2010 जर्मन बेकरी धमाके 2012 पुणे सीरियल ब्लास्ट, हत्या, मारपीट, धमकी, संगठित अपराध के मास्टर माइंडअसलम शब्बीर शेख को अज्ञात बाईक सवारों ने मारी गोली, मोबाइल चोरों के एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किसी स्पेशल पुलिस ऑपरेशन से नहीं, अपितु एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर पर्यटक अंकिता गुप्ता की तकनिकी दक्षता व संकल्प ने कर दिया, आज का पंचाग आप का राशिफल

*┈┉सनातन धर्म की जय,हिंदू ही सनातनी है┉┈*

*लेख क्र.-सधस/२०८२/पौष/शु./१४*

*┈┉══════❀((“”ॐ””))❀══════┉┈*

*🗓आज का पञ्चाङ्ग एवम् राशिफल 🗓*

*🌻 शुक्रवार, ०२ जनवरी २०२६🌻*

*सूर्योदय: 🌅 ०७:०९**सूर्यास्त: 🌄 १७:५३*

*चन्द्रोदय: 🌝 १६:४०**चन्द्रास्त: 🌜 ३१:०३+*

*अयन 🌖 उत्तरायण**ऋतु: 🌨️ शिशिर*

*शक सम्वत: 👉 १९४७ (विश्वावसु)*

*विक्रम सम्वत: 👉 २०८२ (सिद्धार्थी)*

*युगाब्द (कलि संवत) 👉 ५१२६*

*मास 👉 पौष**पक्ष 👉 शुक्ल*

*तिथि 👉 चतुर्दशी (१८:५३ से पूर्णिमा)* 

*नक्षत्र 👉 मृगशिरा (२०:०४ से आर्द्रा)*

*योग 👉 शुक्ल (१३:०७ से ब्रह्म)*

*प्रथम करण 👉 गर (०८:३७ तक)*

*द्वितीय करण 👉 वणिज (१८:५३ तक)*

*तृतीय करण 👉 विष्टि भद्रा (२९:११+ तक)*

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*॥ गोचर ग्रहा: ॥**🌖🌗🌖🌗*

*सूर्य 🌟 धनु**चंद्र 🌟 मिथुन*

*मंगल 🌟 धनु (अस्त, पूर्व, मार्गी)*

*बुध 🌟 धनु (उदित, पूर्व, मार्गी)*

*गुरु 🌟 मिथुन (उदित, पश्चिम, वक्री)*

*शुक्र 🌟 धनु (अस्त, पूर्व, मार्गी)*

*शनि 🌟 मीन (उदित, पूर्व, मार्गी)*

*राहु 🌟 कुम्भ**केतु 🌟 सिंह*

*शुभाशुभ मुहूर्त विचार*⏳⏲⏳⏲⏳⏲⏳*

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*अभिजित मुहूर्त 👉 १२:०९ से १२:५२*

