जिसने भी यह शातिर खेल रचा उसके दिमाग को सलाम…!!
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अब उनको भी सनातन की चिन्ता है जिनका भोजन भी बिना ब्राह्मणों को गरियाये नहीं पचता….!!
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने ठीक तमाशा खडा किया अगर वे पालकी चढकर संगम नहाने पर न अड़ते उनके अनुयाई जबरदस्ती हाथापाई करके चुटिया न नोचवाते तो ये शानदार नजारा कैसे दिखता…!!
पूज्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को पालकी चढकर ही स्नान की सनक के पीछे कौन था यह तो अब साफ जाहिर होने लगा है और आपरेशन योगी की तैयारी में चार चांद लग गये हैं धर्म तभी बचेगा जब फर्जी बाबा से माफी मांग कर योगी जी अपने कंधे पर उनकी पालकी लाद कर गंगा स्नान करायेंगे यह जंग सनातन की है अब उनको भी सनातन की चिन्ता है जिनका भोजन भी बिना ब्राह्मणों को गरियाये नहीं पचता…!!
अब उनका खेल सफल जिनको बाबा अविमुक्तेश्वरानंद हिंदू ही नहीं मानते थे अब वही लोग सनातन के ध्वज वाहक हैं जिन्होने अपने राज में बाबा और उनके वटुकों की वाराणसी में ओवरहालिंग कराई थी वे भी बाबा के साथ हैं अब स्वामी जी का मनुवाद खुद स्वामी अखिलेश्वरानंद जी को भी अच्छा लगने लगा है….!!
यूपी में आपरेशन योगी को नयी धार मिल गयी है अब बाबा को फर्जी बाबा से भिड़ाकर कटोगे तो बंटोगे वाले नारे का पोस्टमार्टम जारी है…!!
अधिकांश विप्र समाज को अब सिर्फ वटुकों की चुटिया का अपमान दिख रहा है और तो और इनमें अधिकांश तो ऐसे हैं जिनकी शिखा का उन्होने स्वयं ही आपरेशन कराकर अपनी शिखा का मूलोच्छेद करा दिया है…!!
आइये हम भी नारा लगायें कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के पालकी को कभी भी कहीं भी अप्रतिहत गमन की छूट मिले जरूरी हो तो इसके लिये संविधान संशोधन भी किया जाय कांटे से कांटा निकालने की मुहिम शुरू है देश में सनातन की लहर है अब आर या पार होकर रहेगा…!!
जिनको योगी से परेशानी थी और है वह सब मिल कर आपरेशन योगी में जुट गये हैं नतीजा क्या आयेगा ये तो राम जी जाने लेकिन फिलहाल तो गजबै मजा है जोर से बोलिये पालकी वाले बाबा की जय हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैयालाल की…!!
हो सकता है सम्पूर्ण विपक्ष 2027 में योगी जी के हिंदुत्व के सामने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी को मुख्यमंत्री का चेहरा बनाकर यूपी में धर्म राज्य स्थापना का शंखनाद कर दे…!!
