नारा केवल “कब्र खुदेगी” नहीं है, बल्कि यह एक संकल्प है—योगी और मोदी के विकास रथ को रोकने का, जनसंख्या जिहाद : अफगानिस्तान पाकिस्तान बांग्लादेश ये सब हिंदुस्तान के अंग थे आज किसके पास हैं!!, आज का पंचाग आप का राशिफल

दोस्तों, हवाओं का रुख बता रहा है कि कुछ बड़ा और अशांत पक रहा है। जिसे हम राजनीति समझ रहे हैं, वह शायद महज़ राजनीति नहीं, बल्कि देश की जड़ों पर प्रहार करने की एक गहरी ‘टूलकिट’ (Toolkit) है। 140 करोड़ की आबादी वाले इस विशाल देश में चंद लाख लोगों को भ्रमित करना विदेशी ताकतों और उनके स्थानीय मोहरों के लिए मुश्किल नहीं है।
क्या है ‘फाइनल एक्ट’ की स्क्रिप्ट?
सूत्रों और हालिया घटनाक्रमों की मानें तो अगले कुछ महीनों में दिल्ली की ‘खास’ मंडली और उनके आका एक छद्म क्रांति की तैयारी में हैं। इसकी रूपरेखा कुछ इस तरह समझी जा सकती है:
* सड़कों पर संग्राम (किसान आंदोलन 2.0): अमेरिका के साथ व्यापारिक समझौतों का बहाना बनाकर पंजाब और पश्चिमी यूपी के किसानों को फिर से सड़कों पर उतारने की बिसात बिछाई जा रही है। जिम्मेदारी वही पुराने चेहरों को सौंपी गई है जो ‘आंदोलनजीवी’ होने का तमगा पा चुके हैं।
* जातिवाद का ज़हर: उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में जातिवादी संगठनों को सक्रिय किया जा रहा है। उदेश्य साफ है—विकास की चर्चा को हटाकर समाज को जातियों के छोटे-छोटे टुकड़ों में बांट देना।
* निशाने पर ‘यूपी मॉडल’: आगामी उत्तर प्रदेश चुनावों तक यह अस्थिरता जारी रखने की योजना है। नारा केवल “कब्र खुदेगी” नहीं है, बल्कि यह एक संकल्प है—योगी और मोदी के विकास रथ को रोकने का।
डिजिटल युद्ध और एल्गोरिथम का खेल
क्या आपने गौर किया है कि आपके सोशल मीडिया फीड पर अचानक जातिगत भेदभाव या अपने ही समाज के खिलाफ नफरत भरने वाले वीडियो बढ़ गए हैं?
सावधान रहें! यह संयोग नहीं, बल्कि डिजिटल एल्गोरिथम का वह खेल है जिसे ग्लोबल एजेंसियां कंट्रोल कर रही हैं। पीटर नवारो जैसे विदेशी चेहरों के भारत विरोधी बयान इसी एजेंडे का हिस्सा हैं ताकि भारतीय समाज के भीतर एक ‘सिविल वॉर’ जैसी स्थिति पैदा की जा सके।

अब फैसला हमें और आपको करना है!
आज देश एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है। हमारे पास दो रास्ते हैं:
* पड़ोसियों जैसा हाल: क्या हम श्रीलंका, बांग्लादेश या नेपाल जैसी अस्थिरता चाहते हैं?
* सशक्त हिंदुस्तान: या हम उस भारत के साथ खड़े होना चाहते हैं जिसने सदियों बाद ‘सनातन पुनर्जागरण’ और आर्थिक रफ्तार देखी है।
याद रखिये! मोदी-योगी-शाह की यह तिकड़ी और वर्तमान का यह स्वर्ण काल सदियों के संघर्ष के बाद आया है। अगर हम आज आपसी मतभेदों, मुफ्त की रेवड़ियों या जातिवाद के झांसे में आकर बंट गए, तो आने वाली पीढ़ियां हमें कभी माफ नहीं करेंगी।
जागिये, इससे पहले कि बहुत देर हो जाए!

