कल राखी बांधने के लिए शुभ मुहूर्त, परमात्मं तत्व के जिज्ञासुओं के लिए छ भारतीय दर्शन, गौतम ऋषि की तपस्थली गंगभेवा बावड़ी को पर्यटन मानचित्र पर लायेंगे: महाराज, रक्षाबंधन- मन में स्नेह की सच्ची अनुभृति के साथ कंधे से कंधा मिलाकर एकात्मकता का पवित्र पर्व

*राखी बांधने के लिए शुभ मुहूर्त -* 19 अगस्त को सावन पूर्णिमा के दिन सुबह 3 बजकर 4 मिनट से पूर्णिमा तिथि लग जाएगी, जिसका

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आ सकता है मोदी सरकार का दूसरा मास्टरस्ट्रोक, समाप्त हो सकता है Act 30-A, ब्रिटिश राष्ट्रीयता की कथित घोषणा पर घिरे राहुल गांधी! भारतीय नागरिकता समाप्त करने के लिए सुब्रमण्यम स्वामी की दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका, आज का पंचाग आपका राशि फल

।। 🕉 ।।🚩🌞 *सुप्रभातम्* 🌞🚩 📜««« *आज का पञ्चांग* »»»📜 कलियुगाब्द…………………….5126 विक्रम संवत्……………………2081 शक संवत्………………………1946 मास……………………………..श्रावण पक्ष……………………………….शुक्ल तिथी…………………………..चतुर्दशी रात्रि 03.02 पर्यंत पश्चात पूर्णिमा रवि………………………….दक्षिणायन सूर्योदय

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अखंड भारत हिमालय से लेकर हिंद महासागर तक और ईरान से लेकर इंडोनेशिया तक फैला हुआ था, जब जब हिन्दू कटा तब तब देश बंटा, आज का पंचाग आपका राशि फल

 उत्तराखंड चमोली गोपेश्वर का गोपीनाथ मंदिर  🕉 ।।🚩🌞 *सुप्रभातम्* 🌞🚩 📜««« *आज का पञ्चांग* »»»📜 कलियुगाब्द…………………….5126 विक्रम संवत्……………………2081 शक संवत्………………………1946 मास……………………………..श्रावण पक्ष……………………………….शुक्ल तिथी…………………………….द्वादशी प्रातः 08.04

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78वें स्वतंत्रता दिवस प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ग्यारहवीं बार लाल किले से संबोधन आतंक के असुरों को दी चेतावनी, बंग्लादेश में हिन्दू नरसंहार पर खुल कर बोले देश की उन्नति और प्रगति की रूपरेखा भी प्रस्तुत की, बदरीनाथ केदारनाथ में मंदिर समिति ने मनाया स्वतंत्रता दिवस, विभाजन की विभीषिका कर आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय में गोष्ठी

78वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने तीसरे कार्यकाल का पहला स्वतंत्रता दिवस संबोधन आज लाल किले की प्राची से राष्ट्र को दिया

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स्वतंत्रता दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं, वंदेमातरम राष्ट्रीय गीत आज संसार के बहुत से देशों ने अपना लिया है इसका हिंदी अनुवाद अवश्य पढें, 24 अनाथ बच्चों की मां खुशबु पाठक से मिलें, आज का पंचाग आपका राशि फल

आ रही हिमालय से पुकार, है उदधि, गरजता बार-बार, प्राची, पश्चिम, भू, नभ अपार, सब पूछ रहे हैं दिग्-दिगंत, वीरों का कैसा हो वसंत? *मेरा

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