माघ पूर्णिमा पर्व और सनातन धर्म संस्कृति के महान संत रविदास जी की जयंती आज, जाने सूर्यवंशी क्षत्रिय चंँवर राजवंश में जन्मे संत रविदास को आक्रांता सिकन्दर लोधी ने क्यों सजा दी ? आज का पंचाग आप का राशिफल

पवित्रकरण करने का मंत्र

ॐ अपवित्रः पवित्रो वा सर्वावस्थां गतोपि वा । यः स्मरेत् पुण्डरीकाक्षं स बाह्याभ्यन्तरः शुचिः ॥

आसन शुद्धि का मंत्र

ॐ पृथ्वी त्वया धृता लोका देवि त्वं विष्णुना धृता । त्वं च धारय मां देवि पवित्रं कुरु चासनम् ॥

ॐ स्योना पृथिवि नो भवानृक्षरा निवेशनी । यच्छा नः शर्म सप्रथाः ॥

पवित्री या अंगूठी पहनने का मंत्र

ॐ पवित्रे स्त्थो वैष्णव्यौ सवितुर्वः प्रसवऽ उत्त्पुनाम्यच्छिद्रेण पवित्रेण सूर्यस्य रश्मिभिः । तस्य ते पवित्रपते पवित्र पूतस्य यत्त्वामः पूनेतच्छकेयम् ॥

यज्ञोपवित या जनेऊ पहनने का मंत्र

ॐ यज्ञोपवीतं परमं पवित्रं प्रजा पतेर्यत सहजं पुरुस्तात । आयुष्यं मग्रंय प्रतिमुन्च शुभ्रं यज्ञोपवितम बलमस्तु तेजः ॥

🙏🙏🌹🌹 सुप्रभात 🪷🪷

गुरु रविदास प्रश्नोत्तरी* ***********
*प्र.(01). रविदास जी का जन्म कब और कहाँ हुआ था?*
*उ. माघ मास की पूर्णिमा को वाराणसी जिले में हुआ था।*

*प्र.(02). रविदास जी का जन्म किस वंश में हुआ था?*
*उ. चँवर वंश, सूर्यवंशी क्षत्रिय राजवंश।*

*प्र.(03). चँवर पुराण के अनुसार चँवर वंश की स्थापना किसने की थी?*
*उ. महाराज चँवर सेन ने।*

*प्र.(04). रविदास जी को किसने चमार बनाया था?*
*उ. धर्मान्ध मुस्लिम शासक सिकन्दर शाह लोधी ने।*

*प्र.(05). धर्मान्ध सिकन्दर शाह लोधी ने रविदास जी को क्यूँ चमार बनाया था?*
*उ. क्योंकि रविदास जी मुसलमानों को हिन्दू बनाने का काम कर रहे थे।*

*प्र.(06). रविदास जी के गुरु का क्या नाम था?*
*उ. परम् पूज्य संत रामानंद जी।*

*प्र.(07). जब रविदास जी ने सदना कसाई को दोबारा हिन्दू बनाया तब सिकन्दर शाह लोधी ने क्या किया?*
*उ. वह रविदास जी पर क्रोधित हुआ और उन्हें मुसलमान बनने को कहा।*

*प्र.(08). सिकन्दर शाह लोधी ने रविदास जी को मुसलमान बनने के लिए क्या लालच दिया था?*
*उ. उन्हें पाँच जागीर देने का लालच दिया था।*

*प्र.(09). जब रविदास जी ने पाँच जागीर लेने से मना किया तब धर्मान्ध सिकन्दर शाह लोधी ने क्या किया?*
*उ. उसने रविदास जी को जेल में डाल दिया।*

*प्र.(10). जेल में रविदास जी को किसके दर्शन हुए थे?*
*उ. भगवान् श्रीकृष्ण के।*

*प्र.(11). जेल से रिहा करने पर धर्मान्ध सिकन्दर शाह लोधी ने रविदास जी को क्या कहा?*
*उ. उसने कहा या तो मुसलमान बन जाओ नहीं तो वाराणसी के आसपास मरे हुए पशुओं को उठाओ।*

