🇮🇳 आपको यह तो पता होगा कि भारत 100 मिलियन वर्षो पहले एक द्वीप हुआ करता था?
❤️ लगभग 50-60 मिलियन साल पहले, भारत का एशियाई महाद्वीप से टकराव हुवा और इस तरह दुनिया की छत यानि हिमालय का जन्म हुआ। आश्चर्यजनक तथ्य, है ना? भारत अपनी समृद्ध विरासत और संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है। भारत की प्रतिभा यहाँ नहीं रुकती है। वास्तव में, भारत की समृद्धि इसके इतिहास, कला, प्राचीन तकनीकों, विज्ञान और बहुत कुछ के संदर्भ में अथाह है। भारत अनगिनत चीजों का आविष्कारक रहा है। आज हम आपको ऐसे ही 30 रोचक तथ्य बताएँगे भारत के विषय में।
1. दिमाग का खेल शतरंज भारत ने दुनिया को एक उपहार के रूप में दिया है। गुप्त साम्राज्य के दौरान लगभग 1500 साल पहले इसका आविष्कार किया गया था। इसे प्राम्भ में चतुरंग के नाम से जाना जाता है।
2. पुरे विश्व को स्वस्थ और तंदुरुस्त बनाने वाले योग का जन्म ईसा पूर्व 5 वीं शताब्दी के लगभग प्राचीन भारत में हुवा था। आज समस्त संसार के लोग योग के द्वारा अपने शरीर को स्वस्थ बना रहे है, क्यों है ना Interesting Facts About India .
3. समस्त विश्व में सबसे ज्यादा वर्षा वाली जगह भारत के मेघालय में स्थित “मॉनसिनराम” नामक गांव है। यह स्थान चेरापूंजी से 15 कि.मी. दूर है, इस गांव में हर साल औसतन 11,872 mm बारिश होती है, जिसकी वजह से यह धरती का सबसे नम स्थान भी है।
4. भारत एक विशाल राष्ट्र है, यहाँ सैकड़ो भाषाएं और बोलियाँ बोली जाती है, भारत में सबसे ज्यादा हिंदी भाषा का प्रयोग किया जाता है, किन्तु हिंदी के बाद सबसे अधिक अंग्रेजी का प्रयोग किया जाता है। भारत विश्व का 24वां देश हैं जहां सबसे अधिक अंग्रेजी बोली जाती है ऐसा मेकाले के षड्यंत्र के कारण केवल एक सौ वर्षों में हो गया।
5. संसार के प्राचीन शहरों में से एक ‘काशी’ पवित्र गंगा नदी के तट पर स्थित है, बनारस या वाराणसी का पवित्र शहर सनातन काल से ही बसा हुवा है, इतिहासकारों की माने तो तक़रीबन 3-4 हजार वर्ष पहले यह शहर बसा था। किन्तु हिंदू पौराणिक कथाओं और ग्रंथो के अनुसार यह प्राचीन शहर भगवान शिव ने लगभग 5000 वर्ष पहले इस पवित्र शहर की नींव रखी थी।
6. सर्वधर्म एकता और मानवता का सन्देश देते हुवे भारत में स्वर्ण मंदिर में नस्ल, धर्म और वर्ग को किनारे करके प्रतिदिन 50 हजार से अधिक आगंतुकों को शाकाहारी भोजन कराता है। क्यों है ना गर्व करने वाली बात।
7. भारत में प्राचीन काल से ही में जल संचयन को महत्व दिया जाता था, और यहाँ जल संचयन की एक विकसित प्रणाली थी । इसके उदाहरण के रूप में आपको ‘कल्लनई बांध’ मिलता है, यह बांध दुनिया में चौथा सबसे पुराना बांध है। जो अभी भी सुचारु रूप से सही सलामत और कार्य कर रहा है। मौर्य सम्राटों के द्वारा 320 ई.पू. ‘सुदर्शन’ नामक एक कृत्रिम झील का निर्माण भी करवाया गया था। “चित्तौगढ़ किले” में करीब 50 हजार लोगो के लिए एक वर्ष तक पानी उपलब्ध रहे इतने तालाब और बावड़ियाँ बनी है।
8. प्राचीन खगोलशास्त्री और गणितज्ञ आर्यभट्ट ने सौर मंडल एवं चन्द्रमा की गणना को 499 ई में ही समझा दिया था । उनकी पुस्तक आर्यभटीय में विस्तार से सभी का उल्लेख है, और अन्य खगोलीय पिंडों की गति को दर्शाया गया है, जिनको आज हम पढ़ते है।