 *अमृत काल 👉 १२:१६ से २१:२३*

*रवि योग 👉 ०७:०९ से २०:०४*

*विजय मुहूर्त 👉 १४:१८ से १५:०१* 

*गोधूलि मुहूर्त 👉 १७:५१ से १८:१८*

*सायाह्न सन्ध्या 👉 १७:५३ से १९:१३*

*निशिता मुहूर्त 👉 २४:०५+ से २४:५८+*

*ब्रह्म मुहूर्त 👉 २९:२२+ से ३०:१६+*

*राहुकाल 👉 ११:१० से १२:३१* 

*गुलिक काल 👉 ०८:२९ से ०९:५०*

*यमगण्ड 👉 १५:१२ से १६:३३*

*दुर्मुहूर्त 👉 ०९:१८ से १०:०१*

*वर्ज्य 👉 २७:३३+ से २८:५९+* 

*भद्रा 👉 १८:५३ से २९:११+* 

*आडल योग 👉 ०७:०९ से २०:०४* 

*होमाहुति 👉 चन्द्र*

*दिशा शूल 👉 पश्चिम*

*राहुकाल वास 👉 दक्षिण-पूर्व* 

*अग्निवास 👉 आकाश (१८:५३ से पाताल)*

*भद्रावास 👉 स्वर्ग (१८:५३ से २९:११+)*

*चन्द्रवास 👉 दक्षिण (०९:२५ से पश्चिम)*

*शिववास 👉 भोजन में (१८:५३ से श्मशान में)*

*☄चौघड़िया विचार☄**〰️〰️〰️〰️〰️*

*॥ दिन का चौघड़िया ॥*

*१ – चर २ – लाभ**३ – अमृत ४ – काल*

*५ – शुभ ६ – रोग**७ – उद्वेग ८ – चर*

*॥ रात्रि का चौघड़िया॥*

*१ – रोग २ – काल**३ – लाभ ४ – उद्वेग*

*५ – शुभ ६ – अमृत**७ – चर ८ – रोग*

*नोट👉 दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।*

*शुभ यात्रा दिशा**🚌🚈🚗⛵🛫*

*(पूर्व) जौ या राई का सेवन करके यात्रा करें*

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*तिथि विशेष**🗓

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 *पौष शुक्ल चतुर्दशी आदि*

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*आज जन्मे शिशुओं का नामकरण*

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*आज २०:०४ तक जन्मे शिशुओं के नाम मृगशिरा नक्षत्र के अनुसार क्रमशः (वे, वो, का, की) नामाक्षर से रखना शास्त्र सम्मत है॥*

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*उदय लग्न मुहूर्त*

*धनु – ०५:५७ से ०८:०२*

*मकर – ०८:०२ से ०९:४८*

*कुम्भ – ०९:४८ से ११:२१*

*मीन – ११:२१ से १२:५२*

*मेष – १२:५२ से १४:३२*

*वृषभ – १४:३२ से १६:३०*

*मिथुन – १६:३० से १८:४३*

*कर्क – १८:४३ से २१:००*

*सिंह – २१:०० से २३:११*

*कन्या – २३:११ से २५:२२+*

*तुला – २५:२२+ से २७:३७+*

*वृश्चिक – २७:३७+ से २९:५३+*

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*पञ्चक रहित मुहूर्त*

*शुभ मुहूर्त – ०७:०९ से ०८:०२*

*रोग पञ्चक – ०८:०२ से ०९:४८*

*शुभ मुहूर्त – ०९:४८ से ११:२१*

*मृत्यु पञ्चक – ११:२१ से १२:५२*

*रोग पञ्चक – १२:५२ से १४:३२*

*शुभ मुहूर्त – १४:३२ से १६:३०*

*मृत्यु पञ्चक – १६:३० से १८:४३*

*अग्नि पञ्चक – १८:४३ से १८:५३*

*शुभ मुहूर्त – १८:५३ से २०:०४*

*रज पञ्चक – २०:०४ से २१:००*

*शुभ मुहूर्त – २१:०० से २३:११*

*चोर पञ्चक – २३:११ से २५:२२+*

*शुभ मुहूर्त – २५:२२+ से २७:३७+*

*रोग पञ्चक – २७:३७+ से २९:५३+*

*शुभ मुहूर्त – २९:५३+ से ३१:०९+*

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⭕नोट- पंचांग में जहां कहीं भी समय के साथ उपर्युक्त 👉(➕) चिन्ह का प्रयोग किया जा रहा है वहां उसका आशय अगले दिवस के समय के लिये समझा जाये॥😊🙏🏻

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*आज का सुविचार*

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 *जो अपने मन को वश में कर लेता है, वही सच्चा विजेता है॥✅😊🙏🏻*

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*आज का राशिफल**🐐🐂💏💮🐅👩*

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*मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)*

*दूसरों के साथ अपने संबंधों पर ध्यान केंद्रित करें। अपने व्यक्तिगत और कामकाजी जीवन में संतुलन बनाएं। अपने करियर में आगे बढ़ने के लिए दफ्तर में अवसरों का लाभ उठाएं। अपने पार्टनर के साथ टाइम बिताते हुए प्रेमी को खुश रखें।*

*वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)*

*ऐसे बिजनेस पर विचार करना अच्छा है, जिनमें विभिन्न संस्कृतियों के लोगों को पढ़ाने, लिखने या उनके साथ जुड़ने की आवश्यकता होती है। यह विदेश में व्यावसायिक अवसरों की तलाश करने या शिक्षा में निवेश करने का भी अनुकूल समय है।*

*मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)*

*नई चीजों की खोज करें, जिससे सोचने का नया तरीका विकसित होगा। सीखने और अधिक ज्ञान की खोज करने के लिए जिज्ञासु और उत्सुक रहने का आपका व्यक्तिगत स्वभाव मददगार होगा।*

*कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)*

*उन पदों के बारे में सोचें, जिनमें टीम वर्क की आवश्यकता होती है। यह विकल्पों की तलाश करने या सेहत पर ध्यान केंद्रित करने का एक अच्छा समय हो सकता है। दिल के मामलों में, आप पा सकते हैं कि आपका ध्यान रिश्ते के दोस्ताना पहलू की ओर अधिक केंद्रित हो रहा है।*

*सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)*

*ऐसी एक्टिविटी में शामिल होने का एक अच्छा समय हो सकता है, जो आपकी स्किल्स में सुधार कर सकती हैं। अपने परिवार के सपोर्ट के लिए ग्रेटफुल रहें। लोगों के साथ काम करने का आपका अनुभव और टीम तैयार करने में सक्षम होने से आपको फायदा होगा।*

*कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)*

*सोशल इवेंट्स में या किसी एक्टिविटी में शामिल होने के दौरान आप किसी से मिल सकते हैं। आपके आइडिया और कम्यूनिकेशन स्किल्स दूसरों का ध्यान आकर्षित कर सकते हैं। इससे आपको पहचान मिल सकती है।*

*तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)*

*कुछ लोगों को मोटिवेट करने के लिए आपकी आपकी कंपनी आपको रिवर्ड दे सकती है, जो प्रमोशन या जिम्मेदारियों में तब्दील हो सकता है। यह एक छोटा सा बिजनेस शुरू करने का अच्छा टाइम है।*

*वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)*

*आपके टीममेट्स को आपकी परफॉर्मेंस अच्छी लगेगी और आपके बॉस आपके आइडिया की तारीफ भी करेंगे। सिंगल लोगों के लिए, डेटिंग शुरू करने और सही पार्टनर ढूंढने का यह सबसे अच्छा समय रहेगा।*

*धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)*

*आप अपने जीवन के कई पहलुओं पर विचार करेंगे। वर्कप्लेस पर, उन पदों के बारे में सोचें, जो आपको नेम और फेम दोनों दिला सकें। आपके पास किसी प्रोजेक्ट को शुरू करने या मैनेजमेंट के सामने पेश करने के मौके होंगे।*

*मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)*

*अपनी इन्श्योरेन्स पॉलिसीज पर फोकस रखें, खासकर जब बात किसी कार, बाइक या गैजेट्स की हो। सिंगल लोगों को किसी पार्टी, स्कूल या यहां तक ​​कि सोशल इवेंट्स में कोई स्पेशल साथी मिल सकता है।*

*कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)*

*प्रभावी ढंग से काम्पिटिशन करने के लिए या अपनी कम्यूनिकेशन स्किल्स को बढ़ाने के लिए किसी कोर्स में टाइम इन्वेस्ट करने का यह एक अच्छा समय है। अगर निवेश करने पर विचार कर रहे हैं तो किसी फाइनेंशियल एड्वाइजर से सलह लेने पर जरूर विचार करें।*

*मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)*

*अपनी क्रीएटिवटी का पता लगाने का समय है। आप अपनी क्षमता का पता लगाने के लिए अधिक इच्छुक महसूस करेंगे। जब इंटरव्यू के दौरान या जरूरी डॉक्युमेंट्स जमा करते समय अपनी स्किल्स दर्शाने की बात आती है तो संकोच न करें।*

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*जनजागृति हेतु लेख प्रसारण अवश्य करें*

राष्ट्रं हि रक्षामा ध्रुवाम्, देहमित्याश्रितो वयम्।

*भगवान शनिदेवजी की जय*

*⛳⚜सनातन धर्मरक्षक समिति⚜⛳

*#सॉफ्टवेयर_इंजीनियर अंकिता ने सिस्टम को दिखाया आईना, अस्सी घाट पर मोबाइल चोर गिरोह बेनकाब

अस्सी घाट से छीना गया दो लाख का आई फोन, साहस, तकनीक और जिद से चोर के घर पहुंची अंकिता

रात में पुलिस ने निभाई औपचारिकता, सुबह 20 महंगे मोबाइल बरामद

Varanasi

काशी की पहचान सिर्फ आध्यात्मिक नगरी की नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय धार्मिक देशाटन केंद्र की भी है। लेकिन नववर्ष और छुट्टियों के बीच अस्सी घाट पर जो हुआ, उसने पर्यटन सुरक्षा और पुलिसिंग के दावों की परतें खोल कर रख दीं। मोबाइल चोरों के एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किसी स्पेशल पुलिस ऑपरेशन से नहीं, बल्कि एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर पर्यटक अंकिता गुप्ता नामक युवती के साहस, तकनीकी दक्षता और अडिग संकल्प से हुआ।