गणेश विसर्जन विवाद के समय अखिलेश सरकार ने केवल अविमुक्तेश्वरानंद को डंडों से पीटा भर नहीं था… बल्कि उन पर कई गंभीर धाराओं के मुकदमें भी दर्ज करवा दिए थे, पालकी वाले महाराज जी कोर्ट कचहरी के चक्कर लगाया करते थे..बिना पालकी के …😝
योगी आदित्य नाथ की सरकार ने 2023 में मुकदमें वापस ले कर उन्हें राहत दी, और अब अविमुक्तेश्वरानंद योगी जी को हिंदू ही मानने को तैयार नहीं हैं…
इसीलिए गोस्वामी तुलसी दास ने लिखा है
जेहि सन नीच बढ़ाई पावा
सो प्रथमहि हटी ताहि नचावा
यानि नीच प्रकृति का व्यक्ति वह है जो जिसके बल पर बढ़ता है मौका निकलते ही वो उसकी को नाच नचाने लगता है…#कालनेमी
(साभार जनार्दन मिश्रा https://www.facebook.com/share/p/1AVjj7zNdN/)
RSS की स्थापना भारत की आजादी से पहले 1925 में हुई देश मे हिन्दू तब भी थे लेकिन वो RSS के साथ नहीं, महात्मा गाँधी के साथ चले।
इस साथ के बदले गाँधी ने हिंदुओं की जमीन काट कर मुसलमानों को दे दी, वो जमीन जो हज़ारो साल से हिंदुओं की थी। क्षणिक आवेश के बाद शांत हुआ देश का हिन्दू तब भी गोडसे के साथ नही गया, नेहरू के साथ गया।
चार दशक बाद,1980 में भाजपा बनी लेकिन देश का हिन्दू तब भी भाजपा के साथ नही था, इंदिरा के साथ था, राजीव के साथ था तब संसद भवन/ राष्ट्रपति भवन में रोजा इफ्तार होता था, हिन्दू ने कोई ऐतराज नहीं किया।
हिन्दू तो अपने घर मे माता को चूनर चढा कर खुश था।
हज के लिए सब्सिडी दी जा रही थी, हिन्दू तब अमरनाथ वैष्णो देवी की यात्रा में आतंकियों की गोली खा कर भी खुश था। ट्रेनों में, पार्कों में, बसों में, सड़को को घेर कर नमाज होती थी।
बेचारा हिन्दू खुद को बचा के कच्ची पगडंडी से घर ऑफिस निकल जाता था। (दिल्ली में CAA, NRC के विरोध में महीनों धरना चला, हिन्दू १५-२० किमी चक्कर लगाकर घर आफीसर जाता था लेकिन फ्री के चक्कर में केजरीवाल को जिताया। भीषण दंगों का दंश झेला)
पूरे देश मे वक्फ की आड़ में अनगिनत मस्जिदें बन रही थी, हिन्दू को कोई ऐतराज नही था वो तो तब अस्पताल मांग रहा था। जगह जगह मज़ारें बना कर जमीन कब्जाई जा रही थी, हिन्दू उन्हीं मज़ारों पर माथा टेककर अपने बच्चों के लिए स्कूल मांग रहा था।
फिर एक दिन हिंदुओं ने अपने आराध्य श्रीराम जी का अपना एक मंदिर वापस मांग लिया। लेकिन कुछ लोग रावण की तरह अभिमान में डूबे थे।
रावण ने कहा था सीता वापस नहीं करूँगा, ये राम और इसकी वानर सेना क्या ही कर लेगी।कलयुग के रावणों को भी लगा, मन्दिर वापस नहीं करेंगे, ये काल्पनिक राम और इसकी वानर सेना क्या कर लेगी? बाबर न तो अयोध्या में पैदा हुआ था और न अयोध्या में मरा था। उसके नाम से मस्ज़िद देश मे कहीं भी बन सकती थी।
देश मे हज़ारो लाखों मस्जिदों के बनने पर भी हिन्दू को ऐतराज नही था। उसे चाहिए था तो बस एक मंदिर, लेकिन उसे मिला क्या?
माथे पर लगाने के लिए रामभक्तों के रक्त से सनी अयोध्या की मिट्टी, अर्चन के लिए खून से लाल सरयू का जल, अर्पण के लिए ट्रेन की बोगी में जली हुई रामभक्तों की लाशें।
अभी तक स्कूल अस्पताल नौकरी के सपनों में खोया बहुसंख्यक हिन्दू जिद पर अड़ गया। वो उठ खड़ा हुआ, एकजुट हुआ और अपने ही देश मे दोयम दर्जे का नागरिक बने रहने का अभिशाप एक झटके में उखाड़ फेंका।
बात सिर्फ एक मंदिर की थी, आज वो अपना हर मन्दिर वापस लेने की जिद पकड़ बैठा है। हिंदुओं ने वो कर दिखाया है, जो संसार की कोई भी सभ्यता नहीं कर पाई। न यहूदी अपने धार्मिक स्थल वापस ले पाए, न ईसाई और न पारसी और ना ही मुसलमान यहूदियों या ईसाइयों से अपने धार्मिक स्थल वापस ले पाए लेकिन हिंदुओं ने इनके जबड़े में हाथ डाल कर अपने आराध्य का घर वापस ले लिया।
ये मदमस्त वानरों की टोली है इनके रास्ते मे मत आओ!