9. वर्तमान में तो शिक्षा के कई माध्यम और संस्थाए बन गई है, लेकिन भारत में सतयुग से गुरूकुल शिक्षा पद्धति है और पांच हजार ईसा पूर्व से ही विश्व के पहले सांदीपनि विश्वविद्यालय तथा एक हजार ईसा पूर्व ‘तक्षिला‘ नालंदा शारदा और विक्रमशिला बन गये थे, जहाँ पढ़ने के लिए हजारों छात्रों विश्व भर से आते थे, और भारतीय संस्कृति की शिक्षा प्राप्त कर विश्व के कोने-कोने में फैलाते थे।
10. विश्व में सबसे बड़ा धार्मिक मेला “कुम्भ” भी भारत में ही भरता है, वर्ष 2011 में कुंभ मैले में 75 मिलियन से ज्यादा तीर्थयात्रियों जमा हुवे थे। कहते है की यह संख्या इतनी अधिक थी की अंतरिक्ष से भी कुम्भ की भीड़ दिखाई दे रही थी।
11. भारत दुनिया का पहला देश है, जिसके ‘चीनी’ उत्पादन और उसके शुद्विकरण की तकनीक का विकास किया था। बाद में हमसे विश्व के कई दूसरे देशों ने यहाँ आकर इस तकनीक को सीखा है।
12. “Magnetic Hill’ लद्दाक की एक पहाड़ी है, जहाँ पर गुरुत्वाकर्षण के विपरीत चीजें होती है। इस जगह पर आप सड़क पर अपनी गाड़ी रोकिये और उसको न्यूट्रल कर दे, आप देखंगे की आपकी गाड़ी ऊंचाई की तरफ जाने लगेगी सिवाय ढलान में जाने के, क्यों है ना आश्चर्य Facts About India .
13. विश्व का सबसे ऊँचा पूल ‘बेलीपुल’ भारत के हिमाचल पर्वत में द्रास और सुरु नदियों के बीच लद्दाख घाटी में बना हुवा है। इसका निर्माण अगस्त 1982 में भारतीय सेना द्वारा किया गया था।
14. विशाल देश भारत में डाकघरों का बहुत बड़ा जाल मौजूद है, भारत में करीब 1,55,015 डाकघर बने हुवे है। इनमे सबसे अलग डाकघर श्रीनगर की डल झील में बना डाकखाना है। यह एक बड़ी नाव में तैरता हुवा डाकखाना है इसकी शुरुआत साल 2011 में की गई थी, क्यों है ना आश्चर्जनक facts about india .
15. प्राचीनकाल से ही भारत में महिला सशक्तिकरण को विशेष महत्त्व दिया जाता था, यहाँ महिलाएं खुलकर उन सभी मुद्दों पर बात कर सकती थी, जिन्हे आज हम सार्वजानिक रूप में बात करने से कतराते है। भारत में महिलाओं को अपना जीवन साथी चुनने “स्वयंवर” का अधिकार प्राप्त था।
16. भारत के आश्चर्यो में देखें तो यहाँ साप-सीढ़ी का खेल, सतरंज यानि चतुरंग, बटन का अविष्कार, शैंपू की खोज,संख्या पाई की गणना, हीरा उत्पादन, शून्य की खोज, बीजगणित की गणना, त्रिकोणमिति के साथ-साथ चंद्रमा पर पानी की मौजूदगी को दर्शाना। क्यों आपको गर्व नहीं है की आप भारतीय हो।
17. प्राचीन भारत की द्वारिका पुरी हस्तिनापुर सिंधु घाटी सभ्यता विश्व की पुरानी सभ्यताओं में से थी, सनातनी सिंधु सभ्यता 1300 ई.सा पूर्व तक अस्तित्व में थी। यहाँ के लोगों का बौद्धिक विकास बहुत अधिक था। इस सभ्यता के लोगों का जीवन स्तर उच्य कोटि का था। उन्होंने कपास से रुई निकाली, जस्ता खनिज निकाला, स्टेपवेल (बावडिया) का निर्माण किया, सीवरेज और ड्रेनेज सिस्टम का उच्य स्तर पर निर्माण करवाना क्यों है न गज़ब।
18. आज क्रिकेट का दीवाना कौन नहीं है, हिमाचल प्रदेश की एक जगह “चायल” यह ऐसा स्थान है, यहाँ पर 2,444 मीटर के ऐल्टिट्यूड पर यह पूरी दुनिया का सबसे ऊंचा क्रिकेट ग्राउंड बना है। जहां एक मिलिट्री स्कूल भी है। इसे साल 1893 में बनाया गया था
