आज का पंचाग आपका राशि फल, दशमी का श्राद्ध आज, मुख्यमंत्री धामी की पहल पर यूपी सरकार से उत्तराखण्ड परिवहन निगम को मिले ₹100 करोड़, बक्फबोर्ड के विरूद्ध सुप्रीम कोर्ट में याचिका

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                    श्री हरिहरो 

                   विजयतेतराम

      

        *🌹।।सुप्रभातम्।।🌹*

 

        🗓 आज का पञ्चाङ्ग 🗓

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*मंगलवार, २० सितम्बर २०२२*

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सूर्योदय: 🌄 ०६:१५

सूर्यास्त: 🌅 ०६:१८

चन्द्रोदय: 🌝 २५:२७

चन्द्रास्त: 🌜१५:१५

अयन🌖दक्षिणायने(उत्तरगोलीय)

ऋतु: ❄️ शरद

शक सम्वत:👉१९४४ (शुभकृत)

विक्रम सम्वत:👉२०७९ (राक्षस)

मास 👉 आश्विन

पक्ष 👉 कृष्ण

तिथि👉 दशमी (२१:२६ से 

एकादशी)

नक्षत्र👉पुनर्वसु(२१:०७से पुष्य

योग👉वरीयान्(०८:२५से परिघ)

प्रथम करण👉वणिज(०८:१५तक

द्वितीय करण👉विष्टि(२१:२६तक

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॥ गोचर ग्रहा: ॥

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सूर्य 🌟 कन्या

चंद्र 🌟 कर्क (१४:२३ से)

मंगल🌟वृष(उदित,पश्चिम,मार्गी)

बुध🌟कन्या (अस्त, पूर्व, मार्गी)

गुरु🌟मीन (उदित, पूर्व, वक्री)

शुक्र 🌟 सिंह (उदित, पूर्व)

शनि🌟मकर(उदित,पूर्व,वक्री)

राहु 🌟 मेष

केतु 🌟 तुला

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   शुभाशुभ मुहूर्त विचार

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अभिजित मुहूर्त ११:४६ से १२:३४

अमृत काल 👉 १८:२५ से २०:१३

विजय मुहूर्त 👉 १४:१२ से १५:०१

गोधूलि मुहूर्त 👉 १८:०४ से १८:२८

सायाह्न सन्ध्या 👉 १८:१६ से १९:२७

निशिता मुहूर्त 👉 २३:४७ से २४:३४

राहुकाल 👉 १५:१३ से १६:४५

राहुवास 👉 पश्चिम

यमगण्ड 👉 ०९:०७ से १०:३८

होमाहुति 👉 राहु

दिशाशूल 👉 उत्तर

अग्निवास 👉 आकाश 

भद्रावास 👉 स्वर्ग (मृत्यु १४:२४ से २१:२६ तक)

चन्द्रवास 👉 पश्चिम (उत्तर १४:२४ से)

शिववास 👉 क्रीड़ा में (२१:२६ से कैलाश पर)

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☄चौघड़िया विचार☄

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॥ दिन का चौघड़िया ॥ 

१ – रोग २ – उद्वेग

३ – चर ४ – लाभ

५ – अमृत ६ – काल

७ – शुभ ८ – रोग

॥रात्रि का चौघड़िया॥ 

१ – काल २ – लाभ

३ – उद्वेग ४ – शुभ

५ – अमृत ६ – चर

७ – रोग ८ – काल

नोट– दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।

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शुभ यात्रा दिशा

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उत्तर-पश्चिम (दलिया अथवा धनिया का सेवन कर यात्रा करें)

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तिथि विशेष

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दशमी तिथि का श्राद्ध आदि।

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आज जन्मे शिशुओं का नामकरण

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आज २१:०९ तक जन्मे शिशुओ का नाम 

पूनर्वसु नक्षत्र के द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ चरण अनुसार क्रमश (को, ह, ही) नामाक्षर से तथा इसके बाद जन्मे शिशुओ का नाम पुष्य नक्षत्र के प्रथम एवं द्वितीय चरण अनुसार क्रमशः (हू, हे) नामाक्षर से रखना शास्त्रसम्मत है।