भले ही आप राजनीति के सर्वोच्च पद पर हो या धर्म के। ये राम की वानरसेना है, जो लड़ना भी जानती है और अब जीतना भी और हां अयोध्या तो झांकी है अभी हिंदू राष्ट्र व मथुरा काशी बाकी है।
22 जनवरी आप सभी को हमारी तरफ से राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं,,,
भारत माता की जय
वंदे मातरम जय हिंद
“भारत सर्वोपरि” 💪💪
जय श्री राम 🙏🚩
“उन्हें हिंदुत्व की चिंता नहीं है तो हम क्यों करें?”
यह लाइन शंकराचार्यों के नौटंकी से परेशान लोग लिख रहे हैं। उन्हें कब चिंता थी हिंदुत्व की? वह अपने शानो शौकत में परेशान हैं। वह अपने पालकी, शाही सवारी, छत्र, पदवी में परेशान हैं। उनको “मैं” के आगे कुछ नहीं दिखता। लेकिन उन लोगों के विरोध में जाकर यह लिखना अनुचित है कि उन्हें हिंदुत्व की चिंता नहीं है तो हम क्यों करें।
हिंदुत्व, सत्य है, सत्य निर्विकल्प है। सत्य आपके संरक्षण का आधार है। सत्य के अतिरिक्त दूर दृष्टि से कोई अपने सुरक्षा का रास्ता नहीं है। इसलिए हिंदुत्व की चिंता करनी है। हिंदुत्व अमूल्य है, ये “मैं” से आक्षादित अहंकारी मूढ़ों के प्राथमिकता में न कभी था, न कभी रहेगा। लेकिन हमें अपनी बहन बेटियों के सुरक्षा के लिए, अपने जीवन मूल्यों की रक्षा के लिए, अपने स्वतंत्र चिंतन विधि की सुरक्षा के लिए हिंदुत्व की रक्षा करनी पड़ेगी।
सत्य का साथ आप किसी और के भले के लिए नहीं देते हैं। यह कोई एहसान नहीं है। यह अपने प्रति जिम्मेदारी और अपने प्रति न्याय है। हिंदुत्व की रक्षा हमें हर स्थिति में करनी है। अपने गद्दी, शानो शौकत, पालकी, शाही सवारी के लिए पागल हो चुके इन लोगों में हिंदुत्व खोजकर आप मूर्खता करते हैं। आपको अपने हिंदू भाई बहन के कष्ट को देखकर जो कष्ट होता है, वह संवेदनशीलता इनके भीतर नहीं है। ये ज़मीन और जड़ से कट चुके प्रमादी अहंकारी और इस समाज के लिए बोझ के समान किसी जिहादी से अधिक ख़तरनाक हैं। कम से कम जिहादी हमारा खुला शत्रु है।
हिंदुत्व का रक्षण हमारी अपने प्रति जिम्मेदारी है। भिन्न भिन्न जातीय, भाषाई समूह अपने जीवनमूल्यों की स्वतंत्र रूप से रक्षा केवल और केवल हिंदुत्व के छत के नीचे ही प्राप्त कर सकते हैं क्योंकि यह एक मात्र स्वतंत्र चिंतन का आधार है। इसलिए जातीय द्वेष और उन्माद में भी इसे छोड़ना अंततः अपने जाति के नाश का आमंत्रण है।
यह याद रखिए कि आप के न चाहने के बावजूद सत्य का कोई विकल्प नहीं है। आप के न चाहते हुए भी आपके अस्तित्व का एक मात्र आधार हिंदुत्व है। इसे किसी भी तरह से छोड़ने की बात अपने जिह्वा से नहीं निकालनी है।
**अपनी टांगों का उपयोग आगे बढ़ने के लिए करो दूसरों के मामले में अड़ाने के लिए नहीं*
**अच्छा लगता है मुझे उन लोगों को प्रभात का वंदन करना जो सामने ना होते हुए भी मेरे हृदय के बहुत पास रहते है*
**किसी का सरल स्वभाव उसकी कमजोरी नहीं बल्कि उसके संस्कार होते है*
**कुछ बोलने और तोड़ने में केवल एक पल लगता है जबकि बनाने और मनाने में पूरा जीवन लग जाता है*
**परिवर्तन सृष्टि का नियम है, अगर सब अच्छा चल रहा है तो उसका भरपूर आनन्द लिजिए और यदि कुछ बुरा चल रहा है तो चिंता न करें क्योंकि दोनों ही हमेशा रहने वाले नहीं,,,,,,*
**सुप्रभात राम राम आपका दिन शुभ मंगलमय हो*🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺
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*श्री हरिहरौ**विजयतेतराम*
