**जब दीवारों में दरार पड़ती है तो दीवारें गिर जातीं हैं लेकिन जब रिश्तों में दरार पड़ती है तो दीवारें खड़ी हो जाती हैं*
**बोलने मे समय नहीं लगता, पर उन शब्दों को निभाने मे जिन्दगी लग जाती है*
**जब समझ नहीं थी जिंदगी के मजे लेते थे, समझदार हुए तो जिंदगी मजे ले रही है.*
**बड़ी विडंबना है इस बावरी सी दुनिया की। लोग बहुत कुछ बटोरने में लगे हैं, खाली हाथ जाने के लिए!”*
**सुप्रभात राम राम आपका दिन शुभ मंगलमय हो*🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺
जब वो आए थे…तब हम सच में खतरे मे थे…
* हमारी पहचान हमारी आस्था खतरे मे थी…हमारी आवाज दबाई जा रही थी.
* हमारे त्योहार सेक्युलरिज्म के नाम पर रोके जा रहे थे…हमारी आवाज कट्टरता कही जा रही थी.
* कहीं हमे मारा जा रहा था…कहीं हमे डरा कर चुप कराया जा रहा था…तो कहीं से हम अपना सबकुछ छोड़कर भाग रहे थे.
…..फिर एक इंसान आगे आया…उसने जिम्मेदारी ली…वो जो कर सकता था…उसने किया…
* उसने हमे डर से बाहर निकाला….हमारे आत्मसम्मान को वापस लाया.
* हमारे त्योहारों की रौनक लौटी…हमारे तीर्थ स्थानों का कायाकल्प हुआ….हमारे अराध्य को उनका घर मिला.
* उसने वो सबकुछ किया…जो सदियों से नामुमकिन लगा रहा था…..
….नतीजा क्या हुआ…!!…….नतीजा ये हुआ कि जो हमारे दुश्मन थे…वो उसके दुश्मन बन गए…क्यूंकि…
* वो हमारे और उनके बीच आ गया था.
* अब वो हम पर हमले नहीं कर पा रहे थे.
* अब उनके पुराने तरीके काम नहीं कर पा रहे….अब हम सवाल पूछने लगे हैं…ज़वाब देने लगे हैं…तर्क करने लगे हैं…….और हमे ये ताकत हमें उस इंसान ने दी.
……..जो लोग हमे डर मे रखना चाहते थे…अब उनकी राजनीति फेल होने लगी….
* अब ना दंगे हो रहे हैं…ना पलायन.
* वो लोग अब हम पर खुलकर हमला नहीं कर पाते रहे.
* उनकी फ्रस्ट्रेशन अब उस इंसान पर निकल रही है जो हमारी ढाल बना हुआ है….सीधी बात है….रास्ते मे कोई दीवार बन जाए तो लोग उस दीवार को ही हटाते हैं…
……आज उसपर हर तरह से हमला हो रहा है….उसके चरित्र पर हमले किए जा रहे हैं…उसके खिलाफ साज़िशें रची जा रही हैं…उसे बदनाम करने की कोशिश की जा रही है…संसद में उसपर हमले की साजिश रची जा रही है…..उसका दोष क्या है….!!…उसने हमे सुरक्षित किया….ये उसका दोष है. ..और वो अकेला सब पर भारी पड़ रहा है….
….आज निशाना उसपर है…क्यूंकि उसकी वजह से हम अब आसान शिकार नहीं रहे….इतिहास गवाह है कि जो समाज की रक्षा करता है….सबसे पहले उसी पर हमला होता है….इसलिए भावनाओं में बहने से पहले….तर्क और ठंढे दिमाग से सोचिए….क्यूंकि अगर वो उनके रास्ते से हटा….तो अगला निशाना फिर हम ही होंगे….