उनको तादाद के बल पर लड़ना और जब तक जीत न हासिल कर लें तब तक इंतजार करना बखूबी आता है। आप इतिहास उठाकर देख लीजिए उन्होंने हिंदुस्तान पर कब्जे के लिए सदियों इंतेज़ार किया है।

क्या कहा वे सफल नहीं हुए ?

अफगानिस्तान , पाकिस्तान , बांग्लादेश यह सब हिंदुस्तान के अंग थे। आज किसके पास हैं देख लीजिए।

हम सरकार के बल पर ऐंठते हैं किंतु हम तादाद होते हुए भी अपनी सरकारें नहीं बना पाते।

चुनाव का दिन पिकनिक का दिन हो जाता है , किसी की बवासीर रक्त उगलने लगती है , किसी का भगंदर भीषण रूप दिखाता है , किसी के लिए हवा ज़हरीली हो जाती है , तो किसी को ट्रैफिक जाम सताता है।

कुछेक वर्ष और यह विलासिता भोग लीजिए फिर उसके पश्चात या तो अपनी मर्जी से अपना काटोगे या वे तुम्हें काटेंगे।

मुझे नफरत फैलाने वाला कहने से पहले पुनः इतिहास उठाकर देख लो , वर्तमान में बांग्लादेश तो सम्मुख ही खड़ा है।

मतदान न करने की क्या कीमत चुकानी पड़ती है वह फिलहाल बंगाल और कर्नाटक में देख लो।

और एकजुट होकर मतदान करने तथा हिंदुत्ववादी दल को जिताने पर क्या होता है , उसके उदाहरण के लिए उत्तर प्रदेश ही बहुत है।
Kumar Kalhans

इन दिनों फिज़ाओं में एक ही कानाफूसी तैर रही है—कहते हैं “साहब” की घड़ी ढलान पर है।

शायद सच भी हो; देश को अब वो नेतृत्व कहाँ रास आता है जो चौबीसों घंटे काम, अनुशासन और जवाबदेही की बात करे?
हमें तो शायद वही मौसम चाहिए जब व्यवस्था ‘आपसी समझ’ से चलती थी और हिस्से बराबर बँटते थे।

कितना आरामदेह था वो समय—घोटालों की सुर्खियाँ भी लोरी बन जाती थीं और हम बेफिक्र नींद सो जाते थे।
आज दस बरस बाद तस्वीर बदली है; बदलाव की रफ्तार ने बहसों को भी तेज कर दिया है।

कहा जाता है कि संपत्ति कुछ बड़े घरानों में सिमटी, मगर सवाल ये भी है—क्या वे कल तक गुमनाम थे?
आर्थिक हैसियत दुनिया की शीर्ष कतार में पहुँचने को है, पर कुछ लोगों को चमक से चिढ़ है, उन्हें अँधेरा ही भाता है।
एक वक्त था जब रेलयात्रा रोमांच से भरी रहती थी—घोषणाएँ डराती थीं, संदिग्ध पैकेटों की खबरें दिल की धड़कन बढ़ाती थीं।

आज प्लेटफॉर्म पर वंदे मातरम् और भक्ति-धुनें गूंजती हैं; मुसाफिर सुकून से ऊँघ लेते हैं।
कुछ को शिकायत है—भला सफर भी कहीं आराम से होता है?
सुरक्षा पर सवाल:
बहस करने वालों का कहना है कि खतरे घटे नहीं, बस कहानी गढ़ी गई है।

आँकड़ों की दुनिया में हर पक्ष अपने प्रमाण ढूँढ लेता है; सच वही मानता है जो उसकी सोच से मेल खाए।
रोज़गार की पड़ताल:
अब अवसर योग्यता से जुड़ रहे हैं—कम से कम दावा यही है।
लेकिन जो सिर्फ डिग्री की फाइल लेकर इंतज़ार में बैठे हैं, वे इस बदलाव को स्वीकार करने को तैयार नहीं।
अब फिर निर्णायक घड़ी सामने है।

यदि आपको लगता है कि पुरानी रियायतों का दौर बेहतर था—जहाँ मुफ्त का वादा ही नीति था—तो रास्ता खुला है।
“साहब” तो खुद को फकीर कहते हैं; एक दिन झोला उठाकर निकल भी सकते हैं।