*प्र.(12). जब सिकन्दर शाह लोधी ने मरे हुए पशुओं को उठाने के लिए कहा तो इस पर रविदास जी ने क्या कहा?*
*उ. रविदास जी ने कहा मैं अपने हिन्दू धर्म का त्याग नहीं करूँगा मुझे मरे हुए पशुओं को उठाना स्वीकार है।*

*प्र.(13). धर्मान्ध सिकन्दर शाह लोधी ने रविदास जी के परिवार एवं उनके शिष्यों को बुलाकर क्या कहा?*
*उ. उन सबको भी हिन्दू धर्म का त्याग कर के मुसलमान बनने को कहा।*

*प्र.(14). रविदास जी के परिवार वालों एवं उनके शिष्यों द्वारा मुसलमान न बनने पर सिकन्दर शाह लोधी ने क्या कहा?*
*उ. तुम सबको भी मरे हुए पशुओं को उठाना पड़ेगा वरना मुसलमान बन जाओ।*

*प्र.(15). तब उन सब ने क्या कहा?*
*उ. उन सबने कहा कि हम अपने हिन्दू धर्म का त्याग नहीं करेंगे। हमें मरे हुए पशुओं को उठाना स्वीकार है।*

*प्र.(16). रविदास जी क्या काम करते थे?*
*उ. जूते बनाने का।*

*प्र.(17). चितौड़ की रानी मीराबाई ने किसको अपना गुरु बनाया?*
*उ. रविदास जी को।*

*प्र.(18). रविदास जी अक्सर क्या कहा करते थे?*
*उ. मन चंगा तो कठौती में गंगा।*

*प्र.(19). रविदास जी की मुख्य शिक्षा क्या थी?*
*उ. कोई भी व्यक्ति छोटा या बड़ा अपने जन्म के कारण नहीं होता बल्कि अपने कर्म के कारण होता है। व्यक्ति के कर्म ही उसे ऊँचा या नीचा बनाते हैं।*