….कहीं ऐसा ना हो कि…इतिहास और आने वाली पीढ़ियां…हमे भी जयचंद के रूप में याद करे…
जय श्रीराम 🙏🚩जय भारत 🇮🇳🚩
4 फरवरी 2026—इस तारीख को याद रखिए, और केवल आज के लिए नहीं, आने वाले वर्षों के लिए याद रखिए। इस दिन जो कुछ भारत की संसद में हुआ, वह न तो सामान्य संसदीय हंगामा था, न विपक्ष की आक्रामक राजनीति, और न ही कोई क्षणिक अव्यवस्था। यह एक सुनियोजित और सोचा-समझा षड्यंत्र था—भारत के संसदीय तंत्र के खिलाफ, भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ, और सीधे-सीधे देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ।
यह घटना जितनी गंभीरता से ली जानी चाहिए थी, उतनी न तो सत्तारूढ़ पक्ष ने ली, न लोकसभा अध्यक्ष ने, और न ही अधिकांश राजनीतिक दलों ने। जबकि राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का स्वाभाविक हिस्सा हैं—वैचारिक असहमति, नीतिगत विरोध, सत्ता और विपक्ष के बीच खींचतान—यह सब लोकतांत्रिक संतुलन को जीवित रखते हैं। लेकिन जब पूरी संसदीय व्यवस्था को कलंकित करने और पंगु बनाने का प्रयास किया जाए, तब वह सामान्य राजनीतिक घटना नहीं रह जाती; वह लोकतंत्र पर सीधा हमला बन जाती है।
लोकसभा में वह अभूतपूर्व क्षण
4 फरवरी को लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा चल रही थी। यह संसदीय परंपरा है, नियम है, और लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियादी आवश्यकता भी कि इस चर्चा का उत्तर प्रधानमंत्री दें। उस दिन शाम 5 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सदन में आकर जवाब देना था।
लेकिन प्रधानमंत्री सदन में नहीं आए।
यह बात इसलिए ऐतिहासिक है क्योंकि भारत के संसदीय इतिहास में—चाहे आप 1947 से देखें या 1950 में गणतंत्र बनने के बाद से—ऐसा कभी नहीं हुआ कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का उत्तर प्रधानमंत्री न दें, या उन्हें उत्तर देने से रोका जाए। यह घटना अपने-आप में संसदीय लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी थी।
प्रधानमंत्री के सदन में न आने का कारण और भी चौंकाने वाला था। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने स्वयं प्रधानमंत्री को यह सूचना दी कि वे सदन में न आएं। यह भी पहली बार हुआ कि लोकसभा अध्यक्ष ने सदन के नेता से कहा कि आपकी उपस्थिति से स्थिति बिगड़ सकती है।
षड्यंत्र का स्वरूप
कारण स्पष्ट था। एक सुनियोजित योजना के तहत कांग्रेस और उसके कुछ सहयोगी दलों की महिला सांसदों ने प्रधानमंत्री के आसन को आगे और पीछे से घेर लिया था। संसद में बैठने की व्यवस्था स्पष्ट और सख्त होती है—स्पीकर के बाईं ओर विपक्ष, दाईं ओर सत्ता पक्ष। सामान्य परिस्थितियों में कोई सदस्य दूसरे पक्ष की ओर जाकर इस तरह घेरा नहीं बनाता।
यह कोई आकस्मिक भावनात्मक प्रतिक्रिया नहीं थी। यह एक पूर्वनियोजित कार्रवाई थी।
अब एक पल के लिए कल्पना कीजिए—यदि प्रधानमंत्री स्पीकर की सलाह न मानते और सदन में आ जाते। चाहे कोई यह मान भी ले कि उन महिला सांसदों का शारीरिक हमला करने का इरादा नहीं था, फिर भी स्थिति विस्फोटक होना तय थी। सत्तारूढ़ दल के सांसद चुपचाप तमाशा नहीं देखते। वे वेल में आते। मार्शल्स हस्तक्षेप करते। धक्का-मुक्की होती। और यह सब लाइव टेलीकास्ट पर देश-दुनिया देखती।