मगर ठहरकर सोचिए—हम अगली पीढ़ी को क्या सौंपेंगे?
सिर्फ तिजोरियों का हिसाब या एक आत्मविश्वासी राष्ट्र की पहचान?
कीमतों की बहस चलती रहेगी, योजनाओं पर तर्क-वितर्क होता रहेगा, पर स्थिरता और सुरक्षा किसी भी देश की असली पूँजी होती है।

जब आस्था के प्रतीक निखरते हैं, जब सीमाएँ सुरक्षित रहती हैं, और जब विश्व मंच पर तिरंगा ऊँचा उठता है, तो आत्मा में एक अलग भरोसा जन्म लेता है।
डर में जीने से बेहतर है अपने विश्वास पर अडिग खड़ा रहना—यही भावना कई लोगों के निर्णय की दिशा तय कर रही है।
ये चुनाव सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं, आने वाले दशकों की बुनियाद का सवाल है।

इतिहास गवाह है—बड़े व्यक्तित्व आलोचना को भी मुस्कराकर सह लेते हैं।
अब निर्णय आपका है—क्या आप उसी राह पर आगे बढ़ना चाहेंगे या नया मोड़ तलाशेंगे?
विचार कीजिए, क्योंकि यह राष्ट्र आपका है, और भविष्य की पटकथा भी आपके ही हाथों में लिखी जानी है।नरेंद्र मोदी को भारतीय इतिहास का सबसे शक्तिशाली प्रधानमंत्री कहा जा रहा है, यह दावा खोखला नहीं। 2014 से दिल्ली की कुर्सी संभालते हुए उन्होंने ऐसी ताकत हासिल की है, जो पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कार्यकाल से भी मीलों आगे नजर आती है। इंदिरा ने 1975 का इमरजेंसी लगाकर लोकतंत्र को झुकाया था, लेकिन मोदी ने बिना संविधान को छुए, जन-जन का भरोसा जीतकर सत्ता के चरम पर पहुंचाया। उनकी शक्ति का राज सिर्फ कुर्सी नहीं, बल्कि अटूट जनाधार और वैश्विक छवि में छिपा है।

मोदी की ताकत का पहला प्रमाण आर्थिक सुधारों में दिखता है। नोटबंदी, जीएसटी और अब डिजिटल इंडिया ने अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी। इंदिरा ने बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया, लेकिन मोदी ने 50 करोड़ से ज्यादा लोगों को जनधन खाते देकर वित्तीय समावेशन का चमत्कार कर दिखाया। विदेश नीति में मोदी का जलवा बेमिसाल – अमेरिका से रूस तक, क्वाड से जी20 तक, उन्होंने भारत को वैश्विक मंच पर सुपरपावर बनाया। इंदिरा की 1971 युद्ध जीत भले ऐतिहासिक थी, लेकिन मोदी ने बलूचिस्तान से लेकर कश्मीर तक बिना गोली चलाए दुश्मनों को ललकारा। आर्टिकल 370 हटाकर जम्मू-कश्मीर को सीधे केंद्र से जोड़ा, जो इंदिरा के बस की बात न थी।

चुनावी रणनीति में मोदी का जादू लाजवाब। तीन लोकसभा चुनावों में भाजपा को 303 सीटें दिलाईं, जो किसी भी पीएम के रिकॉर्ड से ऊपर। इंदिरा ने 1971 में भारी बहुमत जीता, लेकिन 1977 में हार गईं। मोदी 11 साल बाद भी अपराजेय। कोविड संकट में फ्री वैक्सीन, गरीब कल्याण योजना से 80 करोड़ लोगों को राशन पहुंचाया। राम मंदिर, अयोध्या का उद्घाटन और योग दिवस जैसी सांस्कृतिक विजय ने हिंदू हृदय सम्राट की छवि बनाई। इंदिरा की शक्ति कांग्रेस पार्टी पर टिकी थी, मोदी की भाजपा पर नहीं, बल्कि सीधे जनता पर।

