अंदर की खबर में बताया जा रहा है कि अफगान को विमानभेदी मिसाइल ईरान से मिली है।
चूंकि…..
तुर्की पाकिस्तान के साथ खड़ा है तो अरब जगत भी दो गुटों में बट गया है। ईरान इराक जॉर्डन लेबनान ये सब अफगान की तरफ खड़े हैं।
बाकी सऊदी कतर आदि अभी तो पाक के पक्ष में कम और मध्यस्थ की भूमिका में ज्यादा दिख रहे हैं मगर संशय है की सऊदी अरब तुर्की के साथ पाकिस्तान की तरफ खड़ा होगा।
बाकी अगर किसी बड़े देश का इस जंग में दखल नहीं होता है तो अफगानी पाकिस्तान के बहुत अंदर तक घुस सकते हैं।
क्योंकि दुनिया की सबसे बड़ी पैदल सेना तालिबानी लड़के अफगानिस्तान के पास है, लगभग 40 लाख।
वह भी अवैतनिक एक तरह से स्वयं सेवक की तरह।
उधर तालिबान को पाक के अंदर से ttp और बलोच लड़ाकों का सपोर्ट मिल रहा है।
यूं समझ लीजिए कि 57 मुल्कों के इस झुंड में उसी तरह हलचल मची हुई है जैसे…. मुर्गी के दड़बे में बिल्ली छोड़ दी जाने पर मचती है।
अब सवाल यह उठता है कि इस भगदड़ में कौन बचता है और कितना बचता हैं।
अब यदि दड़बे की मुर्गियां बचेगी भी तो तभी जब बिल्ली का पेट भर जाएगा।
वह भी कटे फटे पंखों के साथ।
अब यह मत पूछना कि यह बिल्ली छोड़ी किसने है ?
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