मुंबई के घाटकोपर निवासी उमेश गुप्ता की पुत्री अंकिता गुप्ता, जो पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं, बनारस भ्रमण पर आई थीं। सोमवार की सायंकाल अस्सी घाट की भीड़ में एक उचक्का उनका करीब दो लाख रुपये कीमत का आई फोन छीनकर फरार हो गया। यह वही समय था जब घाटों पर पर्यटकों की संख्या चरम पर थी और सुरक्षा व्यवस्था कागजों तक सीमित नजर आ रही थी।

#रपट दर्ज, कार्रवाई ठप

घटना के तुरंत बाद अंकिता ने भेलूपुर थाने को सूचना दी। पुलिस ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर ली, लेकिन इसके बाद जांच की रफ्तार वहीं थम गई। पीड़िता ने मोबाइल का बिल, दस्तावेज, ईएमआई नंबर और अन्य जरूरी जानकारी पुलिस को सौंप दी, बावजूद इसके पुलिस ने न तो लोकेशन ट्रेस की और न ही संदिग्ध इलाके में तलाशी ली। यह स्थिति तब है, जब प्रदेश सरकार पुलिस को अत्याधुनिक तकनीक और संसाधन उपलब्ध कराने के दावे करती है।

जब पुलिस पीछे हटी, तब पीड़िता आगे बढ़ी

पुलिस की उदासीनता से निराश होकर अंकिता ने खुद मोर्चा संभाला। सॉफ्टवेयर इंजीनियर होने के नाते उन्होंने मोबाइल के ईएमआई नंबर को एक एप के जरिए ट्रेस किया। मोबाइल की लोकेशन लगातार एक ही स्थान पर दिखाई देती रही। रात करीब दो बजे अंकिता खुद उस लोकेशन पर पहुंच गईं और अकेले ही वहीं डटी रहीं। पत्रकार सुरेश गांधी के हस्तक्षेप के बाद पुलिस काफी देर से मौके पर पहुंची, लेकिन न तो कमरे की तलाशी ली गई और न ही संदिग्ध को दबोचने का प्रयास किया गया। औपचारिकता पूरी कर पुलिस ने वही पुराना आश्वासन दिया और लौट गई।

सुबह बदला घटनाक्रम

मोबाइल की लोकेशन रातभर जस की तस बनी रही। मंगलवार सुबह करीब पांच बजे अंकिता दोबारा उसी जगह पहुंचीं। इस बार आसपास के लोग भी जुट गए। स्थानीय लोगों ने बताया कि संदिग्ध युवक चांदपुर चौराहा, जीटी रोड स्थित मकान मालिक राजेंद्र पटेल के यहां किराये पर रहता है। जब मकान मालिक ने कमरे का ताला खुलवाया तो चोर फरार हो चुका था, लेकिन कमरे के अंदर का दृश्य चौंकाने वाला था, वहां 15 से 20 महंगे मोबाइल फोन पड़े थे। अंकिता ने मौके पर ही अपने आई फोन की पहचान कर ली।

पुलिस को दोबारा बुलाना पड़ा

पत्रकार सुरेश गांधी की सूचना पर पुलिस एक बार फिर मौके पर पहुंची और सभी मोबाइल फोन को कब्जे में लिया। सवाल यह है कि यदि रात में ही गंभीरता दिखाई जाती, तो आरोपी की गिरफ्तारी के साथ पूरे नेटवर्क का खुलासा उसी समय हो सकता था।

लंबे समय से सक्रिय था गिरोह

स्थानीय लोगों के अनुसार अस्सी घाट, दशाश्वमेध और आसपास के इलाकों में मोबाइल चोरी की घटनाएं कोई नई बात नहीं हैं। रोजाना 4 से 6 मोबाइल चोरी की चर्चा आम है, लेकिन ठोस कार्रवाई न होने से चोरों के हौसले बुलंद थे। इस घटना ने साफ कर दिया कि यह कोई छुटपुट वारदात नहीं, बल्कि संगठित गिरोह का काम है।

पत्रकार संगठन ने उठाए सवाल

काशी पत्रकार संघ के महामंत्री जितेंद्र श्रीवास्तव ने पुलिस की भूमिका पर तीखा सवाल उठाते हुए कहा कि जब पीड़ित सटीक लोकेशन और तकनीकी साक्ष्य उपलब्ध कराए, तब भी कार्रवाई न होना बेहद गंभीर विषय है। ऐसी पुलिसिंग से अपराधियों का मनोबल बढ़ता है और आम नागरिक का भरोसा टूटता है।