विपक्षी हमलों के बावजूद मोदी की लोकप्रियता 70% से ऊपर बनी है। राम मंदिर से लेकर रामायण सर्किट तक, उन्होंने सॉफ्ट पावर का इस्तेमाल किया। इंदिरा को ‘आयरन लेडी’ कहा गया, लेकिन मोदी ‘विश्वगुरु’ बनाने वाले लीडर। आंकड़े गवाह हैं – जीडीपी 2.5 लाख करोड़ से 400 लाख करोड़, एक्सपोर्ट डबल। 2026 तक भारत दुनिया की तीसरी अर्थव्यवस्था बनेगा। यह शक्ति निरंकुश नहीं, बल्कि विकासोन्मुखी। मोदी ने साबित किया कि बिना इमरजेंसी के भी देश को मजबूत बनाया जा सकता है। इतिहास उन्हें स्वर्णिम अध्याय देगा।

🌞*ॐ शं शनैश्चराय नमःनमः🌞*
🌤️ *दिनांक – 14 फरवरी 2026*
🌤️ *दिन – शनिवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन – उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु – शिशिर ॠतु*
🌤️ *मास – फाल्गुन ( गुजरात- महाराष्ट्र -माघ )*
🌤️ *पक्ष – कृष्ण*
🌤️ *तिथि – द्वादशी शाम 04:01 तक तत्पश्चात त्रयोदशी*
🌤️ *नक्षत्र – पूर्वाषाढा शाम 06:16 तक तत्पश्चात उत्तराषाढा*
🌤️ *योग – सिद्धि 15 फरवरी रात्रि 03:18 तक तत्पश्चात व्यतीपात*
🌤️*राहुकाल – सुबह 10:01 से सुबह 11:27 तक*
🌤️ *सूर्योदय – 07:11*
🌤️ *सूर्यास्त – 06:34*
👉 *दिशाशूल – पूर्व दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण- मातृ-पितृ पूजन दिवस,शनिप्रदोष व्रत*
💥 *विशेष – द्वादशी को पूतिका (पोई) अथवा त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

🚩~*सनातन पंचांग* ~🚩

🌷 *व्यतिपात योग* 🌷

➡️ *15 फरवरी 2026 रविवार को प्रातः 03:18 से मध्यरात्रि 02:47 तक व्यतिपात योग है।*

🙏🏻 *व्यतिपात योग की ऐसी महिमा है कि उस समय जप पाठ प्राणायम, माला से जप या मानसिक जप करने से भगवान की और विशेष कर भगवान सूर्यनारायण की प्रसन्नता प्राप्त होती है जप करने वालों को, व्यतिपात योग में जो कुछ भी किया जाता है उसका १ लाख गुना फल मिलता है।*

🚩~*सनातन पंचांग* ~🚩

🌷 *महाशिवरात्रि* 🌷

➡️ *15 फरवरी 2026 रविवार को महाशिवरात्रि है।*

🙏🏻 *अर्ध रात्रि की पूजा के लिये स्कन्दपुराण में लिखा है कि फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को ‘निशिभ्रमन्ति भूतानि शक्तयः शूलभृद यतः । अतस्तस्यां चतुर्दश्यां सत्यां तत्पूजनं भवेत् ॥’ अर्थात् रात्रिके समय भूत, प्रेत, पिशाच, शक्तियाँ और स्वयं शिवजी भ्रमण करते हैं; अतः उस समय इनका पूजन करने से मनुष्य के पाप दूर हो जाते हैं । शिवपुराण में आया है “कालो निशीथो वै प्रोक्तोमध्ययामद्वयं निशि ॥ शिवपूजा विशेषेण तत्काले ऽभीष्टसिद्धिदा ॥ एवं ज्ञात्वा नरः कुर्वन्यथोक्तफलभाग्भवेत्” अर्थात रात के चार प्रहरों में से जो बीच के दो प्रहर हैं, उन्हें निशीधकाल कहा गया हैं | विशेषत: उसी कालमें की हुई भगवान शिव की पूजा अभीष्ट फल को देनेवाली होती है – ऐसा जानकर कर्म करनेवाला मनुष्य यथोक्त फलका भागी होता है |*