19. आज हम जगह-जगह मार्बल और ग्रेनाइट के महल देखते है, बड़े-बड़े किलों में इनकी कारीगरी देखते है, जो देखने में अतिसुन्दर प्रतीत होते है, लेकिन विश्व में पहला ग्रेनाइट का मंदिर ब्रिहदेश्वरा मंदिर तमिल नाडू में 11वी शताब्दी में बना था। इसके निर्माण में 5 वर्ष लगे थे।
20. वर्तमान में डाक्टरों ने चिकित्सा पद्दति में बहुत महारथ प्राप्त कर ली है, किन्तु भारत मे 2600 वर्ष ई. पू. ही शल्य चिकित्सा का अविष्कार हो चूका था, इसका प्रमाण प्राचीन ग्रंथो में मिलता है, की हमारे चिकित्सक मोतियाबिंद, हड्डी जोड़ने और पथरी निकलने जैसी जटिल शल्य चिकित्सा करते थे, क्यों है ना गजब।
21. देशभक्ति और देश सेवा की भावना हर भारतीय के मन में कूट-कूट कर भरी है, लेकिन उत्तरप्रदेश के जौनपुर जिले में एक छोटा सा गाँव है माधोपट्टी उस गाँव के लोगों ने इस भावना को अपना सबकुछ माना है, क्योंकि यकीन मानिये इस छोटे से गाँव में 50 से अधिक IAS-IPS और अन्य सिविल सेवा में अधिकारी है, क्यों है ना गजब तथ्य।
22. वर्तमान में हर कोई पैसो के पीछे दीवाना है, लेकिन क्या आपको है की जब भारत आजाद हुवा और हमारे देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्रप्रसाद की नियुक्ति हुई थीं, तब उन्होंने अपनी तनख्वाह का आधा भाग ही लिया था, उन्होंने कहाँ की उनको इतने ही पैसो की आवश्यकता है। उनके 12 वर्ष के लम्बे कार्यकाल के अंत में उन्होंने अपनी आय का केवल 25% लिया था। उस समय राष्ट्रपति का वेतन 10,000 रूपए होता था।
23. आज हम बड़े-बड़े जहाज देखते है, इनका आकार इतना बड़ा भी होता है की पूरा एक गाँव समा जाये, किन्तु विश्व में पहली बार नौकायन की कला का अविष्कार भारत में लगभग 6000 हजार वर्ष पूर्व महान सिंधु घाटी सभ्यता में हुवा था, क्यों है ना गजब।
24. भारत सनातन काल से ही समृद्ध देश रहा है, पूरी दुनिया के कुल सोने का 11 प्रतिशत सोना तो भारत की महिलाओं के पास ही है, और 1986 तक आधिकारिक तौर पर केवल भारत में ही हीरा निकलता था।
25. आज हम चन्द्रमा और मंगल गृह तक की यात्रा कर चुके है, लेकिन भारत की इसरो ने अपना पहला रॉकेट 1963 में त्रिवेंद्रम की एक जगह थुम्बा में एक चर्च से अपना पहला रॉकेट लाँच किया है, रॉकेट को साईकिल पर इस लांचिग पेड पर लाया गया था। आज हम इस को विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर के नाम से जानते है, क्यों है ना गजब।
26. इंटरनेट की इस दुनिया में कंप्यूटर और सॉफ्टवेयर का बोलबाला है, इसी प्रतिस्पर्धा में आज भारत भी किसी अन्य देश से पीछे नहीं है, आज भारत करीब 90 से अधिक देशों में अपने यहाँ बने सॉफ्टवेयर निर्यात करता है।
27. भारत हमेशा से ही कृषि प्रधान और पशु-पालन में अग्रणी देश रहा है, पुरे विश्व में सबसे अधिक दुग्ध उत्पादन भारत में ही होता है, यहाँ करीब 150 मिलियन टन दुग्ध उत्पादन होता है, जो की एक विश्व रिकार्ड है, जो 2015 में बना था।
28. राजस्थान के बीकानेर जिले में एक स्थान है देशनोक यहाँ ही स्थित “श्री करणी माता” के मंदिर में आपको सैकड़ो चूहे देखने को मिल जायेंगे, इनकी संख्या इतनी ज्यादा है की आप मंदिर में पैर उठा के नहीं चल सकते हे, इसलिए इस प्रसिद्ध मंदिर को चूहों का मंदिर भी कहाँ जाता है क्यों है ना आश्चर्जनक।