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उदय-लग्न मुहूर्त

कन्या – २९:५४ से ०८:१२

तुला – ०८:१२ से १०:३२

वृश्चिक – १०:३२ से १२:५२

धनु – १२:५२ से १४:५५

मकर – १४:५५ से १६:३७

कुम्भ – १६:३७ से १८:०२

मीन – १८:०२ से १९:२६

मेष – १९:२६ से २१:००

वृषभ – २१:०० से २२:५४

मिथुन – २२:५४ से २५:०९

कर्क – २५:०९ से २७:३१

सिंह – २७:३१ से २९:५०

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पञ्चक रहित मुहूर्त

शुभ मुहूर्त – ०६:०४ से ०८:१२

चोर पञ्चक – ०८:१२ से १०:३२

शुभ मुहूर्त – १०:३२ से १२:५२

रोग पञ्चक – १२:५२ से १४:५५

शुभ मुहूर्त – १४:५५ से १६:३७

मृत्यु पञ्चक – १६:३७ से १८:०२

अग्नि पञ्चक – १८:०२ से १९:२६

शुभ मुहूर्त – १९:२६ से २१:००

मृत्यु पञ्चक – २१:०० से २१:०७

अग्नि पञ्चक – २१:०७ से २१:२६

शुभ मुहूर्त – २१:२६ से २२:५४

रज पञ्चक – २२:५४ से २५:०९

शुभ मुहूर्त – २५:०९ से २७:३१

चोर पञ्चक – २७:३१ से २९:५०

शुभ मुहूर्त – २९:५० से ३०:०४

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आज का राशिफल

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मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)

आज का दिन शुभ फलदायी है आज आप विपरीत परिस्थिति में भी अपने पराक्रम से धन कमाएंगे। स्वभाव में भावुकता अधिक रहेगी परिवार में किसी न किसी से ईर्ष्या युक्त संबंध रहने पर भी अपनी तरफ से स्नेह देने का प्रयास करेंगे लेकिन बदले में भाई की अपेक्षा बहन से अधिक स्नेह मिलेगा। कार्य व्यवसाय में परिश्रम करने से पीछे नही हटेंगे इसी के बल पर आज धन लाभ भी होगा। सार्वजनिक क्षेत्र पर आपकी पहचान गंभीर व्यक्तित्व लेकिन मिलनसार जैसे बनेगी। चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े जातको को विशेष लाभ मिलने की संभावना है। मन मे यात्रा की योजना बनेगी लेकिन अकस्मात ही होगी अथवा निरस्त करनी पड़ेगी। पिता का सहयोग समय पर ना मिलने का दुख मन मे रहेगा। रक्त अथवा उदर संबंधित शिकायत रह सकती है।

 

वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)

आज के दिन आपका स्वाभिमानी स्वभाव जिस लाभ के अधिकारी है उसमें कुछ कमी ला सकता है। तर्क-वितर्क करने में आज निपुण रहेंगे अपनी मीठी बातो से किसी को भी आकर्षित कर लेंगे लेकिन व्यवसाय में तुरंत लाभ पाने की चाह ना रखे लाभ हर हाल में आवश्यकता अनुसार होगा पर धीरे धीरे ही। आज एकल व्यवसाय की तुलना में सांझेदारी के कार्यो अथवा जोखिम के कार्यो में लाभ की संभावना अधिक है कार्य क्षेत्र पर थोड़ी बहुत कहा सुनी भी होगी परिचितों पर भी सोच समझ कर भरोसा करें। खान पान उत्तम मिलेगा इसमे संयम रखना आवश्यक है पेट संबंधित व्यादि हो सकती है। विपरीत लिंगीय आकर्षण अधिक रहेगा। दूर स्थान से शुभ समाचार मिलेंगे।

 

मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)

आज का दिन आपके लिए आनंददायक रहेगा घरेलू एवं व्यावसायिक उलझनों के बाद भी स्वयं प्रसन्न रहेंगे साथ मे रहने वालों को भी प्रसन्न रखेंगे। आज आपका व्यक्तित्त्व भी निखरा रहेगा संपर्क में आने वाला प्रशंशा अवश्य करेगा। मन मे थोड़ी चंचलता लेकिन धार्मिक एवं सात्विक मनोवृति रहेगी पूजा पाठ के लिये व्यस्त दिनचर्या से समय निकाल लेंगे। कला संगीत में भी रुचि लेंगे लेखन कार्य से जुड़े जातक अल्प समय मे नई रचना का निर्माण कर सकेंगे। कार्य व्यवसाय में धन की आमद अवश्य होगी परन्तु रुक रुक कर होने से थोड़े अधीर भी रहेंगे। घर का माहौल शांत रहेगा छोटी मोटी नोकझोंक वातावरण को प्रभावित नही कर पायेगी। विपरीत लिंगीय आकर्षण धोखे का कारण बन सकता है सतर्क रहें।