🙏🏻 *चतुर्दशी तिथि के स्वामी शिव हैं। अत: ज्योतिष शास्त्रों में इसे परम कल्याणकारी कहा गया है। वैसे तो शिवरात्रि हर महीने में आती है। परंतु फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को महाशिवरात्रि कहा गया है। शिवरहस्य में कहा गया है ।*

🌷 *“चतुर्दश्यां तु कृष्णायां फाल्गुने शिवपूजनम्। तामुपोष्य प्रयत्नेन विषयान् परिवर्जयेत।। शिवरात्रि व्रतं नाम सर्वपापप्रणाशनम्।”*

🙏🏻 *शिवपुराण में ईशान संहिता के अनुसार “फाल्गुनकृष्णचतुर्दश्यामादिदेवो महानिशि। शिवलिंगतयोद्भूत: कोटिसूर्यसमप्रभ:॥” अर्थात फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी की रात्रि में आदिदेव भगवान शिव करोडों सूर्यों के समान प्रभाव वाले लिंग रूप में प्रकट हुए इसलिए इसे महाशिवरात्रि मानते हैं।*

🙏🏻 *शिवपुराण में विद्येश्वर संहिता के अनुसार शिवरात्रि के दिन ब्रह्मा जी तथा विष्णु जी ने अन्यान्य दिव्य उपहारों द्वारा सबसे पहले शिव पूजन किया था जिससे प्रसन्न होकर महेश्वर ने कहा था की “आजका दिन एक महान दिन है | इसमें तुम्हारे द्वारा जो आज मेरी पूजा हुई है, इससे मैं तुम लोगोंपर बहुत प्रसन्न हूँ | इसीकारण यह दिन परम पवित्र और महान – से – महान होगा | आज की यह तिथि ‘महाशिवरात्रि’ के नामसे विख्यात होकर मेरे लिये परम प्रिय होगी | इसके समय में जो मेरे लिंग (निष्कल – अंग – आकृति से रहित निराकार स्वरूप के प्रतीक ) वेर (सकल – साकाररूप के प्रतीक विग्रह) की पूजा करेगा, वह पुरुष जगत की सृष्टि और पालन आदि कार्य भी कर सकता हैं | जो महाशिवरात्रि को दिन-रात निराहार एवं जितेन्द्रिय रहकर अपनी शक्ति के अनुसार निश्चलभाव से मेरी यथोचित पूजा करेगा, उसको मिलनेवाले फल का वर्णन सुनो | एक वर्षतक निरंतर मेरी पूजा करनेपर जो फल मिलता हैं, वह सारा केवल महाशिवरात्रि को मेरा पूजन करने से मनुष्य तत्काल प्राप्त कर लेता हैं | जैसे पूर्ण चंद्रमा का उदय समुद्र की वृद्धि का अवसर हैं, उसी प्रकार यह महाशिवरात्रि तिथि मेरे धर्म की वृद्धि का समय हैं | इस तिथिमे मेरी स्थापना आदि का मंगलमय उत्सव होना चाहिये |*

🙏🏻 *तिथितत्त्व के अनुसार शिव को प्रसन्न करने के लिए महाशिवरात्रि पर उपवास की प्रधानता तथा प्रमुखता है क्योंकि भगवान् शंकर ने खुद कहा है – “न स्नानेन न वस्त्रेण न धूपेन न चार्चया। तुष्यामि न तथा पुष्पैर्यथा तत्रोपवासतः।।” ‘मैं उस तिथि पर न तो स्नान, न वस्त्रों, न धूप, न पूजा, न पुष्पों से उतना प्रसन्न होता हूँ, जितना उपवास से।’*

🙏🏻 *स्कंदपुराण में लिखा है “सागरो यदि शुष्येत क्षीयेत हिमवानपि। मेरुमन्दरशैलाश्च रीशैलो विन्ध्य एव च॥ चलन्त्येते कदाचिद्वै निश्चलं हि शिवव्रतम्।” अर्थात् ‘चाहे सागर सूख जाये, हिमालय भी क्षय को प्राप्त हो जाये, मन्दर, विन्ध्यादि पर्वत भी विचलित हो जाये, पर शिव-व्रत कभी निष्फल नहीं हो सकता।’ इसका फल अवश्य मिलता है।*

