती हैं। कर्मचारियों पर व्यर्थ संदेह न करें। आर्थिक लाभ मिलने से एक्स्ट्रा खर्च उठा पाएंगे। शत्रु सक्रिय रहेंगे। स्वास्थ्य कमजोर होगा।

🐊मकर
कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। राजकीय कार्य में परिवर्तन के योग बनेंगे। आलस्य का परित्याग करें। आपके कामों की लोग प्रशंसा करेंगे। व्यापार लाभप्रद रहेगा। नई कार्ययोजना के योग प्रबल हैं। ऐश्वर्य पर व्यय होगा। स्वास्थ्‍य कमजोर रहेगा। विवाद को बढ़ावा न दें।

🍯कुंभ
व्यावसायिक यात्रा मनोनुकूल रहेगी। कानूनी मामले सुधरेंगे। धन का प्रबंध करने में कठिनाई आ सकती है। आहार की अनियमितता से बचें। व्यापार, नौकरी में उन्नति होगी। लेन-देन में सावधानी रखें। बकाया वसूली के प्रयास सफल रखें।

🐟मीन
व्यापार-व्यवसाय सामान्य रहेगा। दूरदर्शिता एवं बुद्धि चातुर्य से कठिनाइयां दूर होंगी। राज्य तथा व्यवसाय में सफलता मिलने के योग हैं। पठन-पाठन में रुचि बढ़ेगी। पुराना रोग उभर सकता है। चोट व दुर्घटना से बचें। वस्तुएं संभालकर रखें। बाकी सामान्य रहेगा।

*🚩आपका दिन मंगलमय हो🚩*