 

कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)

आज का दिन भी विपरीत फलदायी रहेगा परन्तु आज आपकी दूरदर्शी सोच भविष्य में होने वाली हानि से बचाव करेगी। व्यावसायिक क्षेत्र पर हानि के योग अधिक रहेंगे फिर भी व्यवहार कुशलता से इस पर कुछ हद तक अंकुश पा ही लेंगे। दिन के आरम्भ से मध्यान तक मन पर नकारात्मकता हावी रहेगी लेकिन संध्या बाद से स्थिति में सुधार आने लगेगा शारीरिक एवं मानसिक रूप दृढ़ता आएगी लेकिन आज आपके अनैतिक संबंधों में पड़ने अथवा इनके कारण घर मे कुछ ना कुछ कोहराम मचने की भी संभावना है। अपनी गलती ना मान बहस कर छोटे से विवाद को बढ़ाएंगे। सरकारी उलझनों से आज दूर ही रहे कल से परिस्थितियां अनुकूल बनने लगेंगी तब तक धर्य धारण करें।

 

सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)

आज के दिन आपका उदार स्वभाव सार्वजनिक क्षेत्र पर प्रतिष्ठा दिलाएगा लेकिन उदारता केवल अपने काम निकालने के लिये ही रहेगी किसी के आनाकानी करने अथवा आपके काम के लिये मना करने पर उग्र रूप धारण कर लेंगे। व्यवसाय से मध्यान बाद धन की आमद होगी परन्तु धन के बीमारी, व्यसन अथवा अकस्मात खर्च होने पर बचत ना के बराबर ही होगी। भाग्य पक्ष बलवान रहने पर भी कुछ न कुछ कमी अनुभव होगी। परिवार में वातावरण धार्मिक रहेगा धर्म क्षेत्र की यात्रा अथवा दान पुण्य पर भी खर्च करेंगे संध्या बाद सुखोपभोग की कामना अधिक रहेगी पिता से किसी पुरानी बात पर बहस हो सकती है धर्य का परिचय दें। 

 

कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)

आज आपका व्यवहार अत्यंत लचीला रहेगा पूर्व में मिली सफलता से मन मे अहम के भाव भरे रहेंगे अपने कार्य समय से एवं बेहतर रूप से करेंगे लेकिन अन्य लोगो के काम मे नुक्स निकलना कलह को निमंत्रण देगा। कार्य व्यवसाय से मध्यान तक सोची हुई सफलता ना मिलने से मन दुखी होगा फिर भी पुराने व्यवहारों के बल पर थोड़ी बहुत आय हो जाएगी लेकिन थोड़े विलंब से। मध्यान बाद का समय सार्वजनिक क्षेत्र के लिये महत्तवपूर्ण रहेगा लोगों को आपके परामर्श की आवश्यकता पड़ेगी इसमे टालमटोल ना करे वरना संबंधों में खटास आएगी भविष्य के लाभ से भी वंचित रह जाएंगे। परिवार में सौहार्द पूर्ण वातावरण रहेगा कुछ मामलों में आपसी समझ की कमी भी रहेगी फिर भी तालमेल बना रहेगा सेहत आज लगभग सामान्य ही रहेगी।

 

तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)