🙏🏻 *‘स्कंदपुराण’ में आता है “परात्परं नास्ति शिवरात्रि परात्परम् | न पूजयति भक्तयेशं रूद्रं त्रिभुवनेश्वरम् | जन्तुर्जन्मसहस्रेषु भ्रमते नात्र संशयः||” ‘शिवरात्रि व्रत परात्पर (सर्वश्रेष्ठ) है, इससे बढ़कर श्रेष्ठ कुछ नहीं है | जो जीव इस रात्रि में त्रिभुवनपति भगवान महादेव की भक्तिपूर्वक पूजा नहीं करता, वह अवश्य सहस्रों वर्षों तक जन्म- चक्रों में घूमता रहता है |’*

🙏🏻 *ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार एकादशी को अन्न खाने से पाप लगता है और शिवरात्रि, रामनवमी तथा जन्माष्टमी के दिन अन्न खाने से दुगना पाप लगता है। अतः महाशिवरात्रि का व्रत अनिवार्य है।*

📖 *सनातन पंचांग संपादक ~ अंजनी निलेश ठक्कर*

📒 *सनातन पंचांग प्रकाशित स्थल ~ सुरत शहर (गुजरात)*

🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
आज का राशिफल
🐐🐂💏💮🐅👩
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मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज का दिन सुख शांतिदायक रहेगा फिर भी आपसी संबंधों में आज शक की गुंजाइश ना रखें मामूली बातो को अनदेखा करें। कार्य क्षेत्र पर आरम्भ में निर्णय लेने में दुविधा होगी अहम की भावना आने से किसी की सहायता लेना पसंद नही करेंगे जिससे कार्यो में विलंब हो सकता है। लेकिन आज आप जो निर्णय लेंगे उनमे से अधिकांश सही साबित होंगे। आपके कारण परिवार का भी मान बढेगा आज आप तंत्र मंत्र अथवा अन्य पूजापाठ से जुड़े कार्यो की अपेक्षा कर्म को ज्यादा महत्त्व देंगे इस विषय को लेकर किसी से वाद-विवाद भी हो सकता है। स्त्रीवर्ग आज पुरुषों की अपेक्षा ज्यादा खर्चीली रहेंगी।

वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आपको आज का दिन मिलाजुला फलदेगा। प्रातः काल से ही मानसिक रूप से निराश रहेंगे। कार्यो की असफलता का गुस्सा परिजनों पर निकालने से अशांति फैलेगी। दिनचार्य प्रातः काल से ही अस्त-व्यस्त बनेगी जिसे शाम तक नही सुधार सकेंगे। सब परिजन मिलकर आज आपके विरुद्ध एकजुट होंगे जिससे अकेलापन महसूस करेंगे। व्यावसायिक स्थल पर भी आज किसी के सहयोग की अपेक्षा ना करें आर्थिक लाभ संध्या के आस-पास अल्प मात्रा में होगा। भोजन में अरुचि रहेगी शारीरिक स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव लगा रहेगा कमजोरी रहने से उत्साहहीनता एवं स्वभाव में रूखापन आएगा।

मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज का दिन आपके लिए आशाजनक रहेगा। बेरोजगार लोग आज थोड़ा अतिरिक्त प्रयास करें निश्चित सफलता मिलेगी। व्यवसायी अथवा नौकरी पेशा जातक कार्य भार को देखकर घबरा सकते है लेकिन एक बार आरंभ करने पर जटिल कार्य भी आसान नजर आएगा समय पर सहयोग भी मिल जाएगा। आर्थिक विषयो को आज गंभीरता से लेंगे धन लाभ बीच बीच मे आवश्यकता अनुसार होता रहेगा लेकिन फिर भी धन को लेकर परिवार में असंतोष रहेगा। महिलाओ का दिमाग आज धन खर्च करने पर भी अस्थिर रहेगा किसी का दिया प्रलोभन दिमाग मे घूमता रहेगा। आज आपको जितना भी मिले कम ही लगेगा।

कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज के दिन आप के मन मे कुछ ना कुछ तिकडम लगी रहेगी। थोड़ी सी सफलता पाकर सामर्थ से अधिक सोचेंगे अतिआत्मविश्वास भविष्य के लिए हानि कारक रहेगा। आर्थिक दृष्टिकोण से आज का दिन भी संतोषजनक रहेगा। कार्य व्यवसाय से थोड़ी मेहनत के बाद आशाजनक लाभ कमा लेंगे। खर्च भी आय के हिसाब से रहेगा फिर भी बचत के अवसर मिलेंगे। व्यापार विस्तार आज कर सकते है निवेश भी फायदेमंद रहेगा परन्तु नए कार्य का आरंभ आज ना करें। पारिवारिक वातावरण बीच में थोड़ा उग्र होगा थोड़ी देर में ही स्थिति सामान्य बन जाएगी।

सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज आप अपने विवेकी व्यवहार के चलते कार्य क्षेत्र एवं परिवार में अन्य लोगो से बेहतर आंके जाएंगे परन्तु बीच बीच मे किसी कारण से क्रोध आ सकता है जिससे लोगो की विचारधारा आपके प्रति अकस्मात बदलेगी। कार्य व्यवसाय अथवा घरेलू मामलो में अपने निर्णय औरो पर थोपेंने पर वैचारिक मतभेद बढ़ेंगे। महिलाओ के गलत आचरण से पारिवारिक सम्मान को ठेस पहुँच सकती है। आर्थिक रूप से दिन मिला जुला रहेगा धन लाभ आज अकस्मात ही होगा अथवा निराश भी कर सकता है। चोट मोच का भय है यात्रा अतिआवश्यक होने पर ही सावधानी से करें।

कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज भी दिन के अंतिम भाग को छोड़ शेष विपरीत फलदायी रहेगा। दिन भर भागदौड़ करने के बाद भी कुछ भी आपकी आशा के अनुरूप नही होगा। धन संबंधित कार्य भी अंत समय मे आकर उलझ जाएंगे फिर भी उधारी के व्यवहार यथासम्भव ना करे अन्यथा नई मुसीबत सर पड़ेगी। किसी से काम निकालने में भी अभिमान आड़े आएगा। समाज के वर्जित कार्यो की ओर मन भटकेगा यह भविष्य में मान हानि कराएगा। गृहस्थ में किसी बाहरी व्यक्ति के कारण मतभेद रहेगा। विद्यार्थी मन मर्जी करेंगे। सेहत को लेकर लापरवाही ना करें। धैर्य से सही समय की प्रतीक्षा करें रात्रि में शुभ समाचार मिल सकते है।

तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज का दिन सामान्य बीतेगा। धन लाभ आज अवश्य होगा परन्तु अधिक पाने की लालसा मूल लाभ से भी वंचित कर सकती है। कार्य व्यवसाय में आज ज्यादा दिमाग लगाना पड़ेगा जिसका फल थोड़ा विलंब से मिलेगा। उलझनों के बाद भी हास्य के अवसर मिलते रहने से मन हल्का रहेगा। महिलाये पुरुषों से प्रतिस्पर्धा कर आगे निकलने का प्रयास करेंगी लेकिन इसमें सफल नही हो पायेगी। जोखिम वाले कार्यो में आज निवेश कर सकते है आने वाले समय में लाभ देगा। यात्रा पर्यटन की इच्छा मन मे ही रहेगी फिर भी घरेलू वातावरण आनंद में कमी नही रखेगा। आज उधार ना दें।

वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज का दिन वैसे तो सामान्य ही रहेगा फिर भी राजसी खर्च रहने से धन की कमी रहेगी। व्यवसाय में मंदी रहने से धन की आमद खर्च की तुलना में आधी भी नही होगी। कार्य क्षेत्र पर आज छोटी सी चूक बड़ा नुकसान करा सकती है प्रत्येक कार्य को देखभाल कर करें। आज पारिवारिक सदस्य का जिद्दी व्यवहार घर मे अशांति का कारण बनेगा। विद्यार्थी वर्ग अध्ययन में लापरवाही करेंगे। महिलाये अनर्गल प्रवृति में समय और धन व्यर्थ करेंगी बाद में पश्चाताप भी होगा। दिखावे की भावना आर्थिक उलझनों में फ़सायेगी। बुजुर्गो को भी आज सम्मान कम ही देंगे।

धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज आप अपने अंदर एक नई ऊर्जा का संचार अनुभव करेंगे। कार्यो को लेकर थोड़े लापरवाह भी रहेंगे लेकिन किसी का सहयोग मिलने से कार्य निश्चित समय पर पूर्ण कर लेंगे। पारिवारिक एवं व्यावसायिक विषयो में समाज के वरिष्ठ व्यक्ति का मार्गदर्शन निकट भविष्य के लिए लाभदायी रहेगा। नौकरीपेशा जातक कार्य क्षेत्र पर किसी से गरमा गर्मी होने पर मानसिक संतुलन खो सकते है विवेक से काम लें अन्यथा बाद में पछताना पड़ेगा। धार्मिक कार्यो में रुचि रहेगी फिर भी उपयुक्त समय नही दे सकेंगे दैनिक पूजा पाठ में खानापूर्ति मात्र रहेगी। आकस्मिक यात्रा करनी पड़ सकती है। स्त्री एवं संतान को लेकर असमंजस की स्थिति बनेगी।

मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आपका आज का दिन भी प्रतिकूलताओं से भरा रहेगा। आर्थिक समस्याएं यथावत बनी रहने से मानसिक कष्ट भोगेंगे काम-काज भी ठप्प सा ही रहेगा। नौकरो के भरोसे काम छोड़ना भारी पड़ सकता है। आर्थिक कारणों से आज भी घर एवं बाहर खीचतान की स्थिति बनेगी। विरोधी आपको नीचा दिखाने का हर संभव प्रयास करेंगे। पारिवारिक वातावरण गलतफहमियों एवं धैर्य हीनता के चलते अशांत रहेगा। उधार आज नाही किसी से लें नाही ही दें। परिवार में बीमारियों का प्रकोप अतिरिक्त परेशानी बढ़ाएगा दवाओं पर खर्च करना पड़ेगा। महिलाओ से आज सावधान रहें झगड़े का कारण बनेंगी।

कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज का दिन भी आपको सहज लाभ दिलाएगा। लेकिन आसानी से बन रहे कामो के कारण आपमे अतिआत्मविश्वास एवं अहम की भावना भी रहेगी जिससे निकट भविष्य में हानि होने की संभावना है। कार्य क्षेत्र पर किसी अन्य के दख़ल देने पर वातावरण कुछ समय के लिये अशांत बनेगा फिर भी आज आपके धन लाभ को कोई नही रोक पायेगा। नौकरीपेशा जातको को किसी विषय मे विशेष अनुभव का लाभ मिलेगा। बच्चे एवं महिलाये जबरदस्ती अपनी बात को मनवा लेंगी। बुजुर्गो आज अपनी किसी बात पर अड़ सकते है जिससे थोड़ी असुविधा होगी। रक्त पित्त संबंधित समस्या हो सकती है।

मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
सरकारी नौकरी वाले जातक अथवा सरकार संबंधित कार्यो के लिए आज का दिन विशेष रहेगा। नौकरी में पदोन्नति एवं सरकार से आर्थिक विषयो में लाभ की संभावना है परंतु ध्यान रहे आज आपकी राह में अड़चन डालने वाले भी बहुत रहेंगे इसलिए विनम्रता का परिचय दें। व्यवसायी वर्ग आकस्मिक सहायता मिलने से उत्साहित रहेंगे। कार्य व्यवसाय थोड़े उतार-चढ़ाव के बाद गति पकड़ लेगा लेकिन आज घरेलू अथवा रिश्तेदारी के खर्च अधिक होने से बचत करना मुश्किल रहेगा। महिलाये किसी कारण से नाराज होंगी जिससे कुछ समय के लिए अव्यवस्था की स्थिति बनेगी। संताने भी आपके विपक्ष में रहेंगी।
〰️〰️🙏राधे राधे🙏〰️〰️
〰️〰️🌞*~ हिन्दू पंचांग ~*🌞〰️〰️
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