*सुप्रभातम**आज का पञ्चाङ्ग*
*_शनिवार, २४ जनवरी २०२६_*
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सूर्योदय: 🌄 ०७:२०, सूर्यास्त: 🌅 ०५:५८
चन्द्रोदय: 🌝 १०:२२, चन्द्रास्त: 🌜२३:१९
अयन 🌘 उत्तरायणे(दक्षिण गोले)
ऋतु: 🏔️ शिशिर
शक सम्वत:👉१९४७(विश्वावसु)
विक्रम सम्वत:👉२०८२(सिद्धार्थी
मास 👉 माघ, पक्ष 👉 शुक्ल
तिथि 👉 षष्ठी (२४:३९ सेसप्तमी)
नक्षत्र 👉 उत्तराभाद्रपद(१४:१६ से रेवती)
योग👉शिव (१४:०२ से सिद्ध)
प्रथम करण👉कौलव(१३:१५तक
द्वितीय करण 👉 तैतिल(२४:३९ तक)
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॥ गोचर ग्रहा: ॥🌖🌗🌖🌗
सूर्य 🌟 मकर, चंद्र 🌟 मीन
मंगल🌟मकर(अस्त,पश्चिम,मार्गी)
बुध🌟मकर(अस्त, पूर्व, मार्गी )
गुरु🌟मिथुन(उदित, पूर्व, वक्री)
शुक्र 🌟 मकर(अस्त, पश्चिम, मार्गी)
शनि 🌟 मीन (उदय, पूर्व, मार्गी)
राहु 🌟 कुम्भ, केतु 🌟 सिंह
शुभाशुभ मुहूर्त विचार⏳⏲⏳⏲⏳⏲⏳
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अभिजित मुहूर्त 👉 १२:१२ से १२:५५
अमृत काल 👉 ०९:३१ से ११:०६
रवि योग 👉 ०७:१३ से १०:५६
विजय मुहूर्त 👉 १४:२० से १५:०३
गोधूलि मुहूर्त 👉 १७:५१ से १८:१८
सायाह्न सन्ध्या 👉 १७:५४ से १९:१४
निशिता मुहूर्त 👉 २४:०७ से २५:००
राहुकाल 👉 ०९:५३ से ११:१३
राहुवास 👉 पूर्व
यमगण्ड 👉 १३:५३ से १५:१३
दुर्मुहूर्त 👉 ०७:१३ से ०७:५६
होमाहुति 👉 बुध
दिशाशूल 👉 पूर्व
अग्निवास 👉 पाताल (२४:३९ से पृथ्वी)
चन्द्र वास 👉 उत्तर
शिववास 👉 नन्दी पर (२४:३९ से भोजन में)
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☄चौघड़िया विचार☄〰️〰️〰️〰️〰️〰️
॥ दिन का चौघड़िया ॥
१ – काल २ – शुभ, ३ – रोग ४ – उद्वेग
५ – चर ६ – लाभ, ७ – अमृत ८ – काल
॥रात्रि का चौघड़िया॥
१ – लाभ २ – उद्वेग, ३ – शुभ ४ – अमृत
५ – चर ६ – रोग, ७ – काल ८ – लाभ
नोट👉 दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
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शुभ यात्रा दिशा🚌🚈🚗⛵🛫
उत्तर-पश्चिम (वायविंडिंग अथवा तिल मिश्रित चावल का सेवन कर यात्रा करें)
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तिथि विशेष🗓🗓
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शीतला षष्ठी (बंगाल), मंदार षष्ठी, गृह प्रवेश मुहूर्त प्रातः ०८:३७ से ०९:५७ तक आदि।
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आज जन्मे शिशुओं का नामकरण
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आज १४:१६ तक जन्मे शिशुओ का नाम उत्तराभाद्रपाद नक्षत्र के तृतीय एवं चतुर्थ चरण अनुसार क्रमशः (झ, ञ) नामाक्षर से तथा इसके बाद जन्मे शिशुओ का नाम रेवती नक्षत्र के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय चरण अनुसार क्रमशः (दे, दो, च) नामाक्षर से रखना शास्त्र सम्मत है।