आज के दिन आप सामाजिक क्षेत्र पर अपने बुद्धि कौशल का आवश्यकता से अधिक प्रदर्शन करेंगे इससे जो लोग आपको अभी तक अत्यंत बुद्धिमान मान रहे थे उनकी विचार धारा में कमी आएगी। भूमि भवन वाहन का सुख तो मिलेगा लेकिन किसी अन्य के भाग्य से ही आज भूमि भवन संबंधित कार्य टालना ही बेहतर रहेगा कार्य अंतिम समय मे किसी कमी के चलते अधूर रह जाएंगे। कार्य व्यवसाय की स्थित सामान्य से उत्तम रहेगी उतार चढ़ाव के बाद भी स्वयं को परिस्थितियों अनुसार ढाल कर संचय कोष में वृद्धि करेंगे लेकिन खर्च करने में कंजूसी करेंगे। माता अथवा अन्य स्त्री पक्ष से झूठ बोलने से बचे आगे कलह हो सकती है। आपकी सेहत ठीक पर किसी परिजन की खराब होने पर दुविधा होगी।

 

वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)

आज का दिन भी प्रतिकूल फल देने वाला रहेगा सेहत में विकार रहने से कार्य करने में उत्साह कम ही दिखाएंगे। वात-कफ अथवा नेत्र संबंधित परेशानी पाचन शक्ति में कमी रह सकती है। कार्य व्यवसाय में भी स्थिति संघर्ष वाली रहेगी ना चाहते हुए भी भागदौड़ करनी पड़ेगी फिर भी परिणाम निराश करने वाले मिलेंगे लेकिन निर्वाह योग्य आय के साधन जुटा ही लेंगे। मध्यान बाद सेहत में सुधार आने लगेगा विचार भी धार्मिक बनेंगे भाई बहन का सुख न्यून रहेगा लेकिन थोड़ी चापलूसी करने पर अकस्मात लाभ भी करा सकते है। शत्रु पक्ष आज निर्बल रहेगा फिर भी इसका कोई विशेष लाभ नही उठा पाएंगे। लंबी दूरी की यात्रा के प्रसंग बनेंगे सम्भव हो तो आज टाले अथवा रात्रि में करने पर लाभ दायक रहेगी।

 

धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)

आज के दिन आप धन की तुलना में प्रतिष्ठा का अधिक ध्यान रखेंगे। कुछ समय के लिये व्यवहार विक्षिप्तों जैसा रहेगा शत्रु पक्ष का थोड़ा भय होने पर भी विजय मिलेगी परन्तु परिवार में किसी न किसी से रूठना मनाना लगा रहेगा। कार्य क्षेत्र पर संघर्ष भाग दौड़ अधिक करनी पड़ेगी बैठ कर कमाने की कामना में ना रहे अन्यथा अल्प लाभ से संतोष करना पड़ेगा धन लाभ प्रयास करने पर अवश्य होगा। आज पैतृक साधनों में वृद्धि भी करेंगे लेकिन इसके लिये काफी मशक्कत करनी पड़ेगी। परस्त्री आकर्षण से बचें अन्यथा मान एवं धन दोनो की हानि निश्चित है। आज विदेश यात्रा के प्रयासों में आशानुकूल सफलता मिल सकती है। स्त्री के कारण अथवा मूत्र संबंधित समस्या रहेगी।

 

मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)

आज का दिन बीते दिन की तुलना में सुधार वाला रहेगा किसी से किये अभद्र आचरण का पश्चाताप होगा लेकिन फिर भी स्वभाव में बदलाव लाने का प्रयास नही करेंगे। अपना काम निकालने के लिये प्रिय वचन बोलेंगे काम ना बनने पर मन ही मन कोसेंगे। कार्य क्षेत्र पर आय के एक से अधिक साधन सुलभ होंगे लेकिन सहयोग की कमी के कारण सभी से लाभ नही उठा सकेंगे फिर भी जीविकोपार्जन के लिये ज्यादा संघर्ष नही करना पड़ेगा। सामाजिक क्षेत्र पर आप भाग्यशाली माने जाएंगे लेकिन घरेलू मामलों में कुछ कमी अनुभव होगी। गूढ़ विषयो में रुचि लेंगे दूरदर्शी सोच रहने के कारण कार्यो की गति धीमी रहेगी। शेयर सट्टे के प्रति रुचि अधिक रहेगी भविष्य में इससे लाभ ही मिलेगा।

 

कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)