*प्र.(20). रविदास जी सबके प्रति कैसा भाव रखने की शिक्षा देते थे?*
*उ. वे सभी को एक समान भाव से रहने की शिक्षा देते थे।*
संत शिरोमणि गुरु रविदास जी* ******
*(माघ पूर्णिमा/प्रकटोत्सव)*
सन्त गुरु रविदास जी हिन्दू समाज के महान् स्तम्भ थे. वह एक सन्त ही नहीं अपितु महाज्ञानी और योगी भी थे. उनका जन्म माघ मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को वाराणसी जिले में हुआ था. चँवर पुराण के अनुसार चँवर वंश, सूर्यवंशी क्षत्रिय राजवंश था जिसकी स्थापना महाराज चँवर सेन ने की थी, जिसमें सूर्य सेन एवं चामुण्डा राय बड़े शक्तिशाली राजा हुए थे.
धर्मान्ध मुस्लिम शासक सिकन्दर शाह लोधी द्वारा उन्हें ही नहीं बल्कि उनके पूरे परिवार को चमार बना दिया गया. राज आज्ञा के कारण कोई भी उनको सहायता देने में अक्षम हो गया. यह घटना ऐसी घटी कि संत रविदास जी मुसलमानों को हिन्दू बनाने का काम कर रहे थे.
परम् पूज्य संत रामानंद जी, रविदास जी के गुरु थे. जब संत रविदास जी ने सदना कसाई को हिन्दू समाज में प्रवेश दिलाकर रामदास बनाया तब सिकन्दर शाह लोधी बहुत क्रोधित हुआ और उसने सन्त रविदास जी को बुलाया और उन्हें मुसलमान बनने को कहा.
रविदास जी ने साफ़ मना कर दिया तो उसने उन्हें पाँच जागीर देने का प्रलोभन दिया. सिकन्दर ने रविदास जी को मुसलमान बनाने के लिए अनेक प्रयास किये. लेकिन वो सफल नहीं हो पाया.
तब सिकन्दर ने रविदास को जेल में डाल दिया. जेल में भगवान श्री कृष्ण ने इन्हें साक्षात दर्शन दिये. दूसरी ओर सिकन्दर बहुत बेचैन था. उस ने रविदास जी को जेल से रिहा तो कर दिया लेकिन साथ में यह आज्ञा दी कि उनका पूरा कुनबा और उनकी शिष्य मण्डली वाराणसी के आस-पास मरे हुए पशुओं को उठाओ.
सन्त रविदास जी एवं उनके शिष्यों ने मरे हुए पशुओं को उठाना स्वीकार किया लेकिन अपना हिन्दू धर्म का त्याग कर के मुसलमान बनना स्वीकार नहीं किया.
इसके पश्चात् ही उन्हें चमार की संज्ञा प्राप्त हुई. इस प्रकार इस पुनीत एवं उच्च कुलीन वंश को चमार बनना पड़ा. अपने प्रारम्भिक जीवन और बाद के जीवन में महान् अन्तर पर स्वयं सन्त रविदास जी अपने एक भजन में कहते हैं.
*जाके कुटुम्ब सब ढोर ढोवत आज बनारसी आसा पासा,*
*आचार सहित विप्र करहिं दण्डवत तिन, तनै रैदास दासानुदासा*
*अर्थात् –*
जिसके कुटुम्बी आज वाराणसी के आस-पास मरे पशु उठाते हैं ? ये वो लोग हैं जिनके पूर्वजों को ब्राह्मण लोग आदर सहित दण्डवत प्रणाम किया करते थे. उन्हीं महान् लोगों का पुत्र दासों का दास मैं रविदास हूँ.
इन शब्दों में कितनी बेबसी झलकती है. यह तथ्य इतिहास के इस उल्लेख से और सिद्ध हो जाता है कि राजस्थान की रानी गुरु-दीक्षा लेने रविदास जी के आश्रम में गयी. वहां का उच्च कुलीन सौंदर्य और शालीनता पूर्ण व्यवहार देख कर गुरु रविदास जी से दीक्षा लेने को तैयार हो गई.
इस घटना से भी यह तथ्य उजागर होता है कि रविदास जी का वंश और शिष्य परम्परा उच्च कुलीन थी. भारत भ्रमण के समय चितौड़ की रानी मीराबाई ने भी उन्हें अपना गुरु बनाया.
संत रविदास जूते बनाने का काम करते थे. वे जूते बनाते समय इतने मग्न हो जाते थे जैसे स्वयं भगवान के लिए बना रहे हों. वे भगवान की भक्ति में समर्पित होने के साथ अपने सामाजिक और पारिवारिक कर्तव्यों का भी बखूबी निर्वहन किया. इन्होंने लोगों को बिना भेदभाव के आपस में प्रेम करने की शिक्षा दी, और इसी प्रकार से वे भक्ति मार्ग पर चलकर संत रविदास कहलाए.
उनके द्वारा दी गई शिक्षा आज भी प्रासंगिक है. *मन चंगा तो कठौती में गंगा* उनका यह प्रसंग बहुत लोकप्रिय है. इसका अर्थ है कि यदि मन पवित्र है और जो अपना कार्य करते हुए, ईश्वर की भक्ति में तल्लीन रहते हैं उनके लिए उससे बढ़कर कोई तीर्थ स्नान नहीं है.
*रविदास जन्म के कारनै, होत न कोउ नीच.*
*नकर कूं नीच करि डारी है, ओछे करम की कीच.*
इसका अर्थ है कि कोई भी व्यक्ति छोटा या बड़ा अपने जन्म के कारण नहीं होता बल्कि अपने कर्म के कारण होता है. व्यक्ति के कर्म ही उसे ऊँचा या नीचा बनाते हैं.
संत रविदास जी कहते हैं कि कभी भी अपने अंदर अभिमान को जन्म न लेने दें. एक छोटी सी चींटी शक्कर के दानों को उठा सकती है लेकिन एक हाथी इतना विशालकाय और शक्तिशाली होने के पश्चात् भी ऐसा नहीं कर सकता.
*करम बंधन में बन्ध रहियो, फल की ना तज्जियो आस.*
*कर्म मानुष का धर्म है, संत भाखै रविदास.*
अर्थात् कर्म हमारा धर्म है और फल हमारा सौभाग्य. इसलिए हमें सदैव कर्म करते रहना चाहिए और कर्म से मिलने वाले फल की आशा नहीं छोड़नी चाहिए. *वे सभी को एक समान भाव से रहने की शिक्षा देते थे.*
अकथनीय कष्टों को झेलते हुए भी हिन्दू धर्म की पताका उठाये रखने और सनातन धर्म को हर प्रकार से सशक्त प्रदान करने वाले ऐसे संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के श्री-चरणों में हमारा शत्-शत् नमन्