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उदय-लग्न मुहूर्त
मकर – ३०:४० से ०८:२३
कुम्भ – ०८:२३ से ०९:५०
मीन – ०९:५० से ११:१५
मेष – ११:१५ से १२:५०
वृषभ – १२:५० से १४:४६
मिथुन – १४:४६ से १७:००
कर्क – १७:०० से १९:२१
सिंह – १९:२१ से २१:३८
कन्या – २१:३८ से २३:५४
तुला – २३:५४ से २६:१४+
वृश्चिक – २६:१४+ से २८:३२+
धनु – २८:३२+ से ३०:३६+
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पञ्चक रहित मुहूर्त
रज पञ्चक – ०७:१३ से ०८:२३
शुभ मुहूर्त – ०८:२३ से ०९:५०
चोर पञ्चक – ०९:५० से ११:१५
रज पञ्चक – ११:१५ से १२:५०
शुभ मुहूर्त – १२:५० से १४:१६
चोर पञ्चक – १४:१६ से १४:४६
शुभ मुहूर्त – १४:४६ से १७:००
रोग पञ्चक – १७:०० से १९:२१
शुभ मुहूर्त – १९:२१ से २१:३८
मृत्यु पञ्चक – २१:३८ से २३:५४
अग्नि पञ्चक – २३:५४ से २४:३९+
शुभ मुहूर्त – २४:३९+ से २६:१४+
रज पञ्चक – २६:१४+ से २८:३२+
शुभ मुहूर्त – २८:३२+ से ३०:३६+
चोर पञ्चक – ३०:३६+ से ३१:१३+
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आज का राशिफल
🐐🐂💏💮🐅👩
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मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज के दिन आपको पहले जैसी सुविधा नही मिलेगी प्रत्येक कार्य मे विघ्न बाधाए आएंगी पूर्व में बनाई योजनाए आज किसी कमी के कारण अधूरी रह सकती है। कार्य क्षेत्र पर छोटी सी चूंक से बड़ा नुकसान होने की संभावना है। आर्थिक हानि होने की सम्भवना है। स्वास्थ्य भी विपरीत रहने से कार्यो के प्रति उत्साहहीनता रहेगी। कार्य क्षेत्र पर आर्थिक कारणों से किसी से झड़प हो सकती है। परिचित आवश्यकता पड़ने पर टालमटोल करेंगे। व्यवहार को संतुलित बनाये रखें अन्यथा भविष्य में होंने वाले लाभ से भी वंचित रहना पड़ेगा। परिवार में आपके कारण विवाद हो सकता है। वाणी अथवा व्यवहार से किसी को ठेस ना पहुंचे इसका ध्यान रखें। आज किसी अन्य के काम हाथ मे ना लें।
वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज के दिन आपका सार्वजनिक जीवन बेहतर बनेगा लेकिन दिखावे की मानसिकता रहने के कारण आवश्यकता से अधिक खर्च करेंगे जिसके फलस्वरूप बजट प्रभावित होगा। सेहत आज सामान्य रहेगी लेकिन पुराने रक्त अथवा चर्म रोग की समस्या फिर से बन सकती है। कार्य व्यवसाय को लेकर आज थोड़े लापरवाह रहेंगे लेकिन मध्यान बाद धन की आवश्यकता पड़ने पर स्वभाव में गंभीरता आ जायेगी। आज समय पर कोई काम।नही आएगा धन के व्यवहार ना चाहकर भी करने पड़ेंगे। घर मे वातावरण शांत रहेगा महिलाए प्रतिस्पर्धा के कारण स्वयं को अन्य से निम्न आंकने पर दुखी होंगी।
मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज के दिन आप अपनी महत्त्वकांक्षाओ की पूर्ति कर सकेंगे। दिन का पहला भाग आनंद से व्यतीत करेंगे सुख के लगभग सभी साधन उपलब्ध होंगे। कार्य क्षेत्र से धन के साथ सम्मान की भी प्राप्ति होगी। व्यापार में विस्तार करने की योजना गति पकड़ेगी निकट भविष्य में आय के नए मार्ग खुलेंगे। परिजनों की इच्छा पूर्ती होने से संबंधो में मधुरता बढ़ेगी। आज आपका मधुर व्यवहार सामाजिक क्षेत्र पर भी प्रसिद्धि दिलाएगा। धन लाभ के प्रबल योग है परंतु जल्दबाजी में गलत जगह निवेश भी हो सकता है। परिजन-मित्रो के साथ उत्तम भोजन वाहन सुख मिलेगा। संध्या का समय प्रेम-प्यार के लिए भी यादगार रहेगा। सुखोपभोग के खर्च लगे रहेंगे।
कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज का दिन लाभप्रद रहेगा लेकिन आज आपको भ्रम में डालने वाली परिस्थितियों से बुद्धि विवेक द्वारा स्वयं ही विजय पानी होगी। काम-धंधा आरम्भ में आशा से कम रहेगा अव्यवस्था भी रहेगी मध्यान बाद अचानक तेजी आने से संभलने का अवसर नही मिलेगा फिर भी संध्या तक आशानुकूल धन लाभ होने से प्रसन्न रहेंगे। नौकरी पेशा जातक अधिक कार्यभार के कारण थकान अनुभव करेंगे। निराशा में सरकारी विरोधी कार्य से बचे सरकार संबंधित कार्यो में भी आज प्रयास करने पर गति आएगी। स्वास्थ्य में उतार चढ़ाव आएगा लेकिन इसका दैनिक कार्यो पर असर नहीं पड़ेगा। घर में शांति रहेगी।
सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज का दिन उतारचढ़ाव वाला रहेगा। जिस भी कार्य को करने का मन बनाएंगे उसमे पहले सेहत बाधा डालेगी बाद में आर्थिक अथवा अन्य पारिवारिक उलझनों के चलते बीच मे ही छोड़ना पड़ेगा। स्वास्थ्य को लेकर आज विशेष सतर्क रहें असंयमित दिनचार्य के कारण कमजोरी एवं मासपेशी संबंधित तकलीफ हो सकती है। आर्थिक दृष्टिकोण से दिन केवल संभावनाओ पर आधारित रहेगा। धन लाभ की आशाये जागेगी लेकिन अंत समय पर ढीली पड़ जाएगी खर्च आज संचित कोष से ही करना पड़ेगा। परिजन किसी वादे के अंत समय पर टालने से क्रोधित रहेंगे। संध्या बाद मानसिक रूप से विचिलत रहेंगे। मित्र रिश्तेदारों के व्यवहार आज अनअपेक्षित ही रहेगा।
कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज का दिन आशाजनक लाभ दिलाएगा किसी पुराने कार्य के पूर्ण होने पर उत्साह से भरे रहेंगे। स्वभाव भी परोपकारी रहने से किसी के कार्य को मना नही करेंगे कार्य व्यवसाय से मध्यान बाद आकस्मिक धन लाभ होगा आज प्रयास करने पर डूबे धन की प्राप्ति भी हो सकती है। व्यवसायियों का ध्यान मध्यान तक कार्य पर केंद्रित रहेगा इसका लाभ शीघ्र देखने को मिलेगा इसके बाद मन मनोरंजन की ओर भटकेगा फिर भी लाभ के स्त्रोत्र यथावत बने रहेंगे। खर्च भी कम रहने से आर्थिक बचत कर पाएंगे। सरकारी कार्य में कोई नई उलझन पड़ेगी आज ना ही करें। घर में शांति बनी रहेगी। महिला मित्रो से गलत फहमी होगी।
तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज का दिन वृद्धिकारक रहेगा। आज प्रातः काल से ही मन मे धन प्राप्ति की तिकड़म लगी रहेगी धन कमाने का रास्ता गलत हो या सही इसका आपके ऊपर कोई फर्क नही पड़ेगा। मध्यान तक परिश्रम अधिक करना पड़ेगा इसके बाद अचानक ही मेहनत फलीभूत होगी धन लाभ एक से अधिक साधनों से होगा। आप में स्वार्थ सिद्धि की भावना प्रबल रहेगी। कार्य क्षेत्र अथवा पारिवार में अपना काम बनाने के लिए दिखावे का गुस्सा करेंगे। वाणी में मिठास रहने से कार्य शीघ्र बन भी जाएंगे। विद्यार्थ एवं नौकरी पेशा जातक बेहतर प्रदर्शन करने पर सम्मान के पात्र बनेंगे। समाज के वरिष्ठ व्यक्तियों से भेंट आनंदित करेगी।
वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज के दिन आप अपनी बुद्धि बल से ही सफलता पा सकते है। लेकिन आपकी मानसिकता बैठे बिठाये लाभ पाने की रहेगी इस वजह से मेहनत वाले कार्यो की अनदेखी करेंगे। अहम की भावना भी आज कुछ ज्यादा ही रहेगी किसी की बात को धैर्य से सुनने की जगह तुरंत प्रतिउत्तर देने से माहौल खराब होगा। नौकरी या व्यवसाय दोनो जगह श्रेष्ठ दिखाने की होड़ लगेगी इसका परिणाम शून्य ही रहेगा। सरकारी अथवा व्यवसाय संबंधित कागजी कार्यवाही के लिये भागदौड़ करनी पड़ सकती है। धन लाभ रुक रुक कर होने से कार्य क्षेत्र पर अधिक ध्यान देना होगा। परिवार में रिश्तेदारो का आगमन हो सकता है। शारीरिक रूप से चुस्त रहेंगे। परिश्रम का उचित फल मुश्किल से ही मिलेगा।
धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज का दिन अशांति से भरा रहेगा। दिन के आरंभ में ही किसी परिजन अथवा आस-पड़ोसी से कलह होने की संभावना है यहां गलती आपकी ही रहेगी लेकिन ना मानने के कारण विवाद बढेगा। कार्य क्षेत्र पर घर का गुस्सा उतारे पर सहकर्मियों से भी मतभेद होगा बाद में इसका पश्चाताप भी करेंगे लेकिन अवसर निकलने के बाद ही। धन लाभ किसी की खुशामद के बाद ही सम्भव है। मध्यान के बाद का समय चुनौती से भरा रहेगा। कार्य क्षेत्र पर प्रतिस्पर्धा बढ़ने से मन में उच्चाटन आएगा। कार्यो को छोड़ आराम करने का मन करेगा। घरेलु कार्यो में लापरवाही के कारण झगडे होने की संभावना है। सेहत में भी गिरावट अनुभव करेंगे। संताने जिद पर अड़ेंगी।
मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज का दिन धन लाभ दिलाने वाला रहेगा। लेकिन आज आप किसी अन्य की बातों में आकर हाथ आये लाभ से वंचित भी रह सकते है। कार्य क्षेत्र पर किसी अनुभवी की सलाह से ही आर्थिक आयोजन करें सफलता की संभावनाए बढ़ेंगी। विदेशी वस्तुओ के व्यवसाय में आज निवेश से बचें। नौकरी वाले लोगो को कम मेहनत करनी पड़ेगी। आज आप योजनाबद्ध तरीके से कार्य करेंगे जिससे सफलता की संभावना भी शत प्रतिशत रहेगी। विरोधी आपके आगे विफल रहेंगे। बेरोजगारों को रोजगार मिलने की संभावना है परंतु मन चाहा रोजगार पाने के लिए थोड़ा और समय लगेगा। मित्र-परिजनों के साथ हास्य-परिहास के वातावरण मिलने से मानसिक शांति मिलेगी।
कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज का दिन आपको मिला जुला फल देगा। काम काज को लेकर दिन के आरंभ से मन मे कोई गुप्त चिंता रहेगी जिसका निराकरण मध्यान बाद ही सम्भव होगा। व्यवसायी वर्ग आज प्रत्येक कार्य संकोच के साथ करेंगे निवेश करने में झिझकेंगे लेकिन आज निवेश करने का फल दुगुना होकर आने वाले समय मे अवश्य ही मिलेगा। शारीरिक रूप से आज चुस्त अनुभव करेंगे अपने कार्यो के साथ ही सामाजिक कार्यो के प्रति भी गंभीर रहेंगे। अधूरे कार्य पूर्ण करके ही आज दम लेंगे। मध्यान बाद धन लाभ होने से मन इच्छित कार्य पूर्ण करेंगे। खरीददारी करने का मन बनेगा। सहकर्मियों के भरोसे ना रहें। गृहस्थ में थोड़ी गरमा-गरमी रहने पर भी हालात सामान्य ही रहेंगे।
मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज प्रातःकाल से ही मन पर चंचलता हावी रहेगी लेकिन आज बीते दिनों की अपेक्षा मानसिक रूप से हल्कापन अनुभव करेंगे। सेहत सामान्य रहेगी। आरम्भ में लापरवाही दिखाएंगे लेकिन जिम्मेदारी बढ़ने पर कार्यो को गंभीर होकर करेंगे जिससे सफलता की संभावनाएं बढ़ेंगी। अधिकांश कार्य समय से पहले पूर्ण कर लेंगे। व्यवसाय के लिए आज अनुकूल परिस्थितियां बनेगी जिससे लाभ की संभावनाएं बढ़ेंगी। नौकरी वाले लोग आज अधिकारी वर्ग से विशेष प्रयोजन सिद्ध कर पाएंगे। सरकारी कार्य भी थोड़े बौद्धिक श्रम से बना लेंगे। परिजनों के साथ संबंधों में निकटता आएगी। मित्र परिचितों से संबंधो में मधुरता आएगी। छोटी-छोटी बातों को अनदेखा करना ही बेहतर रहेगा।
महान हिंदुनिष्ठ एडवोकेट विष्णु शंकर जैन, UGC गजट के विरूद्ध सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं, कुत्तों से लेकर आतंकियों तक की सुनवाई, तुरन्त अगले दिन करने वाली सुप्रीम कोर्ट ने UGC पर सुनवाई की तारीख़ #दो_महीने बाद की दी है…
कोई शक नहीं है कि इस पूरे अध्यादेश के प्रमुख सूत्रधार स्वयं माननीय प्रधानमंत्री जी हैं, भारत सरकार के प्रत्येक मंत्रालय में प्रत्येक बड़ा निर्णय प्रधानमंत्री जी की कंसेंट के बिना संभव नहीं है, प्रधानमंत्री जी इसका श्रेय भी लेते है ! UGC वाले मामले की संसदीय विचार-विमर्श कमेटी में भाजपाई सांसदों का बड़ा बहुमत था, रविशंकर प्रसाद जैसे श्रेष्ठ कानूनविद इस कमेटी में रखे गए थे ! कमेटी का अध्यक्ष दिग्विजय सिंह को इसलिए बनाया गया, जिससे बाद में उठने वाले सवर्ण जनाक्रोश का ठीकरा, दिग्विजय सिंह, जो ज्ञात हिन्दुविरोधी हैं, पर फोड़ा जा सके !!
आंख मुंदने से सच्चाई नहीं बदल सकती कि देश का नेतृत्व ऐसे हाथों में हैं जो सिर्फ दिखता सनातनी है, लेकिन उनका विश्वास साम्यवाद, अम्बेडकरवाद, खांटी सेकुलरिज़्म और व्यापारवाद में है ! UGC नियम इसकी सर्वश्रेष्ठ बानगी है !! लोग अभी भी समझ रहे है कि UGC के सवर्णों छात्रों के विरुद्ध यह विभाजनकारी नियम प्रस्तावित हैं… वस्तुतः 13 जनवरी को यह नियम कक्षा 12 के ऊपर की प्रत्येक शैक्षिक संस्था लागू हो चुके हैं !!
हम इस सरकार की कार्यशैली को समझते नहीं हैं, वन्देभारत ट्रेन, पुल इत्यादि का उद्घाटन गाजे-बाजे के साथ होगा, मन्दिर मन्दिर त्रिपुंड लगाकर सैकड़ों कैमरों के सामने घूमा जाएगा… लेकिन कश्मीर में शेष देश के निवासियों के प्रवेश को रोकने वाली अत्यंत नुकसानदेह 15 वर्षीय न्यू डोमिसाइल पालिसी, बगैर किसी को सूचना दिए, UGC गजट जैसा विभाजनकारी कानून 13 जनवरी की रात को लागू कर दिया जाएगा…
सबसे दुर्दांत वास्तविकता देखिये… इतना बड़ा विभाजनकारी कानून लागू करने के बाद, इतने जनाक्रोश देखने के वाबजूद…केंद्र सरकार, विधि मंत्रालय, PMO, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भाजपा प्रवक्ता… पूर्ण चुप्पी धारण किये बैठे हैं ! इलेक्ट्रॉनिक चैनल, अखबारों में भी सवर्ण हिंदुओं के जनाक्रोश को जानबूझकर ब्लैकआउट कराया जा रहा है !! (साभार जनार्दन मिश्रा)