आपका आज का दिन शुभता दायक रहेगा। बोल चाल में दक्षता आएगी स्वभाव भी आज विनोदप्रिय रहेगा। आज आपको पैतृक कार्यो से किसी न किसी रूप में लाभ होगा साथ ही विदेश अथवा अन्य मन इच्छित स्थान की यात्रा में आ रही बाधा शांत होगी अथवा इन क्षेत्रों से लाभदायक समाचार मिलेंगे। घर परिवार में वातावरण आनंदित रहेगा भाई बंधुओ में परस्पर स्नेह बढेगा लेकिन थोड़ी स्वार्थ सिद्धि की भावना भी रहेगी। कार्य व्यवसाय में मध्यान तक उदासीनता रहेगी इसके बाद अकस्मात काम आने से व्यस्तता बढ़ेगी धन की आमद भी निश्चित होगी। विद्यार्थी वर्ग को पढ़ाई में परेशानी आएगी शारीरिक रूप से कमजोरी अनुभव करेंगे। संध्या बाद दिन भर की गतिविधियों से संतोष होगा।

 

मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)

आज के दिन आप अपने लापरवाह व्यवहार के कारण लोगो से शत्रुता मोल लेंगे दिन का अधिकांश समय अनुकूल रहेगा छोटी मोटी घरेलू कहा सुनी तुरंत शांत हो जाएगी लेकिन बाहर किसी से बिना बात ना उलझें अन्यथा लेने के देने पड़ सकते है। आज लोग आपके मुह पर मीठा बोलेंगे लेकिन मन मे ईर्ष्या भारी रहेगी पीठ पीछे कुछ न कुछ हानि पहुचाने का प्रयास करेंगे पर आज सफल नही हो सकेंगे बाहर के लोगो से आवश्यकता के समय ही बोले मन का भेद आज परिजनों को भी ना दे। कार्य व्यवसाय धन लाभ की प्रबल संभावना है परंतु किसी पर अनैतिक दबाव या काम ना कराये। आध्यात्म में आज मन कम ही लगेगा।

*~〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰~**दशमी का श्राद्ध आज*
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*जानें-इस तिथि पर किन लोगों का किया जाता है तर्पण और पिंडदान*
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आज यानी 20 सितंबर को दशमी का श्राद्ध किया जाएगा। आश्विन मास की कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि है। पितृ पक्ष में पड़ने वाली इस दशमी की तिथि को दशमी श्राद्ध के नाम से जाना जाता है. पितृ पक्ष में दशमी श्राद्ध का विशेष महत्व है. इस दिन उन लोगों को श्राद्ध कर्म किया जाता है कि जिनकी मृत्यु दशमी की तिथि पर होती है।

श्राद्ध कर्म के अनुसार गया सिर और गया कूप नामक दो वेदियों पर श्राद्धकर्म का विधान है. इस वेदी पर पिंडदान करने से कष्ट भोग रहे पितरों को स्वर्गलोक मिल जाता है. ऐसा माना जाता कि इस दिन गया कूप में पिंडदान से श्राद्ध करने वाले व्यक्ति को अश्वमेघ यज्ञ करने का फल मिलता है. दशमी के श्राद्ध के बाद संकटा देवी का दर्शन पूजन करना विशेष फलदायी माना गया है।

*दशमी तिथि में श्राद्ध का मुहूर्त*
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पंचांग के अनुसार 20 सितंबर २०२2 को दशमी की तिथि सांय 11 बजकर १३ मिनट तक रहेगी इसके बाद एकादशी की तिथि आरंभ हो जाएगा. इस एकादशी को इंदिरा एकादशी के नाम से जाना जाता है. पितृ पक्ष में इस एकादशी का विशेष फल बताया गया है. दशमी श्राद्ध में राहुकाल का विशेष ध्यान रखें. इस दिन राहु काल का समय प्रात: ०९:१०:५० से ०१:४३:५४ तक रहेगा. दशमी को शुभ कार्य अभिजीत मुहूर्त में करें. इस दिन अभिजित मुहूर्त प्रात: ११:५२:०८ से १२:४१:४६ तक है. इस मुहूर्त में किए गए कार्यों का फल अभिजीत माना गया है।