*🚩🔱❄«ॐ»«ॐ»«ॐ»❄🔱🚩*
🌞🛕🛕 *जय रामजी की*🛕🛕🌞
🌺 *जय श्री राधेकृष्णा*🌺
🔔 *बम महाँकाल बाबा*🔔
🏹 *जय माँ जगदम्ब भवानी*🏹
*🐀🐘जय श्री गणेश🐘🐀*
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सनातन सामाज के महान संत रविदास जी की जयंती पर हार्दिक शुभकामनाएं🚩🚩

दिनांक :-01-फरवरी-2026
वार :-रविवार
तिथी :-15पूर्णीमा:-27:39
पक्ष:-शुक्लपक्ष
माह:-माघमास
नक्षत्र:-पुष्य:-23:58
योग:-प्रीति:-10:18
करण:-विष्टि:-16:43
चन्द्रमा:-कर्क
सुर्योदय:-07:20
सुर्यास्त:-18:09
दिशा शुल…..पश्चिम
निवारण उपाय:-जौं का सेवन
ऋतु :-शिशिर ऋतु
गुलीक काल:-15:27से 16:50
‌राहू काल:-16:50से18:13
अभीजित….12:18से13:03
विक्रम सम्वंत ………2082
शक सम्वंत …………1947
युगाब्द ………………5126
सम्वंत सर नाम:-सिद्बार्थी
🌞चोघङिया दिन🌞
चंचल:-08:31से09:54तक
लाभ:-09:54से11:18तक
अमृत:-11:18से12:41तक
शुभ:-14:04से15:27तक
🌗चोघङिया रात🌓
शुभ:-18:13से19:50तक
अमृत:-19:50से21:27तक
चंचल:-21:27से23:04तक
लाभ :-02:17से03:54तक
शुभ :-05:31से07:08तक
🙏आज के विशेष योग🙏
वर्ष का 308वाँ दिन, भद्रा समाप्त 16:43, शुक्र उदय 18:05, सत्यव्रत, पूर्णिमा व्रत-पुण्य, माघ स्नान समाप्त, गुरु रविदास जयंती, ललिता जयंती, होलिका रोपण-स्थापना, अन्वाधान, कुलधर्म, अग्नि उत्सव (उड़ीसा), फ्लोटिंग फेस्टिवल, थै पुष्यम्, (द.भा.), राजयोग सूर्योदय से 23:58, मुख्य मेला वेणेश्वर धाम (डूंगरपुर), डेजर्ट महोत्सव समाप्त (जैसलमेर), मेला मस्तुआंणा समाप्त, भैरवी जयंती,
🌺 👉वास्तु टिप्स 👈🌺
ऑफिस में सोफा उत्तर या पूर्व दिशा में रखना चाहिए।
*सुविचार*
जो लोग चादर से ज्यादा अपने पांव फैलाते है, उनकी एक दिन हाथ फैलाने की नौबत आ जाती है।👍🏻
*💊💉आरोग्य उपाय🌿🍃*
🌹 *गुलाब के फायदे :-*
🌹गुलाब को यों ही फूलों का फूल नहीं कहा जाता। दिखने में यह फूल बेहद खूबसूरत है और इसकी हर पंखुड़ी में समाए हैं अनगिनत गुण। त्वचा को सुंदर बनाने से लेकर शरीर को चुस्त-दुरुस्त रखने में गुलाब कितने काम आता है ।
🌹सुबह-सबेरे अगर खाली पेट गुलाबी गुलाब की दो कच्ची पंखुड़ियां खा ली जाएं, तो दिन भर ताजगी बनी रहती है। वह इसलिए क्योंकि गुलाब बेहद अच्छा ब्लड प्यूरिफायर है।
🌹अस्थमा, हाई ब्लड प्रेशर, ब्रोंकाइटिस, डायरिया, कफ, फीवर, हाजमे की गड़बड़ी में गुलाब का सेवन बेहद उपयोगी होता है।
*🐑🐂 राशिफल🐊🐬*
🐏 *राशि फलादेश मेष* :-
