जिम से लौट रहे प्रोपर्टी डीलर को एक माल के निकट मारी गोली : देहरादून को क्राईम कैपिटल बनाने वालों का केवल एनकाउंटर ही समाधान!

देहरादून जैसे शांत शहर को क्राईम कैपिटल बनने से बचाना होगा। इसका एक ही उपाय है अपराधी की न अपील न दलील सीधे जहन्नुम।

देहरादून। राजधानी देहरादून में अपराधियों के हौसले एक बार फिर बुलंद नजर आए। राजपुर रोड स्थित Silver City Mall के पास जिम से लौट रहे प्रॉपर्टी डीलर विक्रम शर्मा की तीन अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात के बाद इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल है।

हमलावर पहले से घात लगाए बैठे थे और विक्रम शर्मा पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर फरार हो गए। गंभीर रूप से घायल अवस्था में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और आसपास का क्षेत्र सील कर दिया गया। हमलावरों की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। प्रारंभिक जांच में आपसी रंजिश या कारोबारी विवाद की आशंका जताई जा रही है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।

राजधानी में लगातार हो रही आपराधिक घटनाओं ने कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। व्यस्त इलाके में दिनदहाड़े हुई इस हत्या से आम लोगों में भय का माहौल है। पुलिस ने जल्द खुलासे का दावा किया है।

वहीं अब देहरादून के राजपुर रोड में गोलीकांड करने के बाद भागते युवकों का CCTV फुटेज आया सामने

देहरादून अपराधियों का अड्डा है,एक से बड़े गेंग्सटर देहरादून में रह रहे थे, पुलिस को कोई खबर नहीं थी? कोई सत्यापन नहीं? देहरादून ऐसो आराम के साथ लोग पढ़ने के लिए आते हैं, शराब माफियाओं और जमीनों के विवाद तेजी से बढ़ रहे हैं,जिस कारण एक दुसरे के दुश्मन बन जाते हैं,पुराने जमाने में देहरादून में एक से दाईं रहते थे अब इन्हें गेंग्सटर कहते हैं।आज देहरादून में सिल्वर माल के पास जिसे गोली लगी वह किसी इनकाउंटर में नहीं आपसी रंजिश में मार दिया गया,।झारखंड का एक कुख्यात अपराधी जिसपर 50 मुकदमे जिसमे से 30 क़त्ल के वो बड़े आराम से राजधानी देहरादून मे आखिर रह कैसे रहा था ये बड़ा सवाल पुलिस के सत्यापन अभियान की रडार पर क्यों नहीं आया ये खूंखार? अपराधियों के लिए व छिपने के लिए देहरादून पहले से ही रहा है। देहरादून में हो रहे अपराधों को लेकर लोग चिंतित हैं,

आज सीएम पुष्कर सिंह धामी ने आठ जिलों के कप्तानों को बदलकर संदेश दिया है ।

बढ़ते अपराधों पर मुख्यमंत्री धामी का फैसला…
कर डाले ताबड़तोड़ तबादले. देहरादून एसएसपी बदले गए…
अब परमेंद्र डोभाल होंगे देहरादून के एसएसपी..

देहरादून के तिब्बती मार्केट में दिनदहाड़े युवक की गोली मारकर हत्या, इससे पहले मच्छी बाजार में लड़की की दिन दहाड़े हत्या, ऋषिकेश में महिला की गोली मारकर हत्या, देहरादून जनपद सहित उत्तराखंड में अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं।
उत्तराखण्ड में #जघन्य #अपराध बढने के पांच प्रमुख #कारण हैं।

पहला कारण है – उत्तर प्रदेश में अपराधियों पर शिकंजा कसे जाने #एनकाउंटर और #बुलडोजर एक्शन से अपराधियों ने उत्तराखंड को अपना कार्य क्षेत्र बना लिया है।

दूसरा कारण है कि – उत्तराखंड में अपराधी घुसपैठियों पर नियंत्रण रखने में उत्तराखंड में #मित्र_पुलिस अक्षम रही है न एनकाउंटर न, न लठ्ठ परेड, न बुलडोजर न्याय,
मित्रों से कौन अपराधी डरता है भाई!! #अपराधियों के विरुद्ध तो पुलिस को साक्षात यम राज होना ही चाहिए, ताकि अपराधी को सीधे जहन्नुम भेजो, धरती को अपराधी के बोझ से मुक्त करो।

तीसरा कारण है – लचीले व घटिया पुराने कानून और लम्बी प्रक्रिया वाली घटिया न्याय व्यवस्था, अपराधी पहले तो पकड़े नहीं जाते पकड़े भी गये तो कोर्ट से फांसी तो दूर उन्हें सरलता से जमानत मिल जाती है।

चौथा कारण है कि – अपराधी और अपराध हाईटेक हो गये जबकि कानून वही सड़ा गला पुराने और विवेक हीन असंवेदनशील ऊपर से नमाजवादी जातिवादी विसंविधान। और जमानत मिलने तक जनता के टैक्स से जेल में रोटी व सुरक्षा उपलब्ध कराने की व्यवस्था है।

पांचवा कारण है – उत्तराखंड के लोगों का सीधापन, जागरूकता का अभाव, कानूनी पचड़े से बचने का भाव, कौन आफत मोल ले वाला विचार, पलट कर जवाब नहीं देने का विचार, आसपास के घटनाओं के प्रति सचेत न होना। और यहां के कतिपय नेताओं द्वारा अपराधीयों को बचाने के लिए तिकड़म लगाना।

यही प्रमुख कारण है कि उत्तराखंड इस समय अपराधीयों, #षड्यंत्रकारियों, भू माफिया कानून माफिया और दिल्ली व पश्चिम उत्तर प्रदेश के अपराधियों का अड्डा बन रहा है। यही नहीं #डेमोग्राफी बदलने वाले घुसपैठियों व #डेमोक्रेसी बदलने वाले #अर्बन_नक्सलियों की #प्रयोगशाला भी बना हुआ है
सबसे अधिक लैंड फ्राड करने वाले उत्तराखंड में सक्रीय हैं, हजारों केस पुलिस फाईलों में लटके हैं लेकिन उन्हें गिरफ्तार करने से बचती है ✍️हरीश मैखुरी