*दशमी श्राद्ध की विधि*
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दशमी की तिथि को स्नान करने के बाद पूजा स्थान पर पूर्वज की तस्वीर स्थापित करने के बाद विधिपूर्वक पूजा आरंभ करें। पूजा आरंभ करने के बाद पूजा स्थान को गंगाजल से शुद्ध करें. भगवान विष्णु की पूजा करें और पितरों का स्मरण करें. पूजा के दौरान पूर्वजों से गलती के लिए क्षमा मांगें और परिवार पर आशीर्वाद बनाए रखने की प्रार्थना करें। पितरों के समक्ष अग्नि में गाय का दूध, दही, घी और खीर अर्पित करें। पितरों के लिए तैयार किए गए भोजन से चार ग्रास निकाल कर एक ग्रास गाय, दूसरा कुत्ता, तीसरा कौए और चौथा ग्रास अतिथि या मान पक्ष के सामने रखें। पूजा सम्पन्न करने के बाद ब्राह्मण को दान दें।

जो और नहीं कर पाए वो मुख्यमंत्री धामी ने कर दिखाया

21 वर्षों से लंबित परिवहन निगम परिसम्पत्ति विवाद के समाधान में रही पुष्कर धामी की महत्वपूर्ण भूमिका। 

यूपी सरकार से उत्तराखण्ड परिवहन निगम को मिले ₹100 करोड़

अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सेंट्रल वक्फ बोर्ड दिल्ली से जबाव मांगा है।
वक्फ बोर्ड आज 8 लाख एकड़ जमीन का स्वामी बन गया है!
कोर्ट का कहना है ऐसे अधिकार तो हिंदू, बौद्ध, सिख, पारसी समुदाय को भी नही हैं, यह मूल अधिकारों का हनन है!
वक्फ बोर्ड देशभर में जहां भी कब्रिस्तान की घेरेबंदी करवाता है उसके आसपास की जमीन को भी अपनी संपत्ति करार दे देता है।
अवैध मजारों, नई-नई मस्जिदों की भी बाढ़ सी आ रही है।
इन मजारों और आसपास की जमीनों पर वक्फ बोर्ड का कब्जा हो जाता है।
चूंकि 1995 का वक्फ एक्ट कहता है कि अगर वक्फ बोर्ड को लगता है कि कोई जमीन वक्फ की संपत्ति है तो यह साबित करने की जिम्मेदारी उसकी नहीं, बल्कि जमीन के असली मालिक की होती है कि वो बताए कि कैसे उसकी जमीन वक्फ की नहीं है।
अगर वक्फ बोर्ड को सिर्फ लगता है कि कोई संपत्ति वक्फ की है तो उसे कोई दस्तावेज या सबूत पेश नहीं करना है,
सारे कागज और सबूत उसे देने हैं जो अब तक दावेदार रहा है।
कौन नहीं जानता है कि कई परिवारों के पास जमीन का प्रमाणित पत्रजात नहीं होता है।
वक्फ बोर्ड इसी का फायदा उठाता है क्योंकि उसे कब्जा जमाने के लिए कोई कागज नहीं देना है।

इसलिए वक्फ बोर्ड को हिंदुस्तान में बैन किया जाना चाहिए , सरकार को इसकी सारी संपत्ति जप्त करके जिस जिस से इन्होंने जमीनें लूटी हैं उनको वापस लौटा देनी चाहिए इधर शोशल मीडिया पर वायरल एक संदेश में कहा गया है कि *देश का सबसे बड़ा भूमाफिया वक्फ बोर्ड*

– देश इस रास्ते पर है कि वक्फ बोर्ड में सभी 7 सदस्य मुस्लिम होंगे । जबकि हिन्दू मंदिर का ट्रस्ट सरकारी होगा उसके सदस्य भी गैर हिन्दू होंगे | वक्फ बोर्ड की संपत्ति मुस्लिम समाज की होगी और मुस्लिम समाज गजवा ए हिंद के लिए वो संपत्ति खर्च करेगा लेकिन हिन्दू मंदिरों की संपत्ति सरकारी होगी और हिन्दू मंदिरों का पैसा हिन्दू मंदिरों, हिन्दू समाज पर नहीं बल्कि ईसाई और मुस्लिम समाज पर सरकारी योजनाओं के माध्यम से खर्च होगा |

