आज पाकिस्तान में दो पोलियो वर्कर्स को गो*ली मारकर मार दी गई,
यह बेहद शर्मनाक और निंदनीय घटना है,
जिन लोगों को आज मार दिया गया,
उन्हीं लोगों ने 1970 के दशक से लेकर आज तक पोलियो के खिलाफ लड़ाई लड़ी है।
एक समय ऐसा था जब हर 100 से 200 लोगों में से लगभग एक व्यक्ति पोलियो की वजह से पैरालाइज हो जाता था।
आज पूरे पाकिस्तान में यह संख्या घटकर लगभग 200 से 250 मामलों तक रह गई है।
यही हाल भारत का भी था।
1970 और 1980 के दशक में भारत में हर साल लगभग 2 से 3 लाख पोलियो के मामले सामने आते थे।
आज भारत में यह बीमारी लगभग खत्म हो चुकी है।
धर्म के नाम पर जो अफवाहें फैलाई जाती हैं,
वे समाज में बहुत बड़ा ज़हर घोलती हैं।
इसका खामियाजा आम लोगों और मासूम बच्चों को भुगतना पड़ता है।
आज उन लोगों को मार दिया गया,
जिन्होंने लोगों को इस बीमारी से बचाने के लिए अपनी जिंदगी लगा दी।
जिनकी कोशिशों से पोलियो के कारण पैरालाइज होने वाले लोगों की संख्या में इतनी बड़ी कमी आई और हजारों बच्चों को एक बेहतर जिंदगी मिली।
यह सिर्फ दो लोगों की हत्या नहीं,
बल्कि मानवता और समाज की भलाई के लिए काम करने वालों पर हमला है….!
दुनिया में जहां आज भी पोलियो मौजूद है उन देशों में पाकिस्तान आज भी है…..!
कैसी सोच है इस देश की, सोचिए! और ये अपने आपको शांति का मजहबी बताते हैं।
बता दें कि पूरे विश्व में पाकिस्तान एक मात्र ऐसा देश है जहां आज भी पोलियो है
क्योंकि वहां के मुल्ला मौलाना अपनी तकरीर में यह कहते हैं कि अपने बच्चों को पोलियो मत पिलाओ इससे तुम्हारे बच्चे नपुंसक हो जाएंगे यह यहूदियों की साजिश है जो मुसलमानो के बच्चों को नपुंसक बनाना चाहते हैं
पाकिस्तान में पोलियो ड्राप पिलाने वालों को आधुनिक हथियारों के साथ पूरी सिक्योरिटी मिलती है
और कल एक पोलियो कर्मी की सुरक्षा में तैनात दो पुलिसकर्मियों को गोली मार दी गई