अपेक्षित कार्यों में विलंब होगा। व्ययवृद्धि होगी। कर्ज लेना पड़ सकता है। वाणी पर नियंत्रण रखें। लाभ में कमी होगी। विवाद न करें।
🐂 *राशि फलादेश वृष* :-
बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा लाभदायक रहेगी। धनार्जन होगा। प्रतिद्वंद्वी सक्रिय रहेंगे। जल्दबाजी न करें।
👫 *राशि फलादेश मिथुन* :-
शत्रु परास्त होंगे। नई योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। रुके कार्यों में गति आएगी। शरीर कष्ट संभव है। दु:खद समाचार मिल सकता है।
🦀 *राशि फलादेश कर्क* :-
पूजा-पाठ में मन लगेगा। कोर्ट-कचहरी में अनुकूलता रहेगी। धनलाभ होगा। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। जोखिम व जमानत के कार्य टालें।
🦁 *राशि फलादेश सिंह* :-
शत्रु पराजित होंगे। सुख के साधनों में कमी होगी। चोट, चोरी व विवाद आदि से हानि संभव है। भागदौड़ रहेगी।
👩🏻‍🏫 *राशि फलादेश कन्या* :-
वैवाहिक प्रस्ताव मिल सकता है। कानूनी अड़चन दूर होगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। कम मेहनत से अधिक लाभ होगा।
⚖ *राशि फलादेश तुला* :-
कष्ट, भय व बेचैनी का माहौल बन सकता है। भूमि व भवन संबंधी बाधा दूर होगी। रोजगार मिलेगा। धनार्जन होगा।
🦂 *राशि फलादेश वृश्चिक* :-
स्वादिष्ट भोजन का आनंद मिलेगा। विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। धन प्राप्ति सुगम होगी। प्रमाद न करें।
🏹 *राशि फलादेश धनु* :-
पुराना रोग उभर सकता है। लेन-देन में सावधानी रखें। भागदौड़ रहेगी। शोक समाचार मिल सकता है। विवाद न करें। रुके कार्य गति पकड़ेंगे।
🐊 *राशि फलादेश मकर* :-
जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। प्रयास सफल रहेंगे। मान-सम्मान मिलेगा। धनार्जन होगा। शारीरिक कष्‍ट संभव है। लेन-देन में सावधानी रखें।
🏺 *राशि फलादेश कुंभ* :-
सम्मान बना रहेगा। पुराने मित्र व संबंधी मिलेंगे। शुभ समाचार प्राप्त होंगे। धनलाभ होगा। विवाद से बचें। कम मेहनत से अधिक लाभ होगा।
🐋 *राशि फलादेश मीन* :-
भाग्योन्नति के प्रयास सफल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। प्रमाद न करें। धनार्जन होगा।
*🎊🎉🎁 आज जिनका जन्मदिवस या विवाह वर्षगांठ हैं उन सभी मित्रो को कोटिशः शुभकामनायें🎁🎊🎉*
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*😍आपका दिन शुभ हो😍*
*🚩जयतु जयतु हिन्दुराष्ट्रम🚩*
*_👧🏻बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ👱🏻‍♀_*