– *वक्फ बोर्ड ने इतनी जमीन कब्जा कर ली है कि खुद को छोटा देश घोषित कर सकता है ! भारत की सेना के पास करीब 18 लाख एकड़ जमीन है रेलवे के पास करीब 12 लाख एकड़ में फैली हैं । और देश के सभी वक्फ बोर्डों के पास कुल 8 लाख एकड़ से ज्यादा जमीन हैं ।* *मतलब जमीन के मामले में वक्फ बोर्ड सेना और रेलवे के बाद तीसरे नंबर पर है । और यहां से जो पैसा आता है वो भारत में धर्मांतरण लव जिहाद के लिए इस्तेमाल होता है ।*

– 2009 में वक्फ बोर्ड की संपत्तियां 4 लाख एकड़ जमीन पर फैली थी और *13 सालों में वक्फ बोर्ड की संपत्ति दोगुनी होकर 8 लाख एकड़ हो गई ।* दरअसल, वक्फ बोर्ड जहां भी कब्रिस्तान की घेरेबंदी करवाता है, उसके आसपास की जमीन को भी अपनी संपत्ति करार दे देता है । अवैध मजारों, नई-नई मस्जिदों की देश में बाढ़ आई हुई है। इन मजारों और आसपास की जमीनों पर वक्फ बोर्ड का कब्जा अपने आप हो जाता है।

– नरसिम्हा राव के जमाने में बना 1995 का वक्फ एक्ट कहता है कि *अगर वक्फ बोर्ड को लगता है कि कोई जमीन वक्फ की संपत्ति है तो जमीन के कागज वक्फ बोर्ड को नहीं दिखाने हैं बल्कि ज़मीन का कागज उसे दिखाना है जिसकी जमीन वक्फ बोर्ड छीन रहा है ।* और पूर्वजों की जमीन के कागज अक्सर कई परिवारों के पास नहीं होते हैं । इसका फायदा वक्फ बोर्ड उठाता है ।

– *बड़ी बात है कि अगर आपकी संपत्ति को वक्फ की संपत्ति बता दी गई तो आप उसके खिलाफ कोर्ट नहीं जा सकते। आपको वक्फ बोर्ड से ही गुहार लगानी होगी।* वक्फ बोर्ड का फैसला आपके खिलाफ आया, तब भी आप कोर्ट नहीं जा सकते। *तब आप वक्फ ट्राइब्यूनल में जा सकते हैं जिसमें सारे मुस्लिम मेंबर ही होते हैं* । वक्फ एक्ट का सेक्शन 85 कहता है कि ट्राइब्यूनल के फैसले को हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट में भी चुनौती नहीं दी जा सकती है । लेकिन इस कानून के खिलाफ अब वरिष्ठ वकील अश्विनी उपाध्याय ने अर्जी लगाई है ।

– मोदी सरकार के दौरान भी वक्फ बोर्ड को मजबूत बना दिया । *सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने नियम बनाया कि अगर वक्फ की जमीन पर स्कूल, अस्पताल आदि बनते हैं तो पूरा खर्च सरकार का होगा । ये तब हुआ जब मुख्तार अब्बास नकवी के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री थे । एक तरफ सरकार मंदिरों के पैसे लेती है, दूसरी तरफ वक्फ को अनुदान देती है।*

– 1947 में भारत के टुकड़े हो गए लेकिन बचे हुए भारत के इस्लामीकरण की प्रक्रिया नेहरू की मिलीभगत से दोबारा शुरू हो गई । *1950 में नेहरू-लियाकत समझौते के मुताबिक भारत छोड़कर पाकिस्तान गए मुसलमानों की ज़मीन को वक्फ़ की संपत्ति घोषित कर दिया गया । लेकिन पाकिस्तान से भारत आए हिंदुओं की ज़मीन पर पाकिस्तानी मुसलमानों ने कब्जा कर लिया ।*

-दुनिया के किसी इस्लामी देश में वक्फ बोर्ड नाम की कोई संस्था नहीं है। ये सिर्फ भारत में है जिसके संविधान के धर्मनिर्पेक्ष होने का दावा किया जाता है । वक्फ का मतलब होता है अल्लाह की संपत्ति और जो लोग वक्फ के मेंबर होते हैं उनको अल्लाह का खजांची कहा जाता है । इस तरह जमीन पर कब्जे की नींव आस्था के नाम पर रखी गई है आखिर ये कैसा अल्लाह है जो गरीबों की जमीन पर कब्जा करके खुश होता है ?