यही वह दृश्य था, जिसे रचने की कोशिश की गई।
बाद के बयान और षड्यंत्र की पुष्टि
यह बात केवल अंदाजे पर आधारित नहीं है। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने संसद परिसर में मीडिया से कहा कि अगर विपक्ष की महिला सांसद प्रधानमंत्री की कुर्सी तक पहुंच गईं, तो इसमें क्या गलत है। इस बयान से यह स्पष्ट हो गया कि इस पूरी घटना की जानकारी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को थी।
जब यह योजना सफल नहीं हुई, तो नैरेटिव बदल दिया गया। राहुल गांधी ने कहना शुरू किया कि प्रधानमंत्री डरकर भाग गए। यानी संसदीय गरिमा की रक्षा को कमजोरी के रूप में पेश करने की कोशिश की गई।
वास्तविकता यह है कि प्रधानमंत्री ने सदन में न जाकर एक बड़े टकराव और संभावित हादसे को टाल दिया। यह व्यक्तिगत सुरक्षा का नहीं, संसद की मर्यादा का फैसला था।
लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी
यह प्रश्न केवल नरेंद्र मोदी का नहीं है। यह प्रश्न देश के निर्वाचित प्रधानमंत्री की सुरक्षा का है—वह भी संसद के भीतर। यदि संसद के अंदर प्रधानमंत्री की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है, तो इससे बड़ा संकट संसदीय लोकतंत्र के लिए क्या हो सकता है?
क्या भविष्य में प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए संसद के भीतर एसपीजी तैनात करनी पड़ेगी? यह विचार ही इस बात का प्रमाण है कि स्थिति कितनी गंभीर दिशा में जा चुकी है।
अध्यक्ष की जवाबदेही और कठोर निर्णय की आवश्यकता
इस पूरे घटनाक्रम में लोकसभा अध्यक्ष की भूमिका पर भी गंभीर प्रश्न उठते हैं। बार-बार कार्यवाही बाधित होना, वेल में नारेबाजी, प्लेकार्ड दिखाना, कागज फाड़कर पीठासीन अधिकारी की ओर फेंकना—यह सब अब सामान्य होता जा रहा है। निलंबन जैसी कार्रवाइयों से कोई सुधार नहीं हो रहा।
जब दवा काम न करे, तो खुराक बढ़ानी पड़ती है या इलाज बदलना पड़ता है।
जो सदस्य इस तरह से सदन की गरिमा को चुनौती देते हैं, उनकी सदस्यता समाप्त क्यों नहीं होनी चाहिए? ऐसे लोग संसद का हिस्सा बने रहने के अधिकारी क्यों माने जाएं?
इतिहास गवाह है कि अनुशासन क्या होता है। डॉ. राम मनोहर लोहिया जैसे बड़े नेता को भी जवाहरलाल नेहरू के दौर में कई बार मार्शल्स द्वारा सदन से बाहर ले जाया गया—क्योंकि नियम सर्वोपरि थे। आज नियमों को मजाक बना दिया गया है।
अब धैर्य नहीं, निर्णायक कार्रवाई का समय
प्रधानमंत्री की आलोचना कीजिए। सरकार को कठघरे में खड़ा कीजिए। नीतियों पर हमला कीजिए। यह लोकतंत्र है।
लेकिन प्रधानमंत्री की सुरक्षा को खतरे में डालना, सदन को अराजकता का मंच बनाना और संवैधानिक पदों की गरिमा को कुचलना—यह लोकतंत्र नहीं, जनतंत्र-विरोध है।
4 फरवरी 2026 कोई साधारण दिन नहीं था। यह उस दिशा का संकेत था, जिस ओर राजनीति को धकेलने की कोशिश की जा रही है। अगर आज इस पर कठोर और निर्णायक कदम नहीं उठाए गए, तो कल संसद और लोकतंत्र दोनों को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।
अब सवाल सीधा और स्पष्ट है:
क्या संसद अपनी मर्यादा की रक्षा करेगी, या अराजकता के सामने झुकने को ही नया सामान्य मान लेगी?
