तुमने अगर एक और मुंबई किया… तो बलोचिस्तान को भूल जाना….
अजीत डोभाल की इस टिप्पणी का मतलब अब समझ में आ रहा है…. पाकिस्तान को भी और हमारे यहाँ बैठे उन सूतियों को भी जिनको सबकुछ एक मजाक सा लगता है..
ऑपरेशन सिन्दूर जारी है… बस मोड चेंज हो चुका हैं… अपने वीर सैनिक क्यों गँवाये जाएँ जब पाकिस्तान के अंदर ही जाहिल मुल्ले उपलब्ध हैँ फटने के लिए… हालत देखिये कि एंटी टेररिस्ट स्क्वाड के कैम्प पर ही कब्ज़ा कर चुके हैँ बलोच… पाकिस्तान के पजामी सैनिक जान बचा के भाग रहे हैँ… पाकिस्तान को असली प्रॉक्सी वार का स्वाद बढ़िया से चखाया जा रहा है…
उस पर भी त्रासदी देखिये कि अपने देश को टूटने से बचा नहीं पा रहे और सपने देखे जा रहे हैँ गाजा में शांति स्थापना के… ऐसे गधे जहाँ देश और सेना की कमान संभाले हों…. उसका तो अल्लाह भी हाफ़िज़ नहीं..
कुल मिला के फुल मजा आ रहा है….