पुलिस का वर्जन

पुलिस का कहना है कि बरामद मोबाइल फोन को कब्जे में ले लिया गया है। फरार आरोपी की तलाश की जा रही है और मामले में विधिक कार्रवाई की जाएगी। बरामद मोबाइलों के आधार पर अन्य पीड़ितों की पहचान भी की जाएगी।

जब सिस्टम सुस्त हो तो कैसे रुके अपराध

यह घटना सिर्फ एक मोबाइल चोरी की कहानी नहीं है, बल्कि यह बताती है कि जब सिस्टम सुस्त हो जाता है, तब एक जागरूक, शिक्षित और साहसी नागरिक किस तरह पूरे गिरोह की परतें खोल सकता है। अस्सी घाट जैसे अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल पर यदि पर्यटकों को खुद सुरक्षा की लड़ाई लड़नी पड़े, तो यह प्रशासन के लिए चेतावनी नहीं, बल्कि चुनौती है। फिरहाल, काशी की छवि तभी सुरक्षित रहेगी, जब कानून अपराधियों से तेज और पीड़ितों के साथ खड़ा नजर आएं.

#हिरेन_हिन्दू #varanasighats

जब न्याय सोता है,तो बंदूकें जागती हैं: जनता की बेहद मांग पर विदेशों के बाद अब भारत में भी अज्ञात बंदूकधारी हुये सक्रिय!
अहिल्यानगर (पहले अहमदनगर) में कल की दोपहर चिलचिला रही थी, लेकिन श्रीरामपुर के जर्मन हॉस्पिटल के गेट के बाहर कुछ और ही तप रहा था।

भीड़-भाड़ वाली सड़क पर अचानक दो बाइकें दिखती हैं, हेलमेट लगाए हुए अज्ञात लोग स्लो मोशन में फ्रेम में आते हैं… कुछ सेकंड, कुछ गोलियाँ… और 2010 पुणे जर्मन बेकरी ब्लास्ट का सह-आरोपी बंटी जाहगीरदार ज़मीन पर ढेर हो चुका होता है।

एक आदमी, दर्जनों केस, लेकिन सज़ा शून्य!

बंटी उर्फ असलम शब्बीर शेख का नाम सिर्फ 2010 जर्मन बेकरी धमाके तक सीमित नहीं था; 2012 पुणे सीरियल ब्लास्ट, हत्या, मारपीट, धमकी, संगठित अपराध – ऐसे कई आतंकवादी और आपराधिक मामलों में उसका नाम पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज रहा।

लेकिन न्यायिक व्यवस्था की कछुआ चाल और भ्रष्ट तंत्र का कमाल देखिए – कुछ मामलों में वह बरी, कुछ में ट्रायल सालों से लटका, और बाकी में चार्जशीट तक पूरी तरह नहीं पहुंची।

गवाहों की हालत यह कि जो कभी अदालत के बाहर दहशत की कहानियां सुनाते थे, वही अदालत के अंदर आकर या तो चुप हो जाते थे या पूरी तरह पलट जाते थे।

कोर्ट के दस्तावेज़ बताते हैं कि उसके खिलाफ 2002 से लेकर 2023 तक कई गंभीर केस दर्ज हुए – कुछ में उसे बरी कर दिया गया, कुछ आज भी लंबित हैं, और प्रशासन ने उसे “खतरनाक प्रवृत्ति” का बताते हुए कई जिलों से बाहरी कर दिया, क्योंकि आम नागरिक और गवाह उसके खिलाफ गवाही देने से डरते थे।

जब सिस्टम सोता है, तो “अज्ञात” जागते हैं!

आधिकारिक बयान आज भी वही है – “दो अज्ञात बाइक सवारों ने हमला किया, स्पेशल टीमें गठित, जांच जारी, मकसद स्पष्ट नहीं।”

लेकिन ज़मीन पर रहने वाली जनता की ज़ुबान कुछ और कह रही है:

●जब कोर्ट नहीं कर पाया,तो अज्ञात ने कर दिया।

●इतने सालों से केस लटके थे, अब फाइनल हो गया।

यह लाइन क़ानूनी तौर पर भले गलत हो, लेकिन यह जनता के अविश्वास की खतरनाक सच्चाई है।

जब अदालतें तारीख़ पर तारीख़ देती हैं, एजेंसियाँ चार्जशीट के साथ राजनीति खेलती हैं, और गवाह डर के मारे पलटते रहते हैं, तब समाज के एक हिस्से में यह धारणा बनती है कि “अज्ञात लोग” ही असली कोर्ट हैं – जो बिना अपील, बिना दलील, सीधे फ़ैसला सुना देते हैं। ताकि सनद रहे (साभार)