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*श्री हरिहरौ**विजयतेतराम*
*सुप्रभातम**आज का पञ्चाङ्ग*
*_सोमवार, ०९ फरवरी २०२६_*
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सूर्योदय: 🌄 ०७:१२सूर्यास्त: 🌅 ०६:१०
चन्द्रोदय: 🌝 २५:१९ चन्द्रास्त: 🌜१०:५९
अयन 🌘 उत्तरायणे(दक्षिण गोले)
ऋतु: 🏔️ शिशिर
शक सम्वत:👉१९४७(विश्वावसु)
विक्रम सम्वत:👉२०८२(सिद्धार्थी
मास 👉 फाल्गुन, पक्ष 👉 कृष्ण
तिथि 👉 अष्टमी (पूर्ण रात्रि)
नक्षत्र👉 विशाखा (पूर्ण रात्रि)
योग👉 वृद्धि (२४:५५ से ध्रुव)
प्रथम करण👉बालव(१८:१२ तक
द्वितीय करण 👉 कौलव(पूर्ण रात्रि)
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॥ गोचर ग्रहा: ॥🌖🌗🌖🌗
सूर्य 🌟 मकर, चंद्र 🌟 वृश्चिक
मंगल🌟मकर(अस्त,पश्चिम,मार्गी)
बुध🌟 कुम्भ (अस्त, पूर्व, मार्गी )
गुरु🌟 मिथुन (उदित, पूर्व, वक्री)
शुक्र 🌟 कुम्भ(उदित, पश्चिम, मार्गी)
शनि 🌟 मीन (उदय, पूर्व, मार्गी)
राहु 🌟 कुम्भ, केतु 🌟 सिंह
शुभाशुभ मुहूर्त विचार⏳⏲⏳⏲⏳⏲⏳
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अभिजित मुहूर्त 👉 १२:०९ से १२:५३
अमृत काल 👉 २२:०४ से २३:५१
विजय मुहूर्त 👉 १४:२१ से १५:०५
गोधूलि मुहूर्त 👉 १७:५८ से १८:२४
सायाह्न सन्ध्या 👉 १८:०० से १९:१८
निशिता मुहूर्त 👉 २४:०५ से २४:५७
राहुकाल 👉 ०८:२४ से ०९:४७
राहुवास 👉 उत्तर-पश्चिम
यमगण्ड 👉 ११:०९ से १२:३१
दुर्मुहूर्त 👉 १२:५३ से १३:३७
होमाहुति 👉 गुरु
दिशा शूल 👉 पूर्व
अग्निवास 👉 पाताल
चन्द्र वास 👉 पश्चिम (उत्तर २५:११ से)
शिववास 👉 गौरी के साथ
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☄चौघड़िया विचार☄
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॥ दिन का चौघड़िया ॥
१ – अमृत २ – काल, ३ – शुभ ४ – रोग
५ – उद्वेग ६ – चर, ७ – लाभ ८ – अमृत
॥रात्रि का चौघड़िया॥
१ – चर २ – रोग, ३ – काल ४ – लाभ
५ – उद्वेग ६ – शुभ, ७ – अमृत ८ – चर
नोट👉 दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
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शुभ यात्रा दिशा🚌🚈🚗⛵🛫
उत्तर-पश्चिम (दर्पण देखकर अथवा खीर का सेवन कर यात्रा करें)
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तिथि विशेष🗓🗓
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सीताष्टमी (माँ जानकी जन्मोत्सव), कालाष्टमी, अष्टका श्राद्ध आदि।
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आज जन्मे शिशुओं का नामकरण
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आज ३०:०२ तक जन्मे शिशुओ का नाम विशाखा नक्षत्र के प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ चरण अनुसार क्रमशः (ती, तू, ते, तो) नामाक्षर से रखना शास्त्र सम्मत है।
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उदय-लग्न मुहूर्त
मकर – २९:३६ से ०७:१७
कुम्भ – ०७:१७ से ०८:४३