29. भारत का विज्ञान प्राचीन काल से अच्छा रहा है, उसके कुछ उदहारण आपको ऊपर पढ़ने को मिल जायेंगे लेकिन इसका जीता जागता उदहारण है, जयपुर में बना जंतर-मंतर यह दुनिया की सबसे बड़ी पत्थर से बनी वैधशाला है, इसका निर्माण सवाई जयसिंह जी ने 1727 ई. में करवाया था। यह वैधशाला सटीक मौसम और ग्रहों की स्थिति को दर्शाती है।
30. उत्तर भारत में बहुत से किले और गढ़ बने हुवे है, यह सभी किले भारत की उत्तरी सीमा की लुटेरों से रक्षा करते थे। इन्ही किलों में से एक है राजस्थान के जैसलमेर में बना हुवा “सोनार किला” इस किले का आकार बहुत बड़ा है, सबसे बड़ी बात यह किला आज भी पूर्ण रूप से बसावट को लिए हुवे है, समस्त जैसलमेर शहर की 25% आबादी आज भी इस किले में रहती है क्यों है ना आश्चर्यचकित । (साभार)
सच बताएं तो भारत में एक भी किले एक भी महल एक भी दुर्ग लुटेरे आक्रांताओं ने नहीं बनाए क्योंकि उनके पास भवन निर्माण शैली और भावनाओं का आर्किटेक्ट था ही नहीं वह तो लुटेरे थे खानाबदोश लुटेरे जंगली लुटेरे। उनके अपने देशों में जब वहां प्रकृति के सभी संसाधन चट कर गए और वहां खाने को तक कुछ नहीं बचा तब उन गुफाओं में रहने वाले दुर्दांत लुटेरे कबीलों ने दूसरे देशों में लूट आरंभ की भारी लूटपाट मारकाट करते हुए कुछ ही दशकों में भी भारत की सीमा तक पहुंच गए तब भारत अफगानिस्तान तक हुआ करता था । वह उज्जड कबीले केवल लूटना और तोड़ना जानते थे बनाना नहीं। इसका प्रमाण यह है कि बामियान की मूर्तियां हों पाकिस्तान कश्मीर बंग्लादेश या संभल के मंदिर वे आज भी तोड़ रहे हैं लूट रहे हैं। ध्यनउ देने की बात ये है कि उन मुगल लुटेरे आक्रांताओं के अपने देश में आज भी उस काल की कोई झोपड़ी तक नहीं है तो वे भारत में महल और किले कहां से बना दिए! वे तो लूटते तोड़ते और फारसी उर्दू गोद कर या उनके उपर ढाँचे बना कर विद्रुप करते रहे हैं। पौराणिक काल में तो पहले पूरी दुनियाँ भारत ही थी सनातन ही थी वसुधैव कुटुम्ब हुआ करता था। कालांतर में भारत सिमटता गया।
इसीलिए शस्य श्यामला देवभूमि भारत में शिक्षा भी अब वेदविज्ञान उपनिषद इतिहासपुराण ज्योतिष आयुर्वेद गीता रामायण और उपनिषद की एवं आधुनिक हिन्दी विज्ञान गणित की होनी चाहिए। इसके साथ ही इतिहास की वो सच्चाई बताई जानी चाहिए जिसमें पढाया जाय कि दुर्दांत लुटेरे इस्लामी मुसलमान आक्रांताओं ने देश के ३० हजार मंदिरों का सोना चांदी लूटा मंदिरों को तोड़ा विद्रुप किया और अतिक्रमण कर उनके उपर ढाँचे खड़े किये तीन लाख गुरूकुल और विश्वविद्यालय नष्ट किए भारत के दो करोड़ हिन्दुओं का नरसंहार किया उनकी संपत्ति लूटी। युवाओं और महिलाओं के साथ अत्याचार अनाचार कर मुसलमान बनाया आज के समस्त अरबी कबीलों के पिछलग्गू बने हुए कनवर्टेड मुसलमान वही हैं। जबकि लुटेरे अंग्रेज़ों ने भारत के संसाधन लूटे कान्वेंट के नाम पर कनवर्ट कालेज बना कर यहां का इसाईकरण किया।अनावश्यक काले कानून एवं काले अंग्रेज बनाये। इन दोनों लुटेरे आक्रांताओं ने भारत जैसी शस्य श्यामला देवभूमि में मदरसों ने मीमासुरों कनवर्ट स्कूलों ने लुटेसुरों और आज विसंविधान ने भीमासुरों की एक अलग ही प्रजाति विकसित की है। ये तीनों प्रजाति भारतीय संस्कृति को नष्ट करने के लिए रात दिन उद्दत रहते हैं। यही इतिहास है यही सत्य है।
