देवभूमि हिन्दुत्व का आधार है, इसलिए भाजपा राष्ट्रीय नेतृत्व का उत्तराखंड पर है विशेष फोकस, स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 16 बार उत्तराखंड आ चुके हैं

बीते 9 नवम्बर को देहरादून में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, 14 फरवरी को देहरादून में ही जेपी नड्डा, 7 मार्च को हरिद्वार में अमित शाह का दौरा था और अब 21 मार्च को राजनाथ सिंह हल्द्वानी आ रहे हैं। इससे पहले 6 से 8 फरवरी तक यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उत्तराखण्ड स्थित अपने पैतृक गांव में मौजूद रहे। यानि चार माह के भीतर भाजपा के टॉप लीडरशिप की एक के बाद एक उत्तराखण्ड में आमद रही। ऐसा इसलिए है क्योंकि भाजपा के लिए उत्तराखण्ड राजनीतिक और वैचारिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण राज्य है। भाजपा की विचारधारा और सियासी एजेंडे में उत्तराखण्ड की भूमिका हिन्दुत्व और राष्ट्रवाद के रूप में फिट बैठती है। युवा मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami के नेतृत्व में यहां की सरकार निरन्तर गतिशील बनी हुई है और पार्टी संगठन बूथ प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित किए हुए है। इन्हीं खासियतों के बूते पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा ने मिथक तोड़कर लगातार सत्ता में वापसी की थी। जबकि दूसरी ओर, मौजूदा समय में मजबूत संगठन और पर्याप्त संसाधन विपक्ष के लिए किसी सपने से कम नहीं है। भाजपा के बूथ लेवल कार्यकर्ता से लेकर शीर्ष नेतृत्व तक सभी अपनी-अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी समझते हैं और समय आने पर उसका Execution भी करते हैं। एक और बात गौर करने वाली बात है कि प्रधानमंत्री मोदी पिछले पांच साल में 16 बार उत्तराखण्ड आ चुके हैं।