मीन – ०८:४३ से १०:०७
मेष – १०:०७ से ११:४०
वृषभ – ११:४० से १३:३५
मिथुन – १३:३५ से १५:५०
कर्क – १५:५० से १८:१२
सिंह – १८:१२ से २०:३१
कन्या – २०:३१ से २२:४८
तुला – २२:४८ से २५:०९+
वृश्चिक – २५:०९+ से २७:२९+
धनु – २७:२९+ से २९:३२+
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पञ्चक रहित मुहूर्त
चोर पञ्चक – ०७:०२ से ०७:१७
शुभ मुहूर्त – ०७:१७ से ०८:४३
रोग पञ्चक – ०८:४३ से १०:०७
चोर पञ्चक – १०:०७ से ११:४०
शुभ मुहूर्त – ११:४० से १३:३५
रोग पञ्चक – १३:३५ से १५:५०
शुभ मुहूर्त – १५:५० से १८:१२
मृत्यु पञ्चक – १८:१२ से २०:३१
अग्नि पञ्चक – २०:३१ से २२:४८
शुभ मुहूर्त – २२:४८ से २५:०९+
रज पञ्चक – २५:०९+ से २७:२९+
शुभ मुहूर्त – २७:२९+ से २९:३२+
चोर पञ्चक – २९:३२+ से ३१:०१+
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आज का राशिफल🐐🐂💏💮🐅👩
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मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आपके लिए आज का दिन प्रतिकूल फल देने वाला रहेगा। जिस भी कार्य को करने का मन बनाएंगे उसमे पहले आलस्य बाद में किसी के गलत मार्गदर्शन के कारण विघ्न बाधाएं आएंगी। आज आप अपने जीवनी की समीक्षा भी करेंगे जिससे मन हीनभावना से ग्रस्त रहेगा। व्यावसायिक अथवा अन्य पारिवारिक-धार्मिक कारणों से यात्रा के योग बनेंगे अगर संभव हो तो यात्रा आज ना ही करें वाहन से चोटादि का भय है। सेहत अचानक खराब हो सकती है। चक्कर-वमन अथवा अन्य पेट मस्तिष्क संबंधित समस्या खड़ी होगी। धन की आमद परिश्रम साध्य रहेगी।
वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज के दिन आपको लगभग सभी कार्यो के अनुकूल परिणाम मिलेंगे। अधिकांश कार्य थोड़े से प्रयास से पूर्ण हो जाएंगे। आर्थिक दृष्टिकोण से दिन ज्यादा लाभप्रद नही फिर भी संतोषजनक स्थिति बनेगी। व्यापार विस्तार की योजना सफल रहेगी। नौकरी पेशा जातक अधिकारी वर्ग से आसानी से काम निकाल सकेंगे। सामाजिक क्षेत्र हो या पारिवारिक अथवा अन्य सभी जगह आपकी जय होगी। अपरिचित भी आपसे संपर्क बनाने को उत्सुक रहेंगे। महिलाओं का स्वभाव अधिक नखरे वाला रहेगा इस वजह से हास्य की पात्र भी बनेंगी।
मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज का दिन आर्थिक दृष्टिकोण से उन्नति वाला रहेगा। धन संबंधित समस्याएं काफी हद तक सुलझने पर दिन भर प्रसन्नता रहेगी। कार्य व्यवसाय से प्रारंभिक परिश्रम के बाद दोपहर के समय से धन की आमद शुरू हो जाएगी जो संध्या तक रुक रुक कर चलती रहेगी। मितव्ययी रहने के कारण खर्च भी हिसाब से करेंगे धन कोष में वृद्धि होगी। महिलाये किसी मनोकामना पूर्ति से उत्साहित होंगी। आज महिला वर्ग से कोई भी काम निकालना आसान रहेगा मना नही कर सकेंगी। दाम्पत्य सुख में भी वृद्धि होगी। पर्यटन की योजना बनेगी।
कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज के दिन आप बुद्धि विवेक से कार्य करेंगे परन्तु परिस्थिति हर तरह से कार्यो में बाधा डालेगी। कार्य व्यवसाय से मन ऊबने लगेगा धैर्य से कार्य करते रहें संध्या तक संतोषजक लाभ अवश्य मिलेगा पारिवारिक एवं सामाजिक क्षेत्र पर आपके विचारो की प्रशंसा होगी लेकिन केवल व्यवहार मात्र के लिए ही। आर्थिक विषयो को लेकर किसी से विवाद ना करें धन डूबने की आशंका है। गृहस्थ में प्रेम स्नेह तो मिलेगा परन्तु स्वार्थ सिद्धि की भावना भी अधिक रहेगी। महिलाये अधिक बोलने की समस्या से ग्रस्त रहेंगी।
सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज के दिन आप सम्भल कर ही कार्य करेंगे फिर भी सफलता में संशय बना रहेगा। व्यवहारिकता की कमी के कारण जितना लाभ मिलना चाहिए उतना नही मिल सकेगा। घर अथवा बाहर बेवजह कलह के प्रसंग बनेगे। व्यापार व्यवसाय में सहकर्मियो की।मनमानी के कारण असुविधा एवं अव्यवस्था बनेंगी लेकिन फिर भी स्वयं के पराक्रम से खर्च लायक धनार्जन कर ही लेंगे। आस-पड़ोसी एवं भाई बंधुओ से बात का बतंगड़ ना बने इसके लिए मौन रखने की जरूरत है फिर भी महिलाये स्वभावानुसार बनती बात बिगाड़ लेंगी। विपरीत लिंग के प्रति कामासक्त रहेंगे।
कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आपका आज का दिन आर्थिक लाभ कराएगा फिर भी ध्यान रखें व्यवहार का रूखापन लाभ को हानि में बदलने के साथ ही सामाजिक प्रेम संबंधों में खटास भी ला सकता है। घर परिवार एवं समाज में आपकी अनदेखी होने के कारण मन खिन्न रहेगा परन्तु धैर्य बनाना अति आवश्यक है अन्यथा स्वयं के साथ परिवार की गरिमा को भी ठेस पहुंच सकती है। महिलाओं को भी आज गुस्से पर काबू रखने की अधिक आवश्यकता है। बात-बात पर नाराज होने से घर का वातावरण अस्त-व्यस्त हो सकता है। धन आने के साथ जाने के रास्ते बना लेगा।
तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज के दिन आप किसी भी कार्य को लेकर ज्यादा भाग-दौड़ करने के पक्ष में नही रहेंगे। आसानी से जितना मिल जाये उसी में संतोष कर लेंगे। परन्तु महिलाये इसके विपरीत रहेंगी अल्प साधनो से कार्य करने पर भाग्य को दोष देंगी। व्यवसाय की गति पल पल में बदलेगी जिससे सुकून से बैठने का समय नही मिलेगा। किसी पुरानी घटना को याद करके दुखी रहेंगे। पारिवारिक खर्चो में अकस्मात वृद्धि होने से बजट गड़बड़ा सकता है। महिलाओं के मन मे आज उथल पुथल अधिक रहने के कारण बड़ी जिम्मेदारी का कार्य सौपना उचित नही रहेगा।
वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज आप दिन के आरंभ में जितना परिश्रम करेंगे मध्यान के बाद उसका फल धन लाभ एवं सम्मान के रूप में मिलेगा। परन्तु कार्य व्यवसाय में आज अधिकांश कार्य बीच मे भी छोड़ सकते है। चल- अचल संपत्ति से लाभ होगा। प्रतिस्पर्धी आज आपके आगे ज्यादा देर नही टिक पाएंगे। हृदय में आज कोमलता अधिक रहेगी परोपकार के लिए प्रेरित होंगे। बीच-बीच मे अहम की भावना आने से लोगो से व्यवहारिक दूरी बढ़ेगी। महिलाओ का जिद्दी स्वभाव कुछ समय के लिये घर पर अशांति कर सकता है। फिर भी पिछले कुछ दिनों की तुलना में आज शान्ति अनुभव करेंगे।
धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज के दिन आप अकस्मात घटनाओं से सतर्क रहें। घरेलू दिनचर्या वैसे तो सामान्य ही रहेगी परन्तु आज जिस भी कार्य मे हाथ डालेंगे उसमे आशा के विपरीत अकस्मात क्षति के योग बनेंगे। घर मे भी महिलाओं के हाथ कुछ ना कुछ नुकसान अवश्य होगा। व्यवसाय में निवेश आज भूल कर भी ना करें पुराने उधार के व्यवहार यथा शीघ्र निपटाने के प्रयास करें अन्यथा ये अतिरिक्त सरदर्दी बढ़ाएंगे। सरकार की तरफ से कोई नोटिस अथवा अशुभ समाचार मिलने की संभावना है। संतान की गतिविधियों के ऊपर नजर रखें। धन की कमी रहेगी।
मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आपको आज का दिन धन एवं सम्मान दोनों की प्राप्ति कराएगा। जिस भी कार्य को करेंगे उसमे प्रराम्भ में थोड़ी भाग-दौड़ करनी पड़ेगी लेकिन अंतिम परिणाम प्रसन्नता दायक रहेगा। सरकारी कार्यो में सफलता निश्चित रहेगी परन्तु इनमे आज देरी ना करे अन्यथा लंबित रह जाएंगे। आध्यत्म के प्रति निष्ठा रहेगी पर व्यस्तता के कारण अधिक समय नही दे पाएंगे। कार्य समय से थोड़ा विलंब से पूर्ण होंगे फिर भी धन की प्राप्ति में ज्यादा विलंब नही होगा। घर मे सुख के साधनों की वृद्धि होगी। महिलाये गृहस्थ संबंधित समस्याएं स्वयं सुलझाने की क्षमता रखेंगी।
कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज आपको प्रत्येक कार्यो में सफलता मिलेगी लेकिन इसके लिए बौद्धिक परिश्रम अधिक करना पड़ेगा। आध्यत्म अथवा साधना क्षेत्र से जुड़े जातको को साधना में सिद्धि की दिव्य अनुभूति होगी। बेरोजगार व्यक्ति आज थोड़े से प्रयास के बाद अवश्य किसी रोजगार से जुड़ सकते है। नौकरी पेशा लोगो का आज काम के समय भी मन इधर उधर ज्यादा भटकेगा। मन में चल रही कामना अतिशीघ्र पूर्ण होने के योग है। ध्यान रहे आज किसी भी कार्य में आलस्य किया तो दोबारा अवसर नही मिल सकेगा। गृहस्थ में प्रेम बढेगा।
मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज के दिन कार्यो के प्रति मन मे उच्चाटन रहेगा। नौकरी पेशा एवं व्यवासायिक लोगो को अपने क्षेत्र में विविध कष्टो का सामना करना पड़ेगा। कोई भी कार्य बिना किसी के सहयोग के बनाना असंभव ही लगेगा। आर्थिक कारणों से भविष्य को लेकर चिंता रहेगी। परन्तु आज आपका ध्यान आध्यत्म की ओर अधिक आकर्षित रहेगा। मन मे सत्संग प्रवचन सुनने की लालसा रहेगी धर्म के गूढ़ रहस्यों को जानने में रुचि लेंगे। महिलाये धार्मिक अथवा सामाजिक कार्यो में सक्रियता दिखाएंगी। घर का वातावरण मामूली विषयो को छोड़ मंगलमय रहेगा।
